: आयोडीन नमक, गर्भवती और बच्चों के लिए वरदान
Mon, Oct 21, 2024
विश्व आयोडिन अल्पता विकार दिवस पर सीएचसी फतेहपुर सीकरी में हुई साप्ताहिक समीक्षा बैठक
एएनएम और आशा ने घर-घर जाकर गर्भवती और धात्री महिलाओं को आयोडिन नमक के बारे में दी जानकारी
आगरा। जिले में विश्व आयोडीन अल्पता विकार दिवस के अवसर पर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र फतेहपुर सीकरी में ब्लॉक साप्ताहिक समीक्षा बैठक का आयोजन किया। इसमें आयोडीन युक्त खाद्य पदार्थों के सेवन से संबंधित जागरूकता बढ़ाने की जानकारी दी गई।
21 अक्टूबर को मनाए जाने वाले विश्व आयोडिन अल्पता विकार दिवस पर आयोडीन के पर्याप्त उपयोग के बारे में जागरूकता उत्पन्न करने और आयोडीन की कमी के परिणामों पर प्रकाश डालना उद्देश्य है। दिवस पर संडीगुड़ उपकेंद्र के अंतर्गत आने वाले कार्य क्षेत्र में एएनएम वैशाली तिवारी और आशा कार्यकर्ता क्षमारानी ने गृह भ्रमण करके गर्भवती और धात्री माताओं को आयोडीन युक्त नमक और आयोडीन युक्त खाद्य पदार्थों के बारे में जागरूक किया । एएनएम और आशा कार्यकर्ता ने भ्रमण गतिविधि के माध्यम से गर्भवती और धात्री माताओं को आयोडीन के महत्व और इसकी कमी से होने वाली समस्याओं के बारे में बताया। उन्हें आयोडीन युक्त खाद्य पदार्थों के बारे में जानकारी दी। साथ ही आयोडीन की कमी से होने वाले लाभ और हनिया के बारे में भी जानकारी दी के द्वारा गृह भ्रमण करके गर्भवती और धात्री को बताया।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अरुण श्रीवास्तव ने बताया कि आयोडीन नमक गर्भवती महिला और बच्चों के लिए वरदान है। आयोडीन की कमी से गर्भस्थ शिशु के विकास में समस्याएं हो सकती हैं, जैसे कि मानसिक और शारीरिक विकास में देरी, जन्म के समय कम वजन और गर्भपात का खतरा। आयोडीन युक्त नमक के सेवन से गर्भवती महिला और बच्चों में आयोडीन की कमी को दूर किया जा सकता है।
एसीएमओ आरसीएच/ अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. संजीव वर्मन ने बताया कि आयोडीन एक महत्वपूर्ण पोषक तत्व है जो मानव वृद्धि और विकास के लिए आवश्यक है। इसकी कमी से कई गंभीर समस्याएं हो सकती हैं, जैसे मंदबुद्धि, मानसिक मंदता, बच्चों में संज्ञानात्मक विकास की गड़बड़ी और मस्तिष्क की क्षति, थायरॉयड ग्रंथि का बढ़ना, तंत्रिका-पेशी और स्तैमित्य, गर्भवती महिलाओं में समस्याएं, गर्भपात, नवज़ात शिशुओं का वज़न कम होना, शिशु का मृत पैदा होना और जन्म लेने के बाद शिशु की मृत्यु होना आदि। उन्होंने बताया कि आयोडीन युक्त नमक का सेवन करने से इन हानियों को रोका जा सकता है। आयोडीन युक्त नमक का सेवन करने से हमारे शरीर में आयोडीन की कमी नहीं होती है और हम स्वस्थ रहते हैं।
इस मौके पर अधीक्षक पीयूष अग्रवाल, विश्व स्वास्थ्य संगठन की एसएमओ डॉ. महिमा चतुर्वेदी, एचईओ पंकज जायसवाल, बीपीएम सतेंद्रपाल सिंह, डब्ल्यूएचओ के फील्ड मॉनिटर नरेश कुमार, एएनएम सहित आशा कार्यकर्ता मौजूद रही ।
आयोडीन युक्त नमक का सेवन न करने से हो सकती कई हानियां :
गर्भवती महिलाओं में:
गर्भपात का खतरा
