: सत्कर्म के रास्ते में आऐंगे विघ्न, घबराएं नहीं आगे बढ़ते जाएं
Tue, Jan 14, 2025
आगरा। कमला नगर स्थित होटल सेलीब्रेशन में श्रीधाम वृंदावन से पधारे पूज्य डॉ. संजय कृष्ण ‘सलिल’ जी महाराज जी ने श्रीमद् भागवत कथा के तृतीय दिवस के प्रवचन में कहा कि हमारे सभी ग्रंथ पुराण एवं वेद यही बताते हैं कि हम सभी को उपासना करनी चाहिए। हमारे जो इष्ट हैं उनकी हम उपासना पूजा पाठ ध्यान करते हैं। यह सभी साधन उनके अंग हैं। उपासना का सीधा अर्थ है आगे बढ़ना हर परिस्थिति में आगे बढ़ना।
वासना से उपासना की ओर आगे जाना। आगे महाराज जी ने बताया जब साधक सत्कर्म की ओर अग्रसर होता है तो अनेक विघ्न आते हैं जो हमें विचलित करते हैं ऐसे समय में हमारे प्रभु हमारी सहायता के लिए संत गुरु के रूप में आकर हमें स्थिति से जूझने का मार्ग दिखाते हैं और हमें धकेल कर ठाकुर के चरणों तक पहुंचा देते हैं।
दक्ष यज्ञ विध्वंस की कथा का वर्णन करते हुए कहा कि जब राजा दक्ष प्रजापति ने यज्ञ का आयोजन किया तो उन्होंने भगवान शिव को छोड़ सभी को आमंत्रित किया तब देवी सती ने हठ किया कि पिता ने यज्ञ में नही बुलाया तो क्या हुआ वो अपने पिता के घर बिना बुलाए जा सकती हैं। तब शिवजी ने कहा कि बिना बुलाए कहीं नहीं जाना चाहिए लेकिन देवी सती हठ कर अपने पिता के घर चली जाती हैं। जहाँ दक्ष द्वारा शिवजी का अपमान किया जाता है पति का अपमान सहन न होने पर देवी सती यज्ञ कुण्ड में कूदकर अपना शरीर त्याग देती हैं। जब यह बात महादेव जी को पता चलती है तो वो अपने गणों के साथ जाकर यज्ञ का विध्वंश कर देते हैं। आगे की कथा में महाभारत के भीष्म कथा का मार्मिक वर्णन कर भक्तों को भाव विभोर कर अश्रुधारा से ओत-प्रोत कर दिया।
कथा में मुख्य रूप से सुरेश चंद अग्रवाल, अनिल मित्तल, अरुण मित्तल,नीतू बंसल, ऋषिक मांगलिक आदि उपस्थित थे।
: डॉक्टरों ने राष्ट्रीय युवा दिवस के रूप में मनाया नव वर्ष.
Mon, Jan 13, 2025
सिकन्दरा-बोदला डॉक्टर्स एसोसिएशन द्वारा आयोजित न्यू ईयर सेलीब्रेशन में सांस्कृतिक कार्यक्रमों में बिखरे भारतीय संस्कृति रंग
डॉक्टरों ने परिवार सहित लिया भाग .
आगरा। एक ओर जहां सांस्कृतिक कार्यक्रम में भारतीय संस्कृति के रंग बिखरे थे वहीं देश के विकास में युवाओ को सक्रिय भूमिका निभाने की प्रेरणा भी थी। मौका था सिकन्दरा बोदला डॉक्टर्स एसोसिएशन द्वारा आयोजित न्यू ईयर सेलीब्रेशन का। इस अवसर पर स्वामी विवेकानन्द की जयन्ती को राष्ट्रीय युवा दिवस के रूप में मनाया गया।
कार्यक्रम का शुभारम्भ एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. पंकज नगायच, आगरा मेडिकल एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. अनूप दीक्षित व पूर्व अध्यक्षों में डॉ. मुकेश गोयल, डॉ. राजीव उपाध्याय, डॉ. डीवी शर्मा, डाक्टर जे. एन टण्डन, डॉ. अशोक शिरोमणी, डॉ. अरुण चतुर्वेदी, डॉ. शरद गुप्ता, सचिव डॉक्टर मुकेश, कोषाध्यक्ष डॉक्टर अमित, आईएमए उपाध्यक्ष डॉ. योगेश सिंघल ,डाक्टर सीमा, डॉ. संध्या ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया।
डॉ. पंकज नगायच ने अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि राष्ट्र निर्माण के लिए युवाओं को सशक्तिकरण बहुत आवश्यक है, जो विवेकानन्द के बताए मार्ग पर चलने से ही सम्भव है। उन्होंने कहा सिकन्दरा बोदला डॉक्टर्स एसोसिएशन एक सशक्त क्षेत्रीय एसोसिऐशन है आगरा की, जो समय समय पर संस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ सामाजिक पहलुओं पर कार्य करती रहती है।
डॉक्टर मुकेश ने कहा की सब साथ मिल सभी पर्वो को मनाते हैं ये खासियत है .
