: जनकपुरी के विकास कार्यों में बाधा बनी बारिश
Thu, Sep 12, 2024
जनकमहल का काम प्रभावित, बल्लियां लगाने का काम रुका
त्रिपाल लगाकर तैयार किए जा रहे थर्माकॉल के फ्रेम
आगरा। जनकपुरी महल व क्षेत्र में किए जाने वाले विकास कार्यों के लिए बारिश बाधा बन गई है। लगातार बारिश होने से क्षेत्र के विकास कार्य व जनक महल निर्माण कार्य रुक गया है। कोठी मीना बाजार मैदान में जगह-जगह पानी भर गया है, जिससे जनक महल के लिए की गई समतल भूमि में फिर गड्ढे बन गए हैं। वहीं क्षेत्र में नगर निगम द्वारा कराए जाने वाले नाली, खरंजे व सड़क निर्माण कार्य भी नियमित नहीं हो पा रहा है।
श्रीजनकपुरी महोत्सव आयोजन समिति के अध्यक्ष गौरव अग्रवाल ने जानकारी देते हुए बताया कि जनकपुरी महल के मंच का निर्माण शुरु कर दिया गया था, जो दो दिन से लगातार बारिश के कारण प्रभावित हो गया है। परन्तु निर्धारित समय पर जनक महल तैयार करने के लिए त्रिपाल डाल कर थर्माकॉल फ्रेम तैयार किए जा रहे हैं। जिससे बारिश बंद होने पर तुरन्त तेज गति से काम शुरु हो सके और समय पर जनकमहल बनकर तैयार हो जाए। वहीं जनक महल सजने की जगह पर जमीन को समतल बनाए रखने के लिए नगर निगम द्वारा कंक्रीट वाला मलवा एकत्र कर दिया गया, जिसे बारिश रुकते ही गड्ढों वाली जगह पर डाल कर जेसीबी द्वारा समतल किया जाएगा।
जनकपुरी आयोजन समिति ने किया जनक महल स्थल का निरीक्षण
आगरा। आयोजन समिति के सदस्यों ने जनकपुरी महल स्थल का निरीक्षण किया। कहा कि बारिश के कारण बेशक काम में कुछ विलम्ब हो रहा है, लेकिन क्षेत्रीय लोगों व समिति के सभी सदस्यों का उत्साह और उमंग श्रीराम की सेना की तरह है। जो जनकपुरी महोत्सव को भव्य और दिव्य बनाने के लिए संकल्पबद्ध है। इस अवसर पर मुख्य रूप से अध्यक्ष गौरव अग्रवाल, संयोजक, गौरव राजावत, राहुल चतुर्वेदी, हेमन्त भोजवानी, अनुराग उपाध्याय, महामंत्री राहुल सागर, मुनेन्द्र जादौन, मीडिया प्रभारी राजीव शर्मा नौजूद थे।
: आज के दौर में शुगरिंग बन चुकी धूम्रपान की तरह आदत: प्रशांत देसाई
Thu, Sep 12, 2024
स्पाइसी शुगर संस्था ने आयोजित की अनलॉक योर बेस्ट हेल्थ विषय पर कार्यशाला
मुंबई से आए हेल्थ एंड डाइट एक्सपर्ट प्रशांत देसाई ने दिए स्वस्थ रहने के टिप्स
बोले, अच्छी नींद है अच्छी सेहत की पहचान, गहरी नींद और सपने रखते हैं स्वस्थ
आगरा। कुछ मीठा हो जाए की आदत आज धूम्रपान की तरह हो चुकी है। शरीर को दिनभर में मात्र 5 ग्राम शुगर चाहिए लेकिन इसमें 2 ग्राम की अधिकता डायबिटीज बन जाती है और 2 ग्राम की कमी आपको कोमा में ले जा सकती है इसलिए संतुलन जरूरी है। इसी तरह की स्वास्थ और सही खानपान की आदत पर यह जानकारी दी मुंबई से आए हेल्थ एंड डाइट एक्सपर्ट प्रशांत देसाई ने।
गुरुवार को संजय प्लेस स्थित होटल फेयर फील्ड बाय मैरियट में स्पाइसी शुगर संस्था द्वारा अनलॉक योर बेस्ट हेल्थ विषय पर कार्यशाला आयोजित की गई।
संस्थापक पूनम सचदेवा, चांदनी ग्रोवर, पावनी सचदेवा ने कार्यशाला के मुख्य वक्ता प्रशांत देसाई का स्वागत किया। पुष्पा पोपटानी ने हेल्थी फ़ूड बास्केट देकर मुख्य वक्ता का सम्मान किया।
संजय प्लेस स्थित होटल फेयरफील्ड बाय मैरियट में स्पाइसी शुगर संस्था द्वारा आयोजित अनलॉक योर बेस्ट हेल्थ विषय पर कार्यशाला को संबोधित करते हेल्थ एक्सपर्ट प्रशांत देसाई।
कार्यशाला का शुभारम्भ कोलकाता रेप कांड की पीड़िता को श्रद्धांजलि देकर किया गया। संस्थापक पूनम सचदेवा ने कहा कि ऐसी दुर्घटनाओं को रोकने के बेटों को संस्कारित करना शुरू करें, तभी हालात बदल सकते हैं।