नवज़ात शिशुओं का वज़न कम होना
शिशु का मृत पैदा होना
जन्म लेने के बाद शिशु की मृत्यु
बच्चों में:
मानसिक मंदता
संज्ञानात्मक विकास की गड़बड़ी
मस्तिष्क की क्षति
शारीरिक विकास में देरी
: विजय को स्थायी करने के लिए उसका उत्सव जरूरी: राज्यपाल
Fri, Oct 18, 2024
ब्रज के दस रत्नों को मिला अवार्ड, बृज की संस्कृति-धरोहर को सहेजने का जिम्मा भी
इनक्रेडिबल इंडिया फाउंडेशन ने किया ‘ब्रज रत्न अवार्ड’ समारोह का आयोजन
आगरा। भारतीय, शास्त्रीय परंपराएं और कला मनोरंजन का साधन नहीं, अपितु कला वह है जो परमात्मा का साक्षात्कार कराने में समक्ष है। ज्ञान की धारा स्थायी है जबकि भौतिक विकास क्षणिक। यह कहना है इनक्रेडिबल इंडिया फाउंडेशन के ब्रज रत्न अवार्ड समारोह के आठवें संस्करण में बतौर मुख्य अतिथि पधारे केरल के राज्यपाल आरिफ़ मोहम्मद ख़ान का। फतेहाबाद स्थित होटल जेपी पैलेस में गुरुवार को आयोजित समारोह में महामहिम ने कहा कि विजय को स्थायी करने के लिए उसका उत्सव जरूरी है।
राज्यपाल आरिफ़ मोहम्मद ख़ान, इनक्रेडिबल इंडिया फाउंडेशन के चेयरमैन पूरन डावर, आयोजन समिति के स्क्वार्डन लीडर एके सिंह, किशोर खन्ना, राजेश गर्ग, शारदा यूनिवर्सिटी के चांसलर वाईके गुप्ता, रजत अस्थाना ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्जवलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। तत्पश्चात चयनित अवार्डियों को बृज रत्न की ट्राफी देकर महामहिम ने सम्मानित किया।
ठान लिया जाए तो मनचाही मंजिल तक पहुंचना आसान
फाउंडेशन के चेयरमैन पूरन डावर ने सकारात्मकता से भरे शब्दों की माला पिरोकर अतिथियों का अभिनंदन किया तो समूचा परिसर तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। स्वागत भाषण के अंत में उन्होंने ‘समय अभी रुका नहीं तो हम क्यूं रुक गए, अभी तो हम चले नहीं फिर क्यों थक गए…’ सुनाकर मौजूद दर्शकों में जोश भर दिया। साथ ही युवा पीढ़ी को संदेश दिया कि दुनिया में असभंव कुछ भी नहीं है… यदि ठान लिया जाए तो मनचाही मंजिल तक पहुंचा जा सकता है।
ताकि कामयाबी की नई इबारत लिखे युवा पीढ़ी
आयोजन समिति के स्क्वार्डन लीडर एके सिंह ने कहा कि यह सम्मान महज शख्सियत का नहीं, ब्रज की संस्कृति और धरोहर को सहेजने का भी है। निश्चित ही अवार्डियों ने ब्रज के गौरव रथ को आगे बढ़ाया है, लेकिन युवा पीढ़ी भी कामयाबी की नई इबारत लिखे इसके लिए ब्रज रत्न अवार्ड जैसे आयोजनों का होना जरूरी है।
जूते की संक्षिप्त कहानी और देशप्रेम
अवार्डी सुरेंद्र पाल ने अपने उद्बोधन में जूते की संक्षिप्त कहानी सुनाकर ऑडियंस में देशप्रेम की भावना जागृत की। पापा मैं आपसे बढ़ा हो गया… कविता से दर्शकों का दिल जीत लिया। अभिनेता यहीं नहीं रुके उन्होंने अपने मित्र सिनेस्टार राज बब्बर के साथ मुंबई में स्ट्रगल के किस्से सुनाकर खूब गुदगुदाया। बिना कहें ही आगरा और पागलखाने को जोड़ दिया। अंत में महाभारत सीरियल के द्रोणाचार्य का एक डायलॉग अपनी बुलंद आवाज में सुनाकर दर्शकों को ताली बजाने पर विवश कर दिया।
कला का सम्मान होना ही चाहिए
