: जलवा फरोश हैं आज जिनकी वजह से हम, वह जिंदगी की खुशियां मेरे नाम कर गए
Sun, Jun 16, 2024
आगरा साहित्य समारोह एवं काव्य संगोष्ठी में दिखी साहित्य साधना की झलक
फादर्स डे पर इंद्रजीत सिंह भदौरिया की स्मृति में सजा काव्य दरबार
आगरा। जलवा फरोश हैं आज जिनकी वजह से हम, वो जिंदगी की खुशियां मेरे नाम कर गए। जो है वजूद मेरा वह इशरत ओ मुहतरम, वह हाथ मेरे सर से देखो कब सरक गए… हरीश कुमार सिंह भदोरिया की इन पंक्तियों के साथ मानस अनुरागी इंद्रजीत सिंह भदौरिया की स्मृति में वृहद साहित्य संगोष्ठी एवं काव्य समारोह का शुभारंभ हुआ।
फादर्स डे के उपलक्ष्य में रविवार को संजय प्लेस स्थित यूथ हॉस्टल में आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ देश भर से आए कवियों ने मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप जलाकर किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ राजेंद्र मिलन ने और संचालन सुशील सरित ने किया।
कार्यक्रम के प्रथम सत्र में साहित्यिक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। संचार क्रांति का हिंदी साहित्य पर प्रभाव विषय पर गोष्ठी में साहित्य मनीषियों ने वर्तमान परिदृश्य पर अपने उदगार प्रस्तुत किये। कार्यक्रम आयोजक हरीश कुमार सिंह भदौरिया ने कि कहा सूचना प्रौद्योगिकी के इस प्रभावशाली दौर में मातृभाषा के वर्चस्व में बढ़ोत्तरी हुई है। डाटा क्रांति के कारण जो बदलाव हुए हैं उनका साक्षी बनने का सुनहरा अवसर इस पीढ़ी को मिल रहा है। विषय परिवर्तन करते हुए काशी से आईं अन्नपूर्णा मालवीय ने कहा कि भारत आज विश्व का सबसे युवा देश है इसलिए युवाओं की सोच विचार आचार व्यवहार और भी महत्वपूर्ण हो जाते हैं।
कार्यक्रम के द्वितीय सत्र में काव्य समारोह में दिल्ली, कानपुर, प्रयागराज, रायबरेली, ग्वालियर, मेरठ, जयपुर, मथुरा और आगरा के कवियों ने काव्य पाठ में हास्य श्रृंगार और वीर रस की कविताओं से श्रोताओं की जमकर तालियां बटोरीं। आगरा की कवियत्री डॉ हेमलता सुमन ने काव्य पाठ के माध्यम से पिता की भूमिका बताते हुए कहा पिता ब्रह्मा है पिता ईश हैं, पिता जगत के पालक हैं। जीवन रूपी गाड़ी के यह कुशल महा संचालक हैं।
आगरा के ही डॉ शेशपाल सिंह शेष ने कहा मिला जन्म तो सबसे पहले, मां जी को पहचाना है। समय गुजर जाने पर हमने पूज्य पिता को जाना है। इसी कड़ी में रामेंद्र कुमार शर्मा रवि ने पीपल बरगद सम पिता ऊंचे पर्वतराज। चढ़े पुत्र उन्नत शिखर पिता करे वो काज.., सुधीर कुमार सिंह सुधाकर ने मेरा कमरा वह कब तेरा कमरा हो गया….केंद्रीय हिंदी संस्थान की प्रो. वीणा शर्मा ने कहा पिता का अभिमान होती है संतान। बनाए रखें जो इसे तो कहलाती महान.. विनय बंसल, लुल्लू कानपुरी ने ये देश बूचड़ खाना बन गया है। दरिंदों का ठिकाना बन गया है… कुमारी डॉ शशी जायसवाल ने मैं पिता पूज्य के चरणों में, करती वन्दन हूं सुबहो- शाम… मुक्ति सिकरवार, डॉ रितु अग्रवाल, रामकुमार, इंद्रेश भदोरिया, डॉ नीता सरोजिनी, मीरा परिहार , मीना राजू वर्मा, रामेंद्र कुमार शर्मा रवि, मदन मुरादाबादी, सीमा गर्ग, रिया अग्रवाल, श्याम जीत श्याम आदि ने काव्य पाठ किया।
