: 56 बीघा में सज गया महामाई कामाख्या का दरबार
Thu, Feb 8, 2024
कलश यात्रा में ढाई हजार महिलाएं होंगी शामिल,
धान के फूस व मिट्टी के तैयार की गईं हैं 60 मूर्तियां
रैन बसेरा में निवास करेंगे 300 से अधिक साधू संत
आगरा। 4 माह पूर्व माता रानी व भैरव बाबा के ध्वज की स्थापना से शुरु हुई महामाई कामाख्या के महायज्ञ की तैयारियों ने आज मूर्त रूप ग्रहण कर लिया है। महायज्ञ स्थल की मिट्टी व धान की फूस से तैयार की गई देवी देवताओं की 60 मूर्तियां सज गई हैं। जिसमें मुख्य पंचमुखी मां कामाख्या की मूर्ति है। 56 बीघा में सजाया गया यज्ञ स्थल मानो कामाख्या परिसर बन गया। 9 फरवरी को ढोल नगाड़ों के साथ कलश यात्रा का शुभारम्भ शास्त्री पुरम स्थित जोनल पार्क से होगा, जो तिकोनिया पार्क चर्चित चौराहा होते हुए महायज्ञ स्थल पर विश्राम लेगी। जिसमें लगभग ढाई हजार महिलाएं शामिल रहेंगी।
विघ्न विनाशक गणपति की सवारी के साथ में बग्गी में विराजमान होंगे आसाम से आए संत श्री कीर्तिनाथ महाराज के गुरु गोपालदास जी महाराज। गुप्त नवरात्रों में आगरा में महामाई कामाख्या देवी का ग्यारह दिवसीय अनुष्ठान सहस्त्र चंडी 108 कुण्डीय महायज्ञ का आयोजन 10 से 20 फरवरी को जेसीबी चौराहा शास्त्रीपुरम, सुनारी में सम्पन्न होगा।
यज्ञ स्थल पर आयोजित कार्यक्रम में संतश्री कीर्तिनाथ महाराज ने जानकारी देते हुए बताया कि देश के विभिन्न धार्मिक स्थलों के 300 से अधिक संत, साधुओं के लिए रैन बसेरा तैयार किया गया है। 107 सह कुण्ड व एक प्रधान कुण्ड तैयार किया गया है, जिसमें 24 घंटे यज्ञ होगा। खास बात है कि बांस, फूस व मिट्टी से तैयार किए सभी कुंड ईकोफ्रैंडली हैं। पर्यावरण का विशेष ख्याल रखा गया गया है। मां कामाख्या आयोजन सेवा समिति महामंत्री अजय गोयल, वरिष्ठ उपाध्यक्ष मुरारी प्रसाद अग्रवाल ने बताया कि यज्ञ स्थल के एक बाग में झूले, धार्मिक सामग्री व खान-पान की स्टॉल भी लगेंगी। महायज्ञ के लाखों लोग साक्षी बनेंगे, जिसमें देश भर के संतो का विराट सम्मेलन, सामूहिक विवाह समारोह, यज्ञोपवीत (जनेऊ संस्कार) जैसे विभिन्न मांगलिक आयोजन भी होंगे।
आयोजन समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि प्रतिदिन प्रातः 7 बजे से गौ पूजन व अभिषेक के साथ महायज्ञ का शुभारम्भ होगा। प्रतिदिन श्रीराम कथा का आयोजन दोपहर 3 से 6 बजे तक व श्रीराम लीला का मंचन सायं 7 बजे से रात्रि 11.30 बजे तक किया जाएगा। समिति के पदाधिकारियों ने शहरवासियों को अधिक से अधिक संख्या में महायज्ञ का शामिल होने के लिए आमंत्रित किया।
इस अवसर पर मुख्य रूप से अजय गोयल, मुरारीप्रसाद अग्रवाल, यशपाल चौधरी, राहुल अग्रवाल, अवि गोयल, पवन भदौरिया, सुनील पाराशर, वीरेन्द्र राणा, मुन्ना मिश्रा, जयशिव, वंदना, अमेश अग्रवाल, हनी चौधरी, अनुराधा पाल, किशन बाबा, देवकांत आदि उपस्थित थे।
ये होंगे मुख्य कार्यक्रम
09 फरवरी: कलश यात्रा प्रातः 10 बजे से।
10 फरवरी: 108 कुण्डीय महायज्ञ शुभारम्भ।
18 फरवरी: संतो का विराट सम्मेलन व कन्याओं का सामूहिक विवाह समारोह, यज्ञोपवीत (जनेऊ संस्कार) प्रातः 10 बजे।
20 फरवरी: महायज्ञ पूर्णाहूति।
21 फरवरी: देवी देवताओं की मूर्तियों का विसर्जन दोपहर 12 बजे।
22 फरवरी: पूज्य संत स्वामी कीर्तिनाथ महाराज द्वारा दोपहर 12 बजे से सम्मान समारोह।
: नेशनल होमियोपैथिक सेमिनार बिजनौर में डॉ. राजेंद्र सिंह किए गए सम्मानित
