: स्मार्ट फुटवियर और एआई के इस्तेमाल से फुटवियर सेक्टर का लीडर बनेगा भारत
Sat, Oct 28, 2023
मीट एट आगरा के दूसरे दिन तकनीकि सत्र में विषेशज्ञों ने साझा किये अपने अनुभव
शाम तक चले फेयर में दूसरे दिन पहुंचे 3421 विजिटर्स, उद्यमियों में दिखा ख़ास उत्साह
आगरा। फुटवियर तकनीकि की रचनात्मकता दुनिया में किस प्रकार भारतीय फुटवियर उद्योग नवीनतम तकनीकि और क्वालिटी के दम पर वर्ल्ड लीडर बनने की राह में आगे बढ़ रहा है, कुछ ऐसी उत्साहजनक बातों के बीच शनिवार को गांव सिंगना स्थित आगरा ट्रेड सेंटर पर चल रहे मीट एट आगरा में ऐसी तमाम बातें सामने आईं जिससे साफ़ दिखा कि ताज नगरी की जमीं किस तरह औद्योगिक क्रांति का सिरमौर बनने जा रही है।
तकनीकि सत्र में विशेषज्ञों ने रखी बात
एफमेक द्वारा आयोजित ‘मीट एट आगरा’ के 15वें संस्करण के दूसरे दिन तकनीकि सत्र में तीन पैनल्स में अलग अलग विषयों पर विशेषज्ञों ने अपनी बात रखी। प्रथम पैनल सस्टेनेबल मैन्यूफैक्चरिंग एन्ड वे फॉरवर्ड यानी सतत विनिर्माण आगे बढ़ने का रास्ता विषय पर रहा। जिन्हे अपने प्रभावी अंदाज़ में ज़ी बिज़नेस के एसएमई एडिटर सौरभ मनचंदा ने मॉडरेट किया।
उद्यमी करें ग्रीन मेन्यूफेक्चरिंग को अडॉप्ट
सत्र में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए प्रदेश सरकार में पर्यावरण, वन जलवायु परिवर्तन के अपर मुख्य सचिव मनोज सिंह (आईएएस) ने सस्टेनेबिलिटी पर बात करते हुए कहा की उद्यमी ग्रीन मेन्यूफेक्चरिंग को अडॉप्ट करें इसके लिए सरकार के सतत प्रयास जारी हैं हमारी कई योजनाएं इस दिशा में तेजी से काम कर रही हैं।
सीएलई के कार्यकारी निदेशक आर. सेल्वम (आईएएस) ने कहा बदलते दौर में इंडट्री मजबूती से खड़ी हो इसके लिए अलग-अलग क्लस्टर में हम जागरूक कार्यक्रम कर रहे हैं अधिकतर लैदर सेक्टर में एमएसएमसी काम कर रहे हैं, इनके विकास में सीएलई अहम् भूमिका निभा रही है। फिनिश्ड लैदर पैनल के संयोजक एन. शफीक अहमद ने सस्टेनेबिलिटी की दिशा में खुद को आगे लाकर किस प्रकार ग्लोबल सप्लाई चैन मजबूत कर सकते हैं इस पर प्रकाश डाला।
इफ्कोमा के अध्यक्ष संजय गुप्ता ने कहा की फुटवियर में 32 कम्पोनेंट्स इस्तेमाल होते हैं। हम लगातार सस्टेनेबिलिटी के जरिये ग्लोबल सप्लाई चेन को मजबूत करने पर काम कर रहे हैं।
रैम्बल के निदेशक नीरज गर्ग ने इनोवेशन और सस्टेनेबिलिटी सोल्यूशन की बात करते हुए ग्लोबल बेस्ट प्रेक्टिस को अपनाने के लिए उद्यमियों का आह्वान किया।
कॉन्सेप्ट कंसीवर्स और एक्ज़ीक्यूटर्स के एमडी गगन छाबड़ा और संतोष परगाल एंड कंपनी के एमडी संजय परगाल ने सस्टेनेबिलिटी के मायने समझते हुए इंडस्ट्री की जमीनी हकीकत से सभी को रूबरू कराते हुए सरकार से ग्रीन एनर्जी पर सब्सिडी बढ़ाकर इसके प्रोत्साहन पर जोर दिया।
नई तकनीकि और इनोवेशन पर करें फोकस
