: मनपसंद साधन चुनें, परिवार नियोजन में भागीदार बनें
Tue, May 20, 2025
आज मनाया जाएगा खुशहाल परिवार दिवस
गर्भनिरोधक साधन अपनाने से खुशहाल होता है परिवार
आगरा । परिवार नियोजन कार्यक्रम के अंतर्गत समुदाय में परिवार नियोजन के बारे में जागरूकता लाने तथा स्वीकार्यता बढ़ाने को लेकर जनपद में हर माह की 21 तारीख को खुशहाल परिवार दिवस मनाया जाता है। सभी शहरी व ग्रामीण स्वास्थ्य इकाइयों पर खुशहाल परिवार दिवस का आयोजन स्वास्थ्य विभाग द्वारा किया जाएगा।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अरुण श्रीवास्तव ने बताया कि खुशहाल परिवार दिवस में लक्ष्य दंपत्ति को परिवार नियोजन की सेवा एवं परामर्श दिया जाएगा। इस दौरान स्वास्थ्य केन्द्रों पर आने वाले लोगों को परिवार नियोजन के विभिन्न अस्थाई साधनों को अपनाने के लिये प्रेरित किया जाएगा। सीएमओ ने बताया कि खुशहाल परिवार दिवस के आयोजन का मुख्य उद्देश्य परिवार नियोजन के स्थाई व अस्थाई साधनों के बारे में शिक्षित करना हैं।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने लक्ष्य दंपत्ति से अपील करते हुए कहा है कि अगर आपका परिवार पूरा हो गया है और आपको बच्चा नहीं चाहिए तो खुशहाल परिवार दिवस के अवसर पर नजदीकी स्वास्थ्य इकाई में जाकर अपना मनपसंद साधन चुनें और परिवार नियोजन में भागीदार बनें। उन्होंने कहा कि परिवार नियोजन के प्रति आसपास के लोगों को भी जागरूक करने में सहयोग करें क्योंकि गर्भनिरोधक साधन को अपनाने से परिवार स्वस्थ और खुशहाल बनता है।
परिवार नियोजन कार्यक्रम के नोडल अधिकारी डॉ. सुरेंद्र मोहन प्रजापति ने बताया कि खुशहाल परिवार दिवस पर ऐसी महिलाएं जिनका प्रसव विगत एक वर्ष में हुआ है और वह उच्च जोखिम गर्भावस्था वाली (एचआरपी) की श्रेणी में रही हैं, नव विवाहित दम्पति जिनका विवाह विगत एक वर्ष में हुआ हो ,योग्य दंपत्ति जिनके तीन या उससे अधिक बच्चे हों, ऐसे लोगों को परिवार नियोजन के साधन अपनाने के बारे में जागरूक किया जाएगा। परिवार नियोजन कार्यक्रम के नोडल अधिकारी ने बताया कि परिवार नियोजन के काउंसलर खुशहाल परिवार दिवस पर आने वाले दम्पति व अन्य लोगों को परिवार नियोजन के साधनों के बारे जानकारी देते हुए उन्हें इसे अपनाने के लिये प्रेरित करेंगे। इससे मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाई जा सकती है। खुशहाल परिवार दिवस पर परिवार नियोजन के बास्केट ऑफ च्वॉइस, स्थायी व अस्थायी साधनों की जानकारी, भ्रांतियों को दूर करने, सेवाओं की उपलब्धता ,स्वीकार्यता ,प्रोत्साहन राशि की जानकारी भी दी जाएगी। उन्होंने अपील करते हुए कहां है कि खुशहाल परिवार दिवस पर परिवार नियोजन के साधनों को अपनाकर अपने परिवार को स्वस्थ बनाएं।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अछनेरा के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. नीरज ने बताया कि खुशहाल परिवार दिवस का उद्देश्य परिवार नियोजन के महत्व को बढ़ावा देना और लोगों को इसके बारे में जागरूक करना है। इस दिवस के माध्यम से लोगों को परिवार नियोजन के साधनों के बारे में जानकारी दी जाती है और आशा कार्यकर्ताओं द्वारा लक्ष्य दंपत्ति के परिवारों को छोटा व स्वस्थ रखने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है।
