: शेषनाग अवतार लक्ष्मण ने किया दशानन की बहन सूर्पनखा का अंग-भंग
Sat, Oct 5, 2024
आगरा। रामलीला मैदान में आज मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम का अत्रि ऋषि के आश्रम में आना, माता अनुसुइया का सीताजी को उपदेश देना, विराध कर, ऋषि संरभग में मिलन, ऋषि सुतीक्षण के आश्रम पधारना, पंचवटी में निवास करना, लंकेश की बहन सूर्पनखा द्वारा प्रभू श्रीराम व लक्ष्मण पर मोहित होना, मोहित होने के बाद दोनो भाइयों को अपनी राक्षसी माया से परेशान करने की लीला आदिं का मनमोहक मंचन हुआ।
आज की प्रमुख लीला मंचन में सूर्पनखा द्वारा की जा रही राक्षसी माया से मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम परेशान होते है, परेशान होकर प्रभु राम द्वारा अपने अनुज भ्राता लक्ष्मण को सूर्पनखा के नाक-कान काटने की आज्ञा देते है। भ्राता लक्ष्मण द्वारा अपने प्रभु श्रीराम की आज्ञा का पालन करते हुए सुर्पनखा के नाक-कान काटने की लीला होती है। सूर्पनखा शेषावतार लक्ष्मणजी द्वारा अपने नाक-कान काट दिये जाने के बाद अपने भाई खर-दूषण के पास जाती है और अपने नाक कान काटे जाने की बात बताती है। बहन का घोर अपमान देख कर दोनों भाई खर और दूषण युद्ध के लिये श्री राम व लक्ष्मण को ललकारा जाता है। प्रभु श्रीराम व भ्राता लक्ष्मण का खर और दूषण से घनघोर युद्ध होता है। घनघोर युद्ध के बाद खर और दूषण दोनों भाई प्रभु श्रीराम के हाथों मारे जाते है।
समाज सेवी संस्था अन्नपूर्णा महिला समिति द्वारा मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम की गयी आरती। समिति की अध्यक्ष कांता महेश्वरी, उमा बंसल, साधना माहेश्वरी, करूणा माहेश्वरी, कीर्ति गोयल, अर्चना गर्ग, शिवानी जैन, ज्योति अग्रवाल, बबली बंसल, राधा गुप्ता, रजनी जैन राजरानी, पुष्मा जैन, काशा गुप्ता, माया कलची, मिनाक्षी कलची आदि सभी महिलाओं द्वारा मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम भ्र्राता लक्ष्मण व जगत जननी मां जानकी की आरती की गयी।
रामलीला कमेटी के अध्यक्ष विधायक पुरुषोत्तम खण्डेलवाल, महामंत्री राजीव अग्रवाल, ताराचन्द्र अग्रवाल, मुकेश जौहरी, प्रकाश अग्रवाल, रामअंशु शर्मा, विकास, मीडिया प्रभारी राहुल गौतम, सुमित बंसल, आयुष बंसल सहित अनेक पदाधिकारी उपस्थित रहे।
: भव्य फूल बंगले में विराजीं मां महिषासुर मर्दिनी, भक्त दर्शन कर हुए निहाल
Fri, Oct 4, 2024
आगरा। लाल, श्वेत, पीत पुष्पों के मध्य विराजित होकर मां महिषासुर मर्दिनी ने जब भक्तों को दर्शन दिए तो जैसे सभी एकटक निहारते ही रहे। मां भगवती सेवा मंडल द्वारा आयोजित नवरात्र उत्सव के तीसरे दिन भव्य फूल बंगला दर्शन का आयोजन किया गया। तोता का ताल, मदिया कटरा पर सजे मां महिषासुर मर्दिनी के दरबार में भक्तों की लंबी कतारें लगी हुयी हैं।
