: श्री वरद वल्लभ गणपति मंदिर में भव्य गणेश उत्सव : 101 किलो मोदक के दर्शन करेंगे भक्त
Tue, Aug 26, 2025
दक्षिण भारतीय परंपरा में होगा महा-अभिषेक और स्वर्ण श्रृंगार
भक्तों के आकर्षण का केंद्र बनेगा 101 किलो मेवा मोदक
अद्भुत है ग्रेनाइट पत्थर से बनी गणेश जी की प्रतिमा
आगरा। श्रद्धा और भक्ति के संगम स्थल आगरा-फिरोजाबाद रोड स्थित श्री वरद वल्लभ गणपति मंदिर इस बार गणेश उत्सव की भव्यता का केंद्र बनेगा। गणेश चतुर्थी 27 अगस्त से प्रारंभ होकर 10 दिनों तक चलने वाले इस उत्सव में भक्तों को 101 किलो वजनी मेवा मोदक के दर्शन का सौभाग्य प्राप्त होगा।
मंदिर के संस्थापक एवं एनआरएल ग्रुप के चेयरमैन हरिमोहन गर्ग ने बताया कि गणेश उत्सव दक्षिण भारतीय परंपरा और पूजा पद्धति के अनुसार उल्लासपूर्ण माहौल में संपन्न होगा। गणेश चतुर्थी के दिन प्रातः 5 बजे दूध, दही, घी, चंदन और नारियल पानी आदि से श्री वरद वल्लभ गणपति का महा-अभिषेक किया जाएगा। इसके पश्चात स्वर्ण श्रृंगार कर गणपति बप्पा गुलाबी आभा में भक्तों को दर्शन देंगे। इसी क्रम में हवन का आयोजन होगा और पूरे दिन मंदिर के पट श्रद्धालुओं के लिए खुले रहेंगे।
विशाल मोदक की विशेषता यह है कि मंदिर की रसोई में रसोइयों द्वारा इसे मेवे और शुद्ध सामग्री से विशेष रूप से तैयार किया जा रहा है। भक्त इस मोदक के दर्शन पूरे दस दिनों तक कर सकेंगे और उत्सव के अंतिम दिन प्रसाद स्वरूप इसका वितरण किया जाएगा। भारी संख्या में श्रद्धालुओं के आगमन को देखते हुए मंदिर परिसर में बैरिकेडिंग की जा रही है ताकि किसी भी भक्त को असुविधा न हो। साथ ही पूरे मंदिर परिसर को आकर्षक विद्युत सज्जा द्वारा सजाया जा रहा है।
मंदिर का इतिहास
मंदिर में पद्मश्री पेरूमल सत्पति द्वारा एक वर्ष में बनाई गई वरद वल्लभा गणपति की प्रतिमा स्थापित है। हरिमोहन गर्ग ने बताया कि पद्मश्री पेरूमल सत्पति ने ब्लू ग्रेनाइट के एक पत्थर को एक वर्ष तक अनवरत तराश कर वरद वल्लभा गणपति की प्रतिमा को आकार दिया है। प्रतिमा चार फुट ऊंची है और इसका वजन करीब तीन टन है। इसे क्रेन से उठाकर मंदिर में स्थापित किया गया था। 10 फुट ऊंचे और आठ फुट चौड़े सिंहासन पर भगवान गणपति की प्रतिमा विराजमान है। प्रतिमा चार फुट ऊंची है और इसका वजन करीब तीन टन है। मंदिर परिसर में ही हनुमान जी की प्रतिमा की स्थापना भी अभी कुछ समय पूर्व की गई है।
: रामलीला - चन्द्रग्रहण के कारण मुकुट शोभायात्रा अब 8 सितम्बर को
Mon, Aug 25, 2025
आगरा। उत्तर भारत की ऐतिहासिक आगरा की रामलीला 06 सितमबर को गणेश पूजन के साथ प्रारम्भ होगी। रामलीला महोत्सव के अन्तर्गत मुकुट पूजन के बाद मुकुट शोभायात्रा की सवारी काली बाड़ी से रावत पाड़ा मनःकामेश्वर मन्दिर आती है। जो कि इस बार 07 सितम्बर को चन्द्र ग्रहण होने के कारण सनातन धर्म का पालन करते हुये दिनांक 08 सितम्बर 2025 को निकलेगी।
श्रीरामलीला कमेटी के महामंत्री राजीव अग्रवाल ने बताया कि चन्द्र ग्रहण के कारण उस दिन किसी भी प्रकार की पूजा नही की जाती है। अतः 07 सितम्बर को श्री मनःकामेश्वर नाथ मन्दिर में भगवान को मुकुट अर्पित नही किया जा सकता है। अब मुकुट महोत्सव की सवारी 07 सितम्बर के स्थान पर 08 सितम्बर को काली बाड़ी से प्रारम्भ होकर रावत पाड़ा मनःकामेश्वर नाथ मन्दिर पर आयेगी। अन्य सभी कार्यक्रम पूर्ववत होगें।
