: आकांक्षा समिति आगरा की अभिनव पहल, "द स्पाइस हाउस"-मसाला मठरी केंद्र का हुआ शुभारंभ
Thu, Jan 9, 2025
आगरा। मंडलायुक्त की अध्यक्षता में संचालित आकांक्षा समिति आगरा द्वारा महिलाओं के स्वालंबन, आत्मनिर्भर तथा स्वरोजगार हेतु अभिनव पहल की गई है। समिति द्वारा "द स्पाइस हाउस,मसाला मठरी केंद्र (एमएमके) का लोकार्पण भागीरथी देवी मार्ग, निकट डॉ. आंबेडकर यूनिवर्सिटी खंदारी कैंपस आगरा का आज मंडलायुक्त तथा अध्यक्ष आकांक्षा समिति आगरा रितु माहेश्वरी जी व विशिष्ट अतिथि तथा उपाध्यक्ष आकांक्षा समिति विनीता पाटिल बंगारी जी ने फीता काट कर किया।मण्डलायुक्त एवं जिलाधिकारी द्वारा मसाला मठरी केंद्र का अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने उत्पाद भी खरीदे। मंचीय उद्बोधन से पूर्व समिति द्वारा मंचासीन अतिथियों का स्वागत सम्मान किया गया।
उपाध्यक्ष आकांक्षा समिति आगरा विनीता पाटिल जी ने अपने संबोधन में आकांक्षा समिति उत्तर प्रदेश की अध्यक्ष रश्मि सिंह तथा मंडलायुक्त महोदया रितु माहेश्वरी जी का आभार प्रकट किया तथा द स्पाइस हाउस-मसाला मठरी केंद्र(एमएमके) की लखनऊ मसाला मठरी केंद्र की तरह अल्प अवधि में कार्य योजना, स्थापना तथा संचालन को मूर्तिरूप देने पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि द स्पाइस हाउस - मसाला मठरी केंद्र (एमएमके) आकांक्षा लखनऊ की तर्ज पर स्थापित किया गया है। इसके लिए अक्टूबर 2024 में ही आकांक्षा समिति लखनऊ व आगरा के बीच एमओयू किया गया था। यहां उत्पादन, मार्केटिंग, डिस्ट्रीब्यूटर, पैकेजिंग सभी कार्य संपन्न होगा जिससे महिलाओं के लिए रोजगार के अवसर उत्पन्न होंगे तथा इसके प्रॉफिट को बच्चों, बालिकाओं तथा महिलाओं के कल्याण हेतु लगाया जाएगा।
जिलाधिकारी अरविंद मल्लप्पा बंगारी ने अपने संबोधन में बताया कि इस केंद्र के शुरू होने से सबसे ज्यादा लाभ उन्हें मिलेगा जो ग्रामीण स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिलाएं हैं। वह इन उत्पादों को तैयार कर स्वयं को आर्थिक रूप से सक्षम बना सकेंगी। इस केंद्र पर अच्छे व नैचुरल उत्पाद उपलब्ध है। उन्होंने आकांक्षा समिति को बधाई देते हुए कहा कि मांग बढ़ने पर भविष्य में शहर में अन्य केन्द्र और शुरू किये जा सकते हैं। "द स्पाइस हाउस -मसाला मठरी केंद्र" (एमएमके) महिलाओं के स्वालंबन, स्वरोजगार ही नहीं,स्वास्थ्य व श्री-अन्न को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार श्री अन्न योजना चला रही है यह केंद्र उसका भी पूरक बनेगा,इस योजना ने देशवासियों का ध्यान मोटे अनाज और उससे होने वाले स्वास्थ्य लाभों की ओर खींचा हैं, इस केंद्र पर श्री-अन्न से बने उत्पाद भी मिलेंगे। आगरा में महिलाओं के लिए ये एक अवसर की तरह है उन्होंने इसके आमजन में प्रचार प्रसार कराने तथा प्रभावी संचालन की बात कही।
मंडलायुक्त व अध्यक्ष आकांक्षा समिति रितु माहेश्वरी ने अपने संबोधन में कहा कि "द स्पाइस हाउस -मसाला मठरी केंद्र" (एमएमके) आकांक्षा समिति आगरा की 35 वर्ष की यात्रा में मील का पत्थर है। आकांक्षा समिति आगरा प्रदेश में सबसे पुरानी तथा सर्वाधिक सक्रिय संस्था है। मंडलायुक्त ने आकांक्षा समिति आगरा के बारे में उसकी स्थापना, अभी तक संस्था द्वारा बच्चों, महिलाओं तथा बालिकाओं हेतु किए गए कार्य,भविष्य की कार्य योजना को बताते हुए कहा कि उल्लेखनीय है कि 'आकांक्षा आगरा' द्वारा विगत लगभग 25 वर्षों से बच्चों की गुणवत्तापूर्ण शिक्षा