Tue 29 Sep 2026
Breaking News Exclusive
मां जानकी के जन्मोत्सव पर भावपूर्ण नृत्य की तैयारी, जनकपुरी महिला समिति जुटी रिहर्सल में महाराजा अग्रसेन जयंती पर अग्रसेन वाटिका में होगा विशाल एकता महायज्ञ मुख्य निर्वाचन आयुक्त के खिलाफ कांग्रेस का प्रदर्शन, काले कपड़ों में पहुंचीं महिला कांग्रेस की राष्ट्रीय सचिव संत रविदास जयंती पर तीन दिवसीय समरसता महोत्सव 2 से, संत शिरोमणि श्री गुरु रविदास जी महासभा द्वारा होगा आयोजन प्रथम पूज्य के आशीष से हुआ रामलीला महोत्सव का शुभारंभ, श्रद्धालुओं ने उतारी आरती लुहार गली व्यापार समिति के वार्षिकोत्सव में आठ वरिष्ठ व्यापारी सम्मानित रामबारात के स्वागत को सजेगा शमशाबाद, गांधी चौराहे पर होगी भव्य सजावट रामलीला महोत्सव-2026 की कार्यकारिणी घोषित, प्रवीण बंसल को राम बारात और राहुल शर्मा को श्रृंगार की जिम्मेदारी भावना एस्टेट स्थित कार्यालय पर उमड़ा सेवाभाव, रामकाज के साथ मानव सेवा का भी दिया संदेश जिला कार्यकारिणी की बैठक में संगठन विस्तार पर जोर, प्रभारियों व तहसील संयोजकों की नियुक्ति

सूचना

Pragya News 24 is News Blog to Providing all over News of World.

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस : संघर्ष और सेवा की मिसाल बनीं महिलाएं, ‘शी विल इंस्पायर’ ने किया सम्मान

Pragya News 24

Mon, Mar 9, 2026
Post views : 168

आगरा। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर शी विल इंस्पायर संस्था द्वारा फतेहाबाद रोड स्थित होटल जेपी पैलेस में सम्मान समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में समाज में परंपरागत सीमाओं को तोड़ते हुए संघर्ष और परिश्रम के माध्यम से स्वयं तथा अपने परिवार के जीवन को नई दिशा देने वाली छह प्रेरक महिलाओं को सम्मानित किया गया।

संस्था की संस्थापक अध्यक्ष राशि गर्ग ने बताया कि संस्था का उद्देश्य समाज में सकारात्मक बदलाव लाने वाली महिलाओं को मंच देना और उनके कार्यों को समाज के सामने लाना है, ताकि अन्य महिलाएं भी उनसे प्रेरणा लेकर आगे बढ़ सकें।

कार्यक्रम संयोजक डॉ. भास्कर ज्योति और पूजा लूथरा ने सम्मानित होने वाली सभी महिलाओं का परिचय देते हुए उनका स्वागत किया। इस अवसर पर मूक बधिरों को आवाज बनने वाली ऋषिका मिश्रा, स्वास्थ्य सेवाओं में योगदान देने वाली नजमा, उषा और संतोष, शिक्षा के क्षेत्र में सक्रिय श्यामा देवी तथा अपनी विशिष्ट पाक कला से पहचान बनाने वाली रेनू शर्मा को प्रशस्ति पत्र और उपहार देकर सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम के दौरान केक काटकर महिला दिवस को उत्सव के रूप में मनाया गया और सभी सदस्यों ने एक-दूसरे को शुभकामनाएं दीं।

इस अवसर पर दिव्या गुप्ता, डॉ. अंशिका सरकार, कृतिका खन्ना, मीनाक्षी किशोर, अदिति, कृषिका, आशिमा पुरी, कनिका, अंकिता माथुर, कीर्ति खंडेलवाल, दीक्षा असवानी, दीपिका, डॉ. सुनैना, राशि, तन्वी, पूजा असवानी आदि उपस्थित रहीं।

संघर्ष से लिखी सफलता की कहानी :
ऋषिका मिश्रा – समाज की मुख्यधारा से कटे हुए मूक-बधिर लोगों के लिए आगरा की बेटी और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर ऋषिका मिश्रा एक प्रेरणास्त्रोत बन चुकी हैं। वे सरकारी योजनाओं और महत्वपूर्ण जानकारियों को साइन लैंग्वेज के माध्यम से दिव्यांगों तक पहुंचा रही हैं, ताकि दिव्यांग समुदाय भी समाज के विकास में बराबरी से भागीदारी कर सके। कई मामलों में जब मूक-बधिर बच्चियों और महिलाओं के साथ अन्याय होता है तो पुलिस और न्यायालय में भी ऋषिका साइन लैंग्वेज के माध्यम से उनकी पीड़ा और बात को सामने रखने में मदद करती हैं। हाल ही में महिला दिवस पर उनके द्वारा बनाया गया जागरूकता वीडियो भी काफी चर्चा में है। महाकुंभ के अमृत स्नान के दौरान कई दिव्यांग लोग इस धार्मिक अवसर से वंचित रह गए थे। ऐसे में ऋषिका ने साइन लैंग्वेज के माध्यम से वीडियो बनाकर उन्हें आवश्यक जानकारी दी, जिससे वे भी इस आध्यात्मिक अवसर से जुड़ सके।
नजमा – शहर के एक अस्पताल में नर्सिंग स्टाफ के रूप में कार्यरत नजमा ने विपरीत परिस्थितियों में अपने बेटे का पालन-पोषण किया। बेटे के केवल नौ माह का होने पर ही उनके पति ने दूसरा निकाह कर लिया, लेकिन नजमा ने हार नहीं मानी और अपने बेटे को पढ़ा-लिखाकर काबिल बनाया।
संतोष – वर्ष 1999 में पति की मृत्यु के बाद संतोष ने चार बच्चों की परवरिश की। नर्सिंग स्टाफ के रूप में कार्य करते हुए उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया।
श्यामा देवी सिकरवार – ग्वालियर रोड निवासी श्यामा देवी के पति के निधन के बाद उन्होंने अकेले ही तीन बच्चों का पालन-पोषण किया और उन्हें शिक्षित कर जीवन में आगे बढ़ाया।
रेनू शर्मा – जीवनी मंडी निवासी रेनू शर्मा पिछले 27 वर्षों से घरों में खाना बनाकर अपने परिवार का पालन-पोषण कर रही हैं। पति के निधन के बाद उन्होंने कठिन परिस्थितियों में बेटियों की शादी कराई और बेटे को पढ़ाकर इतना काबिल बनाया कि आज वह बैंक में कार्यरत है।
उषा – नूरी दरवाजा निवासी उषा नर्सिंग स्टाफ के रूप में कार्यरत हैं। पति की मृत्यु के बाद उन्होंने छह बच्चों का पालन-पोषण किया, उन्हें शिक्षित किया और आज बेटी की शादी कर सभी बच्चों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में आगे बढ़ाया।

Tags :

Agra News

Pragya News

Uttar Pradesh News

UP News

विज्ञापन

विज्ञापन

जरूरी खबरें

विज्ञापन