: आगरा एयरफोर्स स्टेशन है खास, विश्व युद्व से लेकर एयर स्ट्राइक ऑपरेशन का बना गवाह
Tue, Oct 10, 2023
Agra. आज भारतीय वायुसेना दिवस है। इस दिवस पर आगरा एयरफोर्स बेस स्टेशन की बात न हो ऐसा हो ही नहीं सकता है। दूसरे विश्व युद्व से लेकर पाकिस्तान के बालाकोट में हुए एयर स्ट्राइक तक आगरा एयरफोर्स बेस स्टेशन हर ऑपरेशन की नींव रहा है। आजादी के दिन आगरा एयरफोर्स स्टेशन ने स्थापना के तुरंत बाद ही 1947 से 49 के बीच कश्मीर घाटी में भारतीय सेना की टुकड़ियां यही से पहुंचाई, गई वहीं लेह के दुर्गम इलाके में पहली बार विमान की लैंडिंग कराई। स्क्वाड्रन 12 इस एयरबेस से जुड़ा रहा है। 1965, 1971, करगिल युद्व के अलावा बालाकोट एयर स्ट्राइक समेत बड़े ऑपरेशन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। पाकिस्तान और चीन पर निगरानी रखने वाले अवाक्स सिस्टम भी यहीं से संचालित हैं। इतना ही नही देश का इकलौता पैराट्रूपर्स ट्रेनिंग काॅलेज भी आगरा में है, जहां पैरा कमांडो ट्रेनिंग के लिए आते हैं।
1947 में एयरफोर्स स्टेशन हुआ स्थापित
देश की आजादी के दिन यानी 15 अगस्त 1947 को विंग कमांडर शिवदेव सिंह की कमान में आगरा एयरफोर्स स्टेशन शुरू किया गया। पहले यह पश्चिमी कमान में था लेकिन 1971 में यह सेंट्रल एयर कमांड का हिस्सा बन गया। यहां डकोटा, कैनबरा, एएन-12, एचएस 748, सी-119, सी-47 जैसे विमानों ने अपनी सेवाएं दी हैं।
इन विमानों का है बेस
आगरा का एयरफोर्स बेस स्टेशन वायुयान एएन-32, आईएल-78, हरक्यूलिस, एवरो, अवॉक्स, सी-295 का बेस है। आईएल 78 एक मिनट में 500 से 600 लीटर के हिसाब से ईंधन दे सकता है। एएन-32 वायुयान का इस्तेमाल युद्ध या फिर रेस्क्यू के दौरान किया जाता है यह वायुयान मैन पॉवर या फिर सामग्री पहुँचाने का काम करता है। सेना के लिए हथियार और गोला बारूद इसी प्लेन से जाते है।
देश का यह इकलौता पैराट्रूपर है जहां तीनों सेवा के जवानों को पैरा ट्रेनिंग दी जाती है। लगभग साल भर तीनों सेवा के लगभग 50000 जवान यहां पर पैरा ट्रेनिंग लेते हैं। देश के जाने-माने क्रिकेटर महेंद्र सिंह धोनी ने भी पैरा ट्रूपर बनने की ट्रेनिंग यहीं से ली थी। यहां पर लगभग 1250 फीट की ऊंचाई से जवानों को छलांग लगवाई जाती है।
: व्हाट्सएप वीडियो कॉल पर न्यूड हुई लडक़ी फिर शुरू हुआ ये खेल
Tue, Oct 10, 2023
Agra. अगर आपके पास अनजान व्हाट्सएप वीडियो कॉल आ रही है और उस कॉल को लड़की कर रही है तो सावधान हो जाइये। आप ब्लैकमेलिंग का शिकार हो सकते है। आजकल इस तरह की घटनाएं तेजी के साथ बढ़ रही है। ताजा मामला सदर थाना क्षेत्र के लालकुर्ती चौकी का है। पीड़ित इस घटना का शिकार हुआ और लगभग एक लाख रुपये गवा दिए। पीड़ित ने सदर थाने में मुकदमा दर्ज कराया है और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्यवाही की मांग की है।
