: मीट एट आगरा : तीन दिन विश्व के फुटवियर ट्रेड की मेजबानी करेगा आगरा
Fri, Oct 27, 2023
आगरा। दुनिया के फुटवियर बाजार की मेजबानी करने के लिए आगरा पूरी तरह तैयार हो चुका है। 30 से अधिक देश और लगभग 220 से अधिक एग्जीबिटर्स एक छत के नीचे फुटवियर ट्रेड के महाकुम्भ कहे जाने वाले मीट एट आगरा के पन्द्रहवें संस्करण में शामिल होने आगरा आ चुके हैं। इस भव्य आयोजन की तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा चुका है।
फुटवियर मैन्युफेक्चरर्स एंड एक्सपोर्टर्स चैम्बर (एफमेक) द्वारा सींगना स्थित आगरा ट्रेड सेंटर पर आयोजित हो रहा तीन दिवसीय फेयर मीट एट आगरा कल 27 से 29 अक्टूबर तक चलेगा। गुरुवार को इस आयोजन को लेकर में सींगना स्थित आगरा ट्रेड सेंटर पर एक प्रेसवार्ता आयोजित की गई।
आयोजन के विषय में जानकारी देते हुए एफमेक अध्यक्ष पूरन डावर ने कहा कि मीट एट आगरा इस बार अब तक का सबसे ख़ास आयोजन होने जा रहा है। डेढ़ दशक की अपनी यात्रा में इस आयोजन ने देश में ही नहीं दुनिया में भी अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है। फुटवियर, कम्पोनेंट्स के साथ जूता बनाने की दुनियां की अत्याधुनिक टेक्नोलॉजी की मशीनरी यहाँ देखने को मिलेगी। इससे आगरा ही नहीं देश के विभिन्न प्रदेशों के कारोबारी लाभान्वित होंगे। भारतीय फुटवियर उद्योग की बात करें तो यह बाज़ार समय के साथ तेजी से बदल रहा है और लगातार अपना दायरा बढ़ा रहा है।
बदलती लाइफस्टाइल समय के साथ बढ़ती आधुनिकता की वजह से फुटवियर की मांग हर रोज बढ़ रही है। अलग-अलग वैरायटी, डिजाइन बदलते फैशन और लोगों की जरूरतों ने इस उद्योग को पंख लगा दिए हैं साथ ही ई-कॉमर्स और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के आने से फुटवियर इंडस्ट्री को काफी फायदा हो रहा है। भारत ही नहीं दुनिया भर में फुटवियर का बाजार तेजी से बढ़ रहा है। अगर इस इंडस्ट्री को आंकड़ों के जरिए समझें तो 2022 में फुटवियर का वैश्विक बाजार 382 बिलियन डॉलर का रहा जबकि भारत में 2022 में फुटवियर उद्योग 15 बिलियन डॉलर से ऊपर जा पहुंचा। यह इस बात को समझने के लिए पर्याप्त हैं कि भारतीय अर्थव्यवस्था में फुटवियर उद्योग की कितनी महत्वपूर्ण भूमिका है ऐसे में इस प्रकार के आयोजन अर्थव्यवस्था को गति देने का काम करते हैं।
एफमेक कन्वीनर कैप्टन ए. एस. राणा ने कहा कि अगर प्रति प्यक्ति कंजप्शन को देखा जाए तो दुनिया में हर व्यक्ति साल में औसतन लगभग 3 जोड़े यानि 2.9 जोड़े फुटवियर का इस्तेमाल करता है जबकि भारत में हर व्यक्ति साल में ओसत दो जोड़े से कम यानि 1.8 जोड़े फुटवियर का इस्तेमाल करता है। माना जा रहा है कि समय के साथ बड़ी संख्या में भारतीय आबादी के मिडिल क्लास सेगमेंट में जाने से फुटवियर का उपभोग और डिमांड तेजी से उपर जाने की उम्मीद है।
