: रानी पद्मावती अवॉर्ड 2024 का भव्य आयोजन 4 फरवरी को
Fri, Feb 2, 2024
मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहेंगी साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर
आगरा। रानी पद्मावती अवार्ड का आयोजन 4 फरवरी 2024 को राव कृष्ण पाल सिंह ऑडिटोरियम, आर बी एस कॉलेज आगरा में सुबह 11 बजे से किया जायेगा, इसी संदर्भ में संजय प्लेस स्थित आहार रेस्टोरेंट में निमंत्रण पत्र का विमोचन किया गया।
कार्यक्रम संयोजिका श्रीमती मनीषा सिंह चौहान ने बताया कि कार्यक्रम का में विशेष रूप से क्षत्रिय महिलाओं को सम्मानित किया जाएगा, मुख्य अतिथि साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर, सांसद भोपाल मध्य प्रदेश एवं संरक्षिका युवरानी अपराजिता कुमारी किला अवागढ़ उपस्थित रहकर सभी क्षत्राणियों का उत्साह वर्धन करेंगी।
संयोजिका ने बताया कि इस अवसर पर क्षत्रिय समाज की उन क्षत्राणी महिलाओं को जिन्होंने समाज के विभिन्न क्षेत्रों में दिए गए विशेष योगदान के लिए संस्था की ओर से उन्हें प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से ‘रानी पद्मावती अवार्ड वर्ष-2024’ से सम्मानित किया जा रहा है, निमंत्रण पत्र के माध्यम से अधिक से अधिक क्षत्रिय परिवारों को जोड़ा जा रहा है। अभी तक संस्था द्वारा जिन को सम्मानित किया जाना तय हुआ है वे हैं:- उन्नति सिसोदिया (आईसीएसई, ऑल इंडिया गोल्ड मेडलिस्ट 2023, ऑल इंडिया स्कूल गेम्स में प्रतिभाग 2024), आस्था सिकरवार (यूपी माध्यमिक राज्यस्तरीय विद्यालय में स्वर्ण पदक, राष्ट्रीय प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक 2 बार), राधा परमार (पत्नी - शहीद रवि सिंह परमार), शहीद पृथ्वी सिंह चौहान की मां सुशीला चौहान, दिव्या सिकरवार (पिता राजपाल सिंह सिकरवार वर्तमान एटा एसडीएम), प्रतिभा सिंह (पुत्री अनिल कुमार सिंह नारखी फिरोजाबाद), एकता चौहान (पुलिस इंस्पेक्टर), रेखा चौहान (दुग्ध संघ अध्यक्ष आगरा मंडल) आदि।
इस अवसर पर विशेष उपस्थिति रही विजय पाल सिंह चौहान, मीना राघव, नेत्र पाल सिंह चौहान, अंबिका सिकरवार आदि।
: ऑटिज्म से पीड़ित बच्चों ने गणतंत्र दिवस पर बिखेरे देशभक्ति के रंग
Sat, Jan 27, 2024
आगरा। शाहगंज-भेगीपुरा स्थित आध्यान्त फाउंडेशन ऑफ ऑटिज्म में गणतंत्र दिवस उत्साह व उमंग के साथ मनाया गया। ऑटिज्म से पीड़ित बच्चों ने देशभक्ति गीतों पर सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देकर सभी दर्शकों को आश्चर्य चकित कर दिया।
हर तरफ देशभक्ति के रंग बिखरे थे। श्रीराम की भक्ति के रंग भी नजर आए कार्यक्रम में। देशभक्ति के गीतों संग राम आएंगे… जैसे गीतों पर भी फाउंडेशन के विद्यार्थियों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं।
कार्यक्रम का शुभारम्भ मुख्य अतिथि फिरोजाबाद होम्योपैथी गवरमेंट हॉस्पीटल के डॉ. सतीश शुक्ला, शहगंज थानाध्यक्ष आलोक सिंह व फाउंडेशन की निदेशक डॉ. रेनू तिवारी, नीरज तिवारी ने सम्मलित रूप से झंडारोहण किया। सभी अतिथियों का स्वागत तिरंगा रंग का पटका पहनाकर किया गया। संचालन संजय दुबे, धीरज बाथम ने किया।
इस अवसर पर मुख्य रूप से पंकज तिवारी, प्रमोद वर्मा, हेमन्त वर्मा, सतेन्द्र तिवारी, रचना जिन्दल, ममता अग्रवाल आदि उपस्थित थीं।
: हम विवेकानंद हैं जो धर्म के ध्वज गाड़ देते, हम ही अंग्रेजों के सीने बोस बनकर फाड़ देते…
Tue, Jan 23, 2024
अखिल भारतीय कवि सम्मेलन में किया गया नेताजी सुभाष चंद्र बोस को याद
श्री चित्रगुप्त परिषद् युवा शाखा ने किया पराक्रम दिवस पर कवि सम्मेलन का आयोजन
आगरा। भारत की स्वतंत्रता के महानायक नेताजी सुभाष चंद्र बोस की की जयंती “पराक्रम दिवस” और अयोध्या धाम में श्रीराम लला की प्राण प्रतिष्ठा के अवसर पर श्री चित्रगुप्त परिषद आगरा, युवा शाखा द्वार अखिल भारतीय कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया।
