: आगरा का पहला मेंटल हेल्थ कार्निवल 13 से, सात दिन में सात एक्सपर्ट सिखाएंगे तनावमुक्त जीना
Tue, Apr 8, 2025
लोगों को मानसिक स्वस्थ बनाने को समर्पित संस्था फीलिंग्स माइंड्स विमल विहार, सिकंदरा− बोदला रोड पर करेगी आयोजन
13 से 19 तक आगरा सीखेगा खुश रहने का मंत्र, संस्थापक एवं निदेशक अंतर्राष्ट्रीय मनोवैज्ञानिक डॉ चीनू अग्रवाल की अनूठी पहल
ताल, संगीत, ध्यान आदि माध्यम से दूर कर सकते हैं मानसिक तनाव, आत्महत्याओं की घटनाओं को रोकने की होगी सार्थक पहल
आगरा। मानसिक समस्याएं या कहें मानसिक स्वास्थ्य संबंधि समस्याएं, जिन्हें समाज में अमूमन अनदेखा किया जाता है या फिर अक्सर छुपाया ही जाता है। उन बेहद जरूरी समस्याओं के सकारात्मक निदान के लिए आगरा की धरती पर पहली बार मेंटल हेल्थ कार्निवल होने जा रहा है। 13 से 19 अप्रैल तक होने वाले सात दिवसीय मेंटल हेल्थ कार्निवल का मंगलवार को आमंत्रण पत्र विमोचन किया गया।
फीलिंग्स माइंड्स संस्था द्वारा 88, विमल विहार, सिकंदरा− बोदला रोड स्थित सेंटर पर आमंत्रण पत्र विमोचन समारोह आयोजित किया गया। मुख्य अतिथि डॉ सुशील गुप्ता विभव ने बताया कि जब भी बात मानसिक स्वास्थ्य की होती है तो लोग इसे पागल पन से जोड़ देते हैं, जबकि ये पूर्णता सत्य नहीं है। मेंटल हेल्थ जीवन को पूर्ण रूप से प्रभावित करती है। समाज में बढ़ते अपराध, आत्महत्याएं इसी का नतीजा हैं। यदि समाज का सही रूप में विकास चाहते हैं तो इस विषय पर खुलकर बात होनी चाहिए। मेंटल हेल्थ कार्निवल आगरा के सामने इसी बात को रखेगा और निदान भी करेगा।
संस्थापक एवं संस्था की निदेशक डॉ चीनू अग्रवाल ने बताया कि जीवन में खुश रहने का मंत्र सात दिवसीय मेंटल हेल्थ कार्निवल 13 से 19 अप्रैल तक सिखाएगा। संस्था के सेंटर पर प्रतिदिन अंतरर्राष्ट्रीय विशेषज्ञ विभिन्न विधाओं के माध्यम से तनावमुक्त जीवन शैली पर कार्यशाला को संबोधित करेंगे।
ये होंगें कार्यक्रम
13 अप्रैल - कार्यशाला का शुभारंभ विश्व प्रसिद्ध नृत्यांगना तनु गजबी
14 अप्रैल - म्युजिक थैरेपिस्ट दुर्गेश उपाध्याय
15 अप्रैल - जीवन में खुशियों के रंग लेखिका पल्लवी नियोजी
16 अप्रैल - बढ़ते तलाक के कारण और निवारण पर परिचर्चा होगी।
17 अप्रैल - जीवन के लिए जागरुकता पेरेंटिग कोच स्वाति जैन
18 अप्रैल - फूड फार मेंटल हेल्थ आकृति सेठी
19 अप्रैल - बच्चों की भलाइ के लिए कहानियों का उपयोग शैलेश जिंदल और रुपाली चरण
डॉ चीनू अग्रवाल ने आगे बताया कि सभी कार्याशालाएं प्रतिदिन दो घंटे की होंगी, जिनमें अभिभावक, बच्चे, युवा, शिक्षक आदि प्रतिभाग कर सकते हैं।
सह संस्थापक डॉ रविंद्र कुमार अग्रवाल ने बताया कि 20 अप्रैल को शिल्पग्राम रोड स्थित होटल ताज कन्वेंशन में सेंटर का विधिवत शुभारंभ एवं मेंटल हेल्थ कार्निवल का समापन समारोह होगा।