वरिष्ठ उपाध्यक्ष राजेश सहगल ने कहा कि अब वक्त है हम अपने प्रोडक्ट्स की क्वालिटी वैश्विक बाजार को ध्यान में रखकर विकसित करें। यह फेयर इस कारोबार से जुड़े हर व्यक्ति के लिए गूगल सर्च इंजन की तरह एक है जहाँ हम वो सब कुछ एक छत के नीचे पाएंगे जो आज हमारी जरुरत है।
ओर्गनाइजिंग कमेटी के चेयरमैन गोपाल गुप्ता ने कहा कि फुटवियर के प्रोडक्शन और कंजप्शन के मामले में भारत दुनिया में दूसरे स्थान पर आता है। केवल चीन ही इन दोनों पहलुओं पर भारत से आगे है। दुनिया में कुल फुटवियर उत्पादन में शीर्ष 10 देशों की बात करें तो चीन इसमें पहले पायदान पर आता है। हम सरकारों के सहयोग से इस स्थिति को बदल सकते हैं। बस आवश्यकता है उत्तम गुणवत्ता के साथ प्रोडक्शन की।
भारत दुनिया में दूसरे स्थान पर
एफमेक सचिव ललित अरोड़ा ने कहा कि भारत दुनिया में दूसरा सबसे बड़ा फुटवियर उत्पादक है और हम अपने उत्पादन का 10 फीसदी हिस्सा निर्यात करते हैं लेकिन हम अपनी फुटवियर जरूरतों को खुद पूरा करने में आज सक्षम है। भारत में बनने वाले कुल उत्पादन में से 90 फीसदी फुटवियर का का इस्तेमाल देश में ही किया जाता है ।
शुक्रवार को होगा फेयर का उदघाटन होगा
शुक्रवार से शुरू होने जा रहे इस तीन दिवसीय फेयर का उदघाटन भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री प्रो. एसपी सिंह बघेल एवं प्रदेश सरकार के केबिनेट योगेंद्र उपाध्याय, सांसद राजकुमार चाहर द्वारा किया जाएगा।
इस मौके पर एफमेक के अनिरुद्ध तिवारी, कपिल मगन, सुधीर गुप्ता, चंद्र शेखर जीपीआई, सीएलई के आर.के. शुक्ला आदि विशेष रूप से मौजूद रहे।
: रास गरबा में दिखी नृत्य की इंद्रधनुषी छटा, होली पब्लिक ग्रुप के छात्रों ने किया धमाल
Sat, Oct 21, 2023
आगरा। इनक्रेडिबल ताज कंसर्ट के अंतर्गत आगरा डवलपमेंट फॉउंडेशन (आईडीएफ) द्वारा आयोजित नवरात्रि रास गरबा के द्वितीय संस्करण में छठवें दिन शनिवार को जोनल पार्क चौपाटी के एमपी थियेटर में नवरात्रि रास गरबा का आयोजन हुआ जिसमें होली पब्लिक ग्रुप ऑफ स्कूल्स परिवार ने प्रतिभाग किया। छात्रों, शिक्षकों व अभिभावकों ने एक से एक अद्धभुत प्रस्तुति देकर सभी को रोमांचित कर दिया। गरबा परमात्मा के नारी रूप की श्रद्धा और पूजा की अभिव्यक्ति है, जिसके माध्यम से भक्त उस देवी के प्रति प्रेम और कृतज्ञता व्यक्त करते हैं, जिन्होंने हमें अपनी बाह्य व आंतरिक बुराइयों को नष्ट करने और अपने अंदर की सकारात्मक ऊर्जा तक पहुँचने के लिए प्रेरित किया। यह बात मुख्य नगर नियोजक मुख्य अतिथि प्रभात कुमार ने अपने सम्बोधन में कही।
इससे पूर्व कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अतिथि मुख्य नगर नियोजक प्रभात कुमार, विशिष्ट अतिथि अलका सिंह खिरवार, एडीएम एफआर यशवर्धन श्रीवास्तव एवं वरिष्ठ मण्डल उप महाप्रबंधक रेलवे अमन वर्मा आगरा, डीजीसी रिवेन्यू अशोक चौबे, होली पब्लिक ग्रुप के चेयरमैन संजय तोमर को-चेयरपर्सन राधा तोमर ने संयक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया गया।
