: अमृतवेले के पावन समागम में बह रही अमृत रसधारा
Fri, May 3, 2024
आगरा। गुरुद्वारा विजय नगर कॉलोनी में आयोजित भव्य कीर्तन दरबार में अमृतवेले अमृत नाम की पवित्र अमृत धारा बह रही है। नगर के सभी के प्यारे कीर्तनकार वीर महेंद्र पाल सिंह ने अपनी मधुर रचना से गुरबाणी का गायन कर सभी का मन मोह लिया। सर्वप्रथम सुबह 4 बजे से नितनेम की वाणी के बाद रिंकू वीर जी के अमृतमई कीर्तन का सभी ने रसास्वादन किया। प्यारे वीर महेंद्र पाल सिंह ने अपनी मधुर रचना द्वारा ‘कीरत प्रभ की गाओ मेरी रसना’ का गायन किया उसके पश्चात शुकराने रूप में ‘सुख तेरा दिता लहीयै‘ का गायन कर सभी का मन मोह लिया। उन्होंने कहा कि हमें यह देखकर नहीं रोना चाहिए कि परमेश्वर ने हमें यह नहीं दिया बल्कि हमें यह देखकर खुश होना चाहिए कि जो प्रभु ने हमें दिया उतना कईयों को नहीं दिया। उसके पश्चात उन्होंने ‘तू दाता दातार तेरा दिता खावना’ का बहुत ही मनोहारी अंदाज में गायन किया
इस आयोजन में अमृतवेला पंजवानी परिवार द्वारा सभी संगत शुकराना किया श्री मदनलाल पंजवानी के 90 वें जन्मदिन की खुशी अमृतवेला परिवार साध संगत ने गुरु के दर मनाईं। समाप्ति पर गुरु महाराज के अटूट लंगर का वितरण हुआ और उसके बाद मूक बधिर संकेत राजकीय विद्यालय विजयनगर कॉलोनी पर सभी मूक बधिर बच्चों को उपहार स्वरूप स्कूल की ड्रेस पेंट शर्ट शूज सोक्स लजीज व्यंजन वितरित किए गए और गुरु का लंगर कराया गया।
अमृतमई कीर्तन समागम में सरदार हरजिंदर सिंह, विजय पंजवानी, वासदेव भागचंद, गुरु सेवक श्याम भोजवानी, विकास व्यानी, गुरमुख भाई, बबलू व्यानी, संजय जटाना, रिंकू गुलाटी, मनजीत सिंह, सुरेंद्र सलूजा, गोरू भाई, गुरमीत सिंह सेठी, परमानंद आतवानी, रविंद्र सिंह, देवेंद्र पाल, चोहेतराम, ज्योति कौर, सिंह, गुरदीप लूथरा, पप्पी आदि गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति रही।
: नंद घर आनंद भयो जय कन्हैया लाल की, नंद महोत्सव में संतों का हुआ आगमन
Thu, May 2, 2024
आगरा। शिव वाटिका शमशाबाद रोड पर चल रही श्रीमद् भागवत महापुराण कथा में आज चैथे दिन सरस कथा व्यास आचार्य श्री हरिओम जी महाराज (व्याकरणाचार्य) जी ने कृष्ण जन्म नंद महोत्सव का वर्णन किया तो पूरा पंडाल, नंद घर आनंद भयो जय कन्हैया लाल की, इस धुन पर झूमने लगा। आज कथा में रेणुका धाम रुनकता से श्री श्री 1008 श्री स्वामी शिवानंद जी महाराज एवं वृंदावन धाम से महामंडलेश्वर श्री श्री 1008 श्री हरि शरण दास जी महाराज रामू बाबा जी श्री रामकिशन दास जी का भी दर्शन और आशीर्वाद प्राप्त हुआ।
प्रख्यात कथा व्यास आचार्य श्री रामनजर जी महाराज (पूज्य श्री हरि जी महाराज) के सानिध्य में शिव वाटिका में चल रही श्रीमद् भागवत महापुराण कथा में आचार्य श्री हरिओम जी ने सर्वप्रथम गजेंद्र की कथा एवं वामन अवतार की कथा का वर्णन किया आगे भगवान श्री राम जी के चरित्र का वर्णन करते हुए आचार्य जी ने बताया भगवान श्री राम ने पग पग पर मर्यादा का पालन किया और राम कथा ऐसी कथा है जो हमें जीवन जीना सिखाती है पुत्र का पिता के प्रति क्या कर्तव्य होता है भाई का भाई के प्रति क्या कर्तव्य होता है मित्र का मित्र के प्रति क्या कर्तव्य होता है शत्रु का शत्रु के प्रति क्या कर्तव्य होता है यह सब हमें श्री राम कथा के माध्यम से ही पता चलता है आचार्य जी ने संक्षेप में ही राम कथा का वर्णन किया।
