: 40 जोड़ों ने एक साथ किया एकादशी उद्यापन
Sun, May 19, 2024
अग्रवाल महासभा बल्केश्वर द्वारा आयोजित किया गया सामूहिक एकादशी उद्यापन समारोह
40 जोड़ों ने किया उद्यापन, यज्ञ के साथ कल होगा समापन
आगरा। एकादशी महारानी के जयकारों संग 26 कथाएं और श्रीहरि का सत्संग। हर तरफ भक्तिमय आनन्द और उत्साह। कुछ ऐसा ही दृष्य था वाटर वक्र्स स्थित अग्रवन में, जहां अग्रवाल महासभा, बल्केश्वर द्वारा तीसरे सामूहिक एकादशी उद्यापन समारोह का आयोजन किया गया। जिसमें आगरा सहित विभिन्न स्थानों (उत्तराखण्ड, बरेली, मथुरा, टूंडला, फिरोजाबाद आदि) के 40 जोड़ों ने भाग लिया।
सर्वप्रथम विधि विधान के साथ श्रीफल अर्पित कर चैकी पूजन किया गया। इसके उपरान्त ओमकार शास्त्री के नेतृत्व में 26 ब्राह्मणों द्वारा 60 जोड़ों ने एकादशी उद्यापन की 26 कथाओं का श्रवण किया। प्रत्येक माह में कृष्ण व शुक्ल पक्ष व अधिक मास की दो कथाओं सहित 26 कथाओं के महात्म्य को समझाया। पूजन के उपरान्त ब्रह्म भोज हुआ। जिसमें यजमानों सहित उनके परिजनों व समिति के सदस्यों ने श्रद्धा भाव के साथ भाग लिया। कल गऊदान के साथ पूर्ण आहूति के साथ यज्ञ किया जाएगा।
इस अवसर पर श्रीराम अग्रवाल, रामरतन अग्रवाल, कौशल किशोर सिंघल, गिरीश अग्रवाल, पवन अग्रवाल को महासभा की ओर से माला पहनाकर सम्मानित किया। इस अवसर पर मुख्य रूप से संस्थापक बंगाली मल, मुख्य संयोजक मुरारीप्रसाद अग्रवाल, विनय आगरी, महेश ग्वाला, मनीष गर्ग, राजकुमार बॉबी, महेश जौहरी, अध्यक्ष नीलम अग्रवाल, पूनम गोयल, अनिता, दीपा, अंजू, शालिनी, गीता, प्रियंका, शगुन, रुचि, अंजली, मनीषा, प्रीति, माधवी, नीतू आदि उपस्थित थीं।
मोहिनी एकादशी पर नारायण ने मोहिनी रूप किया था धारण
ब्राह्मणों द्वारा मोहिनी एकादशी का महत्व समझाते हुए बताया कि वैशाख मास की शुक्ल पक्ष की एकादशी को मोहिनी एकादशी कहा जाता है। क्योंकि आज ही के दिन भगवान विष्णु ने दैत्यों से मुक्ति दिलाने के लिए मोहिनी रूप धारण किया था। इसलिए आज के दिन भगवान विष्णु के मोहिनी रूप का पूजन किया जाता है। इस व्रत को करने से मन की अशांति और जीवन के क्लेश दूर होते हैं। परिवार में सुख सम्वृद्धि और शांति आती है। सीता माता के वनवास जाने पर मन शांत रहने पर श्रीराम ने भी अपने कुल गुरु ऋषि वशिष्ठ के कहने पर एकादशी का व्रत श्रीराम ने भी किया। ऋषि वशिष्ठ ने श्रीराम को और श्रीकृष्ण ने अर्जुन को मोहिनी एकादशी का महत्व समझाया था। एकादशी का व्रत करने वालों को हमेशा सत्य बोलना चाहिए।
: 40 जोड़े एकसाथ करेंगे एकादशी उद्यापन
Sat, May 18, 2024
अग्रवाल महासभा बल्केश्वर द्वारा 19-20 मई को आयोजित किया जा रहा सामूहिक एकादशी उद्यापन
40 जोड़े करेंगे एकादशी उद्यापन, चैकी पूजन के साथ होगा शुभारम्भ
आगरा। अग्रवाल महासभा बल्केश्वर का तृतीय सामूहिक एकादशी उद्यापन समारोह 19-20 मई को वॉटर वक्र्स स्थित अग्रवन में आयोजित किया जा रहा है। जिसमें 40 जोड़े एक साथ एकादशी उद्यापन सम्पन्न करेंगे। उद्यापन में 26 कथाओं के लिए 26 पंडितों की व्यवस्था की गई है। यह जानकारी अग्रवाल महासभा के सदस्यों ने कार्यक्रम स्थल, वॉटर वक्र्स स्थित अग्रवन में आयोजित प्रेस वार्ता में आमंत्रण पत्र विमोचन कार्यक्रम में दी।