साहित्य समारोह में हुआ पुस्तकों का विमोचन
कार्यक्रम में हरीश कुमार भदौरिया की पुस्तक संचार क्रांति का हिंदी साहित्य पर प्रभाव एवं अहिल्या पत्थर की हो गई पुस्तक का विमोचन किया गया। पुस्तक विमोचन के उपरांत देशभर से आए कवि और साहित्य प्रेमियों को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया।
: एक वर्ष में 500 शीतगृह की स्थापना, प्रदेश सरकार का लक्ष्य
Sun, Jun 16, 2024
फेडरेशन आफ कोल्ड स्टोरेज एसोसिएशन आफ इंडिया द्वारा आयोजित तीन दिवसीय राष्ट्रीय अधिवेशन का समापन
17 वें एआईसीसीएस में शीतगृहों में अग्निशमन सुरक्षा पर भी हुई चर्चा, बताए गए सुरक्षा के उपाय
जनवरी 2025 में पुणे में होगा कोल्ड चेन सेमिनार का आयोजन, प्रदर्शनी में दी गईं आधुनिक उपकरणों की जानकारी
आगरा। पूरे प्रदेश के किसानों के लिए खुशखबरी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक वर्ष में प्रदेश के विभिन्न जिलों में 500 नए शीतगृहों की स्थापना का लक्ष्य रखा है। जहां आलू उत्पादन अधिक है वहां शीतगृहों की संख्या बढ़ाई जाएगी। ये लक्ष्य निवेश के रास्ते खोलेगा। आगरा में एकत्रित हुए देशभर के शीतगृह स्वामियों को संबोधित करते हुए ये कहा निदेशक उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग डॉ विजय बहादुर द्विवेदी ने। मॉल रोड स्थित होटल क्लार्क्स शिराज में फेडरेशन ऑफ़ कोल्ड स्टोरेज एसोसिशन ऑफ इंडिया द्वारा आयोजित तीन दिवसीय 17 वीं आल इंडिया कोल्ड चेन सेमिनार का रविवार को समापन समारोह आयोजित हुआ।
सेमिनार के तृतीय दिवस का शुभारम्भ मुख्य अतिथि निदेशक उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग डॉ विजय बहादुर द्विवेदी ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस अवसर पर उनके साथ उप निदेशक उद्यान विभाग धर्मपाल यादव, एफसीएओआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजेश गोयल, राष्ट्रीय संयोजक अरविंद अग्रवाल, लघु उद्योग भारती के प्रदेश सचिव मनीष अग्रवाल, राजेश गुरु, यश कुमार उपस्थित रहे। निदेशक उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग डॉ विजय बहादुर द्विवेदी ने शीतगृह स्वामियों के समस्या भी सुनी और जल्द निस्तारण की बात कही। उन्होंने कहा कि शीतगृह स्वामी किसानों के रक्षक माने जाते हैं। किसानों के हित को ध्यान में रखते हुए ही आगे बढ़ें। कहा कि प्रदेश में करीब एक करोड़ आलू किसान हैं। उन्हें प्रोत्साहित करें कि आलू की क्लस्टर खेती करें। आने वाले दिनों में खाद्य प्रसंस्करण की दिशा में नए निवेश होंगे। कंपनियां आलू के विविध उत्पाद बनाएंगी। उस वक्त अच्छा लाभ किसानों को मिला करेगा।