कार्यशाला के द्वितीय सत्र में मुख्य वक्ता प्रशांत देसाई ने अच्छी नींद सेहत की कुंजी बताया। उन्होंने कहा कि पूरे विश्व में अनिंद्रा महामारी की तरह हो चुकी है। अच्छी नींद और सपने रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाते हैं। इसके बाद संस्थापक पूनम सचदेवा ने प्रश्नोत्तरी का दौर आरंभ किया। उन्होंने सेहत से जुड़ी भ्रांति और तथ्यों पर आधारित प्रश्न पूछे। कहा कि महिला और पुरुष में कौन अधिक जीता है? एक्सपर्ट ने कहा जीती महिला अधिक हैं लेकिन बीमार भी अधिक होती हैं। बीमारियों को कैसे रोक सकते हैं प्रश्न पर उत्तर मिला कि नींद, 60 मिनट की वॉक, प्रोटीन डाइट लें और शुगर युक्त पेय का सेवन न करें।
सदस्यों से मुख्य वक्ता ने प्रश्न भी किए और उपहार भी भेंट किए, जिसमें हरबानी प्रथम रही। कोमिला, अंजली, अनुप्रिया, अंजली गोयल, पुष्पा पोपटानी, गरिमा, सोनाली खंडेलवाल, रुचि, शालिनी, दिव्या, रानी, रोली सिन्हा, शिल्पा भाटिया, प्रीति गुप्ता ने सेहत से जुड़े प्रश्न किए। संस्थापक पूनम सचदेवा ने मुख्य वक्ता प्रशांत देसाई का परिचय देते हुए कहा कि प्रशांत देसाई एक स्वास्थ्य प्रभावक हैं, जिनका उद्देश्य आपको फिट रहने, दीर्घायु होने और रोग मुक्त रहने में मदद करना है।
प्रशांत ने स्टैनफोर्ड स्कूल ऑफ मेडिसिन से पोषण विज्ञान, व्यायाम फिजियोलॉजी और आंत स्वास्थ्य एवं माइक्रोबायोम में स्नातक किया है। उन्होंने हार्वर्ड मेडिकल स्कूल से लाइफस्टाइल मेडिसिन की भी शिक्षा ली है। प्रशांत ने जेसिका इनचास्पे के जीजी प्रो से ग्लूकोज से संबंधित सभी विषयों की कोचिंग भी ली है। उन्होंने कहा कि संस्था की सदस्यों ने कार्यशाला में जाना कि अपना डाइट चार्ट स्वयं खुद बनाएं और स्वस्थ रहें।
इस अवसर पर शिखा जैन, सिमरन अवतानी, अर्चना, अंशुल, बानी, डॉली, हरमीत, बुलबुल, मंजू, मिनी, एकता, ज्योति, नीरू, रश्मि, प्राची, मोनिका, राधिका, शुभ्रा, स्नेहा, वर्तिका, स्वाति आदि उपस्थित रहीं।
: गणेश उत्सव में हर दिन बढ़ रही श्रीवरद वल्लभा महागणपति के दर्शन को भीड़, लाल श्रंगार में दिए दर्शन
Thu, Sep 12, 2024
आगरा−फिरोजाबाद रोड स्थित श्रीवरद वल्लभा मंदिर में गणेश चतुर्थी महोत्सव में मनाया छठवां दिन दिन
रक्तांबर धारी के रूप में गजानन ने दिए दर्शन, 100 किलो का मोदक बना आकर्षण का केंद्र
आगरा। रत्न जड़ित आभूषणाें और लाल गुलाब के फूलों से श्रंगारित श्रीवरद वल्लभा महागणपति जी ने रक्तांबर वस्त्र एवं चांदी के श्री तिलक को धारण कर भक्तों को दर्शन दिए। गुरुवार को आगरा फिरोजाबाद रोड स्थित श्रीवरद वल्लभा महागणपति मंदिर में चल रहे श्रीगणेश चतुर्थी उत्सव में छठवां दिन मनाया गया।
झमाझम बारिश भी श्रद्धालुओं को अपने आराध्य तक पहुंचने में रुकावट न बन सकी। भक्तों का अपार समूह मंदिर परिसर में रखे 100 किलो के मोदक को देखने के लिए आकर्षित होता रहा। जयपुर से मंगवाए गए चांदी के विशेष श्री तिलक की शाेभा महागणपति के मस्तक पर लगने से और बढ़ रही थी। मंदिर संस्थापक हरिमोहन गर्ग ने बताया कि श्रीवरद वल्लभा महागणपति के प्रति भक्तों की आस्था लगातार बढ़ती जा रही है। मुंबइ के सिद्धिविनायक मंदिर को देखकर ही आगरा में मंदिर निर्माण की प्रेरणा मिली थी। मंदिर में दिव्य सुगंध के लिए यहां प्रयोग होने वाला चंदन का लेप दक्षिण भारत से ही मंगाया जाता है। जब मंदिर निर्माण से लेकर मंदिर संचालन तक के हर कार्य में परिवार के लोग सहयोग करते हैं। जल्द ही मंदिर परिसर में ही आगरा का पहला नवग्रह मंदिर बनने जा रहा है। उन्होंने बताया कि मेवे से बने मोदक के दर्शन 17 सितंबर तक किये जा सकते हैं। इसके बाद मोदक का प्रसाद भक्तों में वितरित कर दिया जाएगा।
मंदिर प्रबंधक नितिन शर्मा ने बताया कि छठवें दिन की पूर्ण सेवा के यजमान कानपुर से आए प्रमोद चंद सेठ, राघवेंद्र चंद्र सेठ, भरत चंद्र सेठ की ओर से रही।