Wed 05 Aug 2026
Breaking News Exclusive
सावन की मल्हार और झूलों संग मना तीजोत्सव, महिलाओं ने जमकर बिखेरे रंग प्रतिभाशाली छात्रों के लिए सुनहरा अवसर, VIQ 2026 से मिलेगी 100% तक छात्रवृत्ति श्रीमद्भागवत कथा में गूंजेगी भक्ति की रसधार, 5 अगस्त को निकलेगी मंगल कलश शोभायात्रा 200 वर्ष प्राचीन श्री धनकामेश्वर मंदिर में सावन महोत्सव का शुभारंभ, महा रुद्राभिषेक से गूंजा शिवालय सावन महोत्सव में उमड़ी आस्था, महा रुद्राभिषेक और बाबा श्याम के दिव्य दर्शन को उमड़े श्रद्धालु लॉयंस क्लब फ्लेमिंगो का पौधारोपण अभियान, 21 पौधे रोपकर दिया हरित भविष्य का संदेश भव्य कलश यात्रा के साथ श्री महाकालेश्वर मंदिर में सावन महोत्सव का शुभारंभ आगरा व्यापार मंडल का रक्तदान अभियान बनेगा नया कीर्तिमान, तैयारियां अंतिम चरण में राजा दशरथ-राजा जनक परिवार का भव्य सम्मान, भक्तिमय माहौल में शुरू हुआ रामलीला महोत्सव हथकरघा उद्योग को नई उड़ान, 45 दिवसीय प्रशिक्षण से महिलाएं होंगी आत्मनिर्भर

सूचना

Pragya News 24 is News Blog to Providing all over News of World.

: एक रेल दुर्घटना ने दिया अज्ञात-असहाय मृतकों के अस्थि-संरक्षण का विचार

Pragya News 24

Tue, Aug 19, 2025
Post views : 43

आगरा। श्री क्षेत्र बजाजा कमेटी द्वारा अज्ञात व असहाय मृतकों का दाह संस्कार करके उनकी अस्थियों को सुरक्षित व व्यवस्थित रखते हुए उनकी आत्म-शांति हेतु उनको पवित्र गंगा नदी में विसर्जन करने का अनूठा सेवा प्रकल्प विगत 28 वर्षों से निरंतर जारी है। इस बार 25 अगस्त को नवम अस्थि विसर्जन यात्रा निकलेगी। 2526 मृतकों के अस्थि-फूलों को विधि विधान से गंगा में प्रवाहित किया जाएगा।

कैसे एक विचार सेवा प्रकल्प के रुप में अस्तित्व में आया
सेवा प्रकल्प के प्रेरणा श्रोत श्री क्षेत्र बजाजा कमेटी के संरक्षक और आगरा व सूरत के प्रमुख समाजसेवी अशोक गोयल ने इन जिज्ञासाओं का समाधान करते हुए बताया कि वर्ष 1997 में एक छत्तीसगढ़ रेल दुर्घटना राजा की मंडी आगरा में होने पर श्री क्षेत्र बजाजा कमेटी ने मृतकों की पोस्टमार्टम गृह पर सेवा के साथ-साथ शमशान घाट पर उनकी अलग-अलग फोटो लेकर दाह संस्कार का कार्य भी किया।
जब मृतकों के परिवारीजन थाने ओर शमशान पर पहुँचे तो हमने उन्हें मृतक की फोटो और वस्त्र (थाने के द्वारा प्राप्त) के साथ परिवारीजन के अस्थि फूल सौंपे, उस पल उनके चेहरे पर जो सुकून और संतोष दिखाई दिया, वह हृदयस्पर्शी था। उनको अस्थि फूल प्रदत्त होने पर ऐसा महसूस हुआ मानो उनको उनका परिवारीजन ही मिल गया हो.. इस अश्रुपूरित दृश्य और भावुक अनुभूति ने मन-आत्मा को गहराई से छू लिया। वहीं से हृदय में यह विचार बार-बार हिलोरे लेने लगा कि जिन अज्ञात मृतकों का हम दाह संस्कार करते हैं, क्यों न उनकी अस्थियों को सुरक्षित रखा जाए? ताकि बाद में पुलिस यदि मृतक की पहचान कर सके, तो उनके परिजन को केवल फोटो या वस्त्र ही नहीं, बल्कि अस्थि फूल भी सौंपे जा सकें। यह मृतक के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी और उनके परिवार के लिए भी असीम सुकून का कारण बनेगी।

साथी पदाधिकारियों ने दिया सहयोग, बढ़ाया हौसला
अशोक गोयल जी बताते हैं कि मन में उपजे इस विचार को अमली जामा पहनाने और कार्य रूप प्रदान करने में श्री क्षेत्र बजाजा कमेटी के सभी साथी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं का भरपूर सहयोग और समर्थन मिला। उन्होंने मेरा हौसला बढ़ाया। मुझे आज भी गर्व है कि मेरे प्रत्येक नए विचार को मेरे साथी और वरिष्ठजन केवल सुनते ही नहीं थे, बल्कि व्यवहारिक रूप से कार्यान्वयन की दिशा में भी तत्पर रहते थे। 28 वर्ष बाद आज भी जब पीछे मुड़कर देखता हूँ, तो लगता है कि सेवा की राह में केवल विचार महत्त्वपूर्ण नहीं होते, अपितु उन्हें सुनने वाले सहृदय साथी, संस्था की सामूहिक शक्ति तथा प्रभु कृपा ही उसे साकार बनाती है।

इस तरह हुई व्यवस्था की शुरुआत..
अशोक गोयल बताते हैं कि इसके बाद शमशान स्थल पर ही एक व्यवस्थित पद्धति शुरू की गई। हर अज्ञात मृतक के अस्थि फूलों को सुरक्षित रखा जाने लगा। उन पर संबंधित कांस्टेबल का नाम और नंबर, पुलिस थाने का नाम और दिनाँक दर्ज किया गया ताकि जब भी भविष्य में मृतक की पहचान हो तो परिजनों को अस्थि फूल सौंपकर उन्हें संतोष का अवसर दिया जा सके। यह सिलसिला 28 वर्षों से निरंतर जारी है।

Tags :

विज्ञापन

विज्ञापन

जरूरी खबरें

विज्ञापन