हेतु एक विद्यालय संचालित किया जाता है, हाल ही में आकांक्षा आगरा के 35 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में विगत अक्टूबर माह में प्रेरणा योजना के अंतर्गत सैनिटरि नैपकिन की प्रोडक्शन यूनिट शुरू की गयी, जिसका उद्देश्य मासिक धर्म स्वच्छता के प्रति जागरुकता लाना एवं स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिलाओं को आर्थिक रूप से सक्षम बनाना है, यह योजना भी एक मील का पत्थर साबित हुई है,सेल्फ हेल्प ग्रुप द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता, स्वास्थ्य तथा महिलाओं के लिए रोजगार देने का कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस केंद्र पर लखनऊ मसाला मठरी केंद्र के लोकप्रिय उत्पादों के साथ ही आगरा में उत्पादित प्रोडक्ट भी उपलब्ध होंगे, मंडलायुक्त महोदया ने बताया कि 'द स्पाइस हाउस मसाला मठरी केंद्र'जल्द ही स्वयं सहायता समूहों को साथ लेकर स्वयं की भी उत्पादन यूनिट की स्थापना की जाएगी जिससे महिलाओं को स्वालंबन स्वरोजगार मिलेगा तथा उन्होंने कहा कि 'द स्पाइस हाउस-मसाला मठरी केंद्र' की अन्य ब्रांच भी शहर के विभिन्न भागों में स्थापित की जाएंगी।
मंडलायुक्त ने आकांक्षा समिति आगरा की सदस्यों का आह्वान करते हुए मंडलायुक्त महोदया ने कहा कि केंद्र की स्थापना आगरा के लिए एक बड़ी उपलब्धि है इसका सफल संचालन करना बड़ी जिम्मेदारी का काम है उन्होंने सभी से पूर्ण मनोयोग से इसमें सहयोग देने, सफल बनाने तथा आकांक्षा आगरा द्वारा आगरा की महिलाओं के स्वास्थ्य,स्वालंबन, स्वरोजगार तथा कल्याण हेतु निरंतर इसी तरह प्रयास करने की अपील की।
कार्यक्रम में मुख्य विकास अधिकारी प्रतिभा सिंह, सचिव आकांक्षा आगरा सुभाषिनी पालीवाल, रीना खंडेलवाल, दीपा रावत, आंसू मित्तल, अपर्णा सहित आकांक्षा आगरा की सभी सदस्यगण मौजूद रहीं।
: महाकुम्भ में 11 जनवरी को निकलेंगी महाराजा अग्रसेन की भव्य पेशवाई
Thu, Jan 9, 2025
आचार्य महामण्डलेश्वर पूज्य श्री 1008 श्री स्वामी बालकानंद गिरि जी महाराज के सानिध्य में प्रयागराज में निकलेगी महाराजा अग्रसेन पेशवाई
अखिल भारतीय अग्रवाल सम्मेलन द्वारा किया जायेगा आयोजन
आगरा। 144 वर्ष बाद प्रयागराज में आयोजित होने जा रहे महाकुम्भ में इस बार 11 जनवरी को भक्ति भाव के साथ महाराजा अग्रसेन की पेशवाई निकलेगी। अखिल भारतीय अग्रवाल सम्मेलन द्वारा आचार्य महामण्डलेश्वर पूज्य श्री 1008 श्री स्वामी बालकानंद गिरि के सानिध्य व राष्ट्रीय अध्यक्ष गोपाल शरण गर्ग, राष्ट्रीय महामंत्री गोपाल गोयल के नेतृत्व में अगुवाई में यह कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। यह जानकारी अखिल भारतीय अग्रवाल सम्मेलन के राष्ट्रीय मंत्री विनय अग्रवाल ने भगवान सिनेमा चौराहा स्थित होटल आशादीप में आयोजित आमंत्रण पत्र विमोचन कार्यक्रम में देते हुए ब्रज क्षेत्र के सभी अग्रवाल बंधुओं को अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया।
विनय अग्रवाल ने कहा कि धर्म और समाज सेवा के क्षेत्र में अग्रवाल समाज हमेशा अग्रणी रहता है। अधिक से अधिक अग्रवाल समाज के बंधु 11 जनवरी को प्रयागराज पहुंचे और इस पावन अगुवाई के भागीदार बनें। 11 जनवरी को सुबह 10 बजे ग्रांड कोन्टीनेंटल होटल सिविल लाइन प्रयागराज पर सभी अग्रवाल बंधु एकत्रित होंगे और 11 बजे केपी कॉलेज प्रयागराज से भव्य पेशवाई यात्रा प्रारम्भ होकर पूरे शहर में भ्रमण करते हुए कुम्भ मेला में काली मार्ग सेक्टर 20 में हरिधाम सनातन सेवा ट्रस्ट के पण्डाल में पहुंचेगी। महाराज श्री का आव्हान है कि मानव सेवा, सनातन सेवा, देश और समाज सेवा में अग्रणी अग्रवाल व वैश्य समाज अपने आप को व्यवस्थित करे और अंधानुकरण की दौड़ के कारण आए दोष एवं विकृतियों के उन्मूलन हेतु रीति रिवाज की एक नियमावली भी बनायी जाए।
