: 300 से ज्यादा एनकाउंटर वाले प्रशांत कुमार बने कार्यवाहक डीजीपी, योगी ने दी बधाई
Wed, Jan 31, 2024
उत्तर प्रदेश के डीजी लॉ एंड ऑर्डर प्रशांत कुमार को बुधवार को कार्यवाहक डीजीपी पद पर नियुक्त किया गया है। दरअसल आपको बताते चलें कि बुधवार को कार्यवाहक डीजीपी विजय कुमार रिटायर हुए हैं। कार्यवाहक डीजीपी विजय कुमार के रिटायर होने के बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने डीजी लॉ एंड ऑर्डर प्रशांत कुमार को कार्यवाहक डीजीपी बना दिया है। प्रशांत कुमार उत्तर प्रदेश के तेजतर्रार आईपीएस में से एक गिने जाते हैं।
नवागत कार्यवाहक डीजीपी प्रशांत कुमार 1990 बैच के आईपीएस हैं। और बिहार के रहने वाले हैं। बताया जा रहा है कि नवागत कार्यवाहक डीजीपी प्रशांत कुमार सूबे के मुखिया योगी आदित्यनाथ के बेहद करीब और पसंदीदा भी है। यही वजह है कि उत्तर प्रदेश के मुखिया और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने डीजी लॉ एंड आर्डर प्रशांत कुमार को कार्यवाहक डीजीपी बनाया है। कार्यवाहक डीजीपी प्रशांत कुमार उत्तर प्रदेश का एक ऐसा नाम जिसकी वजह से अपराधी थर-थर कांपते हैं।
नवागत कार्यवाहक डीजीपी प्रशांत कुमार ने उत्तर प्रदेश में 300 से ज्यादा एनकाउंटर किए हैं। विकास दुबे जैसे दुर्दांत अपराधियों का खात्मा करने वाले और यूपी में तहलका मचाने वाले प्रशांत कुमार को कार्यवाहक डीजीपी बनाया गया है। कार्यवाहक डीजीपी का चार्ज लेने के बाद प्रशांत कुमार सीधे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलने उनके आवास पहुंचे। जहां मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कार्यवाहक डीजीपी प्रशांत कुमार को उनके उज्जवल भविष्य की बधाई दी। माना जा रहा है कि कार्यवाहक डीजीपी प्रशांत कुमार के चार्ज लेने के बाद अब प्रदेश की पुलिस की कार्यप्रणाली में अंतर आएगा और पुलिस व्यवस्था में बदलाव के साथ-साथ एक्शन भी नजर आएगा।
: दयालबाग एजुकेशनल इंस्टीट्यूट (DEI) ने धूमधाम से मनाया स्थापना दिवस
Wed, Jan 31, 2024
दयालबाग, 31 जनवरी, 2024. दयालबाग एजुकेशनल इंस्टीट्यूट (डीईआई) ने 31 जनवरी को अद्वितीय उत्साह, जोश और उत्साह के साथ अपना संस्थापक दिवस (Open Day) मनाया। यह दिन इसलिए विशेष महत्व रखता है क्योंकि यह डीईआई के संस्थापक निदेशक हुजूर डॉ. एम.बी. लाल की जयंती पड़ती है। 1917 में राधास्वामी एजुकेशनल इंस्टीट्यूट की स्थापना के साथ स्थापित, डीईआई की जड़ें, लखनऊ विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रो. एम.बी. लाल की गहन दृष्टि एवं सर्वोच्च मार्गदर्शन से जुड़ी हैं।
संस्थापक दिवस समारोह, जिसे ओपन डे के रूप में भी जाना जाता है, में डीईआई के छात्रों, शिक्षकों और कर्मचारियों द्वारा की गई उपलब्धियों और पहलों का शानदार प्रदर्शन देखा गया। पूरा परिसर गतिविधियों, प्रदर्शनों और रंग-बिरंगी सजावटों से जीवंत हो उठा, जिससे खुशी और उत्सव का माहौल बन गया। इस वर्ष के उत्सव ने डीईआई के छात्रों के समर्पण और कड़ी मेहनत को प्रदर्शित किया, जिन्होंने ग्राफिकल चार्ट, वर्किंग मॉडल, डिस्प्ले बोर्ड और इंटरैक्टिव गतिविधियों जैसे विभिन्न माध्यमों से अपने नवाचारों, परियोजनाओं और रचनात्मक कार्यों को प्रस्तुत किया। व्यवस्था के लेआउट की सावधानीपूर्वक योजना बनाई गई थी, जिससे आगंतुकों को अध्ययन के विभिन्न क्षेत्रों में नई पहल और उच्च प्रदर्शन का पता लगाने की अनुमति मिल सके।
