: झूलेलाल सिंधी मेले में सामाजिक एकता और सिंधियत की मजबूती पर जोर
Tue, May 14, 2024
जय झूलेलाल मेले में दूसरे दिन उमड़ा सिंधी समाज का सैलाब
सांस्कृतिक कार्यक्रमों में रॉकस्टार शुभम नाथानी, एंकर मोहित शेवानी के गीतों ने बांधा समां
प्रभु श्री राम का दरबार और गोवर्धन झांकी ने भक्तों को रिझाया
आगरा। सिंधी जायकों की महक और परंपरा के रंग के लिए कोठी मीना बाजार में जय झूलेलाल मेला आयोजन समिति की ओर से आयोजित दो दिवसीय चतुर्थ विशाल सिंधी मेले के दूसरे दिन सामाजिक एकता और सिंधियत की मजबूती पर जोर दिया गया। सिंधी समाज के मेले में समाज के अपनेपन की सुगंध भी थी और संस्कृति एवं परंपरा को बनाए रखने की सुंदर कोशिश भी। यह कोशिश केवल पारंपरिक व्यंजनों तक ही सीमित नहीं थी बल्कि गीत संगीत के साथ साहित्य और प्रदर्शनी के रूप में भी की जा रही थी। मेले के आखिरी दिन हजारों की संख्या में सिंधी भाषी लोग पहुंचे। मेले में सिंधी सांस्कृतिक कार्यक्रमों को देखने और सुनने के लिए समाज का सैलाब उमड़ पड़ा। भक्ति के साथ सिंधी कला संस्कृति और खान-पान के अनूठे संगम से समाहित दो दिवसीय मेले में युवा पीढ़ी को सिंधियत समझने और बढ़ाने पर जोर दिया गया। बच्चों से लेकर युवाओं और बुजुर्गों ने उत्साह व उमंग के साथ भाग लिया। प्रवेश द्वार पर विराजमान वरुणावतार भगवान झूलेलाल को नमन करते हुए श्रद्धालुओं ने मेले में प्रवेश किया। सिंधी मेले में एक और जहां देवलोक और माता वैष्णो देवी की झांकी थी तो वहीं दूसरी ओर सिंधी गीत और नृत्य का उत्सव हर किसी को लुभा रहा था। सांस्कृतिक कार्यक्रम, सिंधी खान पान के स्टॉल के साथ रॉकस्टार शुभम नथानी और एंकर मोहित शेवानी की मधुर आवाज सिंधी भाषा को प्रोत्साहित करने के साथ सिंधियत को प्रमोट कर रही थी।
मेला कमेटी के महामंत्री प्रदीप बनवारी ने बताया कि मेले सांस्कृतिक आयोजन युवा पीढ़ी को सिंधी विरासत और सभ्यता से रूबरू कराने का सशक्त माध्यम है। इस तरह के आयोजन के माध्यम से समाज के लोग लुप्त होते सिंधी व्यंजनों का स्वाद भी ले रहे हैं और समाज की संस्कृति से रूबरू हो रहे हैं।
मेला मैदान प्रमुख हरीश टहिलानी ने बताया सिंधी समाज कि मेले में सिंधी व्यंजन चटनी डोडो सेअल फुल्का, कढ़ी चावल, दाल पकवान साईं भाजी, मालपुओ जैसे व्यंजन युवाओं को खूब भा रहे हैं।
मेला समिति के सहसंयोजक नरेश लखवानी ने कहा मेले में सिंधी कला, संस्कृति और खान-पान के अनूठे संगम के साथ बच्चों के लिए झूले आकर्षण का केंद्र हैं, तो वहीं दूसरी तरफ माता वैष्णो देवी की झांकी, संत दरबार और सिंधी गीत नृत्य उत्सव युवा पीढ़ी को समाज की संस्कृति से रूबरू करा रहा है। उन्होंने कहा मेले में सिंधी व्यंजनों की महक बिखेरते पारंपरिक पकवानों के साथ सिंधी परिधानों की भी स्टॉल लगाई गई है।
मेला संयोजक सुरेश सीतलानी ने बताया दो दिवसीय मेले में सांस्कृतिक कार्यक्रम झांकियां झूले और खानपान की स्टाल आकर्षण का केंद्र है। आज मेला समापन के अवसर पर समाज की शख्सियतों को सम्मानित भी किया गया है।
