: दो माह पुराने शव की शिनाख्त में जुटी पुलिस, उम्र को लेकर संशय जारी
Thu, Oct 5, 2023
Agra. आगरा के जिला अस्पताल में एक शव को लाया गया था। शव किसी नाबालिग का है या फिर वयस्क का। इसका पता लगाने के लिए जिला अस्पताल में उसके शव का एक्सरा किया गया। इस बॉडी को पोस्टमार्टम ग्रह से भेजा गया था। चिकित्सकों ने तुरंत इस बॉडी का एक्सरा कराया और फिर पोस्टमार्टम ग्रह भिजवा दिया।
मामला बाह पिनाहट क्षेत्र से जुड़ा हुआ है। क्षेत्र में एक अज्ञात शव मिला था। शव भी दो माह पुराना बताया जा रहा है जिसके सिर में गोली लगी हुई है यानी गोली मारकर इसकी हत्या हुई थी। शव की दुर्गति हो रखी थी। पुलिस ने तुरंत कानूनी कार्यवाही कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया था लेकिन उसकी उम्र पुलिस के लिए पहेली बनी हुई थी।
उम्र की पहेली को सुलझाने के लिए पोस्टमार्टम से शव को जिला अस्पताल भेजा गया। यहाँ पर शव का एक्सरा हुआ और उसकी उम्र से संबंधित रिपोर्ट चिकित्सकों ने दी। शव को लेकर आये पोस्टमार्टम कर्मचारियों ने बताया कि अज्ञात शव मिला है उसकी उम्र को लेकर संशय से बना हुआ है।
: पराली और मिट्टी से बनाई जा रही मां दुर्गा की ईको फ्रेंडली प्रतिमाएं
Thu, Oct 5, 2023
Agra. पराली से उत्तर प्रदेश पंजाब के साथ अन्य राज्यों के किसान भी परेशान है। पराली जलाते हैं तो वायु प्रदूषण अधिक होता है और प्रशासन कार्यवाही करता है लेकिन इस पराली का सदुपयोग कोलकत्ता से आगरा आये मूर्तिकार कर रहे है। नव दुर्गा फेस्टिवल को लेकर माँ दुर्गा की इको फ्रेंडली प्रतिमाएं बना रहे है। इन प्रतिमाओं को बनाने में इस पराली का ही उपयोग किया जा रहा है।
पानी में गल जाती है पराली
नामनेर स्थित दुर्गा मंदिर में इको फ्रेंडली प्रतिमाएं बना रहे मूर्तिकारों में बताया कि पराली और मिट्टी को मिलाकर प्रतिमा का ढांचा तैयार किया जाता है। पराली और मिट्टी से मिलाकर प्रतिमा का ढांचा बनाने के बाद उनमें इको फ्रेंडली रंग का उपयोग किया जाता है। कारीगरों ने बताया कि मिट्टी और पराली से प्रतिमा बनाने के दो फायदे है। एक प्रतिमा विसर्जन के दौरान नदी प्रदूषित नहीं होगी तो दूसरी ओर पराली जो किसानों के लिए सिरदर्द है उसका भी निस्तारण आसानी से हो जाता है। उन्होंने बताया कि पानी में पराली गल जाती है और मिट्टी पानी में बह जाती है।
मिले है सैकड़ों ऑर्डर
मूर्तिकार ने बताया कि इको फ्रेंडली की डिमांड लगातार बढ़ती चली जा रही है। सैकड़ो लोगों ने ऑर्डर पर मां दुर्गा की प्रतिमा बनवाई हैं। सभी प्रतिमाएं इको फ्रेंडली है। पराली और मिट्टी से यह प्रतिमा बनाई गई है, साथ ही इको फ्रेंडली कलर का भी उपयोग किया जा रहा है जो विसर्जन के दौरान पानी को प्रदूषित नहीं करता।
: टाटा मोटर्स की टाटा ऐस ईवी लॉन्च, छोटा हाथी को दिया गया इलैक्ट्रिक व्हीकल का रूप
Thu, Oct 5, 2023
− टाटा ऐस ईवी मात्र 07 घंटे चार्ज होकर चलेगा 154 किमी
− पर्यावरण प्रदूषण पर लगेगी लगाम, रनिंग कॉस्ट भी है कम
आगरा। पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए टाटा मोटर्स ने अपने पुराने छोटा हाथी को इलैक्ट्रिक व्हीकल के रूप में उतारा है।
बुधवार को अशोक आटो सेल्स ने टाटा मोटर्स की नई गाड़ी टाटा ऐस ईवी (टाटा ऐस इलैक्ट्रिक व्हीकल) की लॉन्चिंग संजय प्लेस स्थित अशोक कॉसमॉस मॉल पर की। मुख्य अतिथि विधायक पुरुषोत्तम खण्डेलवाल और कंपनी की मैनेजिंग डायरेक्टर डॉ रंजना बंसल द्वारा दीप प्रज्जवलित कर किया गया।
पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए सभी का स्वागत पौधे भेंट कर किया गया। मैनेजिंग डायरेक्टर डॉ रंजना बंसल ने सभी को भविष्य का चिंतन करती पर्यावरण संरक्षण की शपथ ग्रहण करवाई।
विधायक पुरुषोत्तम खण्डेलवाल ने कहा कि टाटा मोटर्स पर्यावरण को ध्यान में रखकर नये वाहन बाजार में उतार रहा है। इसी क्रम में टाटा ऐस ईवी पूर्णतः बिजली से चार्ज होकर चलेगी, जोकि शून्य कार्बन उत्सर्जन को बढ़ावा देगी।
गाड़ी की खूबियों के बारे में कंपनी के महाप्रबंधक आशुतोष ने कहा कि टाटा ऐस ईवी वास्तव में पुरानी गाड़ी छोटा हाथी का रूप है, जो डीजल चलित वाहन है। उसी छोटा हाथी को अब टाटा ऐस ईवी के रूप में उतारा गया है। टाटा ऐस ईवी में बिल्ट इन कार्गाे बॉक्स एल्यूमीनियम का बना है जोकि जंग रोधक है। यह गाड़ी करीब सात घंटे में चार्ज होकर लगभग 154 किमी तक चलती है। जिसकी रनिंग कॉस्ट करीब एक रुपये प्रति किमी है। देश के अन्य हिस्सों में टाटा ऐस ईवी काफी पसंद की जा रही है। टाटा ऐस ईवी को अमेजन, फिलिपकार्ट आदि ईकॉमर्स कंपनियां अपने प्रयोग में लगातार ले रही हैं। लॉन्चिंग समारोह में टाटा मोटर्स के टीएसएम मनोज रावत, अविनाश यादव आदि उपस्थित रहे।