Mon 03 Aug 2026
Breaking News Exclusive
श्रीमद्भागवत कथा में गूंजेगी भक्ति की रसधार, 5 अगस्त को निकलेगी मंगल कलश शोभायात्रा 200 वर्ष प्राचीन श्री धनकामेश्वर मंदिर में सावन महोत्सव का शुभारंभ, महा रुद्राभिषेक से गूंजा शिवालय सावन महोत्सव में उमड़ी आस्था, महा रुद्राभिषेक और बाबा श्याम के दिव्य दर्शन को उमड़े श्रद्धालु लॉयंस क्लब फ्लेमिंगो का पौधारोपण अभियान, 21 पौधे रोपकर दिया हरित भविष्य का संदेश भव्य कलश यात्रा के साथ श्री महाकालेश्वर मंदिर में सावन महोत्सव का शुभारंभ आगरा व्यापार मंडल का रक्तदान अभियान बनेगा नया कीर्तिमान, तैयारियां अंतिम चरण में राजा दशरथ-राजा जनक परिवार का भव्य सम्मान, भक्तिमय माहौल में शुरू हुआ रामलीला महोत्सव हथकरघा उद्योग को नई उड़ान, 45 दिवसीय प्रशिक्षण से महिलाएं होंगी आत्मनिर्भर जनकपुरी महोत्सव के लिए पुलिस प्रशासन अलर्ट, सुरक्षा एवं ट्रैफिक व्यवस्था पर बनी रणनीति संवेदना एक प्रयास संस्था का सराहनीय कदम, 330 बच्चों को बांटी शिक्षण सामग्री

सूचना

Pragya News 24 is News Blog to Providing all over News of World.

धर्म प्रदर्शन नहीं दर्शन है, ताकत में संस्कार हो तो बन जाता है दर्शन : व्यासपीठ पर विराजमान चित्रकूट के स्वामी श्री रामस्वरूपाचार्य जी महाराज ने किया सीता हरण की कथा का वर्णन

Pragya News 24

Fri, Mar 20, 2026
Post views : 131

आगरा। ताकत में संस्कार हो तो वह प्रदर्शन नहीं दर्शन जाता है। धर्म एक दर्शन है प्रदर्शन नहीं है। इसीलिए बूढ़े जटायू ने धर्म की रक्षा के लिए सीता मां को बचाने के लिए अपने प्राण तक दे दिए। इसी तरह राष्ट्र के प्रति समर्पण होना चाहिए। परन्तु भाषा में क्रोध नहीं बोध होना चाहिए। भाषा बोध के कारण ही भारत विश्व गुरु माना जाता है। यह कथन था श्रीराम कथा में व्यास पीठ पर विराजमान श्री कामदगिरि पीठाधीश्वर श्रीमद् जगतगुरु राम नंदाचार्य स्वामी रामस्वरूपाचार्य महाराज का। उन्होंने कहा कि क्योंकि भारत देश की भाषा में संस्कार और शिष्टता है। इस पार और उस पार की भाषा में वही अन्तर है जो राजा दशरथ और दसमुख रावण में है। रावण के पुत्र इंद्रजीत और राजा दशरथ का बेटा इंद्रीय जीत है। इसलिए गन्दी भाषा बोलकर देश लज्जित न करें। बोलने का तरीका सीखना है तो रामायण का पाठ करें।

चित्रकूट धाम बने कथा स्थल पीएस गार्डन में आयोजित श्रीराम कथा में व्यास पीठ पर विराजमान श्री कामदगिरि पीठाधीश्वर श्रीमद् जगतगुरु राम नंदाचार्य स्वामी रामस्वरूपाचार्य महाराज ने आज कथा में गुरु गोविन्द सिंह के पुत्रों (जोरावर सिंह, फतेहसिंह) की कथा के माध्यम से कहा कि उन्होंने अपने जीवन को नहीं बल्कि धर्म को महत्व दिया। जिन्होंने मरना स्वीकार किया परन्तु धर्मान्तर को नहीं स्वीकारा।

इस अवसर पर मुख्य रूप से सांसद राजकुमार चाहर, आयोजन समिति के अध्यक्ष राम सेवक शर्मा (जय भोले) व महामंत्री धर्मेन्द्र त्यागी, मुख्य यजमान सिलेंद्र विथरिया, हाकिम सिंह त्यागी, रणवीर सोलंकी, पं. किशोर लवानिया, दीनदयाल मित्तल, ऋषि उपाध्याय जी, डॉ. उदिता त्यागी गाजियाबाद, श्रीनिवास विथरिया जी, राजू शर्मा सुशील बत्रा, पप्पू, विष्णु बिहारी त्यागी, अशोक मित्तल, हाकिम सिंह त्यागी, आचार्य राहुल, ऋषि उपाध्याय, रामवीर सिंह चाहर, अशोक फौजदार, रामवीर सिंह, अशोक फौजदार महावीर त्यागी, रनवीर सोलंकी, सौरभ शर्मा, सतेंद्र पराशर, जितेंद्र प्रधान, राजेंद्र बरुआ, भगवान दास, राकेश मंगल, रविन्द्र सिंह, मुरारी लाल त्यागी, सोम मित्तल, किशन यादव, ऋषि वित्तरिया, सोम मित्तल, डॉ. अनिल शर्मा आदि उपस्थित थे।

Tags :

Agra News

Pragya News

Uttar Pradesh News

UP News

विज्ञापन

विज्ञापन

जरूरी खबरें

विज्ञापन