: दिव्य−भव्य आतिशबाजी संग निकली महाराजा अग्रसेन की शाेभायात्रा, चहुं ओर हुई पुष्पों की वर्षा
Sat, Oct 5, 2024
अग्रवाल संगठन, कमला नगर ने निकाली महाराजा अग्रसेन जयंती के अंतर्गत शाेभायात्रा
दुल्हन की तरह सजा बल्केश्वर आईटीआई से कमला नगर सी ब्लॉक तक का मार्ग
भव्य मंच पर लगी एलईडी पर महाराजा अग्रसेन की बनारस से आए ब्राह्मणाें ने उतारी आरती
आगरा। द्वार− द्वार सजे, मार्ग पर फूलों के कालीन बिछे। पुष्पा की वर्षा के मध्य चकाचौंध रही भव्य आतिशबाजी की। दिव्यता और भव्यता की परिपूर्णता के साथ अग्रवाल संगठन, कमला नगर ने निकाली महाराजा अग्रसेन जयंती के अंतर्गत शाेभायात्रा। शनिवार को बल्केश्वर आईटीआई से शोभायात्रा का शुभारंभ आतिशबाजी के साथ किया गया।
शाेभायात्रा का शुभारंभ उप्र लघु उद्योग निगम के अध्यक्ष राकेश गर्ग, जितेंद्र अग्रवाल ने किया। चांदनी चौक, कमला नगर होती हुई शाेभायात्रा सी ब्लॉक पहुंची। पूरा क्षेत्र जगमग रोशनी से प्रकाशित हाे रहा था। शोभायात्रा में प्रथम पूज्य भगवान गणेश की सवारी अग्रिण रही। इसके बाद देव स्वरूपों की लाइव झांकियां भगवान शिव, नौ दुर्गा की झांकियों ने सभी को श्रद्धा से ओतप्रोत कर दिया। नाग कन्याओं के रथ के बाद हाइड्रोलिक रथ पर सवार होकर महाराजा अग्रसेन अशाेक मित्तल और रानी माधवी आशा मित्तल निकले। 18 राजकुमारों की झांकियां महाराजा अग्रसेन की झांकी के साथ निकली। शहर के प्रमुख चार बैंड और नासिक से आए विशेष बैंड की प्रस्तुतियों पर साथ−साथ चल रहे अग्रवंशी जमकर उत्साहित होकर झूम रहे थे। शाेभायात्रा के मार्ग में 40 से अधिक स्थानों पर भव्य स्वागत हुए। छतों और झरोखों पर चढ़कर सैंकड़ों लोगों ने पुष्पवर्षा की। खाटू श्याम जी, राधाकृष्ण आदि की झांकियां भी शाेभायात्रा में शामिल रहीं। शाेभायात्रा में विभिन्न सामाजिक संस्थाओं ने बढ़चढ़ कर सहभागिता की।
शाेभायात्रा का समापन सी ब्लॉक पर सजे भव्य मंच पर किया गया। यहां बनारस से आए पांच ब्राह्मणाें ने एलइडी पर महाराजा अग्रसेन की सात मंजिला महाआरती की। दीपकों की आरती के बाद धुनि से भी आरती हुयी, जिसे देखकर हर कोइ अविभूत हो गया।
शाेभायात्रा में मुख्य अतिथि केंद्रीय मंत्री प्रो. एसपी सिंह बघेल, विधायक पुरषाेत्तम खंडेलवाल, एमएलसी विजय शिवहरे, राज्यसभा सांसद नवीन जैन थे। सभी अतिथियों का स्वागत एवं सत्कार कौशल किशोर सिंघल, पियूष अग्रवाल, राकेश मंगल, ने किया। महाराजा अग्रसेन सम्मान से स्व. राजेश गोयल के परिजन, आनंद शर्मा और राम मोहन गर्ग काे सम्मानित किया गया।
आयोजन की व्यवस्थाएं अध्यक्ष रविंद्र अग्रवाल, महामंत्री राम जिंदल, मीडिया प्रभारी रैलेश अग्रवाल, पार्षद प्रदीप अग्रवाल, पार्षद पंकज अग्रवाल, पार्षद कंचन बंसल, अनिल अग्रवाल, सीताराम अग्रवाल, राकेश जैन, राजेश अग्रवाल, राजीव अग्रवाल, आकाश अग्रवाल, रवि अग्रवाल, अंकित अग्रवाल, श्रीराम अग्रवाल आदि ने संभालीं।
: प्राइड एकेडमी ने स्पर्श श्रीवास्तव को बनाया ब्रांड अम्बेस्डर
Sat, Oct 5, 2024
फिल्म लापता लेडीज के आस्कर अवार्ड के लिए नामित होने पर जताया हर्ष
स्पर्श की मां रागिनी श्रीवास्तव को किया सम्मानित, एमडी बोले स्पर्श है आगरा की शान
आगरा। किसी भी व्यक्ति का विकास उसकी माता के संस्कारों के कारण ही होता है। मां द्वारा की गयी परवरिश के कारण ही आज स्पर्श श्रीवास्तव ने सफलता का स्पर्श किया है। इसी विचार के साथ प्राइड अकेडमी ने स्पर्श की माता रागिनी श्रीवास्तव का सम्मान करते हुए स्पर्श श्रीवास्तव को अपना ब्रांड अम्बेस्डर बनाया।