आगे आचार्यजी ने बताया जब-जब धरती पर धर्म की हानि होती है राक्षस लोग बढ़ते हैं अनीति करते हैं तो भगवान अवतार लेकर राक्षसों का संघार करके धरती पर धर्मराज की स्थापना करते हैं श्री कृष्ण के जन्म का वर्णन करते हुए आचार्य जी ने बताया भगवान कृष्ण का जन्म वासुदेव एवं देवकी के यहां अत्याचारी कंस के कारागार में मथुरा में हुआ भगवान के आदेश से वासुदेव जी रात ही रात में अपने पुत्र श्री कृष्ण को गोकुल नंद बाबा के यहां मैया यशोदा के बगल में छोड़कर वहां से योग माया को लेकर के वापस मथुरा चले गए। प्रातः काल जब नंद बाबा को पता चला कि मेरे यहां बालक का जन्म हुआ है नन्द बाबा ने बहुत प्रसन्नता व्यक्त की और अपने पुत्र के जन्म की खुशी में नंद महोत्सव मनाया आचार्य जी ने संगीत में वाणी में नंद महोत्सव का वर्णन किया। नंद घर आनंद भैया जय कन्हैया लाल की इस धुन पर फूलों की वर्षा मेवा मिष्ठानों की वर्षा खिलौने की वर्षा टोफियों की वर्षा होने लगी। भारी संख्या में आई हुई भक्त जनों की भीड़ में कृष्ण जन्म का बड़ा भारी आनंद लिया पंडाल में वृंदावन जैसा माहौल बन गया।
कथा में प्रतिदिन महान संतो के दर्शन का लाभ भी श्रोताओं का प्राप्त हो रहा है
अपार भीड़ के साथ आज कथा में पधारे ऋषि उपाध्याय, राजकुमार उपाध्याय, समाजसेवी श्याम चांदनी भोजवानी, हिमेश बित्थरिया, राजेश रावती, कौशल शर्मा, वीरेंद्र शर्मा, संजय उपाध्याय, राम दत्त मुदगल, राम गोपाल बित्थरिया, हीमेश, पवन मिश्रा, जितेंद्र कुमार शर्मा आदि ने कथा श्रवण की। 3 मई को पंचम दिवस की कथा दोपहर 2 बजे से आरम्भ होगी।
: सतगुरु मेरा सदा दयाला मोहें दीन को राख लिया
Wed, May 1, 2024
आगरा। गुरुद्वारा दशमेश दरबार शहीद नगर विभव नगर आगरा पर धन धन साहिब श्री गुरु अर्जुन देव जी के प्रकाश पर्व को समर्पित विशेष घर घर बाबा गाविए - कीर्तन समागम में गुरु रूप साध संगत ने परिवार सहित पहुंचकर साहिब श्री धन धन गुरु ग्रंथ साहिब जी को शीश नवाया वह गुरु की पावन पवित्र गोद में कीर्तन समागम का माण लिया।
भाई साहब भाई हरजोत सिंह समूह सेवक जत्था संत बाबा सुरेंद्र सिंह गुरुद्वारा मिठ्ठा खुह वालों द्वारा गुरु की अमोलक शब्द गुरवाणी कीर्तन कथा से गुरु अर्जुन देव साहिब जी की उपमा का वर्णन कर गुरु की सच्ची राह पर चलने की प्रेरणा दी। शब्द, तू मेरो प्यारो ता कैसी भूखा तू मन वसेया लगे ना दुखा,,,, जपियो जिन अर्जन देव गुरु फिर संकट जोन गर्भ ना आओ,,, ज्ञानी जी द्वारा अरदास हुकुमनामा के साथ सभी गुरु रूप गुरु प्यारी संगत ने लंगर पाकर गुरु का शुकराना किया।
लंगर की सेवा में विशेष रूप से भाई हरजिंदर सिंह सुखमनी सेवा सभा, मुख्य रूप से भाई हरपाल सिंह प्रधान, राजू सलूजा, गुरु सेवक श्याम भोजवानी, मलकीत सिंह, इंद्रजीत सिंह, सुरेंद्र सिंह लवली, गुरजिंदर सिंह, देवेंद्र सिंह जुल्का, पिंकी वीर, सुरेंद्र सिंह लाडी, हरजोत सिंह, हरजिंदर सिंह आदि उपस्थित रहे।