इस बार मेले में माता वैष्णो देवी की इको फ्रेंडली गुफा मेले में आने वाले लोगों को लुभा रही है। संत दरबार के साथ देवलोक के दर्शन, गोवर्धन पर्वत की झांकी श्रद्धालुओं में भक्ति भाव दर्शा रही है। युवाओं के साथ महिलाओं और बुजुर्गों में मेले के प्रति बेहद उत्साह है। सिंधी समाज के इस मेले में सिंधी साहित्य की स्टाल के साथ सिंधी संतो की झांकियां और महिला स्वावलंबन महिला सशक्तिकरण को बल देने के लिए समाज की जरूरतमंद महिलाओं के लिए निःशुल्क स्टॉल लगाई गई है।
हेमंत भोजवानी, जयप्रकाश धर्मानी ने संयुक्त रूप से बताया इस मेले को लेकर समाज के लोगों में बेहद उत्साह है और हमारा उद्देश्य सिंधियत को बढ़ावा देने के साथ समाज को एकजुट करना है।
श्री राम मंदिर, गोवर्धन पर्वत की झांकी बनी आकर्षण
झूलेलाल मेले में जूट, बोरी और पत्थरों से तैयार की गई माता वैष्णो देवी की इको फ्रेंडली गुफा के साथ प्रभु श्री राम मंदिर की झांकी, गोवर्धन पर्वत की झांकी की श्रद्धालुओं ने भक्ति भाव से परिक्रमा लगाई।
रॉकस्टार शुभम नथानी और मोहित सेवानी की प्रस्तुति पर झूमे श्रोता
भोपाल से आए रॉकस्टार शुभम नथानी, और मोहित सेवानी की प्रस्तुति ने कार्यक्रम में चार चांद लगा दिए। सिंधी गीतों के रॉकस्टार की प्रस्तुति पर श्रोता झूमने पर मजबूर हो गए। खाली हाथ आया सी हिम्मत ना हारा सी, आशा पाइया दुनियां पांजी… जैसे गीतों पर हर कोई थिरकता नजर आया। इसके बाद मेले में म्यूजिशियन ने भी अपने कर्तब दिखाकर दर्शकों की जमकर तालियां बटोरीं।
मेले में युवा और महिलाओं में दिखा सिंधियत के प्रति प्रेम
कोठी मीना बाजार में आयोजित सिंधी मेले में आए हुए दर्शकों और श्रद्धालुओं में सिंधी पकवानों की पसंद के साथ सिंधी परिधान भी खूब लुभाये। महिलाओं के साथ युवा अलग-अलग जगह बने सेल्फी पॉइंट पर सेल्फी लेकर बेहद उत्साहित नजर आए।
सिंधी समाज ने लिया समाज की एकजुटता का संकल्प
मेले के दौरान मेला संरक्षक जीवतराम करीरा, शोभाराम पुरूसनानी, महेश मंगरानी ने सिंधी समाज के लोगों को समाज की एकता और एक दूसरे के सहयोग का संकल्प दिलाया। समिति के संरक्षक मंडल ने संयुक्त रूप से कहा हमें सिंधी समाज पर गर्व है हम लोग मान सम्मान और स्वाभिमान से समाज में समरसता का संदेश देने के लिए तत्पर हैं।
भव्य जगमग रोशनी रंग बिरंगे गुब्बारों की छठा बिखेरे सिंधियत के मेले में आए सभी का जी आया भले आया सदके आया स्वागत सत्कार मुख्य गेट पर श्याम भोजवानी, सुनील कर्मचंदानी, चिम्मन पेरवानी द्वारा किया गया। सोशल मीडिया की व्यवस्था में संजय नोतनानी, आनंद नोतनानी का सहयोग रहा।
इनकी रही मौजूदगी
