: एक जियाला हुआ था बृज में, नाम गोकुला वीर था…
Mon, Feb 26, 2024
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औरंगजेव ने जंजीरों से बंधवाकर कटवाएं थे अंग, हर अंग के कटने पर खून की फुहारें निकलने से पड़ा था फुहारा नाम
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वीर सपूत गोकुला जाट पर लिखे गीत का हुआ विमोचन, कर्मवीर चाहर निभाएंगे गोकुला जाट का किरदार, भारत माता व गोकुला जाट के जयकारों से गूंजा कार्यक्रम स्थल
आगरा। कोतवाली के पास स्थित फुहारा जगह बृज के वीर सपूत गोकुला जाट की वीरता और मुगलों के अत्याचार की गवाह है। मुगलों से जुड्ड लेने वाले साहसी गोकुला जाट को श्रद्धाजलि स्वरूप आरए मूवीज के वैनर तले गोकुला जाट पर फिल्म का निर्माण किया जा रहा है, जिसके गीत जेठमासी सूर्य जैसा दहकता अंगार था, बाजुओं में गज जैसा बल का अम्बार था, दीवाना था आजादी का मौत का वो शमशीर थे, एक जिलाया हुआ था बृज में नाम गोकुला वीर था… व फिल्म के पोस्टर का आज सेल्फी रेस्टरां में आयोजित कार्यक्रम में विमोचन मुख्य अतिथि मेयर हेमलता दिवाकर ने किया गया। फिल्म के एसोसिएट प्रोड्यूसर राजकुमार चाहर व आरए मूवीज के रंजीत सामा ने बताया कि जल्दी फिल्म की शूटिंग शुरु की जाएगी, जिसमें गोकुला जाट की भूमिका सांसद राजकुमार चाहर के बेटे कर्मवीर चाहर निभाएंगे।
कार्यक्रम में मौजूद एसोसिएट प्रोड्यूसर राजकुमार चाहर ने बताया कि गोकुला जाट वो वीर था जिसने औरंगजेब जैसे क्रूर शासक के सामने झुकने के बजाय अपने प्राण देना ज्यादा उचित समझा। ऐसे वीर जवानों की वारगाथा देश के युवा पीढ़ी तक पहुंचनी चाहिए। फिल्म के निर्माता रंजीत सामा व विजय सामा है। हेमन्त वर्मा के निर्देशन में गीत को फिल्माया जाएगा। संगीत पं. दलीप ताहिर व गीत को शब्दों में संजय दुबे ने संजोया है। मौहम्मद सलामत ने गीत को अपनी आवाज दी है। गीत की शूटिंग बृज क्षेत्र में की जाएगी, जिसमें गोकुला जाट के मुगलों के अत्याचार के खिलाफ साहस, पराक्रम और शौर्य को समाहित लोगों तक पहुंचाने का प्रयास होगा। संचालन संजय दुबे ने किया।
इनकी रही विशेष उपस्थिति
इस अवसर पर मुख्य रूप से भाजपा जिलाध्यक्ष गिर्राज कुशवाह, डॉ. गौरीशंकर, उत्तम सिंह काका, उमर शैल राज सिंह, कप्तान सिंह चाहर, गोपीचंद, सोनू दिवाकर, गुड्डू चाहर, अशोक चैबे, चैधरी भूरी सिंह, डॉ. दीपक सिंह, बहुरन सिंह, भीमसेन, मानसिंह, लोकेन्द्र सिंह, प्रमोद वर्मा, मनीष शर्मा, नीरज तिवारी, प्रदीप सरीन, राहुल आर्य, विजय सहगल, यश गांधी, विनोद शीतलानी, सतेन्द्र तिवारी, नारायण दास आदि उपस्थित थे।
ये है गोकुला जाट का इतिहास
गोकुला जाट के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि गोकुल सिंह तिलपत गांव का सरदार थे। 10 मई 1666 को जाटों व औरंगजेब की सेना में तिलपट में युद्ध छिड़ गया। युद्ध में जाटों की विजय हुई। मुगल शासन स्लाम धर्म को बढ़ावा दिया और किसानों पर कर बढ़ा रहा था। वीर गोकुला जाट ने किसानों को संगठित किया और कर जमा करने से मना कर दिया। और औरंगजेब के खिलाफ विद्रोह छेड़ दिया। औरंगजेब ने धोखे से गोकुला जाट को आगरा किले में बंदी बना लिया और इस्लाम स्वीकार करने पर जान बख्शने की शर्त रखी। गोकुला जाट ने शर्त को स्वीकार नहीं किया तो उन्हें जंजीरों से कोतवाली के पास बंधवा दिया गया। भरी जनता के सामने उनके शरीर का एक-एक अंग काटा गया। हर अंग कटने पर खून की फुहारे निकलती थी। इसी कारण कोतवाली के पास उस जगह का नाम फुहारा पड़ गया।
डॉ. भानू प्रताप को किया सम्मानित
वरिष्ठ पत्रकार डॉ भानु प्रताप सिंह ने हिंदू धर्म रक्षक वीर गोकुला जाट पुस्तक लिखी है। इसके लिए उन्होंने 1 वर्ष तक शोध किया और 32 पुस्तकों का अध्ययन किया। गोकुल जाट के गांव तिलपत तक दौरा किया। पुस्तक में हिंदू वीरांगनाओं के चतुर्थ जौहर और गोकुला जाट की बहन भंवरी कौर के बलिदान को भी उकेरा गया है। गोकुल जाट के चाचा उदय सिंह का बलिदान भी साथ में हुआ था। पांच 5000 किसानों को भी बंदी बनाकर लाया गया था। जीवित रहने की शर्त पर उन किसानों ने मुगलों का मैला उठाना मंजूर किया लेकिन मुस्लिम धर्म स्वीकार नहीं किया। गोकुला जाट शोध कर लिखी गी पुस्तक के लिए डॉ. भानू प्रताप को स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया गया।