संध्या पूजन में गुलाबी परिधान धारण कर महिलाओं ने माता की धुनि आरती की। इसके बाद महाआरती में मुख्य अतिथि महंत निर्मल गिरी, कमल सिंह वाल्मिकी, संरक्षक रजनी अग्रवाल, पार्षद शरद चौहान, सुनील जैन, पप्पू कुशवाह, मनीष कुशवाह, आकाश कुशवाह, विष्णु, दिनेश, अरुण पाठक, अभिषेक चौधरी आदि उपस्थित रहे। संरक्षक रजनी अग्रवाल ने बताया नवरात्र उत्सव के तीसरे दिन शनिवार को देवी जागरण होगा।
: काल पाइ मुनि सुनु सोइ राजा, भयउ निसाचर सहित समाजा
Fri, Oct 4, 2024
दिगनेर के श्रीमनः कामेश्वर बाल विद्यालय में चल रही है श्रीमनःकामेश्वर रामलीला
रामलीला के दूसरे दिन हुआ रावण जन्म, रावण की दोनों भाइयों सहित तपस्या और पृथ्वी पुकार लीला
दिगनेरवासियों को आठ अक्टूबर की राम बरात की प्रतिक्षा, घर−घर में हो रही हैं विशेष तैयारियां
आगरा। धरती पर जब जन्म हुआ रावण का, आरंभ हुआ आतंक का। तपस्या के बल में चूर होकर, संतों से भी वसूलने लगा कर। पृथ्वी जब हो गयी अत्याधिक त्रस्त, की पुकार रक्षा करो हे, नारायण सृष्टि के रक्षक। श्रीराम चरित मानस की चौपाइयों पर आधारित भजनों और प्रसंगों के साथ श्रीमनः कामेश्वरनाथ रामलीला के दूसरे दिन जन्म हुआ आतातायी किंतु प्रचंड ज्ञानी रावण का।
दिगनेर के गढ़ी ईश्वरा स्थित श्रीमनः कामेश्वर बाल विद्यालय में चल रही श्रीमनः कामेश्वरनाथ रामलीला को देखने के लिए प्रतिदिन भारी संख्या में स्थानीय लोगों के साथ शहर से भी भक्तगण पहुंच रहे हैं। दूसरे दिन की लीला का आरंभ श्रीमनः कामेश्वर मठ तिलकायत श्रीमहंत योगेश पुरी, मठ प्रशासक हरिहर पुरी, डॉ. डीएस शुक्ला, आशा शुक्ला, सुधीर कुमार यादव, यतींद्र शर्मा, विजय सिंह, लक्ष्मीकांत रजावत ने स्वरूपों की आरती उतार कर किया। इससे पूर्व प्रातः बेला में श्रीदुर्गा सप्तशति एवं श्रीराम चरित मानस का पाठ एवं हवन हुआ।
श्रीकिशाेरी रास लीला एवं रामलीला संस्थान वृंदावन के गोविंद मिश्रा ने बताया कि दूसरे दिन की लीला में ब्राह्मणाें द्वारा प्रताप भानु एवं अरिमर्दन को श्राप दिया गया, जिसके कारण उनका जन्म रावण एवं कुंभकर्ण के रूप में हुआ। उनके सेवक धर्मरुचि का जन्म विभिषण के रूप में हुआ। वैभव, संपति के लिए रावण और कुंभकर्ण ने तप किया। रावण की मंदोदरी के साथ विवाह लीला, मेघनाद दिग्विजय, संतो से भी कर लेने के कारण श्राप और अत्याचार से पीड़ित होकर पृथ्वी की पुकार लीला का मंचन किया गया।
मठ प्रशासक हरिहर पुरी ने बताया कि शनिवार को रामलीला के तीसरे दिन श्रीराम जन्म होगा। जिसका मंचन देखने के लिए दूर दूर से भक्त आएंगे। स्थानीय घरों में श्रीराम जन्म के उपलक्ष्य में पूड़ी पकवान बनाए जाएंगे।
8 को निकलेगी राम बरात
शहर के कोलाहल से दूर दिगनेर क्षेत्र में श्रीमनः कामेश्वर रामलीला के अंतर्गत राम बरात निकाली जाएगी। राम बरात पूरे परिक्षेत्र में भ्रमण करेगी। आस− पास के गांव राम बरात में झांकियां निकालेंगे। राम बरात के लिए लोगों ने अपने घरों को अभी से झालरों से सजा दिया है।