इस गरबा कार्यक्रम में विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने अपने अभिभावकों व शिक्षकों के साथ जमकर ठुमके लगाए। इस दौरान स्कूल चेयरमैन संजय तोमर ने कहा कि आगे भी इस तरह के कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे जिससे आगरा में पर्यटकों का रात्रि प्रवास हो सके। इस दौरान कार्यक्रम में अतिरिक्त कलाकारों ने भी बेहतरीन प्रस्तुतियाँ दीं। इन कलाकारों के साथ लोग भी देर रात तक डांडिया की मस्ती में झूमते रहे।
विद्यालय के प्रबंधन के सभी सदस्यों ने एवं स्कूल प्रधानाचार्य सोनिका चौहान ने डांडिया नर्तकों व नर्तकियों का हौसला बढ़ाते हुए उनके साथ कदम से कदम मिलाकर गरबा कर सभी का दिल जीत लिया। कार्यक्रम में बेहतर प्रस्तुति व आकर्षक वेशभूषा के लिए विजेताओं को पुरस्कृत भी किया गया।
इस मौके पर भारत विकास परिषद के डॉ. तरुण शर्मा, एड. बसंत गुप्ता, सोम देव सारस्वत, धरम गोपाल मित्तल, एड. अखिलेश भटनागर, राजेश गोयल, मुकेश मित्तल विशेष रूप से मौजूद रहे। इस दौरान होली पब्लिक स्कूल की डायरेक्टर शम्मी तोमर, को-डायरेक्टर शिविका तोमर, स्कूल प्रधानाचार्या, सोनिका चौहान सिटी कॉर्डिनेटर् ऋचा शर्मा आदि ने अतिथियों का स्वागत किया। संचालन अविनाश वर्मा ने किया।
: कौशल विकास ही बन सकती है शिक्षा को रोजगार से जोड़ने की कड़ीः स्वाति जैन
Mon, Oct 16, 2023
लीडर्स आगरा ने आयोजित की शिक्षा एवं रोजगार विषय पर विचार गोष्ठी
वक्ता बोले, प्रतिभा पलायन रोकना है जो नौकरी करने से ज्यादा नौकरी देने वाले बनें
आगरा। प्रतिभा की पलायन यदि अपने शहर से रोकना चाहते हैं तो बच्चाें को उच्च शिक्षा दें किंतु स्वयं का उद्योग करने के लिए भी प्रेरित करें। शिक्षा रोजगार तभी दे सकती है जब उसमें कौशल विकास का आधार शामिल हो। यह कहना था मुख्य वक्ता डॉ स्वाति जैन (वरिष्ठ प्रोफेसर, सुबोध महिला महाविद्यालय, जयपुर) का।
रविवार को आवास विकास स्थित होटल शिवम इन में लीडर्स आगरा द्वारा शिक्षा एवं रोजगार विषय पर चिंतन− मंथन विचार गोष्ठी का आयाेजन किया गया।
गोष्ठी का आरंभ मुख्य अतिथि केंद्रीय मंत्री प्रो. एसपी सिंह बघेल और प्रो. आशु रानी (कुलपति, डॉ बीआर आंबेडकर विवि), कार्यक्रम अध्यक्ष पूरन डावर, अध्यक्ष डॉ पार्थ सारथी शर्मा, महामंत्री सुनील जैन ने दीप प्रज्जवलित कर किया।
मुख्य अतिथि केंद्रीय मंत्री प्रो एसपी सिंह बघेल ने समान शिक्षा की अवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि अधिकारी और चपरासी के बच्चे जब एक ही कक्षा में पढ़ेंगे तभी समाज में समानता आएगी। साथ ही उन्होंने कहा कि सवर्णों की आयु सीमा प्रतियोगी परीक्षाओं में बढ़ा देनी चाहिए।
