: आर्य समाज का एकमात्र लक्ष्य है अंधविश्वास को दूर करना
Sun, Nov 10, 2024
आर्य समाज मंदिर नाई की मंडी ने किया उमेश कुलश्रेष्ठ को आर्य रत्न से सम्मानित
आर्य समाज नाई की मंडी का वार्षिकोत्सव सम्पन्न
आगरा। स्वामी दयानन्द सरस्वती का एकमात्र लक्ष्य समाज को अंधविश्वास की त्रासदी से मुक्त करवाकर वेदों में उल्लेखित सत्य के मार्ग पर अग्रसर करना था। राष्ट्रभक्त ऋषि दयानंद स्वराज को सुराज से बेहतर मानते थे। उन्होंने स्वदेश, स्वभाषा, स्व-धर्म व स्व-संस्कृति पर गर्व करना सिखाया। सावरकर, सुभाषचन्द्र बोस ने उन्हें आधुनिक भारत का निर्माता बताया। ये कहना था मुरैना से आए वैदिक प्रवक्ता आचार्य प्रशांत शर्मा का। वे विजय नगर स्थित विजय क्लब में आर्य समाज मंदिर नाई की मंडी शाखा की ओर से आयोजित तीन दिवसीय वार्षिकोत्सव के समापन पर बोल रहे थे। वेद प्रवक्ता स्वामी आचार्य ब्रजेश ने कहा कि यदि मनुष्य आज स्वामी दयानंद द्वारा दर्शाये गए सिद्धांत को अपनाए तो समाज टूटने की अपेक्षा जुड़ेगा तथा उसमें जातीय भेद एवं अहंकार नहीं रहेगा। अमृतसर से आए भजनोपदेशक विवेक पथिक के श्जग में वेदों की जब तक निशानी रहे महर्षि की अमर ये कहानी रहे। भजन को सभी ने खूब सराहा।
प्रधान सीए मनोज खुराना ने बताया कि वैदिक प्रवक्ता आचार्य ब्रजेश महाराज ने अपने प्रवचन से वैदिक ज्ञान की अमृत वर्षा की। मंत्री अनुज आर्य ने बताया कि महर्षि दयानन्द की 200वीं जन्म जयंती वर्ष के तहत तीन दिवसीय कार्यक्रम में विश्व शांति के लिए 21 कुण्डिया यज्ञ, प्रवचन और संगीतमय भजनों का धर्मलाभ शहरभर के आर्यजनों ने प्राप्त किया। आर्य रत्न का सम्मान ओल्ड ईदगाह कॉलोनी के उमेश कुलश्रेष्ठ को मिला। संचालन अश्वनी आर्य ने किया।
दयानन्द ने किया था स्वराज शब्द का इस्तेमाल
आचार्य डॉ वेद पाल ने कहा कि महर्षि दयानंद सरस्वती प्रथम महापुरुष थे जिन्होंने स्वराज शब्द का प्रयोग किया। स्वामी दयानंद सरस्वती धर्म सुधारक ही नहीं, समाज सुधारक और सच्चे राष्ट्रवादी भी थे। बालगंगाधर तिलक ने कहा है कि स्वराज का मंत्र सबसे पहले स्वामी दयानंद सरस्वती ने ही दिया था। सरदार पटेल का कहना था कि भारत की स्वतंत्रता की नींव वास्तव में स्वामी दयानन्द सरस्वती ने ही रखी थी।
इस अवसर पर विकास आर्य, विजय अग्रवाल, राजेश गुप्ता, राजीव दीक्षित, सुधाकर गुप्ता, भारत भूषण सामा, वीरेंद्र कनवर, अवनींद्र गुप्ता, सुभाष अग्रवाल, उमेश पाठक, यतेंद्र आर्य, सुशील असीजा, प्रेमा कनवर, विद्या गुप्ता, कान्ता बंसल, नीरू शर्मा, मिथलेश दुबे आदि मौजूद रहे।
: मीट एट आगरा बना 18 हज़ार करोड़ के कारोबारी बुनियाद का गवाह
Sun, Nov 10, 2024
18233 विजिटर्स ने फुटवियर उद्योग के समागम में सहभागिता से ऐतिहासिक बना तीन दिवसीय फेयर
