: ‘‘टीबी मरीजों के लिए फायदेमंद है योग’’
Thu, Jun 20, 2024
अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस ( 21 जून 2024) पर विशेष
फेफड़ों को साफ कर, मधुमेह को नियंत्रित रख और मानसिक शांति प्रदान कर बनता है मददगार
आगरा। टीबी की शीघ्र पहचान और दवा के सम्पूर्ण कोर्स के साथ साथ अगर टीबी का मरीज नियमित योग करता है तो वह जल्दी ठीक हो सकता है । योग, टीबी मरीज के लिए एक निवारक चिकित्सा के रूप में कार्य करता है। इसे मरीज की दिनचर्या में शामिल करने से फेफड़े साफ होते हैं और उसे मानसिक शांति भी मिलती है । साथ ही अगर टीबी के साथ मधुमेह की सहरूग्णता है तो मधुमेह भी नियंत्रित रहता है जिससे टीबी से ठीक होने की गति में अपेक्षाकृत तेजी आती है। यह जानकारी मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. अरुण कुमार श्रीवास्तव ने दी।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि योग की सार्वभौमिक महत्ता को देखते हुए ही इस साल अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस की थीम स्वयं और समाज के लिए योग रखी गयी है। इस दिवस पर सभी आयुष्मान आरोग्य मंदिरों पर गतिविधियों का आयोजन कर लोगों को योग के लिए प्रेरित करने के लिए कहा गया है। इन केंद्र की मदद से भी टीबी मरीज योग सीख कर लाभ उठा सकते हैं।
जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. सुखेश गुप्ता ने बताया कि राष्ट्रीय क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम के तहत जो टीबी केयर टूल तैयार किया गया है उसके जरिये मरीज को शारीरिक गतिविधियों के साथ साथ प्राणायम की भी सलाह दी जाती है। इसके जरिये संदेश दिया गया है कि मन को शांत करने, तनाव व चिंता को दूर करने में ध्यान की अहम भूमिका है। यह सुबह शाम के अलावा दिन में कभी भी किया जा सकता है। मरीजों को बताया जाता है कि वह शांत जगह पर आराम से बैठें और नाक से धीरे धीरे सांस अंदर लें। जब तक हो सके सांस को अंदर रोक कर रखें और फिर मुंह से धीरे धीरे सांस को बाहर छोड़ें। सांस अंदर और बाहर लेते समय उस पर ध्यान दें।
जिला क्षय रोग अधिकारी ने बताया कि टीबी मरीजों को परामर्श के दौरान दवा के साथ योग व व्यायाम की भी सलाह दी जा रही है। जिले में इस समय ड्रग रेसिस्टेंट टीबी (डीआर टीबी) के 543 मरीज, जबकि ड्रग सेंसिटिव टीबी (डीएस टीबी) के 11345 मरीज उपचाराधीन हैं। इन सभी मरीजों को नियमित दवा के सेवन के साथ साथ योग और व्यायाम अवश्य करना चाहिए।
कई प्रकार से उपयोगी है योग