दूसरे पैनल में एफमेक महासचिव राजीव वासन ने नई तकनीकि और इनोवेशन पर फोकस करने की बात कही। गुप्ता एच.सी. ओवरसीज के निदेशक चेतन गुप्ता ने ब्राण्डिंग के महत्त्व पर प्रकाश डाला, वहीं ईशान कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग के निदेशक प्रो. (डॉ.) पंकज शर्मा ने स्मार्ट फुटवियर में एआई के इस्तेमाल के विभिन्न पहलुओं को समझाया। एफएएफएम के अध्यक्ष कुलदीप कोहली ने डिज़िटल मार्केटिंग के महत्व और इसकी उपयोगिता पर अपने अनुभव साझा किये, एस. लैमोस शूज़ के नकुल मनचंदा ने डिजिटल मार्केटिंग को वक्त कि जरुरत बताया, डीटीयू के प्रो. (डॉ.) राहुल कटारिया ने ग्लोबलाइजेशन और बदलाव के दौर में खुद को आगे ले जाने के लिए एआई और डिजिटल मार्केटिंग को इस्तेमाल में लाने की जरुरत पर जोर दिया।
अनिश्चितता के माहौल में बैंक इंडस्ट्री को करें सपोर्ट
बैंक फंडिंग बनाम वेंचर कैपिटल एन्ड इंफ्रा सॉल्यूशंस पर बात करते हुए एफमेक अध्यक्ष पूरन डावर ने कहा रसिया यूक्रेन युद्ध से वैश्विक बाज़ार में अनिश्चितता का माहौल है ऐसे में जरुरत हैं बैंक इंडस्ट्री को सपोर्ट करें। साथ ही उन्होंने आगरा को लैदर फुटवियर में मिले जीआई टैग से इंडस्ट्री को मिलने वाले बल पर जानकारी दी। सीएलई के वाइस चेयरमैन आर.के. जालान में बताया की कई वेंचर आज फुटवियर सेक्टर में आना चाहते हैं यह इस इंडस्ट्री के लिए अच्छे संकेत हैं। डीजीएम-एसएमई दिल्ली सर्कल, एसबीआई के तपन शर्मा, एचडीएफसी के वाईस प्रेजिडेंट एवं जोनल हेड मनोज चतुर्वेदी, रीजनल हेड एवं डीजीएम बिजनेस बैंकिंग, आईसीआईसीआई बैंक के कमल सिंह ने अपने सम्बोधन में बताया कि बैंक किस प्रकार अपनी तमाम योजनाओं के माध्यम से इंडस्ट्री को गति देने का काम कर रहे हैं। सीए देवेश अग्रवाल ने फाइनेंशियल डिसीप्लेन के महत्त्व को बताया वहीं ईसीजीसी के उमेश वर्मा ने इंडस्ट्री रिस्क प्रबंधन पर विभागीय प्रयासों को साझा किया। इस दौरान एनआईडी अहमदाबाद के अशोक मंडल ने एक प्रजेंटेशन के जरिये वर्तमान समय में फुटवियर इंडस्ट्री में नवाचार को समझाया।
शाम तक आते रहे विजिटर्स
दूसरे दिन सुबह से लेकर देर शाम तक लगातार विज़िटर्स का आना जारी रहा, न सिर्फ फैक्ट्री ऑनर्स ने इस आयोजन में सिरकत की, बल्कि भविष्य की उद्यमियों ने भी इस एग्जिविशन में हिस्सा लिया। ऐसा लग रहा था इस आयोजन में सहभागिता के मौके को इंडस्ट्री से जुड़ा कोई भी कारोबारी चूकना नहीं चाहता था। शनिवार को कुल 3421 विजिटर्स ने भाग लिया।
मुख्य रूप से हुए शामिल
इस दौरान एफमेक के सचिव ललित अरोरा, प्रदीप वासन, सुधीर गुप्ता, एफएएफएम के अध्यक्ष कुलदीप सिंह कोहली, एएसएमए के अध्यक्ष उपिंदर सिंह लवली, एफमेक के चन्द्रशेखर जीपीआई, रोमी मगन आदि विशेष रूप से मौजूद रहे।
: मीट एट आगरा में एक छत के नीचे दिख रहा है जूता उद्योग में आधुनिकता और इनोवेशन का संगम
Fri, Oct 27, 2023
‘मीट एट आगरा’ के 15वें संस्करण हुआ हुआ शानदार आगाज
3254 विजिटर ने पहले दिन फेयर में किया प्रतिभाग