संजय प्लेस स्थित यूथ हॉस्टल में आयोजित कवि सम्मेलन का आरंभ मां शारदे के समक्ष दीप प्रज्जवलित कर और नेताजी के चित्र पर माल्यार्पण कर किया गया। पदम गौतम ने मां विमल पद्मासने हमें ज्ञान की गंगा देदो… सरस्वती वंदना प्रस्तुत की।
कार्यक्रम संयोजक मोहित सक्सेना ने अतिथियों का स्वागत किया। इसके बाद देशभर से आये कवियों ने वीर रस और भक्ति रस से ओतप्रोत काव्य रस धारा प्रस्तुत की। एक ओर वीर रस से पगी कविताओं में नेताजी, स्वामी विवेकानंद जी के प्रति शब्दांजलि थी तो दूसरी ओर अयोध्या धाम में पधारे राम लला की भक्ति की उमंग की झलक थी।
फरीदाबाद से आए हास्य कवि विनोद पाल ने भक्ति रस पर आधारित कविता वो जो कल तक कहते थे कि हम देखते हैँ कैसे बनेगा धाम, वो भी कल मुझे कहते मिले जय श्री राम, जय श्री राम… का पाठ जब किया तो समूचा परिसर ही श्रीराम के जयघोष से गूंज उठा।
नेताओं पर व्यंग्य करते हुए टूंडला से आए कवि लटूरी लट्ठ ने आज जब मैं किसी को नेता कहता हूं, मांस की ये जीभ मेरी कट फट जाती है… रचना प्रस्तुत की तो सभागार की भरपूर तालियां बटोर लीं।
कवि सम्मेलन का माहौल फिर बदला जब आगरा की कांची सिंघल ने रामा रामा सिया पुकारे राम पुकारे सीता को, जंगल जंगल ढूंढ रहे हैं रामचंद्र मनमीता को… पंक्तियों का पाठ किया और सीता विछोह की विरह वेदना से श्रोता भाव विभोर हो उठे।
कार्यक्रम संयोजक मोहित सक्सेना ने वीर से पगी पंक्तियां हम विवेकानंद हैं जो धर्म के ध्वज गाड़ देते, हम ही अंग्रेजों के सीने बोस बनकर फाड़ देते… का पाठ किया।
अरमानों के फूल खिलाया करता है, वो ख़््वाबों में आया-जाया करता है… श्रंगार रस की इन पंक्तियों का पाठ भरत दीप माथुर ने किया। झांसी से पधारे पंकज अभिराज ने लक्ष्य तक ले जाएगी तुमको ये ठोकर देखना, गिर गये तो क्या, खड़े तुम फिर से होकर देखना… पंक्तियों से युवाओं में उत्साह का संचार किया। जिसने फूलों की सेज छोड़, भारत माता की आह सुनी, हम वीर सुभाष की जय बोलें, जिसने कांटों की राह चुनी… वीरता की ये पंक्तियां धौलपुर के पदम गौतम ने पढ़कर वंदे मातरम की गूंज करवा दी।
इसी क्रम में डॉ पीएन अस्थाना, भरत दीप माथुर, पंकज अधिराज, विनोद पाल, राकेश निर्मल आदि ने काव्य रचनाएं प्रस्तुत कीं। कार्यक्रम का संचालन लटूरी लट्ठ ने किया। अध्यक्ष सुभाष सक्सेना, महासचिव अम्बेश श्रीवास्तव, कोषाध्यक्ष सुशील श्रीवास्तव, समीर सक्सेना, प्रेमचंद अस्थाना, सोनिका सक्सेना, अभिनव कुलश्रेष्ठ, प्रशांत सक्सेना, संजीव सक्सेना, विशाल, आरती सक्सेना, नितिन जौहरी, सुधीर कुलश्रेष्ठ, सुभाष सारस्वत, उमाशंकर शर्मा, उमाशंकर मिश्र, संजय शर्मा, विशाल रायजादा, मीनू आनंद, राकेश शर्मा, आशुतोष, निधि, शुभि पालीवाल, अभिषेक, प्रवेश आदि उपस्थित रहे।
भारत के युवाओं के लिए नेता जी हैं प्रेरणा स्त्रोत
कार्यकम संयोजक मोहित सक्सेना ने बताया कि अद्भुत नेतृत्वशक्ति से नेताजी ने “आजाद हिंद फौज” की स्थापना कर भारत के स्वतंत्रता संघर्ष को दिशा दी थी। उनके जीवन का एक मात्र लक्ष्य भारत की स्वतंत्रता था, जिसके लिए उन्होंने अपना सब कुछ न्यौछावर कर दिया। नेताजी का जीवन, उनका देश के प्रति प्रेम और शौर्य देश के प्रत्येक युवा के लिए प्रेरणा स्त्रोत रहेगा। युवा को यही संदेश देने हेतु कवि सम्मेलन से पूर्व फतेहाबाद रोड स्थित नेताजी सुभाष चंद्र बोस जी की प्रतिमा पर श्री चित्रगुप्त परिषद के पदाधिकारियों ने माल्यार्पण करके उनकी जयंती मनाई व उनके आदर्शाे पर चलने का संकल्प लिया।
इस अवसर पर सुभाष सक्सेना, अम्बेश श्रीवास्तव, सुशील श्रीवास्तव, नीलेन्द्र श्रीवास्तव, विशाल सक्सेना, मोहित सक्सेना, अरविन्द कुमार सक्सेना, रवि श्रीवास्तव आदि उपस्थित रहेा।