एफसीएओई के अध्यक्ष राजेश गोयल ने कहा कि सरकार आलू निकासी की तिथि पहले से घोषित करे। साथ ही कोई भी आदेश जब पारित हो तो शीतगृह स्वामियों को थोड़ा समय की मोहलत दी जाए।
राष्ट्रीय संयोजक अरविन्द अग्रवाल ने बताया कि सरकार से दो मांगे ज्ञापन देकर रखी गईं, जिसके अंतर्गत वर्तमान समय के अनुसार शीतगृह नियमावली में बदलाव त्वरित रूप से करने को कहा गया है। ताकि शीतगृहों में आलू के अलावा किसान के अन्य उत्पादों का भी भंडारण हो सके। और उत्पाद की सुरक्षा हो सके। दूसरी मांग रखी गई है मुर्गी अंडा भंडारण में। दो वर्ष पूर्व रातों रात भंडारण पर रोक लगा दी गई थी। इससे मुर्गी अंडा विक्रेता परेशान हुआ जबकि ये भी कृषि उत्पाद ही है।
आग से बचाव के सुझाव रहे कारगर
भीषण गर्मी में अग्निकांड जैसी दुर्घटना सर्वाधिक होती है। शीतगृहों में भी ये डर बना रहता है। इस समस्या को देखते हुए पूर्व सीएफओ शिव दयाल शर्मा ने अग्निशमन के उपाय बताए। उन्होंने कहा कि शीतगृह में आग लगने के शॉर्ट सर्किट के अलावा दो ही कारण होते हैं। पहला किसी मजदूर द्वारा बीड़ी सिगरेट का प्रयोग या फिर अमोनिया गैस का रिसाव। मजदूरों पर निगरानी रखें। यदि अमोनिया गैस का रिसाव होता है तो तुरंत लीकेज पाइप पर बोरी या कपड़ा बांध दें। हेल्प लाइन नंबर दीवार पर लिखकर रखें। पानी की मोटर का कनेक्शन जनरेटर से अवश्य करके रखें। शीत गृह की क्षमता के अनुरूप वाटर टैंक की व्यवस्था करके रखें।
इनका हुआ सम्मान
कोल्ड चेन सेमीनार के समापन समारोह में अजय गुप्ता, तेजेंद्र गुर्जर, उमेश कंसल, जगदीश मित्तल, शिवरंजन सिंघल, सुभाष अग्रवाल को एक्सीलेंस अवार्ड से सम्मानित किया गया।
प्रदेश में आलू निकासी- भंडारण में अलीगढ़ ने बढ़ाई बढ़त
प्रदेश में अलीगढ़ जिला आलू निकासी और भंडारण में बढ़त बनाए हुए है। सेमिनार के अंतिम सत्र में प्रदेश में आलू की स्थिति पर चर्चा हुई। अलीगढ़ जिले के सासनी में 180 शीतगृह हैं जहां निकासी और भंडारण अच्छी स्थिति में है। आलू निकासी कन्नौज में सार्वाधिक हो रही है। फर्रुखाबाद में लगातार नए शीतगृह खुल रहे हैं। गुजरात में विगत वर्षों से प्रोसेस आलू की मांग बढ़ी है। वहीं लखनऊ में शुगर फ्री आलू की मांग बढ़ी है।
: आल इंडिया कोल्ड चेन सेमिनार का शुभारंभ, आगरा में जुटे देशभर के शीतगृह स्वामी
Sat, Jun 15, 2024
फेडरेशन आफ कोल्ड स्टोरेज एसोसिएशन आफ इंडिया ने आयोजित की तीन दिवसीय सेमिनार
17 वें एआईसीसीएस में बताई गईं कोल्ड चेन की गाइड लाइन, उपकरणों के मानक की जानकारी भी साझा
कश्मीर से तमिलनाडु तक के शीतगृह स्वामियों ने बताई अपनी उपलब्धियां, हरित ऊर्जा है थीम
आगरा। वो दौर बहुत पीछे छूट गया जब कोल्ड स्टोरेज या शीतगृह को सिर्फ आलू से जोड़कर ही देखा जाता था। आज समय बदलाव का है। वर्तमान में शीतगृह सब्जियों और फलों के साथ ही फ्रोजन फूड के लिए भी उपयोगी सिद्ध हो रहे हैं। संभावनाएं हर दिन बढ़ रही हैं, जिसे देखते हुए सरकार भी सब्सिडी दे रही है।17 वीं आल इंडिया कोल्ड चेन सेमिनार के शुभारंभ पर यह कहना था राष्ट्रीय अध्यक्ष राजेश गोयल का।