आखरी दिन एग्जीबिटर्स की विदाई के बीच सामने आये कारोबार के उत्साहजनक आंकड़े
आगरा। आगरा फुटवियर मैन्युफैक्चरिंग एक्सपोर्टर्स चैम्बर्स (एफमेक) द्वारा आगरा ट्रेड सेंटर में आयोजित ‘मीट एट आगरा’ के 16वें संस्करण का अंतिम दिन रविवार को कई मायनों में खास रहा। फेयर के दौरान प्रस्तुत आंकड़ों ने जूता उद्योग के उज्ज्वल भविष्य की ओर संकेत दिए।
एफमेक के अध्यक्ष पूरन डावर ने मीडिया से बातचीत में बताया कि इस वर्ष ‘मीट एट आगरा’ के तीनों दिनों में कुल 19,144 विजिटर्स ने शिरकत की। इनमें 5,187 रजिस्टर्ड बिजनेस विजिटर्स थे। इसके अलावा, बिजनेस मैनेजमेंट के 3,740 छात्र भी फेयर में शामिल हुए, जिन्होंने जूता उद्योग की बारीकियों को समझा और इसे भविष्य में एक संभावित उद्यम के रूप में देखा। जहां तक संभावित कारोबार का सवाल है, इस फेयर में लगभग 18,000 करोड़ रुपये के व्यापार की नींव रखी गई, जो हमारे लिए बेहद उत्साहजनक है। एफमेक अध्यक्ष ने कहा कि फेयर ने अपने उद्देश्यों को पहले की तरह पूरी तरह से सफलतापूर्वक पूरा किया है।
नेशनल चेंबर के अध्यक्ष अतुल गुप्ता ने इस मौके पर कहा कि आगरा के औद्योगिक विकास के लिए इस प्रकार के आयोजन मील का पत्थर साबित हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन न केवल आगरा के जूता उद्योग को बढ़ावा देते हैं, बल्कि स्थानीय उद्यमियों और उद्योग से जुड़े लोगों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाने का अवसर भी प्रदान करते हैं। एफमेक का यह प्रयास अत्यंत सराहनीय है, क्योंकि यह आगरा के उद्योग को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के साथ-साथ देश-विदेश में इसकी एक मजबूत पहचान स्थापित कर रहा है। इस प्रकार के आयोजन औद्योगिक विकास के लिए प्रेरणा स्रोत हैं और भविष्य में भी आगरा के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
अगले वर्ष के "मीट एट आगरा" आयोजन की तिथियों की घोषणा
ऑर्गनाइजिंग कमेटी के चेयरमैन गोपाल गुप्ता ने अगले वर्ष के "मीट एट आगरा" फेयर की तिथियों की घोषणा की। उन्होंने बताया कि एग्जीबिटर्स के बीच एक सर्वेक्षण किया गया, जिसके आधार पर 2024 के इस प्रमुख व्यापारिक आयोजन के लिए तिथियाँ 7, 8 और 9 नवंबर निर्धारित की गई हैं।
दुनिया भर के व्यापारियों के लिए एक महत्वपूर्ण आयोजन है
एफमेक के कन्वीनर कैप्टन ए.एस. राणा ने इस अवसर पर कहा कि "मीट एट आगरा" फेयर केवल आगरा के लिए ही नहीं, बल्कि देश और दुनिया भर के व्यापारियों के लिए एक महत्वपूर्ण आयोजन है। इस फेयर में लेदर, फुटवियर कंपोनेंट्स और टेक्नोलॉजी से जुड़े उत्पादों की प्रदर्शनी होती है, जिसमें विभिन्न देशों के कारोबारी भाग लेते हैं। उन्होंने बताया कि फेयर की तिथियों को अंतिम रूप देने से पहले, उन्होंने यह सुनिश्चित किया कि वे अन्य देशों में आयोजित होने वाले प्रमुख व्यापारिक आयोजनों की तिथियों को ध्यान में रखें ताकि दुनिया भर से अधिक से अधिक कारोबारी इस फेयर में भाग ले सकें और यह आयोजन वैश्विक व्यापार के लिए एक प्रमुख प्लेटफॉर्म बन सके।
