: मां बनने की उम्र वही, जब तन और मन सही
Thu, Jul 10, 2025
जागरुकता रैली निकालकर मनाया जाएगा विश्व जनसंख्या दिवस
मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय से निकाली जाएगी जागरुकता रैली
11 से 18 जुलाई तक चलाया जाएगा विशेष अभियान
आगरा। विश्न जनसंख्या दिवस के अवसर पर शुक्रवार को आगरा मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय से आवास विकास सेक्टर 12 तक जागरुकता रैली निकाली जाएगी। इसके साथ ही 11 से 18 जुलाई तक विभिन्न गतिविधियां आयोजित कर लोगों को परिवार नियोजन कार्यक्रम के प्रति जागरुक किया जाएगा।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अरुण श्रीवास्तव ने बताया कि प्रत्येक वर्ष 11 जुलाई को विश्व जनसंख्या दिवस मनाया जाता है। इस बार इसकी थीम 'मां बनने की उम्र वही, जब तन और मन सही' रखी गई है। 18 जुलाई तक पूरे जनपद में विभिन्न गतिविधियां आयोजित करके लोगों परिवार नियोजन अपनाने व परिवार नियोजन के फायदों से अवगत कराया जाएगा।
परिवार नियोजन के नोडल अधिकारी डॉ. सुरेंद्र मोहन प्रजापति ने बताया कि परिवार नियोजन के प्रति सामुदायिक भागीदारी बढ़ाने के लिए पंचायती राज संस्थाओं, महिला एवं बाल विकास, शहरी स्थानीय निकाय, स्वयं सहायता समूहों और सास-बेटा-बहू सम्मेलन जैसे समुदाय आधारित मंचों के सदस्यों को सक्रिय रूप से शामिल किया जाएगा। उन्होंने बताया कि इस दौरान जन जागरुकता बढ़ाने के लिए जनपद में सारथी वाहन चलाए जाएंगे, जो जनपद और ब्लॉक स्तर पर परिवार नियोजन कार्यक्रम व साधनों के प्रति लोगों को जागरुक करेंगे। इसके साथ ही नगरीय व ग्रामीण क्षेत्र में क्षेत्रीय आशा के माध्यम से सास-बेटा-बहू सम्मेलन आयोजित किए जाएंगे। इसके साथ ही सेवा प्रदायगी अभियान भी चलाया जाएगा, जिसमें प्रत्येक ब्लॉक एवं जिला मुख्यालय पर परिवार नियोजन की सेवाएं जैसे- प्रसव पश्चात व अंतराल आयूसीडी , इंजेक्टेबल गर्भनिरोधक एमपीए (अंतरा), महिला एवं पुरुष नसबंदी आदि की सेवाएं प्रदान की जाएंगी।
नेशनल हेल्थ मिशन के डीपीएम कुलदीप भारद्वाज बताया कि स्वास्थ्य केंद्रों पर लक्ष्य दंपत्ति को परिवार नियोजन के प्रति परामर्श भी दिया जाएगा। नवविवाहित जोड़ों, एक वर्ष के अंदर उच्च जोखिम अवस्थामें जिनका प्रसव हुआ हो ऐसी महिला, लक्षित दंपतिजो दो बच्चों के जन्मकेबीच अंतर रखना चाहते हैं, लक्षित दंपति जिनका परिवार पूरा हो गया है ऐसे लोगों को परिवार नियोजन परामर्श केंद्र में उनके अनुकूल परिवार नियोजन का साधन अपनाने के लिए प्रेरित किया जाएगा।
यह हैं लक्ष्य दंपति
विगत एक वर्ष के नवविवाहित जोड़े
विगत एक वर्ष में उच्च जोखिम गर्भावस्था (एचआरपी)वालीमहिला जिनका प्रसव हुआ हो
लक्षित दंपति जो दो बच्चों के जन्म के बीच अंतर रखना चाहते हों
लक्षित दंपति जिनका परिवार पूरा हो गया हो
: धरोहर बने अखाड़े में सावन रुद्राभिषेक समारोह, पोस्टर विमोचन सम्पन्न
Thu, Jul 10, 2025
आगरा। खिड़की काले खां, मोती कटरा स्थित बाबा धनकामेश्वर नाथ बगीची धन्नामल, जो कभी पहलवानों की तपोभूमि रही है, वहां 11 जुलाई शुक्रवार से सावन रुद्राभिषेक महोत्सव का शुभारंभ होने जा रहा है। इस अवसर का पोस्टर विमोचन गुरुवार को किया गया।
अध्यक्ष राजेश पायलट और कोषाध्यक्ष राजेन्द्र गुप्ता ने बताया कि करीब 400 वर्ष पुरानी इस ऐतिहासिक बगीची में स्थित मंदिर न केवल आध्यात्मिक केंद्र रहा है, बल्कि इसका अखाड़ा आगरा की पहलवानी परंपरा का गौरव रहा है। यहां दंगल व कुश्ती अभ्यास के माध्यम से ऐसे नाम निकले जिन्होंने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का नाम रोशन किया, जिनमें ओलंपिक पदक विजेता सरदार दर्शन सिंह, तेज सिंह पहलवान और चांदकी राम जैसे नाम विशेष रूप से उल्लेखनीय हैं। उन्होंने बताया कि पूरे सावन मास में 11 जुलाई से 9 अगस्त तक प्रतिदिन सुबह 8 से 9:30 बजे तक रुद्राभिषेक का आयोजन किया जाएगा। यजमानों को पूजन सामग्री स्थल पर ही उपलब्ध कराई जाएगी। पुरुषों से धोती और महिलाओं से ओढ़नी साथ लाने का अनुरोध किया गया है। पूजन आचार्य शास्त्री रमन बिहारी लाल दाऊजी वालों के मार्गदर्शन में संपन्न होगा।
