: डेंगू से करें बचाव, समय पर कराएं उपचार
Sun, Aug 17, 2025
डेंगू की चपेट में आने से बचें, जानें लक्षण और उपचार
सही समय पर उपचार न होने पर जानलेवा हो सकता है डेंगू
मच्छरों से बचें, डेंगू से बचें
आगरा। बारिश के मौसम में मच्छर जनित रोगों का खतरा बढ़ जाता है, जिसमें डेंगू भी शामिल है। डेंगू बुखार एक गंभीर बीमारी है जो मच्छरों के काटने से फैलती है। यह बीमारी सही समय पर उपचार न होने पर जानलेवा भी हो सकती है। डेंगू से बचाव के लिए मच्छरों से बचाव जरूरी है। इसके लिए घर के आसपास पानी जमा न होने दें, मच्छरदानी का इस्तेमाल करें, पूरे कपड़े पहनें और मच्छर भगाने वाले स्प्रे का इस्तेमाल करें। डेंगू के लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें और समय पर उपचार कराएं। यह कहना है मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अरुण श्रीवास्तव का ।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने आगरा वासियों से अपील करते हुए कहा है कि डेंगू एक मच्छर जनित वायरल रोग है जो एडीज मच्छर के काटने से फैलता है। डेंगू या डेंगी डेंगू वायरस से संक्रमित मच्छरों के काटने से होती है। यह मादा एडीज मच्छर के काटने से फैलता है। यह साफ पानी में पनपता है। डेंगू से बचाव के लिए मच्छरों से बचाव करना जरूरी है। इसके लिए अपने आस-पास मच्छरों को न पनपने दें। अपने घर में या घऱ के आसपास गमलों में, टायरों में, गड्ढों में पानी को जमा न होने दें। कूलर के पानी को सप्ताह में एक बार जरूर बदलें । इन्हीं में डेंगू का लार्वा पनपता है। सभी के प्रयासों से ही डेंगू से बचाव, नियंत्रण और इसके प्रसार पर जटिलताओं को रोका जा सकता है।
वेक्टर बोर्न रोगों के नोडल अधिकारी डॉ. सुरेंद्र मोहन प्रजापति ने बताया कि डेंगू के लक्षणों के बावजूद समय से जांच न होने की स्थिति में जब इसका बुखार छठवें से आठवें दिन में पहुंचता है तो खतरा भी ज्यादा बढ़ जाता है, लेकिन ऐसे मरीज भी समय से अस्पताल आएं तो भर्ती कर ठीक हो जाते हैं । शरीर में चकत्ते आना या नाक, मुंह व मसूड़ों से खून आना डेंगू के खतरनाक लक्षण हैं और ऐसी स्थिति में मरीज को भर्ती करना अनिवार्य है । प्लेटलेट उन्हीं मरीजों को चढ़ाने की जरूरत पड़ती है जिनके शरीर से ब्लीडिंग होने लगती है। अगर ब्लीडिंग नहीं हो रही है तो बीस हजार प्लेटलेट होने पर भी इसे चढ़ाने की आवश्यकता नहीं है, जबकि अगर ब्लीडिंग हो रही है तो अस्सी हजार प्लेटलेट रहने पर भी इसे चढ़ाना पड़ता है।
जिला मलेरिया अधिकारी राजेश गुप्ता ने बताया कि डेंगू का वाहक एडीज मच्छर साफ पानी में पैदा होता है। ऐसे में छत एवं घर के आसपास अनुपयोगी सामग्री इकट्ठा न होने दें। हफ्ते में एक बार टीन, डब्बा, बाल्टी का पानी खाली कर दें और दोबारा उपयोग के लिए उनको सुखाएं। प्रत्येक सप्ताह कूलर का पानी खाली कर दें और सूखा कर ही पानी भरें। पानी के बर्तन और टंकी आदि को ढंग कर रखें। हैंडपम्प के आसपास पानी इकट्ठा न होने दें। घर के आसपास के गड्ढों को मिट्टी से ढक दें। साफ जमा पानी में मिट्टी का तेल या जला हुआ इंजन का तेल डालें। दिन में भी पूरी आस्तीन के कपड़े पहनें।
डीएमओ ने बताया कि डेंगू की चपेट में आने से बचें, सही समय पर उपचार न होने पर डेंगू जानलेवा भी हो सकता है। डेंगू से बचें बचने के लिए मच्छरों से बचाव करना जरूरी है, इसके लिए डेंगू के लक्षणों और उपचार के बारे में जानकारी प्राप्त करने के लिए अपने क्षेत्र की आशा कार्यकर्ता से संपर्क करें। और नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र से जानकारी प्राप्त करें l डेंगू के लक्षण होने पर अपने नजदीकी स्वास्थ्य इकाई पर जाकर चिकित्सीय सलाह अवश्य लें। झोलाछाप डॉक्टर से उपचार करने से बचें।