आगरा रेडीमेड गारमेंट्स ट्रेडर्स एंड मैन्युफैक्चरर एसोसिएशन के अध्यक्ष आरके नय्यर ने कहा कि यह फेयर केवल जूता उद्योग को नहीं, बल्कि अन्य उद्योगों को भी प्रोत्साहित करता है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों से औद्योगिक क्षेत्र में नए अवसरों का सृजन होता है और व्यापारिक संभावनाओं का विस्तार होता है। नय्यर ने इस बात पर जोर दिया कि आगरा के विकास और आर्थिक उन्नति के लिए विभिन्न क्षेत्रों के उद्यमियों को मिलकर सामूहिक प्रयास करने की आवश्यकता है। अगर सभी उद्योग और व्यवसाय एकजुट होकर इस दिशा में काम करें तो इससे पूरे क्षेत्र का आर्थिक विकास संभव है, जिससे विभिन्न सेक्टरों में रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।
"मीट एट आगरा" भारतीय उद्योगों के लिए वैश्विक मंच बन चुका है
आगरा शूज़ मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन (आस्मा) के अध्यक्ष ओपिंदर सिंह लवली ने "मीट एट आगरा" फेयर के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि यह आयोजन हर साल भारतीय उद्योगों को वैश्विक बाजार में पहचान दिलाने का एक अहम अवसर बन चुका है। उन्होंने कहा कि "मीट एट आगरा" न केवल आगरा, बल्कि दुनिया भर के फुटवियर उद्योगों के लिए एक महत्वपूर्ण व्यापारिक मंच साबित हो रहा है। इस फेयर में विभिन्न देशों के व्यापारी और उद्यमी एकत्र होते हैं, जो नए व्यापारिक संबंध स्थापित करने और अपने नेटवर्क को विस्तार देने के लिए इस मंच का लाभ उठाते हैं।
फुटवियर उद्योग के लिए वैश्विक अवसर
एफमेक के प्रदीप वासन ने इस बात को रेखांकित किया कि "मीट एट आगरा" फेयर भारतीय फुटवियर उद्योग को अंतरराष्ट्रीय बाजार में अपनी पहचान बनाने का एक अनूठा अवसर प्रदान करता है। इस फेयर के माध्यम से भारतीय निर्माता और व्यापारी वैश्विक खरीदारों से संपर्क कर अपनी उत्पादों का प्रदर्शन करते हैं, जिससे व्यापार के नए अवसर पैदा होते हैं और उद्योग का विकास होता है।
लेदर, इनोवेटिव प्रोडक्ट्स ओर मशीनरी में बेस्ट प्रजेंटेशन के लिए दिया अवार्ड
लेदर, इनोवेटिव प्रोडक्ट्स और मशीनरी में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए चार एग्जीबिटर्स को फेयर के अंतिम दिन अवार्ड से सम्मानित किया गया। यह पुरस्कार एफमेक के अध्यक्ष पूरन डावर और नेशनल चेंबर के अध्यक्ष अतुल गुप्ता द्वारा प्रदान किए गए।