सदर थाने में मुकदमा दर्ज कराने वाले पीड़ित ने बताया कि 26 जून को उसके पास एक व्हाट्सएप वीडियो कॉल आई। कॉल अटेंड करते ही युवती न्यूड हो गयी। मैं कुछ समझ पाता उससे पहले युवती ने उसकी वीडियो कॉल की रिकॉर्डिंग कर ली। अगली सुबह एक कॉल आया और अपने आप को दिल्ली क्राइम ब्रांच से बताया फिर उसकी न्यूड लड़की के साथ वीडियो दिखाई और मुकदमा दर्ज करने की बात कही। मुकदमा दर्ज न हो इसके एवज में सुविधा शुल्क मांगने लगा। 37 सेकंड की इस वीडियो ने उनके होश उड़ा दिये।
लगभग एक लाख रुपए ठगे
पीड़ित ने बताया कि दो बार मे लगभग आरोपियों ने एक लाख रुपये ठग लिये। मैने अपने फोन पे से 32500 तो अपने दोस्त से फोन पे के माध्यम से 65500 रुपये ट्रांसफर करा दिये। इस घटना के बाद जब टेंशन में रहने लगा। लोगों ने साहस दिया और फिर आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई।
पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया
पीड़ित की तहरीर पर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ आरोपी के खिलाफ धारा 420, 467 और धारा 67 में मुकदमा दर्ज किया है और मामले की जांच पड़ताल में जुट गई है।
: 'लाल घोड़ी मेरी, नीला खच्चर तेरा' कोडवर्ड में लपके घेर रहे पर्यटकों को
Tue, Oct 10, 2023
Agra. 'लाल घोड़ी मेरी, नीला खच्चर तेरा', आजकल ऐसे शब्द आपकों आगरा फोर्ट के गेट पर सुनाई दे जाएंगे। यह कोई कहावत या पंच लाइन नहीं है बल्कि लपकों के कोडवर्ड है जो पर्यटक को देखते ही आपस में बंटवारा कर लेते हैं और फिर पर्यटक को घेरने की तैयारी शुरू हो जाती है। आगरा फोर्ट के गेट पर पहुँचते ही अंदर जाने तक लपके पर्यटकों को परेशान करना शुरू कर देते है जिससें पर्यटक उनके झांसे में आ जाये।
कोडवर्ड में होती है बातें
आगरा फोर्ट पर बिना लाइसेंस के गाइडिंग करने वाले लपके पकड़ में न आये, इसके लिए उन्होंने कोडवर्ड तैयार कर लिए है। कोडवर्ड सुनकर भी आपकों हंसी आएगी और आप समझ भी नहीं पाएंगे कि वो किसी पर्यटक को घेरने की बात कर रहे है। लाल घोड़ी मेरी, नीला खच्चर तेरा, आजकल लपकों की ऐसे कोडवर्ड में बातचीत हो रही है।
लपकों की है भरमार
आगरा फोर्ट के चौराहे पर पुलिस चौकी बनी हुई है। यहाँ पर सिविल पुलिस के साथ पर्यटन पुलिस भी तैनात रहती है। उनकी आंखों के सामने ही लपके पर्यटकों को परेशान करते है और वो खुलकर लपकागिरी करते हैं लेकिन पुलिस को इससे कोई सरोकार नहीं है। इन पर कार्यवाही न करने के पीछे बड़ा कारण है और वह है सुविधा शुल्क।
लपकों पर गाइडिंग के फर्जी कार्ड
जानकारी के मुताबिक आगरा फोर्ट पर मौजूद लपकों के पास फर्जी आईकार्ड भी है जिन्हें दिखाकर वो पर्यटकों को अपने झांसे में लेते है और फिर पर्यटकों को ठगने का काम शुरू हो जाता है। यह लपके मामूली सामान को भी हजारों में बिकवा देते है।