Sun 04 Oct 2026
Breaking News Exclusive
बचपन से बच्चों में संस्कारों का बीजारोपण, गीता से जीवन-दर्शन समझाने की पहल ‘मीट एट आगरा’ में ग्लोबल फुटवियर इंडस्ट्री का संगम, 11 देशों की भागीदारी 1500 बच्चों ने जानी संत रविदास की वाणी, समरसता महोत्सव में दिखी नई पीढ़ी की भागीदारी सड़कों पर उतरी मिथिला, आमंत्रण यात्रा में उमड़ा आस्था का सैलाब 18वें अंतरराष्ट्रीय फेयर के लिए सजकर तैयार हुआ आगरा ट्रेड सेंटर; 3 से 5 अक्टूबर तक चलेगा आयोजन “प्रगटीं सिय बिधि बीच बिचारा, जनकपुर मंगल भवन उजियारा” — हल की नोक से घड़े में हुआ मां जानकी का प्राकट्य मिथिला नगरी का हुआ भव्य श्रृंगार, प्रभु श्रीराम के स्वागत को सजे घर-द्वार “भुजबल बिस्व जितहिं दसकंधर”... तलवार लहराकर गरजा दशानन प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के विद्यार्थियों ने सीखे सफलता के मंत्र मां जानकी के जन्मोत्सव पर भावपूर्ण नृत्य की तैयारी, जनकपुरी महिला समिति जुटी रिहर्सल में

सूचना

Pragya News 24 is News Blog to Providing all over News of World.

: वाइल्डलाइफ एसओएस और उत्तर प्रदेश वन विभाग के संयुक्त अभियान में विशाल मगरमच्छ को किया रेस्क्यू!

Pragya News 24

Wed, Jan 31, 2024
Post views : 92

फिरोजाबाद। देर रात चलाए गए संयुक्त अभियान में, वाइल्डलाइफ एसओएस और उत्तर प्रदेश वन विभाग ने फिरोजाबाद के उड़ेसर गजाधर सिंह गांव से 8 फुट लंबे मगरमच्छ को सफलतापूर्वक बचाया। वन अधिकारियों के साथ निर्बाध रूप से काम करते हुए, एनजीओ की रैपिड रिस्पांस यूनिट ने विशाल मगरमच्छ को सुरक्षित रूप से पकड़ा और बाद में उसे प्राकृतिक आवास में वापस छोड़ दिया।

बचाव अभियान तब शुरू हुआ जब ग्रामीणों ने देर शाम को एक विशाल मगरमच्छ के देखे जाने की सूचना दी और तुरंत उत्तर प्रदेश वन विभाग से संपर्क किया। तत्कालीन वन विभाग ने इसकी जानकारी और सहायता के लिए वाइल्डलाइफ एसओएस से संपर्क साधा। एनजीओ की तीन सदस्यी रेस्क्यू टीम ने समय बर्बाद ना करते हुए स्थान पर पहुचने के लिए तुरंत रवाना हो गई।

रैपिड रिस्पांस यूनिट ने सावधानी से पिंजरे का उपयोग करते हुए मगरमच्छ को पकड़ा, जो एक खेत में पाया गया था। मगरमच्छ के स्वास्थ्य का आकलन करने के लिए साइट पर ही चिकित्सा परीक्षण किया गया। स्वास्थ उचित पाए जाने पर, जिस मगरमच्छ को देर रात पकड़ा था, उसे सर्दियों में अत्यधिक कोहरे और ठंड होने के कारण, दिन के उजाले में वापस प्राकृतिक आवास में छोड़ दिया गया।

आशीष कुमार, वनक्षेत्राधिकारी, जसराना ने कहा, ‘यह बचाव अभियान आपात स्थिति में फसे वन्यजीवों को बचाने के महत्व को रेखांकित करता है। वाइल्डलाइफ एसओएस और वन विभाग के समन्वित प्रयास संकटग्रस्त वन्यजीवों की सहायता में एक सकारात्मक पहल पर प्रकाश डालता हैं।’

वाइल्डलाइफ एसओएस के सह-संस्थापक और सीईओ, कार्तिक सत्यनारायण ने बताया, ‘वाइल्डलाइफ एसओएस सक्रिय रूप से लोगों में जागरूकता बढाने और वन्यजीवों के साथ शांतिपूर्वक तरीके से सह-अस्तित्व के महत्व के बारे में समुदायों को शिक्षित करता रहा है। यह सफल मगरमच्छ बचाव ऑपरेशन स्थानीय लोगों और निवासी ग्रामीणों के बीच बढ़ती जागरूकता और इस तरह की पहल के बढ़ते महत्व को दर्शाता है।’

वाइल्डलाइफ एसओएस के डायरेक्टर कंज़रवेशन प्रोजेक्ट्स बैजूराज एम.वी ने कहा कि बचाव अभियान मानव-मगरमच्छ संघर्ष को कम करने में सक्रिय हस्तक्षेप के मूल्य पर प्रकाश डालता है। ऐसी स्थितियों को तुरंत संबोधित करके, हम न केवल स्थानीय लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करते हैं बल्कि इन अविश्वसनीय सरीसृपों के प्राकृतिक आवासों की भी रक्षा करते हैं।

मगर क्रोकोडाइल जिसे मार्श क्रोकोडाइल के नाम से भी जाना जाता है, भारतीय उपमहाद्वीप, श्रीलंका, बर्मा, पाकिस्तान और ईरान के कुछ हिस्सों में पाए जाते हैं। यह आमतौर पर मीठे पानी जैसे नदी, झील, पहाड़ी झरने, तालाब और मानव निर्मित जलाशयों में पाया जाता है और वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 की अनुसूची I के तहत संरक्षित है।

Tags :

विज्ञापन

विज्ञापन

जरूरी खबरें

विज्ञापन