कुल 41 स्टॉल लगाए गए थे, जिनमें सिरेमिक और मिट्टी के बर्तन, कृषि प्रौद्योगिकी, ग्रीन हाउस प्रौद्योगिकी, सतत विकास लक्ष्य, पेटेंट, अनुसंधान, 3-डी प्रिंटिंग, नैनो और क्वांटम विज्ञान, चेतना विज्ञान, ड्रोन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेयरी प्रौद्योगिकी, ऑनलाइन और दूरस्थ शिक्षा कार्यक्रम, चमड़ा प्रौद्योगिकी, अनुपम उपवन, उन्नत भारत अभियान, पूर्व छात्र प्लेसमेंट, चिकित्सा शिविर, डीईआई शिक्षा नीति, डीईआई का इतिहास, प्रवेश और परीक्षा सहित विभिन्न क्षेत्रों से संबंधित मॉडल और गतिविधियों का प्रदर्शन किया गया
इस अवसर पर प्रो. पी. एस. सत्संगी की गरिमामयी उपस्थिति रही। दयालबाग के 'कृषि सह प्रिसिजन फार्मिंग फील्ड में बुलाई गई शिक्षा सलाहकार समिति की बैठक के दौरान शिक्षा सलाहकार समिति के अध्यक्ष, रानी के साथ, यह सभा विशेष रूप से डॉ. एम.बी. लाल के कमल चरणों में हार्दिक श्रद्धांजली देने के लिए आयोजित की गई थी। श्रद्धेय डॉ. एम.बी. लाल के डीईआई में उच्च शिक्षा कार्यक्रम को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका को स्वीकार और आभार व्यक्त करते हुए, बैठक ने समग्र शैक्षिक कार्यक्रमों और प्रथाओं के कार्यान्वयन के माध्यम से प्राप्त असाधारण प्रगति को उजागर करने के लिए एक मंच के रूप में कार्य किया।
: छांव फाउंडेशन ने अनिल शर्मा को बनाया एडवाइजरी बोर्ड सदस्य
Wed, Jan 31, 2024
आगरा। तेजाब फेंकने की घटनाओं से पीड़ित महिलाओं के संघर्ष और मौजूदा सामाजिक माहौल में पुनर्स्थापना के लिये सतत प्रयासरत रहने वाले सामाजिक संगठन छांव फाउंडेशन ने सोशल एक्टिविस्ट और मैनेजमेंट कंसल्टेंट अनिल शर्मा को संस्था के एडवाइजरी बोर्ड का सदस्य नामित किया है।
फाउंडेशन की ओर एडवाइजरी बोर्ड में शामिल किये जाने की जानकारी देते हुए बोर्ड के अधिशासी निदेशक आशीष शुक्ला ने कहा है कि अनिल शर्मा एसिड फेका जाने से पीड़ित महिलाओं की समस्याओं के प्रति जानकारी रखने और उनके हितों के लिये स्वैच्छिक योगदान को तत्पर रहते हैं। छांव फाऊंडेशन की नई नीति के तहत सेवा एवं संपर्क क्षेत्र को व्यापक एवं प्रभावी बनाये जाने के लिए एडवाइजरी बोर्ड का गठन होना है और अनिल शर्मा इसके पहले सदस्य हैं।
आशीष शुक्ला ने कहा है कि आने वाले समय में एडवाइजरी बोर्ड की फाउंडेशन के लक्ष्यों को लेकर महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी, बोर्ड फाउण्डेशन के लक्ष्यों और कार्यनीतियों को प्रभावी तरीके से क्रियान्वयन के लिये सहयोग और सुझाव देगा। जो भी कार्यक्रम हैं, उन्हें दीर्घकाल तक जारी रखने के लिये कार्यनीति बनाये जाने में योगदान देगा।
अनिल शर्मा ने देश और विदेश के कॉर्पाेरेट सेक्टर की कई प्रमुख कंपनियों के साथ लगभग 28 साल काम किया है। छांव फाउण्डेशन से जुड़ी कई पीड़िताओं के मामले में कार्यवाही करवाई। एडीजी पुलिस राजीव कृष्ण के साथ फाउण्डेशन सदस्याओं का संवाद कार्यक्रम आयोजित कर पुलिस को एसिड हमलों से पीड़ितों के प्रति अधिक संवेदनशील बनवाने का प्रयास किया।
अनिल शर्मा अब तक सिविल सोसायटी आगरा और अमृत विद्या एजुकेशन फार इम्मोर्टालिटी आदि संगठनों से जुड़े हुए हैं और आगरा की अवस्थापना सुविधाओं के गुणवत्ता युक्त अधिक विस्तार के लिये सक्रिय प्रयासरत रहते हैं।