: 27 पुष्प व 27 नदियों के जल से किया राधारानी का अभिषेक
Thu, Sep 12, 2024
श्रीजगन्नाथ मंदिर में गूंजे राधारानी के जयकारे
नीले रंग के फूलों से सजे राधारानी का डोले ने किया क्षेत्र का भ्रमण
आगरा। 27 दिन के मूलों में जन्मी राधारानी का अभिषेक 27 नदियों के जल कलश व 27 पुष्पों से कर मूल उतारे गए। कमला नगर स्थित श्रीजगन्नाथ मंदिर में आयोजित राधाष्टमी महामहोत्सव में राधारानी के प्रिय नीले रंग की पोशाक में श्रंगारित राधारानी के जयकारे गूंजे तो हर तरफ भक्तिभाव की गंगा बहने लगी। मंदिर परिसर को भी नीले रंग के आर्किड व अपराजिता के पुष्पों से व रोशनी से सजाया गया।
प्रातः राधारानी की कथा में इस्कॉन मंदिर के अध्यक्ष अरविन्द स्वरूप ने भक्तों को बताया कि रावल गांव में एक कमल के पुष्प पर प्रकट हुई राधारानी जन्मांध थीं। जिन्हें पहली बार श्रीकृष्ण के दर्शन के साथ दृष्टि प्राप्त हुई। संध्या काल में मृदंग व मंजीरों के कीर्तन करते हुए मंदिर परिसर में श्रीराधा-कृष्ण की पालकी निकाली गई। श्रद्धालुओं ने पुष्प वर्षा कर राधारानी की पालकी का स्वागत किया। 27 पुष्पों व 27 नदियों के जल कलश से राधारानी का अभिषेक कर महाआरती की गई। हर तरफ राधा-कृष्ण की भक्ति में झूमते भक्त और गूंजते जयकारों ने मानों मंदिर परिसर को ब्रजधाम बना दिया।
इस अवसर पर मुख्य रूप से शैलेन्द्र अग्रवाल, कामता प्रसाद अग्रवाल, राहुल बंसल, सुनील मनचंदा, सुशील अग्रवाल, संजय अग्रवाल, संजीव बंसल, संजय कुकरेजा, राजेश उपाध्याय, ओमप्रकाश अग्रवाल, शैलेश बंसल, राजीव मल्होत्रा, शाश्वत नन्दलाल, सूरज, विकास बंसल आदि उपस्थित थे।
: शारीरिक, मानसिक और सामाजिक रूप से स्वस्थ बनाता है योग
Wed, Sep 11, 2024
एसीई ग्रुप ऑफ कालेज में योग पर गोष्ठी आयोजित कर विद्यार्थियों को योग के लिए किया प्रेरित
आंखों को स्वस्थ रखने के साथ अवसाद और तनाव को दूर रखने का योग भी सिखाया
आगरा। योग का अर्थ है जुड़ना। शरीर, दिमाग और आत्मा को एक दूसरे के कनेक्ट करना है योग। हठ योग के अनुसार आत्मा से परमात्मा से मिलना है योग। एसीई ग्रुप ऑप कालेज में योग पर आयोजित गोष्ठी में विद्यार्थियों को योग की व्याख्या समझाते हुए योग एक्सपर्ट भावना शर्मा ने यह बात कही। कार्यक्रम का शुभारम्भ मां सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष कालेज के चेयरमैन संजय गर्ग, कोकिला गर्ग ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। अतिथियों का स्वागत कालेज के निदेश संयम अग्रवाल ने किया।
