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: कार्य व निजी जीवन में संतुलन के लिए जरूरी है 'वर्तमान में जीना'

Pragya News 24

Thu, Apr 17, 2025
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  • मेंटल हेल्थ कार्निवल के पांचवें दिन ‘फीलिंग्स माइंड्स’ संस्था ने आयोजित की कार्यशाला
  • डॉ. चीनू अग्रवाल ने बताए ‘माइंडफुलनेस’ के सूत्र, छत्तीसगढ़ से आईं स्वाति जैन ने कराया अभ्यास
  • शुक्रवार को 'फूड फॉर मेंटल हेल्थ' पर होगी विशेष कार्यशाला

आगरा। बीते हुए कल की यादें और आने वाले कल की चिंताएं हमें वर्तमान से दूर कर रही हैं, जिसका सीधा प्रभाव हमारे कार्य और पारिवारिक जीवन पर पड़ रहा है। ‘वर्तमान में जीना’ कैसे सीखें और कार्य व निजी जीवन में संतुलन कैसे स्थापित करें—इन्हीं विषयों पर गुरुवार को फीलिंग्स माइंड्स संस्था के सात दिवसीय मेंटल हेल्थ कार्निवल के पांचवे दिन एक विशेष कार्यशाला आयोजित की गई।

विमल विहार, सिकंदरा-बोदला रोड स्थित संस्था कार्यालय पर आयोजित इस कार्यशाला में संस्था की संस्थापक एवं अंतरराष्ट्रीय मनोवैज्ञानिक डॉ. चीनू अग्रवाल ने कहा कि जीवन में सफलता की चाह में संतुलन बिगड़ जाता है। कार्यक्षेत्र में सफलता पाने वाले अक्सर निजी जीवन में असफल रहते हैं और इसके विपरीत भी होता है। जबकि यदि दोनों क्षेत्रों में संतुलन हो, तो व्यक्ति अधिक रचनात्मक और मानसिक रूप से स्वस्थ रह सकता है।
डॉ. चीनू अग्रवाल ने ‘माइंडफुलनेस’ की प्रक्रिया को साझा करते हुए बताया कि यह ध्यान की एक ऐसी विधि है, जो की अति प्राचीन है। इस विधा का उल्लेख विज्ञान भैरव तंत्र में किया गया है जिसमें भगवान शिव ने पार्वती जी को इस विधा के बारे में जानकारी दी है। माइंडफुलनेस में व्यक्ति को ‘यहाँ और अब’ में जीने की कला सिखाई जाती है। उन्होंने बताया कि उन्होंने इस विषय पर नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ मेंटल हेल्थ एंड न्यूरोसाइंसेस, बेंगलुरु से विशेष प्रशिक्षण प्राप्त किया है।

मुख्य वक्ता के रूप में छत्तीसगढ़ से पधारीं पैरेंटिंग कोच स्वाति जैन ने कहा कि बच्चों की तरह जिज्ञासु और निर्णयों में सहज बने रहना हमें वर्तमान से जोड़ता है। उन्होंने उपस्थित एसएन मेडिकल कॉलेज के चिकित्सकों को ‘माइंडफुलनेस मेडिटेशन’ का अभ्यास भी कराया।

मुख्य अतिथि डॉ. सत्य सारस्वत ने साझा किया कि वे लंबे समय से कान में सीटी बजने की समस्या से पीड़ित थे। परंपरागत इलाज से राहत न मिलने पर उन्होंने डॉ. अग्रवाल के मार्गदर्शन में माइंडफुलनेस का अभ्यास शुरू किया, जिससे उन्हें आश्चर्यजनक लाभ मिला।

विशिष्ट अतिथि डॉ. प्रीति सारस्वत ने कहा कि जब मन संतुलन में होता है, तो उसकी शांति चेहरे पर भी झलकती है और पारिवारिक जीवन भी शांतिपूर्ण रहता है।

संस्था के सह-संस्थापक डॉ. रविंद्र अग्रवाल ने बताया कि शुक्रवार को कार्निवल के छठवें दिन ‘फूड फॉर मेंटल हेल्थ’ विषय पर सायं 4:30 बजे से विशेष कार्यशाला आयोजित की जाएगी, जिसमें मानसिक स्वास्थ्य के लिए आहार और खाने के तरीकों की जानकारी दी जाएगी।

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