शनिवार को संजय प्लेस स्थित प्राइड अकेडमी में आयोजित सम्मान समारोह को संबोधित करते हुए एमडी गाैरव त्रिवेदी ने कहा कि आज स्पर्श श्रीवास्तव की फिल्म लापता लेडीज विश्व के सबसे बड़े आस्कर अवार्ड में पहुंच चुकी है। स्पर्श के करियर को संवारने में उनकी माता रागिनी का विशेष योगदान रहा है क्योंकि संस्कारों की दृढ़ के बीज के कारण ही स्पर्श में मेहनत से अपनी प्रतिभा साबित करने का जज्बा बना है। उनकी यही सीख आज छात्रोें की माताओं को प्रेरित करेगी। स्पर्श आज युवाओं के लिए प्रेरणा बन चुका है। उसकी मेहनत और सफलता के लिए प्राइड अकेडमी ने उसे अपना चेहरा बनाया है। सम्मान समारोह में महिला शांति सेना की अध्यक्ष वत्सला प्रभाकर, सचिव कैप्टन शीला बहल, हेमलता त्रिवेदी आदि उपस्थित रहीं।
: यश, प्रगति और सम्पन्नता का मार्ग प्रशस्त करती है श्रीअग्र भागवत कथा
Sat, Oct 5, 2024
महाराजा अग्रसेन सेवा समिति व श्रीअग्रवाल संघ ट्रस्ट द्वारा महाराजा अग्रसेन भवन लोहामंडी में आयोजित की गई श्रीअग्रसेन कथा
कथा वाचक श्री उज्ज्वल जी ने समझाया भागवत का महत्व
आगरा। माता महालक्ष्मी प्रसन्न कर वरदान प्राप्त करने वाले भगवान अग्रसेन की कथा सुनने से संतोष व वैभव की प्राप्ति होती है। अग्र भागवत ही ऐसा जीवनात्मक ग्रंथ है जिससे सम्पन्नता, यश, प्रगति, उन्नति का मार्ग प्रशस्त होता है। भगवान अग्रसेन की नियमित रूप से पूजा करनी चाहिए। सभी कष्टों को दूर करने वाले अग्रमहामंत्र का पाठ हर रोज करना चाहिए। महाराजा अग्रसेन सेवा सदन लोहामंडी में महाराजा अग्रसेन सेवा समिति व श्रीअग्रवाल संघ ट्रस्ट द्वारा श्रीअग्रकथा का आयोजन किया गया। जिसमें कथा वाचक श्री उज्ज्वल जी अग्रवाल ने भगवान अग्रसेन के जन्म से लेकर राज्याभिषेक, अग्र माधवी विवाह व चुनरी उत्सव के बारे में बताया। कहा कि अग्रसेन जी की कथा अकथनीय है। अग्रसेन जी के चरित्र को समझना हो तो श्रीअग्र भागवत शब्द का विश्लेषण कर लीजिए, जो सात अक्षरों से बना है। सप्ताह में सात दिन, इंद्र धनुष के रंग सात, धरती की और हमारी त्वचा की परतें सात होती हैं, विवाह में फेरे सात, संगीत की सुर सात, सप्त चिंरंजीवी, सप्त ऋषि होते हैं। इसलिए श्रीअग्र भागवत शब्द अपने आप में विशेष महत्व रखता है। श्री का अर्थ श्रम, अ से अर्थ, ग से ग्रहण, भ से भाग्य, ग गहन, व से व्रत और त से तपस्ता। अर्थात श्रम पूर्वक अर्थ ग्रहण, भाग्यवत गहन व्रत, तपस्या करने वाले भगवान अग्रसेन का गुणगान करना ही अग्र भागवत है।
कार्यक्रम में मौजूद कमिश्नर रितू माहेश्वरी, डीआईजी केशव चैधरी व आईपीएस अभिषेक अग्रवाल को स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर मुख्य रूप से समिति के महासचिव डॉ. बीडी अग्रवाल, अध्यक्ष मोहनलाल अग्रवाल, कोषाध्यक्ष घनश्याम दास अग्रवाल, श्रीअग्रवाल संघ ट्रस्ट के अध्यक्ष मुकुल गर्ग, अनुराग मित्तल, नितिन जैन, आशीष गर्ग, अम्बरीष अग्रवाल, राजीव अग्रवाल, पूनम अग्रवाल, पिंकी सिंघल, डिम्पल, दीपा गर्ग आदि उपस्थित थीं।
सिर्फ तीर्थ नहीं घर में भी पूजा पाठ करें।
हम काशी वृन्दावन सब हो आते हैं, पर घर के आंगन की तुलसी प्यासी रहती है…, इस कथन के साथ श्रीउज्ज्वल जी ने श्रद्धालुओं को तीर्थ करने के साथ अपने घर आंगन में भी पूजा पाठ करने के लिए प्रेरित किया। कथा में महाभारत युद्ध में योगदान, माता महालक्ष्मी की तपस्या, अग्रोहा राज्य का निर्माण, नागों से युद्ध, इंद्र पर विजय, समाजवाद की स्थापना जैसी प्रसंगों का भक्तिमय वर्णन किया।
कथा से पूर्व निकली कलश यात्रा
कथा प्रारम्भ होने से पूर्व जयपुर हाउस स्थित आर्य समाज मंदिर से महाराजा अग्रसेन भवन लोहामंडी तक बैंड बाजों के साथ भव्य कलश यात्रा का आयोजन किया गया। जिसमें महिलाओं ने सज धज कर सिर पर कलश लेकर खूब नृत्य भी किया। कथा स्थल पर कलश स्थापना व भगवान अग्रसेन की आरती के उपरान्त कथा प्रारम्भ हुई। कथा स्थल पर कोलकाता विश्वविख्यात सजीव झांकियां भी सजाई गईं, जिन्हें श्रद्धालुओं द्वारा खूब सराहा गया। कुछ लोगों ने झांकियों संग सेल्फी भी खिंचवाई।