बुखार होने पर यह करें
• प्रशिक्षित चिकित्सक को दिखाएं
• चिकित्सक की निगरानी में दवा के साथ पर्याप्त बेड रेस्ट लें
• तरल भोज्य पदार्थों का सेवन करें और खूब पानी पिएं
• तीव्र बुखार की स्थिति में 108 एंबुलेंस की सहायता से अस्पताल पहुंचें
• बुखार हो तो यह न करें
• अपने मन से दवा न लें
• शारीरिक श्रम न करें
• बुखार उतरने लगे तो निश्चिंत न हों और सावधानी जारी रखें
• बुखार ठीक होने के बाद भी बेड रेस्ट लें
डेंगू के लक्षण
• तेज बुखार
• त्वचा पर चकत्ते
• तेज सिर दर्द
• पीठ दर्द
• आंखों में दर्द
• मसूड़ों से खून बहना
• नाक से खून बहना
• जोड़ों में दर्द
• उल्टी
• डायरिया
डेंगू की स्थिति जिले में
वर्ष — कुल केस
2021 — 1161
2022 — 35
2023 — 173
2024 — 190
2025 — 37
: आनंद मंगल हॉस्पिटल में आरंभ हुआ तीन दिवसीय शिविर, महिलाओं के स्वास्थ्य को समर्पित पहल
Fri, Aug 1, 2025
विधायक पुरुषोत्तम खंडेलवाल व चैंबर अध्यक्ष संजय गोयल ने फीता काटकर किया उद्घाटन
आगरा। कमला नगर स्थित आनंद मंगल हॉस्पिटल के 30 गौरवपूर्ण वर्षों की सेवा यात्रा पूर्ण होने के उपलक्ष्य में एवं वरिष्ठ लेप्रोस्कोपिक सर्जन डॉ. अजय बंसल की पुण्य स्मृति में शुक्रवार को तीन दिवसीय निःशुल्क महिला स्वास्थ्य जांच शिविर का शुभारंभ किया गया। शिविर का उद्घाटन विधायक पुरुषोत्तम खंडेलवाल एवं नेशनल चैंबर ऑफ़ इंडस्ट्री एंड कॉमर्स के अध्यक्ष संजय गोयल ने संयुक्त रूप से फीता काटकर एवं देवरहा बाबा के चित्र के समक्ष मालार्पण कर किया।
विधायक खंडेलवाल ने कहा कि डॉ. अजय बंसल की सेवा भावना और समर्पण को यह शिविर सच्ची श्रद्धांजलि है। उन्होंने चिकित्सा क्षेत्र में जो योगदान दिया, वह समाज के लिए प्रेरणास्रोत है।
संजय गोयल ने आनंद मंगल हॉस्पिटल की सेवाओं को समाज सेवा और चिकित्सा का आदर्श संगम बताया।
भाजपा बृजक्षेत्र के क्षेत्रीय संयोजक आरके राघव एवं रोमसंस ग्रुप के निदेशक विकास खन्ना ने भी शिविर स्थल पर पहुंचकर निरीक्षण किया और आयोजन की सराहना की।
प्रबंधक आशीष बंसल ने बताया कि तीन दिवसीय शिविर में प्रतिदिन सुबह 10:30 से शाम 4:00 बजे तक 150 से 200 महिलाओं की निःशुल्क जांच एवं स्वास्थ्य परीक्षण किया जाएगा। स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ स्मिता राघव महिलाओं को परामर्श देंगी।
स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. स्मिता राघव ने बताया कि आज के समय में महिलाओं को अपने स्वास्थ्य के प्रति जागरूक होना अत्यंत आवश्यक है। बहुत सी महिलाएं घरेलू जिम्मेदारियों में इतनी व्यस्त हो जाती हैं कि अपने शरीर के संकेतों को नजरअंदाज कर देती हैं। यह शिविर उन्हें समय पर परामर्श और जांच की सुविधा देकर बेहतर स्वास्थ्य की दिशा में एक कदम है। उन्होंने बताया कि शिविर में अल्ट्रासाउंड, हिमोग्लोबिन, थायरॉइड, शुगर व बीपी की जांच सहित सामान्य स्वास्थ्य परीक्षण किए जाएंगे।
वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. हेमंत बंसल ने बताया कि महिला स्वास्थ्य समाज की रीढ़ है। जब एक महिला स्वस्थ रहती है तो पूरा परिवार और समाज स्वस्थ रहता है। इस शिविर का उद्देश्य केवल जांच करना नहीं है, बल्कि महिलाओं को स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता देना भी है, जिससे वे समय पर इलाज करा सकें। यह आयोजन डॉ. अजय बंसल की मानवीय दृष्टि और सेवा भावना को सच्ची श्रद्धांजलि है। वे समाज के हर वर्ग तक चिकित्सा सेवा पहुंचाने का प्रयास करते थे।