Thu, Feb 8, 2024
आज बिजनौर उत्तर प्रदेश में एक दिवसीय होमियोपैथी सेमिनार आयोजित की गई जिस में क्त राजेंद्र सिंह आगरा को होमियोपैथी के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने के लिए हेनिमेम होमियोपैथिक विभूषण से सम्मानित किया गया।
इस सेमिनार में प्रख्यात होमियोपैथिक चिकित्सको ने भाग लिया और नए नए शोध पर चर्चा हुई। इस सम्मान के लिए डॉ. राजेंद्र सिंह ने सभी आयोजकों का आभार प्रकट किया
: यूपी-यूके माइक्रोकॉन 2024 में सूक्ष्मजीवों की पहचान व इलाज पर होगा मंथन
Thu, Feb 8, 2024
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दो दिवसीय कार्यशाला का शुभारम्भ करेंगे आईसीएमआर के पूर्व डीजी डॉ. वीएम कटोच, फंगल, बैक्टीरियल और अमीबिक बीमारियों पर होगी चर्चा,
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कार्यशाला में 450 से अधिक देश विदेश के प्रतिनिधि लेंगे भाग, 300 रिसर्च पेपर व पोस्टर का होगा प्रस्तुतिकरण
आगरा। सामान्य आंखों से नजर न आने वाले व मानव शरीर को कोरोना, टीबी जैसे घातक बीमारियों के शिकंजे में जकड़ने वाले सूक्ष्म जीवों की पहचान व इलाज पर दो दिवसीय कार्यशाला यूपी-यूके माइक्रोकॉन 2024 में मंथन करने के लिए देश भर के 450 से अधिक विशेषज्ञ जुटेंगे। इंडियन एसोसिएशन ऑफ मेडिकल माइक्रोबायोलॉजिस्ट द्वारा 9,10 फरवरी को आयोजित दो दिवसीय कार्यशाला का शुभारम्भ 9 फरवरी को सायं 7 बजे खंदारी परिसर स्थित जे पी सभागार में आईसीएमआर के पूर्व डीजी डॉ. वी एम कटोच करेंगे। इस अवसर पर विवि की कुलपति आशु रानी, इंडियन एसोसिएशन ऑफ मेडिकल माइक्रोबायोलॉजिस्ट की राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रो. भारती मल्होत्रा, एसएन मेडिकल कालेज के प्राचार्य प्रो. प्रशान्त गुप्ता भी मौजूद रहेंगी।
यह जानकारी आयोजन समिति के सचिव डॉ. अंकुल गोयल ने देते हुए बताया कि 9 फरवरी को एसएन मेडिकल कॉलेज में प्रातः 9 से सायं 5 बजे तक 6 वर्कशॉप (दो माइक्रोबायोलॉजी विभाग में, एक गेस्ट हाउस में, दो न्यू सर्जरी बिल्डिंग में, एक स्टेट ट्यूबरक्लोसिस डिमोन्सट्रेशन सेन्टर में) आयोजित की गई हैं। जिसमें माइक्रोऑरगेनिज्म (फंगल, बैक्सीटिरीयल, वायरल इनफेक्शन) से होने वाली बीमारियों के साथ उसके कारण, इलाज के लिए 150 से अधिक प्रतिनिधियों को ट्रेनिंग दी जाएगी। साथ ही एंटीबायोटिक दवाओं के अनावश्यक प्रयोग व उसके कारण माइक्रोऑरगेनिज्म में दवाओं के प्रति पैदा होने वाली प्रतिरोधकता जैसे गम्भीर विषयों पर डॉक्टरों के साथ पैनल डिसकशन में चर्चा होगी। 300 से अधिक रिसर्च पेपर व पोस्टर का प्रस्तुतिकरण किया जाएगा।
10 फरवरी को बायोमेडिकल वेस्ट के निस्तारण की जागरूकता के लिए निकलेगी वॉकथॉन
कार्यशाला के तहत 10 फरवरी को खंदारी परिसर स्थित जेपी सभागार से शहीद स्मारक तक वॉकथॉन का आयोजन किया जाएगा। जिसका अस्पताल व नर्सिंग होम के अलावा उद्देश्य घरेलू इलाज के दौरान निकलने वाले बायोमेडिकल वेस्ट का सही तरीके से निस्तारण करने के प्रति जागरूकता पैदा करना होगा। वॉकथॉन में एसएन मेडिकल कालेज के विद्यार्थियों, डॉक्टर, उप्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सदस्यों सहित सैकड़ों लोग शामिल होंगे। जेपी सभागार में ही सुबह 8 बजे से शाम 5 बजे तक साइंटिफिक सेशन आयोजित किए जाएंगे।