खुशहाल परिवार दिवस के मुख्य उद्देश्य
परिवार नियोजन के महत्व को बढ़ावा देना।
लोगों को परिवार नियोजन के साधनों के बारे में जागरूक करना।
परिवारों को छोटा और स्वस्थ रखने के लिए प्रोत्साहित करना।
मातृ और शिशु मृत्यु दर को कम करना।
परिवारों को आर्थिक और सामाजिक रूप से सशक्त बनाना।
: यूपीएचसी जीवनीमंडी पर हुआ मॉडल इम्युनाइजेशन सेन्टर का शुभारंभ
Sat, Apr 26, 2025
खेलते-खेलते बच्चों को लग जाएगा टीका
जनपद में शुरु हुआ पहला मॉडल इम्युनाइजेशन सेंटर
आगरा। स्वास्थ्य विभाग द्वारा नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (आयुष्मान आरोग्य मंदिर) जीवनीमंडी पर शनिवार को जनपद के पहले मॉडल इम्युनाइजेशन सेंटर (एमआईसी) का शुभारंभ किया गया। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ॰ अरुण श्रीवास्तव ने फीता काटकर एमआईसी का उद्घाटन किया। एमआईसी पर खुशनुमा वातावरण में गुणवत्तापूर्ण ढंग से बच्चों का टीकाकरण किया जाएगा, यहां पर बच्चों के खेलने की भी सुविधा होगी।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अरुण श्रीवास्तव ने बताया कि एमआईसी का उद्देश्य चाइल्ड फ्रेंडली वातावरण में उत्कृष्ट टीकाकरण सेवाओं की प्रदायगी तथा लाभार्थियों को समृद्ध अनुभव की अनुभूति प्रदान किया जाना है।
जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. उपेंद्र कुमार ने बताया कि जनपद में यूपीएचसी लोहामंडी द्वितीय पर भी एमआईसी बनाया जाएगा। एमआईसी बनाने के लिये यूपीएससी का चयन डिलीवरी लोड (प्रसव) की संख्या के आधार पर फैसिलिटी का चयन किया गया है।उक्त फैसिलिटी में पहले टीकाकरण, कोल्ड चेन प्वॉइंट की सुविधा और प्ले एरिया, टीकाकरण कक्ष और प्रतीक्षालय के लिए पर्याप्त स्थान उपलब्ध है।
यूपीएचसी जीवनीमंडी की प्रभारी चिकित्सा डॉ. मेघना शर्मा ने बताया कि मॉडल टीकाकरण केन्द्र में पहले बच्चों को आराम से स्टेनलेस स्टील चेयर पर बिठाया जाएगा। फिर उन्हें खेलने के लिए खिलौना भी दिया जाएगा। जब बच्चे खिलौना खेलने में मशगूल हो जाएंगे तो उन्हें टीका लगा दिया जाएगा। वह भी इस ढंग से कि उन्हें दर्द का एहसास ही ना हो।
इस दौरान विश्व स्वास्थ्य संगठन की एसएमओ डॉ॰ महिमा चतुर्वेदी, जे.एस.आई संस्था के प्रोग्राम ऑफिसर नितिन खन्ना, यूनिसेफ के डीएमसी राहुल कुलश्रेष्ठ, यूपी-टीएसयू से मोना सिंह और यूपीएचसी जीवनीमंडी का समस्त स्टाफ मौजूद रहा।
सीएमओ ने परखे संचारी रोग नियंत्रण अभियान के कार्य