योग शिक्षक डॉ. राजकुमार शर्मा ने बताया कि मधुमेह ग्रसित और नशे का सेवन करने वाले टीबी रोगियों के जल्दी ठीक होने की संभावना कम होती है। योग इन दोनों स्थितियों पर काबू पाने में कारगर है। एक तरफ नियमित योग से जहां मधुमेह नियंत्रित रहता है, वहीं दूसरी ओर नशा छोड़ने में भी मददगार है। टीबी मरीज सूर्य नमस्कार, पवन मुक्तसना सेतुबंधासना, उत्तनपादासना, भजंगासना, शलभासना, बक्क्रसना, पश्चिमोत्तानासन, ताड़ासन, अर्ध चकरसना, वृक्षसना, भ्रामरी प्राणायाम ५ मिनट, नाडिशोधन प्राणायाम १० मिनट, कपालभती ५ मिनट, और ओम् ५ मिनट का नियमित अभ्यास कर अपने फेफड़ों की शक्ति बढ़ाने के साथ साथ टीबी के अन्य कारकों पर काबू कर जल्दी ठीक हो सकते हैं। भस्त्रिका प्राणायाम को रोजाना दो से पांच मिनट और कपालभांति प्राणायाम पांच से पंद्रह मिनट करना टीबी मरीज के लिए काफी लाभदायक पाया गया है।
: 30 जून को होगा मेधावी छात्र-छात्राओं का सम्मान
Thu, Jun 20, 2024
अग्रवाल युवा संगठन द्वारा महाराजा अग्रसेन भवन लोहामंडी में 30 जून को आयोजित होगा अग्रवाल समाज के मेधावी विद्यार्थियों का सम्मान समारोह
आगरा। समाज की प्रतिभाओं को सम्मानित किया जाएगा, जिससे उन्हें आगे बढ़ने का प्रोत्साहन मिले। समाज के सहयोग और परिवार के आशीर्वाद से वह ऊंचा मुकाम प्राप्त कर सकें और देश व समाज की सेवा की भावना के साथ जीवन में आगे बढ़ते रहे। इसी उद्देश्य के साथ 30 जून को अग्रवाल युवा संगठन द्वारा लोहामंडी स्थित महाराजा अग्रसेन भवन में मेधावी विद्यार्थियों का सम्मान समारोह आयोजित किया जा रहा है।
यह जानकारी संगठन के पदाधिकारियों ने वॉटर वक्र्स स्थित अतिथिवन में आयोजित आमंत्रण विमोचन कार्यक्रम में दी। संस्थापक विनोद अग्रवाल, मुख्य संरक्षक विनय अग्रवाल, अध्यक्ष गणेश कुमार बंसल ने जानाकरी देते हुए बताया कि सम्मान समारोह में हाल में चुने गए आईपीएस राजीव अग्रवाल का भी सम्मान समाज के वरिष्ठों द्वारा किया जाएगा। किसी भी परीक्षा में 90 फीसदी अंक प्राप्त करने वाले सभी विद्यार्थियों को प्रमाण पत्र व स्मृति चिन्ह प्रदान किए जाएंगे।
कार्यक्रम संयोजक अंशुल बंसल, जितेंद्र अग्रवाल, निखिल गोयल ने बताया 30 तारीख को सम्मान समारोह में समाज के कुछ विशेष प्रतिभावान छात्रों का भी सम्मान किया जाएगा। संगठन महामंत्री अम्बुज ने सभी से अपील करी है कि जो भी अग्रवाल समाज के छात्र-छात्राएं हाई स्कूल एवं इंटर मे 90ः या 90ः से ऊपर अंक प्राप्त किए हैं वह हमारे व्हाट्सएप नंबर (कार्यक्रम संयोजक- अंशुल बंसल मो.-7017952493, सह संयोजक- जितेंद्र अग्रवाल मो.-9897378129, सह संयोजक- निखिल गोयल मो.-9084615450) पर अपनी मार्कशीट एवं आधार कार्ड भेज कर सम्मान समारोह में शामिल हो सकते हैं।
इस वर्ष 2024 में जिन भी छात्र छात्राओं द्वारा हाईस्कूल या इंटर की किसी भी बोर्ड परीक्षा में या किसी अन्य परीक्षा में 90ः या इससे अधिक अंक प्राप्त किए गए हो और साथ ही अन्य किसी विशेष प्रकार की प्रतियोगिता परीक्षा में प्रतिभावान छात्र-छात्राओं भी सम्मान किया जाएगा।