आमंत्रण पत्र विमोचन के अवसर पर डॉ सत्य सा, डॉ प्रीति सारस्वत, आलोक कुलश्रेष्ठ, कविता कुलश्रेष्ठ, डॉ मेघना मिड्ढा, हेतल देसाई, अनुभव डागा, अमृता मिश्रा आदि उपस्थित रहे।
: संचारी रोगों के नियंत्रण को शुरू हुआ अभियान
Wed, Apr 2, 2025
एमजी रोड पर आगरा कॉलेज ग्राउंड से निकाली गई जागरुकता रैली
विधायक पुरुषोत्तम खंडेलवाल ने रैली को दिखाई हरी झंडी
एक से तीस अप्रैल तक चलेगा अभियान, घर घर जाकर टीमें संचारी रोगों के प्रति लोगों को करेंगे जागरूक
10 से अप्रैल से शुरू होगा दस्तक अभियान, घर-घर जाकर दस्तक देंगी आशा, पूछेंगी सेहत का हाल
आगरा। जनपद में मंगलवार से विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान शुरू हो गया। एमजी रोड पर आगरा कॉलेज ग्राउंड से सुभाष पार्क तक जागरुकता रैली निकाली गई। विधायक पुरुषोत्तम खंडेलवाल ने रैली को दिखाई हरी झंडी। नेतृत्व मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अरुण श्रीवास्तव ने किया।
मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. अरुण श्रीवास्तव ने बताया कि जनपद में एक अप्रैल विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान शुरू हो रहा है। यह अभियान 30 अप्रैल तक चलेगा। इस दौरान जनपदवासियों को वेक्टर जनित रोगों, जल जनित रोगों व लू आदि से बचाव व उपचार के बारे में जागरूक किया जाएगा। इसी बीच 10 अप्रैल से 30 अप्रैल तक दस्तक अभियान भी संचालित किया जाएगा। घर-घर जाकर आशा कार्यकर्ता सेहत का हाल पूछेंगी सही जानकारी प्राप्त कराए और अभियान में सहयोग करें।
वेक्टर बॉर्न डिजीज रोगों के नोडल अधिकारी डॉ. सुरेंद्र मोहन प्रजापति ने बताया कि जो बीमारी एक मरीज से दूसरे स्वस्थ व्यक्ति में दूषित भोजन, जल या संपर्क या कीटनाशक या जानवर से फैलती है उसे संचारी रोग कहते हैं। इसमें प्रमुख रूप से डेंगू, मलेरिया, फाइलेरिया, कालाजार, चिकिनगुनिया, क्षय और कुष्ठ रोग आदि हैं। इन्हीं बीमारियों को नियंत्रित करने के लिए विशेष संचारी रोग चल रहा है। इस अभियान में स्वास्थ्य विभाग एक नोडल के रूप में कार्य कर रहा है जबकि अन्य विभागों को सहयोग करने की ज़िम्मेदारी दी गई है। साथ ही ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में सफाई के साथ लारवारोधी गतिविधियां और फागिंग भी कराई जा रही है।
जिला मलेरिया अधिकारी राजेश गुप्ता ने बताया कि अभियान के तहत घर-घर सर्वेक्षण कर फ्लू, खांसी, बुखार के रोगियों व कुपोषित बच्चों की जांच की जाएगी। सभी को मच्छरों से बचाव के तरीकों के बारे में जानना जरूरी हैं । बुखार होने पर झोलाछाप चिकित्सक से बचे बिना चिकित्सक की सलाह के अनावश्यक औषधियों का सेवन ना करें। सभी बातों का अगर हम सब पालन करेंगे तो बीमारियों से हम सब बचे रहेंगे ।