पोस्टर विमोचन से पूर्व सत्यनारायण भगवान की कथा का आयोजन हुआ। कार्यक्रम में आगरा व्यापार मंडल के उपाध्यक्ष राजेश अग्रवाल, मंत्री राजीव गुप्ता, दुष्यंत गर्ग, बगीची के मंत्री शरण गुप्ता, आकाश उपाध्याय, ब्रजो पहलवान आदि उपस्थित रहे।
: श्री मनःकामेश्वर धाम में गूंजी श्रद्धा की रजत गूंज, भव्य चाँदी द्वार का लोकार्पण
Thu, Jul 10, 2025
शिव के पंच चिन्हों से सुसज्जित, चाँदी का दिव्य द्वार बना आस्था का प्रतीक
प्रदेश में सर्वप्रथम किसी मंदिर में लगा है भव्य रजत द्वार, जिसमें लगी हैं चाँदी की कीलें
आगरा। रावतपाड़ा स्थित, प्राचीन बाबा श्री मनःकामेश्वर नाथ महादेव मंदिर में, भक्तों की आस्था का प्रतीक बनकर, अब एक दिव्य और भव्य रजत द्वार स्थापित हो गया है। यह द्वार न केवल स्थापत्य का अनुपम उदाहरण है, बल्कि श्रद्धालुओं की भक्ति, सहभागिता और संकल्प की सामूहिक अभिव्यक्ति भी है।
गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर, महानगर आगरा के इतिहास में पहली बार, किसी भी मंदिर में, भरपूर श्रद्धा और भक्ति से निर्मित रजत द्वार का विधिवत पूजन और भव्य लोकार्पण किया गया। सर्वप्रथम गणपति पूजन एवं आरती, शटर पर स्वास्तिक पूजन इसके बाद द्वार पर सिंह पूजन एवं लोकार्पण हुआ। गुरु पूर्णिमा के अवसर पर गुरु गद्दी जी पूजन संपन्न के पश्चात प्रसादी का आयोजन किया गया। इस अवसर पर बाबा श्री मनःकामेश्वर नाथ के भव्य फूल बंगला और छप्पन भोग दर्शन का लाभ भी भक्तों ने लिया।
मठ प्रशासक हरिहर पुरी ने बताया कि इस ऐतिहासिक कार्य ने मंदिर की गरिमा और श्रद्धालुओं की भक्ति को एक नई ऊँचाई दी है। द्वार का निर्माण कार्य, 17 जून 2025 को प्रारंभ हुआ और 20 दिनों के अथक प्रयासों के बाद, आषाढ़ शुक्ल पूर्णिमा (10 जुलाई 2025, संवत 2082) को यह पूर्ण हुआ। लगभग पौने 13 फीट लंबा और 12 फीट चौड़ा यह द्वार, कारीगरों की कला और भक्तों की भावना का सुंदर संगम है।
श्रीमहंत योगेश पुरी ने बताया कि यह द्वार बाबा की कृपा और भक्तों की निष्ठा का सजीव उदाहरण है। हर एक चाँदी का टुकड़ा (जो इसमें अर्पित हुआ है) श्रद्धा का प्रतीक है। हम चाहते थे कि बाबा श्री मनकामेश्वर के दरबार में आने वाला हर भक्त दिव्यता और आध्यात्मिक शक्ति का अनुभव करे और यह रजत द्वार उसी भावना को प्रतिबिंबित करता है।
शिव के पंच चिन्हों से अलंकृत द्वार के दोनों पल्लों पर अत्यंत सुंदर नक्काशी की गई है, जिनमें फूल-पत्तियों के मध्य भगवान शिव के पंच चिन्ह -
ओम, दो सर्प, सिंह मुख, त्रिशूल और डमरू
अत्यंत कलात्मक रूप से उकेरे गए हैं। द्वार में कीलें भी चांदी की ही लगी हैं। यह द्वार अब श्रद्धालुओं के लिए एक नई आध्यात्मिक अनुभूति का प्रतीक बन चुका है।
भक्तों के सहयोग से हुआ निर्माण
रजत द्वार के निर्माण में, समाज के हर वर्ग के श्रद्धालुओं का सहयोग रहा। किसी ने 100 ग्राम तो किसी ने 1 किलो या उससे अधिक चाँदी समर्पित की।
मंदिर में चाँदी से हो रहे अन्य कार्य
हरिहर पुरी ने यह भी बताया कि रजत द्वार के उपरांत, अब मंदिर में बाबा के दरबार से जुड़े कपाट द्वार के बाद, बाबा की वेदी, 11 अखंड ज्योत, अर्धनारीश्वर भगवान का कमल पुष्प तथा बाबा का आवरण स्वरूप भी चाँदी से श्रृंगारित किया जाएगा।
सुरक्षा और स्मृति का प्रबंध
रजत द्वार के आगे स्टील शटर भी लगाया गया है जो रिमोट और स्विच दोनों से संचालित होता है। साथ ही द्वार के एक ओर रजत पट्टिका भी स्थापित की गई है, जिस पर -
निर्माण तिथि आषाढ़ शुक्ल पूर्णिमा, संवत 2082 (10 जुलाई 2025)
श्री मन्मनः कामेश्वर विजयतेतराम
श्री मनकामेश्वर रजत द्वार श्री गुरु चरणों में समर्पित, तिलकायत श्री महंत श्री योगेश पुरी जी, मठ प्रशासक श्री हरिहर पुरी जी
उकेरा गया है।