: आगरा शू फैक्टर्स फैडरेशन की नई कार्यकारिणी ने ली शपथ
Sun, Aug 18, 2024
जूता व्यापारियों के हित में होगा काम, सरकार तक पहुंचाई जाएगी हर मांग
जीएसटी को 12 से 5 प्रतिशत पर लाना पहली प्राथमिकता: विजय सामा
आगरा। बुजुर्गों का संरक्षण और युवाओं के सकारात्मक जोश के साथ आज आगरा शू फैक्टर्स फैडरेशन की नई कार्यकारिणी का शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया गया। हींग की मंडी स्थित फैडरेशन कार्यालय में आयोजित समारोह में नवनिर्वाचित अध्यक्ष विजय सामा व उनकी टीम ने संरक्षक मण्डल के सभी सदस्यों को शॉल पहनाकर सम्मानित किया। कहा कि हमारे पास बुजुर्गों का संरक्षण और युवाओं का सकारात्मक सहयोग है। इसलिए हम फैडरेशन को निरन्तर आगे बढ़ाते रहेंगे। छोटे और बड़े सभी जूता व्यापारियों का मांग को सरकार तक पहुंचाकर उनके हित में उनकी समस्याओं को दूर करने का प्रयास किया जाएगा।
कार्यक्रम का शुभारम्भ अध्यक्ष विजय सामा ने फैडरेशन के संस्थापक स्व. राजकुमार सामा के चित्र पर माल्यार्पण कर किया। कहा कि बीआईएस को लेकर भ्रांतियों को दूर करेंगे। कहा कि फैडरेशन के कार्यालय का नवीनीकरण कराकर उसे हाईटेक बनाना, सभी सुविधाओं से सुसज्जतित करना भी प्राथमिकता में शामिल रहेगा। जिससे फैडरेशन के सभी कार्य बेहतर तरीके से सम्पन्न हो सके।
परम पूज्य समाज के पीर संत श्री डाॅ. शंकर नाथ योगी जी महाराज इस अवसर पर अपना आशीर्वाद प्रदान करते हुए सभी मनोनीत सदस्यों को फेडरेशन के प्रति निष्ठा व सेवा की शपथ दिलायी व उज्ज्वल भविष्य की कामना की। संरक्षक मण्डल के सदस्य घनश्याम दास अरोड़ा ने कहा कि फैडरेशन का गठन राजकुमार सामा जी ने 1956 में गठन किया गया था। जिस उद्देश्य के लिए फैडरेशन की स्थापना की गई थी, उसी को साथ लेकर आगे बढ़ेंगे। संचालन अजय महाजन ने किया। विजय सामा ने धन्यवाद दिया। कार्यक्रम के उपरांत सभी सदस्य एडिशनल कमिश्नर जीएसटी, मारुति शरण दुबे से जीएसटी से सम्बंधित समस्याओं पर चर्चा की।
इस अवसर पर मुख्य रूप से दिलीप खूबचंदानी, सुबोध राम पुरसनानी, तिलक राज महाजन, चांद कुमार दीवान, एमएस कपूर, जोगिन्दर लूथरा, विश्वमित्र महाजन,मुरलीधरन पहलाअजानी, श्याम भोजवानी, चतुरमल भागवानी, राजन गुलाटी, रंजीत राजकुमार सामा आदि उपस्थित थे।
किसने किस पद की शपथ
अध्यक्षः विजय सामा
सचिवः नरेन्द्र पुरसनानी (जेठा भाई)
कोषाध्यक्षः दिलप्रीत सिंह (सोनू सचदेवा), घनश्याम रोहरा (सह कोषाध्यक्ष)
मुख्य सलाहकारः अजय महाजन।
वरिष्ठ उपाध्यक्षः वासू मूलचंदानी, घनश्याम रोहरा, अनिल लाल अरोड़ा, टेकचंद छिबरानी, प्रदीप सरीन, चांद दीवान।
उपाध्यक्षः प्रमोद कुमार गुप्ता, श्यामसुन्दर मोहनानी, विजय जटाना, प्रदीप मेहरा, गोवर्धन सोनेजा, सोमनाथ पाहूजा, प्रमोद जैन, हरीश वंशानी, घनश्यामदास लालवानी, अशोक कुमार वलीचा, दिलीप मुरजानी, संजय मगन, मुकेश फतेहपुरिया।
चेयरमैन कंसलटेशन बोर्डः रवि कान्त गुप्ता महाजन।
को चेयरमैन कंसलटेशन बोर्डः रोहित ग्रोवर, अनिल महाजन।
मैम्बर कंसलटेशन बोर्डः प्रवीन ग्रोवर, सुनील विज, धर्मपाल कश्यप, रमन बुद्धिराजा, विकी कपूर, नितिन भावनानी, मोनू।