आगरा। तेजी से बढ़ती भारत भारतीय अर्थव्यवस्था के बीच भारत विश्व की ग्लोबल फैक्ट्री के रूप में उभर रहा है। आज हम कह सकते हैं यह भारत की सदी है। यह बात ‘मीट एट आगरा’ के 15वें संस्करण के उद्घाटन सत्र में मुख्य अतिथि के रूप में अपने सम्बोधन में भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्यमंत्री प्रो. एसपी सिंह बघेल ने कहीं। उन्होंने आगरा के लेदर फुटवियर को मिले भौगोलिक संकेत यानि जीआई टैग के लिए उधमियों को बधाई भी दी कहा कि आगरा के साथ आस पास के अन्य उत्पादों को भी जीआई टैग मिलना चाहिए। इससे पहले कार्यक्रम उद्घाटन मुख्य अतिथि केंद्रीय मंत्री प्रो. एसपी सिंह बघेल, एडीजी पुलिस अनुपम कुलश्रेष्ठ, एफडीडीआई के सचिव एवं प्रबंध निदेशक पंकज सिन्हा, प्रसिद्ध जीआई विशेषज्ञ पद्मश्री डॉ. रजनी कांत द्विवेदी, एलएसएससी के अध्यक्ष पीआर अकील अहमद, एफमेक अध्यक्ष पूरन डावर, ऑर्गनाजिंग कमेटी के अध्यक्ष गोपाल गुप्ता ने संयक्त रूप से किया।
इस मौके पर एफमेक अध्यक्ष पूरन डावर ने अपने स्वागत भाषण में कहा कि आने वाले सालों में दुनिया भर में फुटवियर के व्यापार में तेजी आने का अंदेशा लगाया जा रहा है लेकिन दुनिया के बाकी देशों के मुकाबले भारत का फुटवियर उद्योग कई गुना ज्यादा तेजी से बढ़ेगा 2030 तक लगभग 13 फ़ीसदी कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट के साथ भारत में फुटवियर उद्योग 8 गुना बढ़ने की उम्मीद है जबकि फिलहाल विश्व में फुटवियर उद्योग 2.8 फ़ीसदी कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट के साथ बढ़ रहा है जबकि भारत में अभी 9.8 फ़ीसदी कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट के साथ बढ़ रहा है।
प्रसिद्ध जीआई विशेषज्ञ पद्मश्री डॉ. रजनी कांत द्विवेदी ने आगरा को मिले भौगोलिक संकेत यानि जीआई टैग मिलने पर एफमेक के प्रयासों की सराहना करते हुए इसके उद्योग को क्या लाभ होंगे इसपर प्रकाश डाला। एडीजी पुलिस अनुपम कुलश्रेष्ठ आगरा के जूता उद्योग की वैश्विक पहचान के लिए यहाँ के उद्यमियों की भूमिका को सराहा।
इस मौके पर एलएसएससी के अध्यक्ष पीआर अकील अहमद ने कहा कि भारत फुटवियर और चमड़े के परिधान का दूसरा सबसे बड़ा उत्पादक है। भारत में दुनिया की टेनरी का हिस्सा लगभग 3 बिलियन वर्ग फुट है। देश में लगभग 7,000 लघु उद्योग इकाइयां फुटवियर क्षेत्र से जुड़ी हुई हैं, जो देश की अर्थव्यवस्था और विदेशी मुद्रा आय के लिए बहुत महत्वपूर्ण है।
एफडीडीआई के सचिव एवं प्रबंध निदेशक पंकज सिन्हा ने कहा कि भारत में स्किल की कमी नहीं है हमें अपनी हुनर को निखाकर भारत की मजबूत अर्थव्यवस्था में सहभागी बनने की जरुरत है। वहीं देश में पांच लाख जोड़ी जूता प्रतिदिन बनाकर दुनियां के सबसे बड़े जूता निर्यातक बने सीआईएफआई के अध्यक्ष वी. नौशाद ने अपने अनुभव साझा करते हुए 1000 जोड़ी के प्रोडक्शन से किस प्रकार 5 लाख जोड़ी प्रतिदिन का लक्ष्य को हासिल के गुर उद्यमियों से साझा किये। कार्यक्रम का सञ्चालन डॉ. तरुण शर्मा ने किया। अंत में धन्यवाद ज्ञापन इफ्कोमा के अध्यक्ष संजय गुप्ता ने किया ।