जिलाध्यक्ष मुरारीलाल गोयल ने कहा कि 12 वर्ष बाद आयोजित महाकुम्भ के रूप में पुण्य और परमार्थ का अवसर प्राप्त हुआ है। सबके साथ चलने वाला समाज है अग्रवाल समाज। अधिक से अधिक संख्या में 11 जनवरी को प्रयागराज में महाकुम्भ में अधिक से अधिक संख्या में आगरा से भी श्रद्धालू पहुंचें और परमार्थ के भागीदार बनें।
संचालन ब्रज क्षेत्र के महामंत्री उमेश अग्रवाल ने किया। कार्यक्रम में मुख्य रूप से शैलू अग्रवाल, विभु सिंघल, गणेश बंसल, राकेश अग्रवाल, सुमन गोयल, मयंक अग्रवाल, अंबुज अग्रवाल, मयंक गर्ग, अंकित अग्रवाल, विवेक गर्ग, हरिओम गोयल, मोहित अग्रवाल आदि उपस्थित थे।
: बीरू ने भिगोई दर्शकों की आंखें, फिल्म टैक्स फ्री की उठी मांग
Mon, Jan 6, 2025
अनाथ बच्चों के जीवन पर आधारिक है फिल्म बैजू
पहले रिव्यू शो का खंदारी परिसर स्थित जेपी सभागार में किया गया आयोजन
फिल्म में आगरा के दृश्यों संग दिखेंगे कई कलाकार भी
आगरा। मनोरंजन के साथ जीवन के संघर्षों को दर्शाती फिल्म बीरू में दुनिया की भीड़ में बिछड़ा 6 वर्ष का बीरू जैसे ही अपने माता पिता से मिला सभागार दर्शकों की नम आँखों के साथ तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। लगभग डेढ़ घंटे की फिल्म दर्शकों को भावनात्मक रूप से बांधे रखने में सफल रही, वहीं फिल्म में आगरा के कई दृष्यों के साथ जाने पहचाने कलाकार भी नजर आए।
खंदारी परिसर स्थित जेपी सभागार में धैवत रिकार्ड्स एंड प्रोडक्शन के बैनर तले बनी फिल्म बीरू के पहले रिव्यू शो का शुभारम्भ मुख्य अतिथि सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता ए.पी. सिंह ने मां सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर किया। फिल्म की सराहना करते हुए कहा कि पुलिस प्रशासन के अधिकारी यदि इस फिल्म को देखेंगे तो जरूर रूमाल निकालने के साथ अपनी कार्यप्रणाली में सुधार करने का प्रयास करेंगे। फिल्म हमें सीख देती है कि हर माता-पिता को अपने बच्चों को आधार कार्ड बनवाना चाहिए। अभिभावक बच्चों का आधार कार्ड बनवाने के प्रति जागरूक हों इसके लिए शासन को फिल्म को टैक्स फ्री करना चाहिए।
फिल्म में बीरू की भूमिका निभाने वाले कुंज शर्मा और उसके माता पिता से मिलवाने का प्रयास करने वाले अनाथालय के बच्चों की भूमिका निभाने वाले अभिनव बंसल, कृष्ण संचानी, कुमाल, प्रखर, ऋषभ, सानवी, दक्ष दिक्षित को स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर फिल्म के निर्माता अंशुमन प्रताप सिंह, लेखक व निर्माता मनीष श्रीवास्तव, प्रोडक्शन हाउस की अध्यक्ष अर्चना सिंह, नीरज सिंह राघव, अजीत चाहर, दीपक शर्मा, हरिशंकर शर्मा आदि उपस्थित थे।
बच्चों की अदाकारी में झलकी मायूमियत भरी कलाकारी
अनाथालाय के बच्चे बीरू को उसके माता पिता से मिलवाने के लिए हर सम्भव प्रयास इसलिए करते हैं कि वह देखना चाहते हैं कि आखिर माता-पिता का प्यार कैसा होता है। एक ओर जहां बीरू से टकराने वाले समझदार बड़े लोगों को माता-पिता से बिछड़े बीरू में कहीं अपना स्वार्थ तो कहीं परेशानी दिखती है वहीं अनाथालय के मासूम बच्चे निस्वार्थ भाव से बीरू का साथ देते हैं।