Sun 02 Aug 2026
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भक्ति, परंपरा और उल्लास की अविरल धारा : आस्था से सराबोर भव्य शोभायात्रा एवं सांस्कृतिक संध्या के साथ गणगौर मेले का हुआ समापन

आगरा। गोकुलपुरा का ऐतिहासिक एवं प्राचीन गणगौर मेला अपने द्वितीय दिवस पर भक्ति, उल्लास और सांस्कृतिक रंगों की अद्भुत छटा बिखेरते हुए संपन्न हो गया। भव्य शोभायात्रा, सांस्कृतिक संध्या और पारंपरिक भस्मासुर दहन के साथ दो दिवसीय इस मेले का गरिमामय समापन हुआ।

द्वितीय दिवस के कार्यक्रमों का शुभारंभ खेरागढ़ विधायक भगवान सिंह कुशवाह द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया। इस अवसर पर पूरा वातावरण “गौरा-ईसर” के जयकारों, भजन-कीर्तन और श्रद्धा से सराबोर नजर आया।

विधायक भगवान सिंह कुशवाह ने कहा कि गोकुलपुरा का प्राचीन गणगौर मेला केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि श्रद्धा, समर्पण और हमारी सनातन परंपराओं की जीवंत विरासत है, जो पीढ़ी दर पीढ़ी समाज को जोड़ने का कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि मां गौरा (पार्वती) और भगवान शिव (ईसर) का यह पावन पर्व नारी शक्ति, सौभाग्य और पारिवारिक सुख-समृद्धि का प्रतीक है, जिसकी महिमा आज भी उतनी ही प्रासंगिक है।

देर रात निकाली गई विशाल शोभायात्रा में सजे-धजे ईसर-गौरा के 32 जोड़े आकर्षण का केंद्र बने रहे। महिलाओं ने पारंपरिक वेशभूषा में सिर पर इन जोड़ों को धारण कर श्रद्धा और भक्ति का अनुपम दृश्य प्रस्तुत किया। गोकुलपुरा, कंसगेट, अशोक नगर, राजा मंडी और मंशा देवी क्षेत्र की गलियों से गुजरती यह शोभायात्रा हर किसी के लिए आस्था का अद्भुत अनुभव बन गई।

सांस्कृतिक संध्या में भजन-कीर्तन, लोकगीत, नृत्य और विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियों के माध्यम से ब्रज संस्कृति और गणगौर पर्व की महिमा को जीवंत कर दिया।

रात्रि में पारंपरिक भस्मासुर दहन का आयोजन किया गया, जिसे देखने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। इसके साथ ही दो दिवसीय मेले का विधिवत समापन हुआ।

अध्यक्ष मनीष वर्मा और महामंत्री नरेंद्र वर्मा ने सभी श्रद्धालुओं, अतिथियों और क्षेत्रवासियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि गणगौर मेला हमारी आस्था, परंपरा और सामाजिक एकता का प्रतीक है, जिसे आने वाली पीढ़ियों तक इसी भव्यता के साथ पहुंचाया जाएगा।

जनसैलाब ने बढ़ाई मेले की भव्यता
मेला प्रभारी ललित शर्मा ने जानकारी दी कि मेले के दोनों दिनों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। 300 से अधिक स्टॉल, झूले, सजावट और रोशनी ने पूरे क्षेत्र को उत्सव में बदल दिया। हर गली और घर के बाहर सजे गौरा-पार्वती के स्वरूपों ने मेले की भव्यता को और बढ़ा दिया।

इन्होंने संभाली व्यवस्था
मेला कमेटी के अध्यक्ष मनीष वर्मा, महामंत्री नरेंद्र वर्मा, मुख्य संरक्षक पंडित दिनेश चंद्र शर्मा, कोषाध्यक्ष गोविंद वर्मा, मेला प्रभारी ललित शर्मा, संयोजक नरेश करेरा, संरक्षक महेश चंद्र शर्मा, रमेश चंद्र वर्मा, सहसंयोजक ओमप्रकाश वर्मा, उपाध्यक्ष राजीव वर्मा, विष्णु वर्मा, प्रदीप गुप्ता, दीपक वर्मा, विजय वर्मा, गिरीश वर्मा, मंत्री विशाल वर्मा, गोपाल वर्मा, शुभम वर्मा, अनिल यादव, नरेश वर्मा, सहमंत्री अभिषेक जैन, पंकज यादव, नीरज वर्मा, गौरव शर्मा, राकेश वर्मा, अंकित वर्मा, राहुल वर्मा, मीडिया प्रभारी अमन वर्मा, रवि वर्मा, दीपक वर्मा, गौरव वर्मा, राज वर्मा आदि ने व्यवस्था संभाली।

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