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ अरुण श्रीवास्तव ने शनिवार को नगला धनी क्षेत्र में जाकर संचारी रोग नियंत्रण अभियान के तहत किए जा रहे कार्यों को परखा। उन्होंने दस्तक अभियान में आशा मधु द्वारा किए गए कार्यों का फीडबैक लिया। इसके साथ ही एंटी लार्वा व फॉगिंग के कार्यों की भी जानकारी ली। क्षेत्र में सीएमओ को कार्य संतोषजनक मिला।
: डिप्थीरिया से बचाव को चलेगा टीकाकरण अभियान
Thu, Apr 24, 2025
24 अप्रैल से 10 मई तक स्कूलों में जाकर किशोर-किशोरियों को लगाए जाएंगे टीके
गलघोटूं(डिप्थीरिया) व टिटनेस के लगाए जाएंगे टीके
आगरा। बढ़ते हुए डिप्थीरिया के मामलों को देखते हुए जनपद में 24 अप्रैल से 10 मई तक विशेष टीकाकरण अभियान चलाया जाएगा। इसमें जनपद के सभी ब्लाक एवं शहरी क्षेत्रों के स्कूलों में जाकर कक्षा पांच (10 साल के बच्चे) एवं कक्षा 10 (16 साल के बच्चे) के बच्चों को टीडी का टीका लगाया जाएगा।
मुख्या चिकित्सा अधिकारी डॉ. अरुण श्रीवास्तव ने बताया कि हर साल 24 अप्रैल से 30 अप्रैल के बीच विश्व टीकाकरण सप्ताह मनाया जाता है। इसके तहत जनपद में 24 अप्रैल से 10 मई के बीच में स्कूल आधारित टीकाकरण अभियान चलेगा। उन्होंने बताया कि डिप्थीरिया (गलघोंटू) एक संक्रामक बीमारी है जो कि बैक्टीरिया के कारण होती है। इसलिए सभी सरकारी, सरकारी सहायता प्राप्त एवं निजी विद्यालयों में अभियान चलाकर बच्चों को टीका लगाया जायेगा। इस अभियान में शिक्षा विभाग सहयोग कर रहा है इसको लेकर जिला विद्यालय निरीक्षक और बेसिक शिक्षा अधिकारी को पत्र जारी किया जा चुका है। इसके साथ ही आशा कार्यकर्ता और एएनएम को भी निर्देश दिए गये हैं कि शिक्षा विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर टीडी टीकाकरण से पहले अभिभावकों को मोबिलाइज करें। इसके अलावा टीकाकरण के बाद यदि कोई प्रतिकूल प्रतिक्रिया होती है तो उसके प्रबन्धन का इंतजाम भी टीकाकरण स्थल पर किया गया है।
जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ.उपेंद्र कुमार ने बताया कि अभियान के दौरान सभी विद्यालयों में कक्षा पांच में पढ़ने वाले बच्चों का टीडी-10 का और कक्षा 10 के बच्चों को टीडी-16 का टीका लगाया जायेगा। कुल 3676 विद्यालय के कक्षा-5 के 70893 व कक्षा-10 के 49235 बच्चों को टीडी के टीके लगाए जाएंगे।
डीआईओ ने बताया कि डिप्थीरिया का बैक्टीरिया नाक और गले की श्लेष्मा झिल्ली को प्रभावित करता है। संक्रमण के दो से चार दिनों के बाद ही इसके लक्षण दिखाई देने लगते हैं। यह बीमारी बच्चों को ही नहीं वयस्कों को भी प्रभावित करती है।
डिप्थीरिया के लक्षण
डिप्थीरिया के लक्षण हैं, बुखार,जुकाम, सर दर्द, नाक का बहना, गले की ग्रंथियों में सूजन, कमजोर और कब्ज।
डिप्थीरिया से बचाव के उपाय
इस बीमारी से बचाव का उपाय है टीकाकरण। डेढ़ माह, ढाई माह, साढ़े तीन माह में पेंटावेलेंट का टीका लगवाना। इसके बाद 16 से 24 माह और पांच से सात वर्ष की आयु के बीच में डीपीटी का बूस्टर लगवाना। इसके अलावा 10 और 16 साल की आयु में टीडी का टीका लगवाना ।