इनको मिला अवार्ड :
लेदर प्रोडक्ट्स कैटेगरी -
कपिल मगन (अमर नाथ एंड संस)
इनोवेटिव कम्पोनेंट्स कैटेगरी -
विवेक कुमार (इंटरकॉम एसकेआई मैन्युफैक्चरिंग)
इनोवेटिव मशीनरी कैटेगरी -
कपिल धवन (पायनियर टेक)
इनोवेटिव प्रोडक्ट्स कैटेगरी -
सुनील गुप्ता (संदीप रबर इंडस्ट्रीज)
इन सभी विजेताओं को उनके बेहतरीन प्रदर्शन के लिए सम्मानित किया गया।
शाम तक आते रहे विजिटर्स
दूसरे अंतिम दिन सुबह से लेकर देर शाम तक लगातार विज़िटर्स का आना जारी रहा, न सिर्फ फैक्ट्री ऑनर्स ने इस आयोजन में सिरकत की वल्कि भविष्य की उद्यमियों ने भी इस एग्जिविशन में हिस्सा लिया। ऐसा लग रहा था इस आयोजन में सहभागिता के मौके को इंडस्ट्री से जुड़ा कोई भी कारोबारी चूकना नहीं चाहता था।
आकड़े जो आये सामने
कुल एग्जीबिटर्स -200
विजिटर्स की सहभगिता - 19144
रजिस्टर्ड बिजिनेस विजिटर्स - 5187
भविष्य के उद्यमी - 3740
कुल संभावित कारोबार लगभग - 18 हजार करोड़ रूपये
मुख्य रूप से हुए शामिल
इस दौरान एफमेक के कुलदीप गुजराल, सीएलई के सहायक निदेशक आरके शुक्ला आदि विशेष रूप से मौजूद रहे।
: सद् भावना का संदेश दिया काले खां लीला ने, श्रीकृष्ण लीला में पहली बार हुआ मंचन
Sun, Nov 10, 2024
आगराः श्रीकृष्ण लीला महोत्सव में शनिवार को आयोजित श्रीकृष्ण लीला में पहली बार काले खां की लीला का मंचन करके सद् भावना का संदेश दिया गया, जिसे देख कर दर्शक भाव विभोर हो गए।
वाटर वर्क्स स्थित गौशाला में श्रीकृष्ण लीला के मंच पर प्रख्यात लीला निर्देशक स्वामी प्रदीप कृष्ण ठाकुर ( श्रीरास बिहारी कृपा सेवा ट्रस्ट, वृंदावन) के निर्देशन में लीला का मंचन किया जा रहा है। शनिवार को काले खां की लीला का मंचन किया गया। इसमें दिखाया गया कि वृंदावन में मदन मोहन जी का मंदिर था, जो बाद में जयपुर पहुंच गया। वहां काले खां नाम का एक अधिवक्ता रहता था। वह मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ देखता था। जिज्ञासावश वह भी भेष बदल कर श्रद्धालुओं के साथ मदनमोहन जी चमत्कार देखने पहुंच गया। काले खां की मदन मोहन जी के प्रति आस्था प्रगाढ़ हो गई, वह उनका मुरीद हो गया। जिससे काले खां के परिवारी जनों ने उसका परित्याग कर दिया। लेकिन उसने परवाह नहीं की और अपने हाथ से भगवान को प्रसाद खिलाने का सौभाग्य भी काले खां को मिला था।
आरती करने वालों में पार्षद पूजा बंसल, प्रदीप अग्रवाल, पंकज अग्रवाल, भरत शर्मा, ऋषभ गुप्ता, कंचन बंसल अध्यक्ष मनीष अग्रवाल, पीके मोदी, विजय रोहतगी, शेखर गोयल, अशोक गोयल , आदर्श नंदन गुप्ता, डीके चौधरी, मनोज गुप्ता, संजीव गुप्ता, बृजेश अग्रवाल, विष्णु अग्रवाल, अनीस आदि प्रमुख थे। अध्यक्ष मनीष अग्रवाल के अनुसार रविवार को नरसी भात की लीला होगी।