आईएमए के पूर्व अध्यक्षों ने नव वर्ष की शुभकामनाओं के साथ युवा चिकित्सकों को संयम और ईमानदारी के साथ काम करने के लिए प्रेरित किया। इस वर्ष शहर ने चिकित्सा क्षेत्र से जुड़ी जिन विभूतियों को खोया, उन्हें एक मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि अर्पित की गई। डॉ. शरद गुप्ता को पर्यावरण के क्षेत्र में कार्य करने के लिए सम्मानित किया गया। इसके उपरान्त शुरु हुआ सांस्कृतिक कार्यक्रमों का धमाल। सांस्कृतिक सचिव डॉ. अंजना , डॉ. ज्योति ने संचालन किया, आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम में डॉ. अमित, डॉ. ज्योति, डॉ. मुकेश, डॉ. अंजना, डॉ. अरुण जैन, डॉ. संध्या जैन, डॉ. अनूप अम्बेश ने कपल डांस कर खूब तालियां बटोरी। ग्रुप डांस में डॉ. बीएस बघेल, डॉ. अमित मित्तल, डॉ. मुकेश चौधरी व रैम्प वॉक में चिकित्सकों ने फैशन के खूब जलवे बिखेरे। बच्चों में लवन्या, याश्वी व आदित्य ने मनमोहक प्रस्तुति दी। रश्मी सोलंकी ने मनोरंजक गेम खिलवाए। धन्यवाद ज्ञापन कोषाध्यक्ष डॉ. अमित मित्तल ने दिया।
इस अवसर पर मुख्य रूप से डॉक्टर संदीप अग्रवाल, डाक्टर नरेंद्र मल्होत्रा, डॉ. सीमा सिंह, डॉ. वर्षा, डॉ. संगीता चतुर्वेदी, डॉ. संजय अग्रवाल, डॉ. विष्णु रावत आदि उपस्थित थे।
: मानव को चाहिए कि प्रभु को प्रत्येक क्षण याद करें - डॉ संजय कृष्ण ‘सलिल’
Mon, Jan 13, 2025
आगरा। होटल सेलिब्रेशन में चल रही श्रीमद भागवत कथा, श्रीधामवृंदावन से पधारे पूज्य महाराज श्री डॉ. संजय कृष्ण ‘सलिल’ जी के श्रीमुख से आज कथा के द्वितीय दिवस में महाराज जी ने बताया कि मानव देह चौरासी लाख योनियों के बाद प्राप्त होती है हमें इसे प्राप्त करके प्रभु को प्रत्येक क्षण स्मरण करते रहना चाहिए। यह शरीर खाने-पीने के लिए नहीं मिला यह सब क्रिया तो पशुओं में भी होती है परंतु उनमे विवेक नहीं होता। जन्म लेने का लाभ यही है कि अंत में नारायण की स्मृति बनी रहे। यह लाभ जीवन में अभ्यास से होता है हमें मृत्यु को याद करते रहना चाहिए। जब तक हम अपने खान-पान एवं व्यवहार पर ध्यान नहीं देंगे तब तक हृदय शुद्ध नहीं होगा। यहाँ तक की हृदय शुद्ध होता है वहीं पर प्रभु कृपा करते हैं।
‘सलिल’ महाराज जी ने बताया राजा परीक्षित को मृत्यु का भय था राजा सब कुछ त्याग करके गंगा तट पर आते हैं बड़े-बड़े ऋषि मुनि आते हैं शुकदेव जी राजा को भागवत सुनाते हैं। राजा व जीव को प्रभु का ध्यान रखना चाहिए। ध्यान धारण अष्टयाम योग क्रिया के द्वारा मन एकाग्र करना चाहिए।
कथा में सुरेश चंद अग्रवाल, अनिल मित्तल, अरुण मित्तल, नीतू बंसल, ऋषिक मांगलिक आदि उपस्थित रहे।