: कार्य व निजी जीवन में संतुलन के लिए जरूरी है 'वर्तमान में जीना'
Thu, Apr 17, 2025
मेंटल हेल्थ कार्निवल के पांचवें दिन ‘फीलिंग्स माइंड्स’ संस्था ने आयोजित की कार्यशाला
डॉ. चीनू अग्रवाल ने बताए ‘माइंडफुलनेस’ के सूत्र, छत्तीसगढ़ से आईं स्वाति जैन ने कराया अभ्यास
शुक्रवार को 'फूड फॉर मेंटल हेल्थ' पर होगी विशेष कार्यशाला
आगरा। बीते हुए कल की यादें और आने वाले कल की चिंताएं हमें वर्तमान से दूर कर रही हैं, जिसका सीधा प्रभाव हमारे कार्य और पारिवारिक जीवन पर पड़ रहा है। ‘वर्तमान में जीना’ कैसे सीखें और कार्य व निजी जीवन में संतुलन कैसे स्थापित करें—इन्हीं विषयों पर गुरुवार को फीलिंग्स माइंड्स संस्था के सात दिवसीय मेंटल हेल्थ कार्निवल के पांचवे दिन एक विशेष कार्यशाला आयोजित की गई।
विमल विहार, सिकंदरा-बोदला रोड स्थित संस्था कार्यालय पर आयोजित इस कार्यशाला में संस्था की संस्थापक एवं अंतरराष्ट्रीय मनोवैज्ञानिक डॉ. चीनू अग्रवाल ने कहा कि जीवन में सफलता की चाह में संतुलन बिगड़ जाता है। कार्यक्षेत्र में सफलता पाने वाले अक्सर निजी जीवन में असफल रहते हैं और इसके विपरीत भी होता है। जबकि यदि दोनों क्षेत्रों में संतुलन हो, तो व्यक्ति अधिक रचनात्मक और मानसिक रूप से स्वस्थ रह सकता है।
डॉ. चीनू अग्रवाल ने ‘माइंडफुलनेस’ की प्रक्रिया को साझा करते हुए बताया कि यह ध्यान की एक ऐसी विधि है, जो की अति प्राचीन है। इस विधा का उल्लेख विज्ञान भैरव तंत्र में किया गया है जिसमें भगवान शिव ने पार्वती जी को इस विधा के बारे में जानकारी दी है। माइंडफुलनेस में व्यक्ति को ‘यहाँ और अब’ में जीने की कला सिखाई जाती है। उन्होंने बताया कि उन्होंने इस विषय पर नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ मेंटल हेल्थ एंड न्यूरोसाइंसेस, बेंगलुरु से विशेष प्रशिक्षण प्राप्त किया है।
मुख्य वक्ता के रूप में छत्तीसगढ़ से पधारीं पैरेंटिंग कोच स्वाति जैन ने कहा कि बच्चों की तरह जिज्ञासु और निर्णयों में सहज बने रहना हमें वर्तमान से जोड़ता है। उन्होंने उपस्थित एसएन मेडिकल कॉलेज के चिकित्सकों को ‘माइंडफुलनेस मेडिटेशन’ का अभ्यास भी कराया।
मुख्य अतिथि डॉ. सत्य सारस्वत ने साझा किया कि वे लंबे समय से कान में सीटी बजने की समस्या से पीड़ित थे। परंपरागत इलाज से राहत न मिलने पर उन्होंने डॉ. अग्रवाल के मार्गदर्शन में माइंडफुलनेस का अभ्यास शुरू किया, जिससे उन्हें आश्चर्यजनक लाभ मिला।
विशिष्ट अतिथि डॉ. प्रीति सारस्वत ने कहा कि जब मन संतुलन में होता है, तो उसकी शांति चेहरे पर भी झलकती है और पारिवारिक जीवन भी शांतिपूर्ण रहता है।
संस्था के सह-संस्थापक डॉ. रविंद्र अग्रवाल ने बताया कि शुक्रवार को कार्निवल के छठवें दिन ‘फूड फॉर मेंटल हेल्थ’ विषय पर सायं 4:30 बजे से विशेष कार्यशाला आयोजित की जाएगी, जिसमें मानसिक स्वास्थ्य के लिए आहार और खाने के तरीकों की जानकारी दी जाएगी।
: अनमोल खजाने के रूप में बाहर निकली 60 वर्ष की मेहनत
Wed, Apr 16, 2025
आगरा। कहीं जीवन, कहीं जीवन का संघर्ष, तो कहीं प्रकृति का सौन्दर्य और कहीं भारतीय संस्कृति रंगों की रुपहली चादर ओढ़े थी। जीवन का हर पहलू रंगों में लिपटकर मानो कैनवास पर सज गया। रचनात्मकता और कलात्मकता का कुछ ऐसा ही संगम नजर आया। बैकुण्ठी देवी कन्या महाविद्यालय में आयोजित पूर्व प्राचार्य डॉ. सरोज भार्गव की पेंटिंग की तीन दिवसीय प्रदर्शनी (कृतित्व) में। जिसमें 60 वर्षों की मेहनत में पेंटिंग के संग्रह का ऐसा खजाना था जिसे देख हर कोई मुग्ध हो गया। प्रदर्शनी में लगभग सवा सौ से अधिक रचनाएं हैं।
