Mon 03 Aug 2026
Breaking News Exclusive
सावन की मल्हार और झूलों संग मना तीजोत्सव, महिलाओं ने जमकर बिखेरे रंग प्रतिभाशाली छात्रों के लिए सुनहरा अवसर, VIQ 2026 से मिलेगी 100% तक छात्रवृत्ति श्रीमद्भागवत कथा में गूंजेगी भक्ति की रसधार, 5 अगस्त को निकलेगी मंगल कलश शोभायात्रा 200 वर्ष प्राचीन श्री धनकामेश्वर मंदिर में सावन महोत्सव का शुभारंभ, महा रुद्राभिषेक से गूंजा शिवालय सावन महोत्सव में उमड़ी आस्था, महा रुद्राभिषेक और बाबा श्याम के दिव्य दर्शन को उमड़े श्रद्धालु लॉयंस क्लब फ्लेमिंगो का पौधारोपण अभियान, 21 पौधे रोपकर दिया हरित भविष्य का संदेश भव्य कलश यात्रा के साथ श्री महाकालेश्वर मंदिर में सावन महोत्सव का शुभारंभ आगरा व्यापार मंडल का रक्तदान अभियान बनेगा नया कीर्तिमान, तैयारियां अंतिम चरण में राजा दशरथ-राजा जनक परिवार का भव्य सम्मान, भक्तिमय माहौल में शुरू हुआ रामलीला महोत्सव हथकरघा उद्योग को नई उड़ान, 45 दिवसीय प्रशिक्षण से महिलाएं होंगी आत्मनिर्भर

सूचना

Pragya News 24 is News Blog to Providing all over News of World.

वनवास गमन और केवट प्रसंग ने भावुक किए श्रद्धालु : श्रीराम कथा में दिया भक्ति और समर्पण का संदेश, राज्य महिला आयोग अध्यक्ष डॉ. बबीता चौहान ने किया व्यास पूजन

Pragya News 24

Tue, Mar 17, 2026
Post views : 164

आगरा। गणेश दुर्गा महोत्सव कमेटी के तत्वावधान में लंगड़े की चौकी, शास्त्री नगर स्थित श्री हनुमंत धाम में चल रही 10 दिवसीय श्रीराम कथा के सातवें दिवस भगवान श्रीराम के वनवास गमन और केवट प्रसंग का अत्यंत मार्मिक वर्णन किया गया। कथा व्यास भरत उपाध्याय के भावपूर्ण वर्णन से कथा स्थल पर उपस्थित श्रद्धालु भक्ति और भावनाओं में सराबोर हो उठे।

कथा के सातवें दिवस कथा व्यास भरत उपाध्याय ने भगवान श्रीराम, माता सीता और लक्ष्मण के वनवास गमन के प्रसंग का वर्णन करते हुए कहा कि श्रीराम ने पिता के वचन की मर्यादा को निभाने के लिए राजसुख का त्याग कर वन का मार्ग स्वीकार किया। यह प्रसंग त्याग, कर्तव्य और आदर्श जीवन का सर्वाेच्च उदाहरण प्रस्तुत करता है।

उन्होंने केवट प्रसंग का भावपूर्ण वर्णन करते हुए कहा कि निषादराज और केवट की भक्ति हमें यह सिखाती है कि भगवान के प्रति सच्चा प्रेम और समर्पण ही सबसे बड़ी भक्ति है। केवट ने प्रभु श्रीराम के चरण धोकर उन्हें नाव में बैठाया और अपने प्रेम व भक्ति का अद्भुत उदाहरण प्रस्तुत किया। कथा व्यास ने कहा कि भगवान श्रीराम ने अपने आचरण से यह संदेश दिया कि उनके लिए कोई बड़ा या छोटा नहीं है, सच्चे भाव से किया गया प्रेम ही उन्हें प्रिय है।

इस अवसर पर मुख्य अतिथि राज्य महिला आयोग अध्यक्ष डॉ. बबीता चौहान ने व्यास पूजन के पश्चात श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि धार्मिक कथाओं के आयोजन समाज को सही दिशा देने का कार्य करते हैं। भारत की पहचान उसकी संस्कृति से है और संस्कृति की रक्षा संस्कारों से होती है।

उन्होंने कहा कि बच्चों को संस्कार देने का सबसे बड़ा दायित्व माता का होता है। इसलिए जब भी कथा सुनने आएं तो अपने बच्चों को साथ अवश्य लेकर आएं, ताकि नई पीढ़ी अपने संस्कारों, देवी-देवताओं, कथाओं और पौराणिक मान्यताओं से परिचित हो सके।

डॉ. बबीता चौहान ने कहा कि उन्होंने हाल ही में निर्देश जारी किया है कि पांचवीं कक्षा तक के बच्चों की पढ़ाई मोबाइल के माध्यम से न कराई जाए। यदि स्कूल और बच्चों के बीच मोबाइल का अनुचित प्रयोग होता दिखाई दे तो इसकी शिकायत महिला आयोग से की जा सकती है। उन्होंने कहा कि उनका मोबाइल 24 घंटे खुला रहता है और वह प्रदेश भर में लगातार दौरा कर लोगों की समस्याओं का समाधान कर रही हैं।

इस अवसर पर उत्तर प्रदेश लघु उद्योग निगम के अध्यक्ष राकेश गर्ग ने कहा कि रामकथा भारतीय संस्कृति और जीवन मूल्यों का आधार है। श्रीराम का जीवन हमें कर्तव्य, मर्यादा और आदर्श जीवन का मार्ग दिखाता है।

कथा विश्राम के पश्चात श्रीरामचरितमानस जी की आरती गिरिराज जी से आए हरवीर बाबा, लखन दास बाबा, डॉ. बबीता सिंह चौहान, राकेश गर्ग, गोपी गुरु जी, चेयरमैन रामकुमार शर्मा, डॉ. दीपेश उपाध्याय, सोनी सिंह, राजेश दुबे, लालू जादौन, जयदीप ग्रोवर, शालू गुप्ता, डॉ. एस.पी. शर्मा, डॉ. राधाकृष्णन गुप्ता सहित अन्य श्रद्धालुओं ने उतारी।

Tags :

Agra News

Pragya News

Uttar Pradesh News

UP News

विज्ञापन

विज्ञापन

जरूरी खबरें

विज्ञापन