मेले के दूसरे दिन प्रमुख रूप से जीवतराम करीरा, महेश मंघरानी, सुरेश सीतलानी, हेमंत भोजवानी, श्याम भोजवानी, रमेश बालानी, अशोक मंगवानी, सुनील करमचंदानी, चतुर्मल भागवानी, हीरालाल त्रिलोकानी, जयप्रकाश धर्माणी, नरेंद्र पुरष्नानी जेठा भाई, भगवान आवतानी, रवि गिडवानी, टेकचंद चिभरानी, नारायनदास लालवानी, हरीश टहल्यानी, लक्ष्मण भावनानी, लालचंद मोटवानी, प्रदीप वनवारी, ठाकुर आवतानी, आनंद नोतनानी, संजय नोटनानी, भोजराज लालवानी, नरेश लखवानी सुंदर चेतवानी, भरत मंगलानी, जीवतराम करमचंदनी, लच्छू भाई, पूजा भोजवानी ,सोनम मुलानी, किरन वरयानी, नेहा फुलवानी, विनीता वाधवानी ,अनु मोटवानी मधु भावनानी, रिया वरलानी आदि बड़ी संख्या में मेला आयोजन समिति से जुड़े पदाधिकारी और सिंधी समाज के लोग मौजूद रहे। सुरक्षा की व्यवस्था विनोद बनवारी, राज छाबड़ा अपने पूरी सैकड़ो युवा टीम के साथ मुस्तैदी से रहे
: गेंहू खरीद में आगरा-फिरोजाबाद में खराब स्थिति पर मंडलायुक्त हुईं नाराज
Tue, May 14, 2024
आगरा. 13 मई 2024। आज सोमवार को मण्डलायुक्त रितु माहेश्वरी की अध्यक्षता में रबी क्रय वर्ष 2024-25 के अन्तर्गत गेहूं खरीद के संबंध में संभागीय खाद्य नियंत्रक आगरा मण्डल की समीक्षा बैठक संपन्न हुई। बैठक में आगरा, फिरोजाबाद, मैनपुरी और मथुरा जनपद में खाद्य विभाग, पीसीएफ, पीसीयू तथा भा0खा0नि0 एजेंसी द्वारा स्वीकृत केन्द्रों से क्रमिक गेहूं खरीद की समीक्षा की गयी। संभागीय खाद्य विपणन अधिकारी राजेश कुमार उपाध्याय द्वारा अवगत कराया गया कि क्रमिक गेहूं खरीद में लक्ष्य के सापेक्ष आगरा जिले में लगभग 5 प्रतिशत, फिरोजाबाद में 6 प्रतिशत, मैनपुरी में 7.58 प्रतिशत और मथुरा जिले में 11.32 प्रतिशत खरीद हुई है। चारों जनपदों में निर्धारित लक्ष्य के सापेक्ष बहुत कम मात्रा में गेहूं खरीद की गयी। सबसे ज्यादा खराब स्थिति आगरा और फिरोजाबाद जनपद में देखने को मिली। मंडलायुक्त ने उक्त दोनों जनपदों के जिलाधिकारियों को गंभीरता के साथ गेहूं क्रय की दिशा में प्रयास करने के निर्देश दिए। कहा कि सभी स्वीकृत केन्द्रों से क्रमिक गेहूं की खरीददारी की जाए। जिन केन्द्रों से गेहूं क्रय नहीं किया गया है उन्हें शिफ्ट किया जाए।
वहीं एजेंसियों द्वारा गेहूं क्रय की समीक्षा में सामने आया कि पीसीएफ एजेंसी द्वारा आगरा मण्डल में निर्धारित लक्ष्य के सापेक्ष मात्र 5 प्रतिशत ही गेहूं क्रय किया गया। एजेंसी द्वारा स्वीकृत केन्द्रों में से कई केन्द्रों से गेंहू क्रय नहीं किया गया। जनदप मथुरा में ही लगभग 30 से अधिक केन्द्रों से अभी तक गेहूं क्रय नहीं किया गया है। वहीं पीसीयू एजेंसी द्वारा भी गेहूं क्रय की दिशा में गंभीरता से प्रयास नहीं किए गये। इस पर मंडलायुक्त ने कड़ी नाराजगी जताते हुए एजेंसी प्रभारियों को निर्देश दिए कि सभी केन्द्रों से गेहूं क्रय कराना सुनिश्चित करें अन्यथा अगली समीक्षा बैठक में सुधार न दिखने पर संबंधित एजेंसी प्रभारी के खिलाफ जिम्मेदारी तय की जायेगी। मई माह में किसान पंजीयन की स्थिति से अवगत कराया गया कि आगरा में कुल 2497, फिरोजाबाद में 5677, मथुरा में 4160 और मैनपुरी में 3287 किसानों का पंजीयन कराया गया है।