विश्व कला दिवस के मौके पर आयोजित तीन दिवसीय (15-17 अप्रैल) प्रदर्शनी का शुभारम्भ बैकुण्ठी देवी महाविद्यालय मैनेजिंग कमेटी के सचिव मोहित गुप्ता, प्राचार्य प्रो. पूनम सिंह व नेशनल गैलरी ऑफ मार्डन आर्ट के डायरेक्टर जनरल डॉ. संजीव किशोर गौतम ने संयुक्त रूप से फीता काटकर किया। डॉ. सरोज भार्गव ने अतिथियों का स्वागत एवं पौधे भेंट करते हुए विद्यार्थियों से कहा कि जितनी स्केचिंग करोगे आपकी पेंटिंग में उतना ही निखार आएगा। अतिथियों ने प्रदर्शनी का अवलोकन कर डॉ. सरोज भार्गव की कलाकृतियों की सराहना करते हुए कहा कि यह सुखद अनुभूति है, जो कला क्षेत्र में नए विद्यार्थियों के लिए बहुत लाभकारी एवं प्रेरणास्पद होगी।
विशिष्ठ अतिथि डॉ. रंजना बंसल ने कहा कि यह प्रदर्शनी नहीं बल्कि वर्षों की मेहनत में जीवन का संदेश है। जिसके पास सृजन शक्ति है वह हमेशा आनंदित रहता है। 16-17 को भी प्रदर्शनी सुबह 10 से शाम 5 बजे तक सभी के लिए खुली रहेगी। इस अवसर पर मुख्य रूप से प्रो. बिन्दु अवस्थी, डॉ. साधना सिंह, डॉ. सविता प्रसाद, विनीता कुमारी, नन्द नन्दन गर्ग, प्रांतीय उपाध्यक्ष, संस्कार भारती, साधना भार्गव, नीलिमा भार्गव, राधामुकुल गुप्ता, डॉ. नीलम कान्त, डॉ. मीनाक्षी ठाकुर, डॉ. मीना कुमारी, डॉ. सपना गोयल,डॉ. ममता बंसल, डॉ. मनोज कुमार सिंह, डॉ. तपस्या सिंह, डॉ. पूनम भार्गव, डॉ. मोना मिश्रा, डॉ. आभा, ककार्यकारिणी सदस्य, राज्य ललित कला अकादमी, उत्तर प्रदेश, लखनऊ, डॉ. एकता श्रीवास्तव, डॉ चित्रलेखा सिंह, दिनेश मौर्य, आर्किटेक्ट राजीव द्विवेदी, अनिता भार्गव, मीना अग्रवाल, नीता गर्ग, बबिता पाठक, नसरीन बेगम , सीनियर एडवोकेट आनंद प्रकाश गुप्ता सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
सरस्वती वंदना एवं दीप प्रज्वलन के साथ कार्यक्रम का प्रारंभ हुआ एवं मंच संचालन डॉ. बिन्दू अवस्थी ने किया।
: अग्रवाल संगठन रामबाग द्वारा शक्ति, बुद्धि और लक्ष्मी स्वरूपा 150 महिलाओं का किया गया सम्मान
Wed, Apr 16, 2025
आगरा। शक्ति, बुद्धि और लक्ष्मी स्वरूपा समाज के विभिन्न क्षेत्रों में सेवा कार्य कर रही लगभग 150 महिलाओं को आज स्मृति चिन्ह व पटका पहनाकर सम्मानित किया गया। अग्रवाल संगठन रामबाग द्वारा हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी वॉटर वर्क्स चौराहा स्थित अतिथि वन में दुर्गा शक्ति सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारम्भ मुख्य अतिथि समाजसेवी सुरेश चंद गर्ग, विशिष्ठ अतिथि बीजेपी महानगर अध्यक्ष रामकुमार गुप्ता, राजेश कुमार अग्रवाल, शकुन बंसल ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया।
संगठन अध्यक्षा निशा सिंघल ने सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि बेहतर काम के लिए मिला सम्मान और बेहतर करने की ऊर्जा प्रदान करता है। इसलिए घर में काम कर अपने पति का सहयोग करने वाली महिलाओं से लेकर शिक्षा, सेवा, व्यापार, पैट्रोल पम्प पर पैट्रोल भरने का काम करने वाली (लवली, पूजा, आरती), मयूरी चलाकर (सुनीता, लक्ष्मी, मीरा, पुष्पा, गीता, विमला) अपने पति सहयोग करने वाली लगभग 150 महिलाओं को संगठन द्वारा सम्मानित किया गया। शिक्षा के क्षेत्र में कार्य कर रही सुखदेवी भदौरिया को सम्मानित करते हुए रामकुमार गुप्ता ने कहा कि सम्मान वह अनमोल रत्न है और हमेशा आपको सकारात्मक करने की प्रेणना देता है।
संगठन की महिलाओं व बच्चों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किए गए, जिसमें माता रानी के नौ स्वरूप, सियाराम के स्वरूप बनकर पहुंचे बच्चों की प्रस्तुति ने सभी के मन को भक्ति से भर दिया। कार्यक्रम के प्रारम्भ में सरस्वती वंदना व अंत में राम परिवार के स्वरूपों की आरती प्रस्तुत की गई।
इस अवसर पर मुख्य रूप से लंगड़े की चौकी के महन्त गोपी गुरु, अरुणा, अनुष्का, प्रीति, अलका, माला, रमा, रिंकी, चंचल, लता, शशि, रेखा, पूजा, ममता, चंचल, अंजली, ज्ह्नावी, गुंजन, शिवानी, स्वाती, रेनू, गीता, सोनिया, शकुन्तला, नेहा पिंकी, शैफाली, शालू, सुनीता, आरती कीर्ति, ग्रीष्मा, वर्षा आदि उपस्थित थीं।