मुख्य वक्ता स्वाति जैन ने कहा कि शिक्षा और रोजगार के बीच की कड़ी कौशल विकास है, जिसे अब तक अनदेखा किया गया था किंतु नई शिक्षा नीति में कौशल विकास पर अधिक जोर दिया जा रहा है। लेकिन सफर बभी बहुत लंबा है इसमें सरकार, छात्र, शिक्षक आदि सभी को साथ मिलकर कार्य करना होगा।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए पूरन डावर ने कहा कि शिक्षा सिर्फ नौकरी का साधन नहीं है। और न ही कोई भी कार्य छोटा होता है। शिक्षा का प्रयोग आर्थिक स्वतंत्रता के लिए कीजिए। नंबरों के फेर में न उलझे बल्कि काबिलियत को देखें।
युवा अपना स्टार्ट अप आरंभ करने के लिए उनके पास आकर सहयोग प्राप्त कर सकते हैं। स्वयं को स्थापित करने के लिए स्वयं की प्रतिभा पर विश्वास करना आवश्यक है। प्रो. आशु रानी ने विवि द्वारा संचालित रोजगार परक कोर्स एवं सरकार की विभिन्न योजनाओं के बारे में चर्चा की।
संस्था के अध्यक्ष डॉ पार्थ सारथी शर्मा ने कहा कि परिवार को यदि जोड़े रखना चाहते हैं तो युवा पीढ़ी को पैतृक काम से जाेड़ें। उन्हें पारंपरिक व्यवसाय का आधुनिकरण करने दें। तभी वे अपनी जड़ों से जुड़े रहेंगे।
कार्यक्रम का संचालन करते हुए महामंत्री सुनील जैन ने कहा कि अभिभावक संतान के जन्म के साथ ही उसकी शिक्षा और फिर सरकारी नौकरी प्राप्त करने को ही ध्येन बना लेते हैं। यही सोच का बीज वे बच्चों में रोपते हैं। जबकि सरकारी नौकरियां सीमित मात्रा में होती है। नतीजन बेराेजगारी बढती है। चिंतन का उद्देश्य है कि बच्चे नौकरी करने वाले से अधिक नौकरी देने वाले बनें। अपने पारिवारिक व्यवसाय से उन्हें जोड़ें ताकि प्रतिभा पलायन के साथ परिवारों का विघटन रुके। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा उपलब्ध कराए गए ऋण एवं योजनाओं का लाभ अपने उद्योग में ले सकते हैं। महिला समूह योजना से महिला स्वालंबन बढ़ रहा है।
लघु उद्योग भारती ब्रज संभाग अध्यक्ष भुवेश अग्रवाल ने कहा शिक्षा ऐसी हो जो रोजगार ही नहीं स्वरोजगार की ओर ले जाए।
इसी कड़ी में डॉ अनंत प्रकाश प्रकाश गुप्ता (विभागाध्यक्ष राजस्थान विद्यापीठ होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज, उदयपुर), जेल अधिक्षक फतेहगढ़ भीमसेन मुकुंद, संजय मिश्रा, भास्कर शर्मा, स्वागत अध्यक्ष मनोज बघेल ने भी अपने विचार रखे। इस अवसर पर (प्रो) डॉ. अनंत प्रकाश गुप्ता की पुस्तक एलेंस किनोट्स का विमोचन किया गया।
कार्यक्रम में अंजलि गुप्ता, डॉ अशोक कुशवाह, श्रीकांत शर्मा, राहुल जैन,निर्मला शर्मा, ओमप्रकाश, राहुल वर्मा, आयुषी गुप्ता, एस. के बग्गा, नवीन चंचल, राजू सविता, राहुल जैन, विजय जैन, धीरज जैन, अरुण गंगोत्री, रीतेश प्रजापति, जवाहर चौधरी, मोहिनी शर्मा, ओमप्रकाश गोला, श्यामवीर सिंह, मनीषा चौधरी, सिंपल अग्रवाल, सुधीर चौधरी, पार्षद निरंजन सिंह कैंप, बबली धाकड़, अंशु भटनागर आदि उपस्थित रहे।
https://youtu.be/JHlHAr3Xxo4आवास विकास कॉलोनी स्थित होटल शिवम इन में लीडर्स आगरा द्वारा आयोजित गोष्ठी में विचार रखते केंद्रीय मंत्री प्रो एसपी सिंह बघेल।
साथ हैं मनचसीन पूरन डावर, प्रो आशु रानी, सुनील जैन, डॉ पार्थ सारथी शर्मा व अन्य