कार्यक्रम के अंतिम अवार्डी सिनेस्टार राज बब्बर ने कहा कि यह सम्मान मिलना उनके लिए गौरव की बात है। कला किसी भी फील्ड में हो, उसका सम्मान किया ही जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि सम्मान जब अपने घर में और घरवालों की ओर से मिले तो उसके आनंद की महक जीवनभर सुगंधित करती है।
इन विभूतियों को मिला सम्मान
राष्ट्र गौरव सम्मान
- राज बब्बर, फिल्म अभिनेता
अमृत्व सम्मान (मरणोपरांत)
पं. रघुनाथ तलेगांवकर, ग्वालियर परम्परा के मूर्धन्य संगीतज्ञ
सुरेन्द्र पाल, फिल्म एवं टीवी अभिनेता
अतुल सभरवाल, फिल्म पटकथा लेखक एवं निर्देशक
डॉ. राजीव जैन, प्रसिद्ध अर्थशास्त्री
डॉ. सदानंद ब्रह्मभट्ट, शास्त्रीय संगीतज्ञ
डॉ. संध्या अग्रवाल, वरिष्ठ चिकित्सक
बलराम श्रीवास्तव, साहित्यकार एवं कवि
रूचि शर्मा, कथक नृत्यांगना
सोनिया शर्मा, नेशनल राइफल शूटर
कार्यक्रम में डॉ. अशोक शर्मा, डॉ. नरेंद्र मल्होत्रा, धनकुमार जैन, डॉ. वीना लवानिया, संजय अग्रवाल, मयंक जैन, नितिन गोयल, डॉ. मुकेश गोयल, डॉ. पकंज नगाइच, रोहित जैन, अभिनन्दन जैन, मुरारी प्रसाद अग्रवाल, कवि पवन आगरी, मोहित जैन, साकार जिंदल, डॉ. अरुण शर्मा, सचिन शंकर, दिवाकर शर्मा, सुरेश बरेजा आदि मौजूद रहे। संचालन तरुण शर्मा ने किया। व्यवस्थाएं इनक्रेडिबल इंडिया फाउंडेशन के महासचिव अजय शर्मा, संयोजक ब्रजेश शर्मा, मधुसूदन भट्ट ने संभालीं।
पूरन डावर की बायोग्राफी ‘अनस्टॉपेबल पर्सूट ऑफ प्रोग्रेस’ पुस्तक का राज्यपाल ने किया विमोचन
ब्रज रत्न अवार्ड के समारोह के दौरान डाबर ग्रुप के चेयरमैन पूरन डावर की बायोग्राफी ‘अनस्टॉपेबल पर्सूट ऑफ प्रोग्रेस’ पुस्तक का विमोचन केरल के राज्यपाल आरिफ़ मोहम्मद ख़ान ने किया। एशियावन मैगजीन के सीईओ संदीप कुमार ने पुस्तक के बारे में विस्तार से जानकारी दी। इससे पहले संयुक्त अरब अमीरात के शहर दुबई में भी पूर्व खेल एवं सूचना एवं प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर ने एशियाई बिजनेस एंड सोशल फोरम (एबीएसएफ) के 24वें संस्करण में पुस्तक का विमोचन किया था। आगामी दिनों में कई देशों में यह पुस्तक विमोचित की जाएगी।
: महारास में दिखी धर्म संस्कृति और कला की झलक
Thu, Oct 17, 2024
श्री बांके बिहारी एजुकेशन सोसाइटी के बैनर तले महारास (भक्तिमय डांडिया नाइट) में कृष्ण भक्ति में डूबे दर्शक
शहरवासियों के जहन में लंबे समय तक बनी रहेगी अमिट छाप, अगले साल फिर मिलेंगे का वायदा करके गए श्रदालु
आगरा। श्री बांके बिहारी एजुकेशनल सोसाइटी के बैनर तले शरद पूर्णिमा को ‘महारास आध्यात्मिक डांडिया नाइट’ का आयोजन सांई गार्डन खदारी पर किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ ब्रिज के आध्यात्मिक देवता श्री बांके बिहारी लाल जू की प्रतिमा के समक्ष दीप जलाकर अतिथियों ने किया। गणेश वंदना के साथ दर्शकों से खचाखच भरा सांई गार्डन राधा कृष्ण की रस महिमा में डूब गया। शरद पूर्णिमा पर आयोजित कार्यक्रम मनोरंजन के साथ आध्यात्मिकता के रस से देर रात तक सराबोर करता रहा।