संजय गर्ग ने कहा कि तन, मन और दिमाग स्वस्थ रहेगा तभी देश की युवा पीढ़ी देश को विकास की ओर अग्रसर कर सकती है। भावना शर्मा ने बताया कि सम्पूर्ण रूप से स्वस्थ बनाता है योग। मानसिक, शारीरिक ही नहीं सामाजिक रूप से भी स्वस्थ बनाता है। कोई देखने में हष्ठ पुष्ट है तो इसका अर्थ यह नहीं कि वह स्वस्थ है। यदि आपकी निर्णय लेने की क्षमता और आपकी सोच अच्छा नहीं और नकारात्मकता है तो आप स्वस्थ नहीं है। इस समस्या से योग ही दूर कर सकता है। योग को बचपन से ही अपनाना चाहिए।
हमारा शरीर एक इमारत की तरह है। इसकी नींव अच्छी होगी तभी लम्बे समय तक मजबूती से टिक पाएगी। युवा पीढ़ी देश का भविष्य है, यदि वह मानसिक, शारीरिक व सामाजिक स्तर पर स्वस्थ होंगे तभी हमारा देश भी सुदृढ़ रह पाएगा। ज्ञान, आदि मुद्रा अवसाद और तनाव से दूर रखने में काफी मदद करती है। कम्प्यूटर और मोबाइल के युग में खुद को स्वस्थ रखने के लिए भी योग सिखाया। हमारे शरीर से चार स्तम्भ हैं स्टेमिना, स्ट्रैंथ, स्टेबिलिटी और स्ट्रैचिंग के बारे में बताया। इन चारों स्तम्भ को मजबूत रखने के लिए योग आवश्यक है। इस अवसर पर मुख्य रूप से प्राचार्य शोभिता, रितिका, नवीन आदि उपस्थित थे।
: केसरिया श्रंगार में श्रीवरद वल्लभा महागणपति ने दिए दर्शन, कल होगा मेवा का श्रंगार
Tue, Sep 10, 2024
आगरा− फिरोजाबाद रोड स्थित श्रीवरद वल्लभा मंदिर में दक्षिण भारतीय पूजन पद्वति से मनाया जा रहा है गणेश चतुर्थी महोत्सव
प्रतिदिन सैंकड़ों भक्त ले रहे दर्शन लाभ, आरती के समय उमड़ रहा आस्था का सैलाब
संध्या काल मंदिर के बाहरी परिक्षेत्र की गयी विद्युत सजावट करती है आकर्षित
आगरा। शहर में एकमात्र दक्षिण भारतीय पूजन पद्वति का अनुसरण करने वाला श्रीवरद वल्लभा मंदिर गणेश उत्सव के पावन दिनों में आस्था का प्रमुख केंद्र बना हुआ है।
मंगलवार को श्रीगणेश चतुर्थी महोत्सव के चौथे दिन श्रीवरद वल्लभा महागणपति जी ने भक्तों को केसरिया श्रंगार से श्रंगारित होकर दर्शन दिए। भगवा रंग की धाेती, अष्टकोणिय तिलक, केसरिया फूलबंगला और स्वर्ण आभूषण से सुशाेभित गजानन अपनी अप्रतिम सौंदर्य आभा से भक्तों को निहाल कर रहे थे। चतुर्थ दिवस का नित्य अभिषेक राकेश गर्ग और हवन सेवा दीपक गर्ग की ओर से रहा।
मंदिर परिक्षेत्र में की गयी आकर्षक विद्य़ुत सजावट दूर से ही भक्तों को अपनी ओर खींचती है। मंदिर में प्रवेश करते हुए शांति की अनुभूति और फिर अपने आराध्य के दर्शन कर आध्यात्मिक प्रगति स्वयं ही प्राप्त होती है।
मंदिर संस्थापक हरिमोहन गर्ग ने बताया कि मंदिर में प्रतिदिन पूजन पद्वति दक्षिण भारतीय परंपरा के अनुसार ही होती है। उत्सव के दिनों में ये पूजन प्रकार लोगों को आकर्षित करता है। उन्होंने बताया कि बुधवार को प्रतिष्ठित प्रतिमा का महाभिषेक 11 द्रव्यों से किया जाएगा। इसके बाद मेवा का श्रंगार होगा।