संस्थापक बंगालीमल अग्रवाल, मुख्य संयोजक मुरारीप्रसाद अग्रवाल ने कहा कि सनातन धर्म में एकादशी व्रत का बहुत बड़ा महत्व है। धार्मिक आयोजन हमें सकारात्मक उर्जा ही नहीं बल्कि आध्यात्मिक व आत्मिक बल भी प्रदान करते हैं। इसी लक्ष्य और उद्देश्य के साथ तृतीय सामूहिक एकादशी उद्यापन का आयोजन किया जा रहा है। 19 मई को सर्वप्रथन गद्दी व चैकी पूजन के उपरान्त प्रत्येक माह में कृष्ण व शुक्ल पक्ष व अधिक मास की दो कथाओं सहित 26 कथाओं के महात्म्य को आचार्यों द्वारा समझाया जाएगा। महिला संयोजक नीलम अग्रवाल ने कहा कि 20 मई को सामूहिक महायज्ञ में आहूति देकर उद्यापन को सम्पन्न कर सभी ब्राह्मणों को भोजन के उपरान्त दक्षिणा व उपहार देकर विदा किया जाएगा। कहा कि वर्ष में 24 एकादशी होती हैं और दो अधिक मास की मोक्षदा एकादशी। इसलिए उद्यापन 26 कथाएं होती हैं। उद्यापन के लिए अभी से सभी बहनों को कार्य भी सौंपा गया।
इस अवसर पर मुख्य रूप से संस्थापक बंगाली मल, मुख्य संयोजक मुरारीप्रसाद अग्रवाल, विनय आगरी, महेश ग्वाला, मनीष गर्ग, राजकुमार बॉबी, महेश जौहरी, अध्यक्षा नीलम अग्रवाल, महामंत्री पूनम गोयल, अनीता बंसल, अंजली गर्ग, दीपा अग्रवाल, शगुन, रजनी, मिखलेश, अंजू, अनीता गोयल आदि उपस्थित थीं।
: आगरा से चारधाम यात्रा पर गई रिटायर्ड बैंक मैनेजर की पत्नी की यमुनोत्री मँदिर में हुई मौत
Sat, May 18, 2024
Agra. चार धाम यात्रा पर गए रिटायर्ड बैंक मैनेजर की पत्नी की यमुनोत्री मंदिर के गेट पर सांसे थम गई। साथ में गए डॉक्टर ने उन्हें चेकअप के बाद अस्पताल में भर्ती कराया था लेकिन इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। चिकित्सक ने हृदय घात से मौत होने जानकारी दी। इस घटना से श्रद्धालु पूरी तरह से सहम गए।
सदर थाना क्षेत्र के श्रीराम निरवाना कॉलोनी रोहता निवासी गिर्राज किशोर रिटायर्ड बैंक मैनेजर हैं। बहनोई राधा रमन ने बताया कि कॉलोनी के लोग चार धाम की 15 दिवसीय यात्रा पर हैं। वह, गिर्राज किशोर और उनकी पत्नी रामेश्वरी देवी (64) कॉलोनी से 8 मई को निकले थे। बुधवार तक वह लोग हरिद्वार, ऋषिकेश, नीलकंठ, मंसूरी की यात्रा पूरी कर चुके थे।
बृहस्पतिवार को यमुनोत्री पहुंचे। वहां धर्मशाला में स्नान करने के बाद सभी लोग दर्शन के लिए मंदिर गए। मंदिर के गेट पर रामेश्वरी देवी की तबीयत खराब हो गई। वह खड़े-खड़े गिर गईं। चेकअप कराने के लिए उनके साथ यात्रा में गए डाॅक्टर को बुलाया गया। प्राथमिक उपचार देने के बाद उन्हें विवेकानंद धर्मार्थ चिकित्सालय में भर्ती करा दिया।
वहां इलाज के दौरान डॉक्टर ने हृदयाघात से मौत होने की जानकारी दी। वहां पर डीएम को प्रार्थनापत्र देकर पोस्टमार्टम कराने से परिजन ने मना कर दिया। शुक्रवार को करीब शाम 4 बजे रामेश्वरी देवी का शव उनके आवास पर पहुंचा तो बेटे राहुल और विवेक बिलख पड़े। परिवार में कोहराम मच गया। देर शाम पैतृक गांव शमसाबाद रोड स्थित लहर इनायतपुर में अंतिम संस्कार किया गया।