: नंद घर आनंद भयो जय कन्हैया लाल की… नंदोत्सव के उल्लास में मगन हुई मिथिला नगरी
Thu, Aug 21, 2025
आगरा। श्री जनकपुरी महोत्सव महिला समिति द्वारा गुरुवार शाम कमला नगर स्थित टीले वाले मंदिर में नंदोत्सव का आयोजन किया गया। कृष्ण जन्मोपरांत नंदबाबा के आंगन में मनाए जाने वाले नंदोत्सव की परंपरा को पुष्प-वर्षा, झूलन आरती और दही-हांडी जैसे आयोजनों ने जीवंत कर दिया। देर रात तक मंदिर प्रांगण “नंद के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की” के जयघोष से गूंजता रहा। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि मंजू मंगल ने दीप जलाकर किया। इस अवसर पर मुख्य संरक्षक व रानी सुनयना अंजू अग्रवाल, विशिष्ट अतिथि मधु बंसल, संरक्षक मीरा अग्रवाल एवं संगीता पोद्दार मंच पर उपस्थित रहीं।
जनकपुरी महिला समिति की अध्यक्ष सीमा अग्रवाल, सचिव प्रियंका अग्रवाल, कोषाध्यक्ष मीनू त्यागी एवं सह-कोषाध्यक्ष श्वेता बंसल ने सभी अतिथियों का स्वागत किया। समिति की संरचना में वरिष्ठ उपाध्यक्ष चारु गर्ग और उपाध्यक्ष अंजू, वंदना अग्रवाल, सोनिया शर्मा, इंद्रा अग्रवाल, रिचा मांगलिक, मंत्री मोनिका अग्रवाल, नीलम अग्रवाल, साधना वर्मा, शिखा, शुचि अग्रवाल, लक्ष्मी, विनीता अग्रवाल, मानसी अग्रवाल, राखी अग्रवाल, प्रवीणा पालीवाल, अंशु अग्रवाल, डॉली सिंघल, मिल्की, मधु अग्रवाल, मीरा बंसल, मेघा गुप्ता, रेनू मांगलिक, रेनू सिंघल, रितु गर्ग, रचना गोयल, शशि गोयल, शालिनी अग्रवाल और सुरेखा गुप्ता भी सक्रिय रूप से सम्मिलित रहीं।
नंदोत्सव के अवसर पर भक्ति गीतोंकृ “मथुरा में जन्मे कन्हैया, बधाइयाँ गोकुल में बाजे जी” तथा “लाला की छठी मनाओ, सखी मंगल गाओ घड़ी-घड़ी” की प्रस्तुति ने श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। माखन-मिश्री, दधि और शहद से ठाकुरजी का विशेष अभिषेक किया गया, वहीं झूलन-आरती और पुष्प-वर्षा ने पूरे वातावरण को उत्सवमय बना दिया।
समिति की अध्यक्ष सीमा अग्रवाल ने कहा कि “नंदोत्सव केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि सामुदायिक समरसता, सेवा और सांस्कृतिक धरोहर के संरक्षण का संकल्प है। जनकपुरी महोत्सव के अंतर्गत ऐसे कार्यक्रम समाज को जोड़ते हैं और नई पीढ़ी को अपनी परंपराओं से परिचित कराते हैं।”
कार्यक्रम का संचालन श्रीमती श्वेता बंसल ने सुसंयोजित व आत्मीय शैली में किया। मंजू मंगल और मधु अग्रवाल द्वारा प्रसाद की व्यवस्था की गई। समारोह का समापन महाआरती से हुआ तथा श्रद्धालुओं में माखन-मिश्री व पंचामृत का प्रसाद वितरित किया गया। आयोजकों ने शहरवासियों से आग्रह किया कि वे परिवार सहित जनकपुरी महोत्सव के आगामी कार्यक्रमों में शामिल होकर भक्ति, संगीत और लोक-परंपराओं से सजे इस महोत्सव का हिस्सा बनें। अंत में श्रीमती श्वेता बंसल ने सभी अतिथियों, समिति सदस्यों और श्रद्धालुओं का धन्यवाद ज्ञापित करते हुए नंदोत्सव के सेवा, समरसता और संस्कृति के संदेश को दोहराया।