कार्यक्रम का संचालन रागिनी मिश्रा ने किया। इस अवसर पर देवेश गोयल, दीपेश गोयल, शैलेश गोयल, डॉ दिनेश गोयल, विनेश जैन, बृजेश तिवारी आदि उपस्थित रहे।
: फीलिंग माइंड्स ने किया देश में पहली बार भावनात्मक शिक्षा पर राष्ट्रीय स्तर की कार्यशाला का आयोजन
Sat, Jul 26, 2025
शिक्षा में भावनात्मक बुद्धिमत्ता, जीवन मूल्य और मानसिक स्वास्थ्य को जोड़ने की दिशा में ऐतिहासिक पहल
“फील सील” ओरिएंटेशन एवं हेमा फाउंडेशन सम्मान समारोह का हुआ भव्य आयोजन
आगरा। विमल विहार, सिकंदरा बोदला रोड स्थित फीलिंग माइंड्स संस्था के कार्यालय पर देश की पहली राष्ट्रीय कार्यशाला का आयोजन किया गया, जिसका उद्देश्य शिक्षा प्रणाली में भावनात्मक शिक्षा को स्थायी रूप से स्थापित करना है। दो दिवसीय “फील सील ओरिएंटेशन कार्यक्रम” और हेमा फाउंडेशन सम्मान समारोह ने न केवल अभिभावकों, शिक्षकों और छात्रों को जोड़ा, बल्कि एक नई शिक्षण क्रांति की नींव रखी। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि डॉ. कुलभूषण शर्मा, अध्यक्ष – नेशनल इंडिपेंडेंट स्कूल्स एलायंस द्वारा दीप प्रज्वलन कर किया गया। साथ ही डॉ. सुशील गुप्ता, अध्यक्ष, एसोसिएशन ऑफ प्रोग्रेसिव स्कूल्स ऑफ आगरा, बिन्नी शर्मा एवं रूबी शर्मा ने भी सहभागिता कर आयोजन को गरिमा प्रदान की।
डॉ. चीनू अग्रवाल, संस्थापक फीलिंग माइंड्स, ट्रस्टी एवं शोध प्रमुख, हेमा फाउंडेशन, ने बताया कि फील सील कार्यक्रम की शुरुआत वर्ष 2016 में भावनात्मक शिक्षा के रूप में हुई थी। कोविड-19 के दौरान यह अल्पविराम में चला गया था, लेकिन अब इसे सशक्त रूप में पुनः आरंभ किया गया है। यह कार्यक्रम भारत का पहला ऐसा प्रयास है जिसमें शिक्षा के साथ-साथ मानसिक बीमारियों की रोकथाम और उपचार, दोनों ही लक्ष्यों को साथ लेकर कार्य किया जा रहा है। यह कार्यक्रम कुवैत हेल्थ डेवलपमेंट अथॉरिटी, दुबई से मान्यता प्राप्त है और देशभर के विद्यालयों में इमोशनल एजुकेशन लैब की स्थापना का लक्ष्य रखता है। डॉ. चीनू ने बताया कि यह कार्यशाला देश की पहली भावनात्मक शिक्षा पर केंद्रित राष्ट्रीय कार्यशाला है, जिसमें महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, हरियाणा, एनसीआर, दिल्ली एवं उत्तर प्रदेश से प्रशिक्षक भाग ले रहे हैं। आगामी छह माह तक यह प्रशिक्षण ऑनलाइन मोड में भी चलेगा, जिसमें शिक्षक, अभिभावक और विद्यार्थी सभी को प्रशिक्षित किया जाएगा।
डॉ. कुलभूषण शर्मा ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि आज का यह मंच हमें भावनात्मक शिक्षा के माध्यम से बच्चों के सम्पूर्ण व्यक्तित्व विकास की दिशा में अग्रसर होने का अवसर देता है।
डॉ. सुशील गुप्ता ने कहा कि भावनात्मक शिक्षा बच्चों के मनोबल और आत्मविश्वास को नए आयाम देती है, यह पहल उनके समग्र विकास की दिशा में एक निर्णायक कदम है।
कार्यक्रम के दूसरे सत्र में हेमा फाउंडेशन द्वारा हेम सीड्स सोशल, इमोशनल एंड एथिकल डेवलपमेंट प्रोग्राम के अंतर्गत योगदान देने वाले स्कूलों और विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया, जिसमें हेम श्री सम्मान से जे. सिलास, प्राचार्या क्वीन विक्टोरिया गर्ल्स इंटर कॉलेज और गंधार लाल जैन, प्राचार्य एमडी जैन इंटर कॉलेज को सम्मानित किया गया। हेम स्टार सम्मान एमडी जैन इंटर कॉलेज के छात्र देव कुशवाहा और प्रीलूड पब्लिक स्कूल की छात्रा विहानी धानिक को प्रदान किया गया।
कार्यक्रम का संचालन शैलेश अग्रवाल ने किया और समस्त व्यवस्थाएं डॉ. रविंद्र अग्रवाल द्वारा संभाली गईं।