शुक्रवार को माल रोड स्थित होटल क्लार्क्स शिराज में फेडरेशन आफ कोल्ड स्टोरेज एसोसिएशन आफ इंडिया (एफसीएओआई) द्वारा तीन दिवसीय आल इंडिया कोल्ड चेन सेमिनार का आयोजित किया गया। आयोजन में उप्र के अलावा तमिलनाडु, गुजरात, महाराष्ट्र, राजस्थान, बंगाल, हिमाचल, कश्मीर, पंजाब, हरियाणा, बिहार, असम आदि राज्यों से करीब 1000 से अधिक शीतगृह स्वामी जुटे हैं।
सेमिनार की इस वर्ष की थीम हरित उर्जा है। जिसके अनुरूप ब्यूरो आफ एनर्जी एफिएंसी के निदेशक अरिजीत सेन गुप्ता ने शीतगृहों में लगने वाले उपकरणों के मानक पर जानकारी दी।
यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के सीजीएम राजेश कुमार और बैंक ऑफ इंडिया के जीएम देवेंद्र चौबे ने बैंक से मिलने वाली सुविधाओं के बारे में जानकारी दी।
नेशनल कोल्ड चेन डेवलपमेंट के मुख्य कार्यवाहक अधिकारी आशीष फोतेदार ने शीत गृह स्थापना और विकास पर बिंदुवार बताया।
एफएसएसएआई लाइसेंस की अनिवार्यता पर आदित्य झुनझुनवाला और तुषार पारीक ने अपने विचार रखे। कहा कि किसी भी तरह के खाद्य व्यापार में एफएसएसएआई लाइसेंस अति आवश्यक है। लाइसेंस न होना कानूनी अपराध है। लापरवाही पर भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है।
प्रदेश अध्यक्ष अरविंद अग्रवाल ने सेमिनार को संबोधित करते हुए कहा कि जैविक उर्जा के प्रयोग को बढ़ावा देना सेमिनार का उद्देश्य है।
सीए आरके जैन ने सरकार की विभिन्न योजनाओं पर प्रकाश डाला। कहा कि उप्र खाद्य प्रसंस्करण योजना 2023 के तहत 5 करोड़ तक की सब्सिडी मिलती है। यदि साथ में शीत गृह भी है तो ये सब्सिडी बढ़कर 10 करोड़ तक हो जाती है।
द्वितीय दिवस ये रहेगा विशेष
प्रदेश अध्यक्ष अरविंद अग्रवाल ने जानकारी दी कि 15 जून, दिन शनिवार को अधिवेशन का विधिवत शुभारंभ किर्लोस्कर ग्रुप के एग्जुकेटिव डायरेक्टर अमन किर्लोस्कर और पंजाब नेशनल बैंक के मैनजिंग डायरेक्टर अतुल कुमार गोयल करेंगे।
उद्यमियों को साइबर फ्रॉड के प्रति जागरूक करने के लिए साइबर एक्सपर्ट रक्षित टंडन का सत्र होगा।
शीत गृह संख्या बढ़ाने पर चर्चा होगी और खाद्य सुरक्षा के मानक पूर्ण करने की जानकारी दी जाएगी। शीत गृह उद्योग को नवीन उंचाई प्रदान करने वाले उद्यमियों का सम्मान होगा। जिसमें लाइफ टाइम अचीवमेंट अवार्ड, उद्योग कीर्ति सम्मान एवं श्रीमहेंद्र स्वरूप मैमोरियल अवार्ड प्रदान किया जाएगा। इस बार ये सम्मान देश के शीतगृह इंडस्ट्री में क्रांति लाने वाले राहुल किर्लोस्कर के नाम रहेगा।
ये रहे मुख्य रूप से उपस्थित
सेमिनार के प्रथम दिवस पर राष्ट्रीय अध्यक्ष राजेश गोयल, राष्ट्रीय संयोजक अरविंद अग्रवाल, महासचिव मुकेश अग्रवाल, वरिष्ठ उपाध्यक्ष आशीष गौर, पश्चिम बंगाल शाखा के अध्यक्ष सुनील कुमार राणा, पतित पाबन डे, अजय गुप्ता, अतुल मित्तल, कमल नयन फतेहपुरिया, रीतेश गोयल, माधव गोयल आदि उपस्थित रहे।