मंडलायुक्त ने चारों जनपदों के जिलाधिकारियों को निर्देश दिये कि विभाग व एजेंसी को प्रतिदिन गेहूं क्रय का लक्ष्य दिया जाए। वे स्वयं प्रतिदिन गेहूं क्रय की समीक्षा करें। खाद्य विभाग एंव अन्य एजेंसियों द्वारा किसानों को फेसिलिटेट किया जाए। एसडीएम के नेतृत्व में संयुक्त टीम का गठन कर समय-समय पर प्रवर्तन की कार्यवाही अमल में लायी जाए। अगले 7 दिन में सभी जनपद लगभग 15 से 20 प्रतिशत क्रमिक गेहूं क्रय का लक्ष्य हर हाल में प्राप्त करें। बैठक में जिलाधिकारी आगरा भानुचन्द्र गोस्वामी, जिधाधिकारी मथुरा शैलेन्द्र सिंह, फिरोजाबाद जिलाधिकारी रमेश रंजन, मैनपुरी जिलाधिकारी अविनाश कृष्ण, एडीए उपाध्यक्ष अनिता यादव, संभागीय खाद्य विपणन अधिकारी राजेश कुमार उपाध्याय एवं जिला खाद्य विपणन अधिकारी आदि मौजूद रहे।
: रेनबो हॉस्पिटल में मनाया गया नर्सेज दिवस, मातृ दिवस पर कराया माताओं के प्रति दायित्व बोध
Tue, May 14, 2024
आगरा। उजाला सिग्नस रेनबो हॉस्पिटल में अंतरराष्ट्रीय नर्स दिवस और मातृ दिवस मनाया गया। नर्सेज को केक काटकर और उनकी सेवाओं के फलस्वरूप प्रेरित किया गया। वहीं अस्पताल के गायनी विभाग ने महिलाओं के साथ ही पुरूषों को माताओं के प्रति अपने दायित्वों व व्यवहार से अवगत कराया।
उजाला सिग्नस रेनबो हॉस्पिटल और रेनबो आईवीएफ के प्रमुख डॉ. केशव मल्होत्रा ने कहा कि नर्स अपने मरीज की भलाई व सेवा कार्य में तत्पर रहते हैं। तमाम पारिवारिक परिस्थितियों से भी समझौता करके वे अपने काम को पूरी जिम्मेदारी के साथ करते हैं। इसमें कोई संदेह नहीं कि एक अस्पताल में वे रीढ़ की तरह होते हैं। उनके बिना चिकित्सा सेवाएं अधूरी हैं।
बिजनेस हैड, वेस्टर्न यूपी, उजाला सिग्नस हैल्थकेयर दिव्य प्रशांत बजाज ने कहा कि नर्सिंग का पेशा दुनिया भर में सबसे भरोसेमंद माना जाता है। अस्पताल में भर्ती मरीजों की 24 घंटे देखभाल का दायित्व उनके कंधों पर रहता है। इसलिए उनसे उम्मीद की जाती है कि वे रोगियों का मनोबल बढ़ाने के साथ—साथ मित्रवत व्यवहार करेंगे और ह्दय में करूणा का भाव रखेंगे।
मेडिकल सुप्रिटेंडेंट डॉ. राजीव लोचन शर्मा ने कहा कि नर्सों को सम्मान देने के लिए हर साल 12 मई को विश्व भर में नर्स दिवस अंतर्राष्टीय नर्सिंग दिवस मनाया जाता है। आपको बता दें कि 1820 में इसी दिन मॉर्डल नर्सिंग की संस्थापक फ्लोरेंस नाइटिंगेल का जन्म हुआ था। दुनिया भर में फ्लोरेंस नाइटिंगेल को लेडी विद दे लैंप के नाम से भी जाना जाता है।
वरिष्ठ स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. मनप्रीत शर्मा ने कहा कि एक मां का आंचल कभी संतान के लिए छोटा नही पड़ता, ऐसे ही एक संतान के इरादे कभी अपनी मां के लिए छोटे नही पड़ने चाहिए। मातृ दिवस का मतलब केवल मोबाइल या फेसबुक पर डीपी लगा लेना नही है। हमें देखना होगा कि हमारी मां की खुशियां चाहे वो मानसिक हों या शारीरिक, कम तो नही हो रही हैं।