मंत्रीः राकेश करमचंदानी, शीतलदास, राजेश लालवानी, मोहन छम्मानी, निशान्त सेवकानी, सतीश फुटवेयर, मुरली पंचवानी, जय कालवानी, चंद्र शेखर मदन, कृपांशु खूबचंदानी, शरद लूथरा, अमरतीज आहूजा, पुरुषोत्तम खेमनानी, देवेश कश्यप, भीष्म लालवानी, भूपेश महाजन, कमलेश भागवानी, अनिल सतवानी, रवि महाजन, पंकज सखूजा, सत्यप्रकाश अरोरा, अरुण ठींगरा, राजेन्द्र मोहनानी,
ऑपिस इंचार्जः संजय रोरा।
मीडिया प्रभारीः चंद्रवीर सिंह, हितेश वरियानी।
: श्रावण द्वादशी पर मन:कामेश्वर नाथ ने दिए रजत हिंडोले में दर्शन
Sun, Aug 18, 2024
आगरा। शहर के प्राचीन शिवालय श्रीमन:कामेश्वर मंदिर में भोलेबाबा ने भक्तों को रजत हिंडोले में दर्शन दिए।श्रावण द्वादशी के अवसर पर बाबा को रजत (चाँदी) के हिन्डोला झूला में विराजमान कराया गया।
महंत योगेश पुरी ने बताया कि भोले बाबा ने सर्पों का मुकुट धारण कर नक्काशीदार हिन्डोले में दर्शन दिए। हिंडोले की विशेषता है कि इसमें नाचते हुए मोर, सर्प, बिच्छू, त्रिशूल, डमरू, कमंडल व सुंदर धोती पटका धारण करे बाबा के गण श्री कालभैरव व वीरभद्र जी पंखा चमर हवा करते हुए हैं।
मठ प्रशासक हरिहर पुरी ने बताया कि हर वर्ष श्रावण मास की एकादशी व द्वादशी को ही श्री मन:कामेश्वर नाथ अपने भक्तों को अलौकिक रूप में दर्शन देते हैं। सम्पूर्ण भारत व विश्व में मात्र आगरा नगर में ही बाबा मन:कामेश्वर नाथ जी भगवान श्रीकृष्ण की भांति ही स्वयं व अपने लाला श्रीनाथजी के साथ झूला झूलते हुए दर्शन देते हैं।
: विश्व सुलेखन दिवस पर साधना कला केंद्र में सिखाई गयी कैलिग्राफी
Fri, Aug 16, 2024
Agra. विश्व सुलेखन दिवस हर साल 14 अगस्त को मनाया जाता है। इस दिवस को मनाने का उद्देश्य है, सुलेख और कैलीग्राफी को प्रोत्साहन देना। आज इसकी झलक सदर स्थित साधना कला केंद्र में देखने को मिली। साधना कला केंद्र में बच्चों के साथ-साथ उनके अभिभावक भी कैलीग्राफी सिखाते हुए नजर आए। साधना कला केंद्र में सभी लोगों ने मिलकर आज विश्व सुलेखन दिवस यानी वर्ल्ड कैलीग्राफी डे को मनाया।
कैलीग्राफी सीख रही एक पेरेंट्स की मां ने बताया कि हम सबको याद है कि जब स्कूल में पढ़ते थे तो टीचर हमारी लिखाई को बेहतरीन बनाने पर जोर देते थे। कहते है लिखाई से व्यक्ति का व्यक्तित्व झलकता है। सुलेख और श्रुतलेख का तब खास महत्व था। सुलेख यानि जो दिया है उसे सुंदर अक्षरों में लिखना, और श्रुतलेख का अर्थ है जो टीचर बोल रहे है, उसे अच्छे अक्षरों में लिखना। हम सब की लिखाई को इसी तरह गढ़ा गया।
पर आज तो हाथ के पंजे में समा जाते छोटे से मोबाइल में टाइप की भी जरूरत नहीं रही, बोलते जाओ छपता जायेगा। इसीलिए शायद विश्व सुलेखन दिवस मनाना जरुरी है। इसके माध्यम से बच्चों को बेहतरीन तरीके से लिखने के तरीके पर जोर दिया जाता है।
साधना कला केंद्र में मौजूद एक छात्रा ने बताया कि आज कैलीग्राफी पूरी तरह एक आर्ट है और इसको सीखने में हर व्यक्ति रुचि भी दिख रहा है। वहीं कैलीग्राफी सीख रही रूपाली ने बताया कि कैलीग्राफी दो तरह की है एक मॉडर्न और एक असिएंट। पुराने समय में हमारे जितने भी ग्रंथ और वेद लिखे गए वह भी कैलीग्राफी आर्ट का ही नतीजा है आप जितने अच्छे से कैलीग्राफी करेंगे उतना ही आपका लेखन सुंदर बनेगा। इस दिवस को मनाने का मुख्य उद्देश्य यह है कि हर कुछ कंप्यूटर पर ही टाइप नहीं होता बल्कि जब हम उसे लिखते हैं तभी वह प्रकाशित होता है। इसीलिए लेखन जरूरी है।