इस अवसर पर मुख्य रूप से संजय अग्रवाल, प्रतीक गोयल कोषाध्यक्ष, प्रियाकांत बंसल, अंकित अग्रवाल, अंशुल बंसल, जितेंद्र अग्रवाल, निखिल गोयल, उज्जवल अग्रवाल, मयंक गर्ग, अमन अग्रवाल, शिवम गर्ग, अभिलाष गोयल आदि लोग उपस्थित रहे।
: कथक उत्सव 24 को, कदमों की थिरकन से दिया जाएगा पर्यावरण संरक्षण का संदेश
Thu, Jun 20, 2024
नृत्य ज्योति कथक केंद्र द्वारा रिवर कनेक्ट कैंपेन और छांव फाउंडेशन के सहयोग से आयोजित किया जाएगा 15 वां कथक उत्सव
‘मैं फिर गुनगुनाऊंगी’ नृत्य नाटिका रहेगी आकर्षण का केंद्र
बच्चों के साथ महिलाएं भी देंगी प्रस्तुति, नृत्य नाटिका करेगी मंत्रमुग्ध
आगरा। नृत्य संगीत सबसे सुगम माध्यम है समाज में संदेश प्रसारित करने का। बढ़ती गर्मी अंतिम अलार्म है पर्यावरण संरक्षण का। नदियां सूख रही हैं, पेड़ काटे जा रहे हैं। अभी नहीं थमे तो धरती आग का गोला बन जाएगी। पर्यावरण के हितार्थ ये संदेश दिया जाएगा नृत्य ज्योति केंद्र द्वारा रिवर कनेक्ट कैंपेन और छांव फाउंडेशन के सहयोग से आयोजित होने जा रहे कथक उत्सव ष्मैं फिर गुनगुनाऊंगीष् में। यह जानकारी दी केंद्र की निदेशक ज्योति खंडेलवाल ने।
गुरुवार को यमुना किनारा रोड स्थित यमुना आरती स्थल पर 15 वें कथक उत्सव ष्मैं फिर गुनगुनाऊंगीष् का पोस्टर विमोचन किया गया। सर्वप्रथम यमुना मैया की विधिवत आरती की गयी। इसके बाद ज्योति खंडेलवाल, रिवर कनेक्ट कैंपेन के संस्थापक बृज खंडेलवाल, पद्मनी खंडलेवाल, श्रुति सिंह, डॉ हरेंद्र गुप्ता, शाहतोष गौतम, राजीव कुलश्रेष्ठ, प्रियंका गौतम, चतुर्भुज तिवारी, विशाल झा आदि ने आयोजन के पोस्टर का विमोचन किया।
निदेशक ज्योति खंडेलवाल ने बताया कि 24 जून, दिन सोमवार को सूरसदन प्रेक्षागृह में सायं 6ः30 बजे से कथक उत्सव का आयोजन होगा। प्रतिवर्ष कथक उत्सव के माध्यम से समाज को किसी न किसी ज्वलंत मुद्दे से संबंधित संदेश अवश्य दिया जाता है। इस वर्ष उत्सव की थीम पर्यावरण संरक्षण है जिसका नाम दिया गया है ‘मैं फिर गुनगुनाऊंगी’। उन्होंने बातया कि थीम पर आधारित नृत्य नाटिका की प्रस्तुति होगी। जिसमें छह कथक की प्रस्तुति 30 बच्चे और 8 महिलाओं द्वारा दी जाएगी। इसके अलावा अन्य प्रस्तुतियां होंगी।
श्रुति सिंह ने बताया कि उत्सव पूर्ण रूप से शास्त्रीय नृत्य को समर्पित होगा। नृत्य नाटिका में आगरा शहर की जलवायु, पर्यावरण को लेकर चिंता का प्रदर्शन होगा जिसमें नदी, कटते पेड़, ताजमहल, ब्रज की धरा को दिखाया जाएगा। कथक की आठ अन्य विभिन्न विधाओं का मंचन होगा। प्रयास किया गया है कि डेढ़ घंटे का आयोजन सार्थक संदेशप्रद हो।
ब्रज खंडेलवाल ने कहा कि यमुना नदी की वर्तमान स्थिति के लिए हम सभी दोषी हैं। कथक उत्सव जैसे आयोजन हम सभी की भूली हुयी जिम्मेदारियों का स्मरण करवाने में सहायता करते हैं।