सहायक मलेरिया अधिकारी नीरज कुमार ने बताया कि अभियान के दौरान आशा संगिनी, आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता प्रमुख भूमिका में घर-घर जाकर अभियान सफल बनाएंगी। उन्होंने बताया कि 25 अप्रैल को विश्व मलेरिया दिवस पर जिले में मलेरिया निगरानी में सुधार और वार्षिक रक्त परीक्षण दर 10 तक पहुंचाने का लक्ष्य है। रैली में आशा कार्यकर्ता और एंबेड संस्था के डीसी मुहम्मद इरशाद, बीसीसीएफ वर्कर एवं एनसीसी कैडेट्स ने प्रतिभाग किया।
इस अवसर पर डब्ल्यूएचओ से एसएमओ डॉ. महिमा, डीपीएम कुलदीप भारद्वाज, यूनिसेफ के डीएमसी राहुल कुलश्रेष्ठ, स्कूलों के अध्यापक सहित छात्र- छात्राएं मौजूद रहे
: आसोपा हॉस्पिटल 34 वर्षों से गरीब मरीजों की सेवा में अग्रणी : डॉ ज्योति आसोपा
Wed, Mar 26, 2025
आगरा। आसोपा हॉस्पिटल एण्ड रिसर्च सेंटर के 34 वर्ष पूरे होने पर मंगलवार को प्रेसवार्ता का आयोजन किया गया। हॉस्पिटल की डायरेक्टर डॉ ज्योति आसोपा ने बताया कि आसोपा हॉस्पिटल स्व. प्रोफेसर हरी शंकरआसोपा और उनकी पत्नी विमला आसोपा द्वारा निर्मित कराया गया था जो गरीबों की सेवा में हमेशा आगे रहते थे। उन्होंने बताया कि प्रति माह कैम्प लगाकर मरीजों को निशुल्क परामर्श दिया जाएगा। कैम्प में लगभग 50 मरीजों को निशुल्क देखा जाएगा जिसके लिए किसी प्रकार के रजिस्ट्रेशन की आवश्यकता नहीं होगी।
हॉस्पिटल की डायरेक्टर डॉ. ज्योति आसोपा ने बताया कि यह हॉस्पिटल कोई कॉरपोरेट हॉस्पिटल नहीं हैं। यह विशुद्ध रूप से एक सेवा करने वाला हॉपिटल है जो डॉ. हरिशंकर आसोपा के बनाए हुए सिद्धांतों को पूरा कर रहा है। उन्होंने बताया कि 1971 में उनका शोध इंटरनेशनल सर्जरी जर्नल में प्रकाशित हुआ था। यह प्रक्रिया जिसे आसोपा प्रक्रिया के नाम से जाना जाता है। पूरे विश्व में यूरोलॉजिस्ट, बाल रोग विशेषज्ञ, प्लास्टिक एवं सामान्य सर्जन द्वारा की जाने लगी हैं। आसोपा हॉस्पिटल अपने विश्वस्तरीय सेवाओं के लिए विख्यात है। डायरेक्टर डॉ पुनीता आसोपा ने बताया कि वर्तमान में हॉस्पिटल में डॉक्टर्स की एक प्रशिक्षित टीम डॉ ज्योति आसोपा के संचालन में काम करती है जो खुद न्यूयॉर्क मेडिकल कॉलेज, न्यूयॉर्क अमेरिका से एम.डी. है। यह हॉस्पिटल गरीब मरीजों की सेवा करने में सबसे अग्रणी रहता है। इस मौके पर डॉ ज्योति आसोपा (डायरेक्टर), डॉ पुनीता आसोपा डायरेक्टर, डॉ ए के खन्ना (फिजिशियन), डॉ जी जी सिंघल (सर्जन), डॉ रमन मरचंद( सर्जन )डॉ. शालिनी मुंजाल (गाइनेकोलॉजिस्ट), डॉ एल के गर्ग (बाल रोग विशेषज्ञ), पी के श्रीवास्तव (मैनेजर) आदि अन्य उपस्थित थे।