पहले दिन पहुंचे 3254 विजिटर्स
फेयर के पहले दिन कुल 3254 विजिटर पहुंचे। ऑर्गनाजिंग कमेटी के अध्यक्ष गोपाल गुप्ता ने बताया कि इस फेयर में इस बार 220 एग्जीबिटर्स स्टॉल लगे हैं जिनपर देश के 100 से अधिक ब्रांड्स के उत्पादों का प्रदर्शन हो रहा है। इस एग्जिविशन में आधुनिकता और इनोवेशन पर फोकस किया गया है।
इनको किया गया सम्मानित
एक्सीलेंस इन फुटवियर एक्सपोर्ट में तीन जूता निर्यातकों को और एक्सीलेंस इन फुटवियर कम्पोनेंट्स के एक उत्पादक को अवार्ड प्रदान किया गया यह अवार्ड केंद्रीय मंत्री प्रो. एसपी सिंह बघेल ने प्रदान किये।
एक्सीलेंस इन फुटवियर एक्सपोर्ट
गोपाल गुप्ता - गुप्ता एचसी ओवरसीज
गौतम मेहरा - लाइनर शू
कुलबीर सिंह - रोज़र एक्सपोर्ट्स
एक्सीलेंस इन फुटवियर कम्पोनेंट्स
कपिल पलवार- डीएसएम सोल
इस दौरान विशेष रूप से मौजूद रहे
इस दौरान एफमेक के सचिव ललित अरोरा, वरिष्ठ उपाध्यक्ष राजेश सहगल, सुधीर गुप्ता,सीएलई के रीजनल चेयरमैन मोतीलाल सेठी और एफएएफएम के अध्यक्ष कुलदीप सिंह कोहली, एएसएमए के अध्यक्ष ओपिंदर सिंह लवली, एफमेक के चन्द्रशेखर जीपीआई, अनिल मगन, दीपक मनचंदा, एसके वर्मा आदि विशेष रूप से मौजूद रहे।
: मीट एट आगरा : तीन दिन विश्व के फुटवियर ट्रेड की मेजबानी करेगा आगरा
Fri, Oct 27, 2023
आगरा। दुनिया के फुटवियर बाजार की मेजबानी करने के लिए आगरा पूरी तरह तैयार हो चुका है। 30 से अधिक देश और लगभग 220 से अधिक एग्जीबिटर्स एक छत के नीचे फुटवियर ट्रेड के महाकुम्भ कहे जाने वाले मीट एट आगरा के पन्द्रहवें संस्करण में शामिल होने आगरा आ चुके हैं। इस भव्य आयोजन की तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा चुका है।
फुटवियर मैन्युफेक्चरर्स एंड एक्सपोर्टर्स चैम्बर (एफमेक) द्वारा सींगना स्थित आगरा ट्रेड सेंटर पर आयोजित हो रहा तीन दिवसीय फेयर मीट एट आगरा कल 27 से 29 अक्टूबर तक चलेगा। गुरुवार को इस आयोजन को लेकर में सींगना स्थित आगरा ट्रेड सेंटर पर एक प्रेसवार्ता आयोजित की गई।
आयोजन के विषय में जानकारी देते हुए एफमेक अध्यक्ष पूरन डावर ने कहा कि मीट एट आगरा इस बार अब तक का सबसे ख़ास आयोजन होने जा रहा है। डेढ़ दशक की अपनी यात्रा में इस आयोजन ने देश में ही नहीं दुनिया में भी अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है। फुटवियर, कम्पोनेंट्स के साथ जूता बनाने की दुनियां की अत्याधुनिक टेक्नोलॉजी की मशीनरी यहाँ देखने को मिलेगी। इससे आगरा ही नहीं देश के विभिन्न प्रदेशों के कारोबारी लाभान्वित होंगे। भारतीय फुटवियर उद्योग की बात करें तो यह बाज़ार समय के साथ तेजी से बदल रहा है और लगातार अपना दायरा बढ़ा रहा है।
