: ताजमहल बनाम तेजोमहालय की सुनवाई में उपस्थित नहीं हुआ कोई प्रतिवादी
Wed, May 22, 2024
Agra. ताजमहल तेजोमहालय है यानी शिव मंदिर है इसको लेकर योगेश्वर श्रीकृष्ण जन्मस्थान सेवा संघ ट्रस्ट ने सिविल जज (जूनियर डिवीजन) के न्यायालय में दायर की गई याचिका पर आज सुनवाई की गई। कहा गया है कि, ताजमहल एक शिव मंदिर है जो तेजोमहादेव या तेजोलिंग महादेव है जिसकी मंगलवार को कोर्ट में सुनवाई हुई।
सिविल जज (जूनियर डिवीजन) के न्यायालय की न्यायाधीश शिखा सिंह ने मंगलवार को योगेश्वर श्रीकृष्ण जन्मस्थान सेवा संघ ट्रस्ट के दायर वाद तेजोमहादेव पर सुनवाई की। ये मामला भगवान तेजोमहादेव/तेजोलिंग महादेव आदि बनाम सचिव, संस्कृति मंत्रालय आदि है जिसमें एक भी प्रतिवादी उपस्थित नहीं हुए। इसलिए, न्यायाधीश शिखा सिंह ने इस मामले में सुनवाई की अगली तारीख 10 जुलाई दी है।
बता दें कि, ताजमहल को लेकर आए दिन विवाद सामने आते हैं। कभी ताजमहल के तहखाने में स्थित 22 कमरे खोलने का विवाद तो कभी ताजमहल, एक मकबरा या मंदिर विवाद। इसी कड़ी में बीते माह योगेश्वर श्रीकृष्ण जन्मस्थान सेवा संघ ट्रस्ट ने सिविल जज (जूनियर डिवीजन) के न्यायालय में एक याचिका दायर की थी जिसमें कहा कि, ताजमहल एक शिव मंदिर है जो तेजोमहादेव या तेजोलिंग महादेव है जिसकी मंगलवार को कोर्ट में सुनवाई हुई।
योगेश्वर श्रीकृष्ण जन्मस्थान सेवा संघ ट्रस्ट के अधिवक्ता अजय प्रताप सिंह ने बताया कि, याचिका की सुनवाई में सभी प्रतिवादी अनुपस्थित रहे। न्यायालय ने वाद की कार्यवाही आगे बढ़ाते हुए सिविल प्रक्रिया संहिता के अधीन वादी को पैरवी करने के आदेश जारी किए हैं। न्यायालय ने कामरेड भजनलाल के सिविल प्रकिया संहिता के अधीन वाद में विपक्षी बनने के प्रार्थना पत्र पर सुनवाई की तिथि 10 जुलाई निर्धारित की है।
योगेश्वर श्रीकृष्ण जन्मस्थान सेवा संघ ट्रस्ट के अधिवक्ता अजय प्रताप सिंह ने बताया कि, सुनवाई के बाद न्यायालय के आदेशानुसार सभी विपक्षीगण को नियमानुसार पैरवी करेंगे। ताजमहल को तेजोमहादेव/तेजोलिंग महादेव घोषित करने का वाद न्यायाधीश शिखा सिंह के न्यायालय में विचाराधीन है।
अधिवक्ता अजय प्रताप सिंह ने बताया कि, भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एसआई) के महानिदेशक माधोस्वरूप वत्स ने सन 1946 के प्राचीन भारत के बुलेटिन और आगरा गजेटियर 1905 में ताजमहल के शिल्पकार को विवादित बताया है। सन 1910 के एशियाटिक सोसाइटी आफ बंगाल के जर्नल में भी ताजमहल के निर्माण का तथ्य विवादित बताया गया है। ये तेजोमहादेव तेजोमहालय मंदिर है।
: डंपर और मिनी ट्रक में भिंडत, आधा दर्जन लोग हुए घायल
Wed, May 22, 2024
आगरा. 21 मई 2024. देर रात लालऊ ओवरब्रिज के पास अचानक लाल गिट्टी से भरा डंपर और मिनी ट्रक तेज़ आवाज के साथ आपस में टकरा गए। आवाज इतनी ज्यादा थी कि पास में सो रहे स्थानीय लोग जाग गए और दौड़ कर घटना स्थल पर पहुंच गए। देखते ही देखते लोगों का जमावड़ा लग गया। वहीं मिनी ट्रक में बैठीं सवारियां बुरी तरह घायल हो गई। आनन फ़ानन में लोगों ने घायलों को निजी अस्पताल में भर्ती कराया।