: चिकित्सा आपात स्थितियों के प्रबंधन पर एक दिवसीय सेमिनार का हुआ आयोजन
Mon, Feb 26, 2024
आगरा। दयालबाग रोड स्थित होटल पूनम प्लाजा में सोसाइटी फॉर एंडोडोंटिक एक्सीलेंस आगरा के बैनर तले दंत चिकित्सा कार्यालय में चिकित्सा आपात स्थितियों के प्रबंधन पर एक दिवसीय सेमिनार का आयोजन किया गया।
मुख्य प्रवक्ता के रूप में ओरल एंड मैक्सॉलोफेसिअल सर्जन डॉ संदीप फौजदार द्वारा बताया कि दंत चिकित्सकों को व्यवहार में उत्पन्न होने वाली चिकित्सीय आपात स्थितियों के प्रबंधन के लिए तैयार रहना चाहिए। बेहोशी के अलावा, घटित होने वाली अन्य आपात स्थितियों में एलर्जी प्रतिक्रियाएं, एनजाइना पेक्टोरिसध्मायोकार्डियल रोधगलन, कार्डियक अरेस्ट, पोस्टुरल हाइपोटेंशन, दौरे, ब्रोंकोस्पजम और मधुमेह संबंधी आपात स्थिति शामिल हैं।
दंत चिकित्सा कार्यालय में लगभग सभी चिकित्सीय आपात स्थितियों का सबसे महत्वपूर्ण पहलू मस्तिष्क और हृदय की अपर्याप्त ऑक्सीजन को रोकना या ठीक करना है। इसलिए, सभी चिकित्सा आपात स्थितियों के प्रबंधन में यह सुनिश्चित करना शामिल होना चाहिए कि इन महत्वपूर्ण अंगों तक ऑक्सीजन युक्त रक्त पहुंचाया जा रहा है।
एसोसिएशन की प्रेसिडेंट डॉ सुषमा प्रतिहार ने बताया कि यह बुनियादी कार्डियोपल्मोनरी पुनर्जीवन (सीपीआर) के अनुरूप है, जिसके लिए दंत चिकित्सक को सक्षम होना चाहिए। इस सेमिनार में डॉ असीम शिरोमणी, डॉ अमित नारायन, डॉ दीपक कुरूप, डॉ आशीष गुप्ता, डॉ पुनीत श्रीवास्तव, डॉ दीप्ती चड्ढा श्रीवास्तव, डॉ चकित माहेश्वरी, डॉ श्रेया कपूर मल्होत्रा, डॉ जया पम्बू, डॉ भरत चैहान, डॉ विपुल अरोरा, डॉ वैभव कृष्णा सिंह, डॉ राहुल आदि ने प्रतिभाग लिया।
: अग्रवाल युवा संगठन के सदस्यों ने 96 यूनिट रक्तदान किया
Mon, Feb 26, 2024
आगरा। अग्रवाल युवा संगठन द्वारा हर साल की भांति इस वर्ष भी रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। लोकहितम ब्लड बैंक, कमला नगर, आगरा पर आयोजित रक्तदान शिविर का शुभारंभ सुरेश चंद गर्ग (तपन ग्रुप) एवं शकुन बंसल (कातिब) ने महाराजा अग्रसेन की मूर्ति पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्जवलित करके किया गया। अतिथि श्री सकुन बंसल (कातिब) ने संगठन द्वारा किए जा रहे कार्यक्रमों की सराहना करते हुए समाजिक कार्यों के लिए उत्साहित। संगठन के संस्थापक विनोद अग्रवाल जी ने सभी युवा साथियों को अधिक से अधिक रक्तदान करने के लिए प्रेरित किया।
लोकहितम ब्लड बैंक के महासचिव अखिलेश अग्रवाल ने सभी साथियों को रक्तदान का महत्व बताते हुए कहा एक व्यक्ति द्वारा किया गया रक्तदान कई जिन्दगियां बचा सकता है। शिविर में संगठन की सभी नवनिर्वाचित इकाइयों में बने हुए युवा साथियों एवं महिलाएं और बच्चों ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया और 96 यूनिट का रक्तदान किया। रक्तदान करने वाले सभी लोगों को प्रोत्साहित करने के लिए प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। संगठन के अध्यक्ष श्री गणेश बंसल ने सभी साथियों की प्रशंसा करते हुए कहा कि इतने कम समय में अधिक से अधिक संख्या में एकत्रित होकर इस रक्तदान शिविर को सफल बनाया। उन्होंने सभी को धन्यवाद दिया। संचालन महामंत्री अम्बुज अग्रवाल ने किया।
शिविर के आयोजन में मुख्य रूप से बिभु सिंघल प्रतीक गोयल (कोषाध्यक्ष), केशव अग्रवाल, मयंक अग्रवाल, अंशुल बंसल, प्रियाकांत बंसल, निशा सिंगल राजेश सिंगल, संदीप अग्रवाल अनन्य अग्रवाल, मयंक गर्ग, अंकित अग्रवाल जितेंद्र अग्रवाल, कपिल अग्रवाल रुपेश अग्रवाल पीयूष तायल भूपेंद्र अग्रवाल उज्जवल अग्रवाल, गौरव अग्रवाल प्रवीण अग्रवाल, ऋतिक मित्तल निखिल गोयल उमेश अग्रवाल अमित बंसल रामकुमार अग्रवाल रवि गोयल नीरज बंसल संतोष अग्रवाल, शिवम गर्ग, दीपक बंसल, गौरव अग्रवाल, अनुज अग्रवाल, विवेक गर्ग आदि लोग मौजूद रहे।