भक्तिमय डांडिया नाइट में बॉलीवुड एक्ट्रेस प्राची पाठक और अभिनेता राकेश मुदगल ने अपनी उपस्थिति से समां बांध दिया। सेलिब्रिटी एंकर संजना मिश्रा ने कार्यक्रम का संचालन किया। डी.जे.जॉकी सेहरा और अनिल मोही संगीत की धुनों पर सभी को थिरकने पर मजबूर कर दिया, जबकि प्रसिद्ध बैंड अपूर्वराग अपनी प्रस्तुति से माहौल को संगीतमय बना दिया। इस मौके पर डांडिया डांसर नीलम पटेल और अतुल ने भी अपनी खास प्रस्तुति दी।
इनकी रही भूमिका
गौतम इवेंट एंड डेकोरेटर के सहयोग (वेन्यू पार्टनर) से आयोजित कार्यक्रम का संचालन मुकेश गौतम, संपूर्ण देखरेख शादी इवेंट के सीपी शर्मा की ओर से की गई, जबकि आउटडोर मीडिया पार्टनर फैजानउद्दीन मीडिया डिस्प्ले का प्रबंधन रिंकेश अग्रवाल बालाजी प्रॉपर्टी, डॉ अरुण शर्मा मोशन अकैडमी, प्रकाश मंगल, रमेश श्रीवास्तव, नितेश शर्मा, विकास भारद्वाज, विपिन राठौर, प्रदीप मंगल, संतोष गहलोत, शैलेंद्र कुमार शर्मा, डॉ योगेश बिंदल, शेखर उपाध्याय, भूपेंद्र सारस्वत, दिव्या मलिक का विशेष सहयोग रहा।
महारास की महिमा
महारास एक आध्यात्मिक प्रक्रिया है जो भगवान श्रीकृष्ण और गोपियों के प्रेम और मिलन का प्रतीक है। इसका धार्मिक महत्व अत्यधिक गहरा है, जिसमें परमात्मा और जीवात्मा का मिलन दर्शाया गया है। ब्रज भूमि के कण-कण में बसे भगवान श्रीकृष्ण की लीला, महारास, वह दिव्य अनुभव है, जिसे सुनने और अनुभव करने से भक्तों को भगवान के चरणों में स्थान प्राप्त होता है। श्री बांके बिहारी एजुकेशनल सोसाइटी अध्यक्ष डॉ मदन मोहन शर्मा ने बताया शरद पूर्णिमा पर जो चंद्रमा की किरणों से अमृत बरसता है उसी अमृत रस को ब्रजभूमि पर उतारने का प्रयास किया गया है। इस तरह की आयोजन युवा पीढ़ी को भारतीय संस्कृति सभ्यता और संस्कार से रूबरू कराते हैं।
यह महारास का नाम लिया डांडिया नाइट निश्चित रूप से आगरा के लोगों के लिए यादगार अनुभव रहा, जिसकी अमिट छाप लोगों के जहन में लंबे समय तक बसी रहेगी। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि केंद्रीय मंत्री प्रो एस पी सिंह बघेल, बी एस एन एल महाप्रबंधक कमल सिंह, प्राचीन कैलाश मंदिर महंत गौरव गिरी, डॉ मदन मोहन शर्मा, शैलेंद्र शर्मा, डॉ रमेश श्रीवास्तव, नितेश शर्मा, विकास भारद्वाज, विपिन राठौर, प्रदीप मंगल, संतोष गहलोत, अवनीश वर्मा, तुषार चैहान, डॉ भोज कुमार शर्मा, रजत सारस्वत, अनुज मिश्रा, सोनिया मल्होत्रा, रमन शर्मा, स्वाति सिंह आदि उपस्थित रहे।
भूपेंद्र बृजवासी के भजनों पर झूमे श्रोता
साईं गार्डन में आयोजित महारास कार्यक्रम की शुरुआत भजनों के साथ हुई। जिसमें सुप्रसिद्ध गायक भूपेंद्र बृजवासी ने सबसे पहले गणेश वंदना और राधा नाम संकीर्तन प्रस्तुत किया। उनके भजनों से भक्तिमय वातावरण बना, इसके बाद ब्रज का महारास आरंभ हुआ। भूपेंद्र बृजवासी के साथ उनके परिवार के सदस्य प्रिंस बृजवासी और लाडला बृजवासी ने भी अपनी संगत दी, जिससे कार्यक्रम में और भी अधिक उत्साह और भक्ति की भावना जागृत हुई। आगरा के भजन गायक श्रेयांश गहलोत ने समा बांध दिया। मथुरा के इस विशेष धार्मिक आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया और महारास की दिव्य लीलाओं का आनंद लिया।