बदलती लाइफस्टाइल समय के साथ बढ़ती आधुनिकता की वजह से फुटवियर की मांग हर रोज बढ़ रही है। अलग-अलग वैरायटी, डिजाइन बदलते फैशन और लोगों की जरूरतों ने इस उद्योग को पंख लगा दिए हैं साथ ही ई-कॉमर्स और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के आने से फुटवियर इंडस्ट्री को काफी फायदा हो रहा है। भारत ही नहीं दुनिया भर में फुटवियर का बाजार तेजी से बढ़ रहा है। अगर इस इंडस्ट्री को आंकड़ों के जरिए समझें तो 2022 में फुटवियर का वैश्विक बाजार 382 बिलियन डॉलर का रहा जबकि भारत में 2022 में फुटवियर उद्योग 15 बिलियन डॉलर से ऊपर जा पहुंचा। यह इस बात को समझने के लिए पर्याप्त हैं कि भारतीय अर्थव्यवस्था में फुटवियर उद्योग की कितनी महत्वपूर्ण भूमिका है ऐसे में इस प्रकार के आयोजन अर्थव्यवस्था को गति देने का काम करते हैं।
एफमेक कन्वीनर कैप्टन ए. एस. राणा ने कहा कि अगर प्रति प्यक्ति कंजप्शन को देखा जाए तो दुनिया में हर व्यक्ति साल में औसतन लगभग 3 जोड़े यानि 2.9 जोड़े फुटवियर का इस्तेमाल करता है जबकि भारत में हर व्यक्ति साल में ओसत दो जोड़े से कम यानि 1.8 जोड़े फुटवियर का इस्तेमाल करता है। माना जा रहा है कि समय के साथ बड़ी संख्या में भारतीय आबादी के मिडिल क्लास सेगमेंट में जाने से फुटवियर का उपभोग और डिमांड तेजी से उपर जाने की उम्मीद है।
वरिष्ठ उपाध्यक्ष राजेश सहगल ने कहा कि अब वक्त है हम अपने प्रोडक्ट्स की क्वालिटी वैश्विक बाजार को ध्यान में रखकर विकसित करें। यह फेयर इस कारोबार से जुड़े हर व्यक्ति के लिए गूगल सर्च इंजन की तरह एक है जहाँ हम वो सब कुछ एक छत के नीचे पाएंगे जो आज हमारी जरुरत है।
ओर्गनाइजिंग कमेटी के चेयरमैन गोपाल गुप्ता ने कहा कि फुटवियर के प्रोडक्शन और कंजप्शन के मामले में भारत दुनिया में दूसरे स्थान पर आता है। केवल चीन ही इन दोनों पहलुओं पर भारत से आगे है। दुनिया में कुल फुटवियर उत्पादन में शीर्ष 10 देशों की बात करें तो चीन इसमें पहले पायदान पर आता है। हम सरकारों के सहयोग से इस स्थिति को बदल सकते हैं। बस आवश्यकता है उत्तम गुणवत्ता के साथ प्रोडक्शन की।
भारत दुनिया में दूसरे स्थान पर
एफमेक सचिव ललित अरोड़ा ने कहा कि भारत दुनिया में दूसरा सबसे बड़ा फुटवियर उत्पादक है और हम अपने उत्पादन का 10 फीसदी हिस्सा निर्यात करते हैं लेकिन हम अपनी फुटवियर जरूरतों को खुद पूरा करने में आज सक्षम है। भारत में बनने वाले कुल उत्पादन में से 90 फीसदी फुटवियर का का इस्तेमाल देश में ही किया जाता है ।
शुक्रवार को होगा फेयर का उदघाटन होगा
शुक्रवार से शुरू होने जा रहे इस तीन दिवसीय फेयर का उदघाटन भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री प्रो. एसपी सिंह बघेल एवं प्रदेश सरकार के केबिनेट योगेंद्र उपाध्याय, सांसद राजकुमार चाहर द्वारा किया जाएगा।
इस मौके पर एफमेक के अनिरुद्ध तिवारी, कपिल मगन, सुधीर गुप्ता, चंद्र शेखर जीपीआई, सीएलई के आर.के. शुक्ला आदि विशेष रूप से मौजूद रहे।