पूरा मामला थाना मलपुरा क्षेत्र के लालऊ ओवर ब्रिज के नीचे का है।मलपुरा पुलिस के अनुसार रविवार की रात करीब 2 बजे लाल गिट्टी का डंपर जगनेर की ओर से आ रहा था। एक मिनी ट्रक आगरा की ओर से जगनेर की ओर जा रहा था जिसमें सवारियां भी बैठी थी। आशंका व्यक्त की जा रही है कि मिनी ट्रक चालक को नींद की झपकी आ गई, जिसके चलते उसने डंपर में टक्कर मार दी। तेज धमाके की आवाज सुनकर आसपास के लोग भी मौके पर जाकर तो देखा डंपर ने मिनी ट्रक के साथ-साथ रोड के किनारे हलवाई की दुकान को भी पूरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया। मिनी ट्रक में चालक सहित लगभग आधा दर्जन लोग थे, जोकि घायल हो गए। मौके पर पहुंची पुलिस ने सभी घायलों को इलाज के लिए अस्पताल भेज दिया है। जिसमें जगनेर के रहने वाले मुकेश, विनय सिंह, खेमचंद भूरी सिंह पवन सहित सभी लोग घायल हो गए जिन्हें अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कराया गया है।
थानाध्यक्ष ईश्वर सिंह तोमर ने बताया है कि अभी मामले में किसी पक्ष की ओर से कोई तहरीर नहीं आई है। घायलों को इलाज के लिए पुलिस ने आगरा भर्ती कर दिया है।
वहीं दुकानस्वामी शैलेंद्र सिंह ने बताया है कि लालऊ ओवर ब्रिज के किनारे उनकी हलवाई की खोखा है। हादसे के बाद डंपर खोखा में घुस गया। खोखा में रखा करीब 2 लाख रुपए की कीमत का सामान पूरी तरह तहस नहस कर दिया। गनीमत यह रही उसे समय दुकान पर कोई सो नहीं रहा था। अन्यथा कोई भी गंभीर हादसा हो सकता था।
: समाधि स्थल से निकाला गया महंत योगी चेतन नाथ महाराज का शव, होगा पोस्टमार्टम
Wed, May 22, 2024
Agra. टैंक चौराहे के पास बाबा लाल नाथ की समाधि मठ परिषद में मृत मिले महंत योगी चेतन नाथ महाराज के शव को समाधि से निकाल लिया गया है। पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में थाना सदर पुलिस ने समाधि से शव को बाहर निकालने की कार्यवाही की। बाबा लाल नाथ के परिजनों ने हत्या का आरोप लगाते हुए शव का पोस्टमार्ट कराए जाने की मांग की थी।
नाथ संप्रदाय के बाबा बालक नाथ के उत्तराधिकारी योगी चेतन नाथ 12 मई को टैंक चौराहे के पास बाबा लालनाथ की समाधि मठ परिसर में मृत पाए गए थे। आरोप है कि उनके सिर पर चोट लगी थी। शरीर पर कई जगह घाव थे। कमरे में खून फैला हुआ था। महंत के अन्य संतों ने रात में गिर जाने से मौत की आशंका जताई थी। इस पर उन्हें समाधि दे दी गई, मगर चेतन नाथ के भाई मुन्ना मिश्रा उनके कमरे में गए थे। उन्हें चेतन नाथ का मोबाइल जेवर और डेबिट कार्ड नहीं मिला। मोबाइल की लोकेशन प्रतापगढ़ और दिल्ली की आई है। डेबिट कार्ड का प्रयोग कर खाते से रकम भी निकल गई है।
एसीपी क्राइम ने बताया कि मृतक चेतन नाथ की हत्या का आरोप लगाकर दोबारा से जांच कराने की मांग की थी। इस पर एक टीम गठित कर आज समाधि से उनके शव को निकाला गया है। इसके बाद पोस्टमार्टम के लिए शव को भेजा गया है।