Sun 02 Aug 2026
Breaking News Exclusive
जनकपुरी महोत्सव के लिए पुलिस प्रशासन अलर्ट, सुरक्षा एवं ट्रैफिक व्यवस्था पर बनी रणनीति संवेदना एक प्रयास संस्था का सराहनीय कदम, 330 बच्चों को बांटी शिक्षण सामग्री गुरु-शिष्य परंपरा को मिलेगा सम्मान, 4 अगस्त को होगा 'गुरु शिल्पी सम्मान' जीवन की मजबूत शुरुआत का आधार है स्तनपान, 1 से 7 अगस्त तक चलेगा जागरूकता अभियान ओआरएस और जिंक से डायरिया पर आसान नियंत्रण, बच्चों को किया जागरूक जनकपुरी महोत्सव को मिलेगा दिव्य स्वरूप, आयोजन स्थल के विकास को विधायक को सौंपा ज्ञापन सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर प्रशासन सक्रिय, उद्योग आवेदनों का होगा भौतिक सत्यापन बच्चों के चेहरों पर बिखेरी मुस्कान, लायंस क्लब एमजेएफ कोहिनूर ने स्कूल को दी सौगात उत्तर विधानसभा क्षेत्र में विकास कार्यों को मिली रफ्तार, कई सड़कों के निर्माण का हुआ शिलान्यास बालकृष्ण की लीलाओं के साथ पारिवारिक संस्कारों का दिया संदेश, कथा में उमड़ा आस्था का सैलाब

सूचना

Pragya News 24 is News Blog to Providing all over News of World.

भारतीय शास्त्रीय नृत्य : भरतनाट्यम की दिव्य प्रस्तुति में झलकी साधना, संस्कृति और संस्कारों की गरिमा

आगरा। भारतीय शास्त्रीय नृत्य, गुरु-शिष्य परंपरा और सांस्कृतिक साधना की दिव्य अनुभूति से ओतप्रोत सुश्री वृंदा बंसल का भव्य भरतनाट्यम अरंगेत्रम समारोह कलाकृति सभागार, फतेहाबाद रोड में संपन्न हुआ। कला, संस्कृति और अध्यात्म के अद्भुत समन्वय से सुसज्जित इस समारोह ने उपस्थित कला-प्रेमियों को भारतीय शास्त्रीय परंपरा की समृद्ध विरासत से भावविभोर कर दिया। वृंदा बंसल की प्रभावशाली प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध करते हुए सभागार को तालियों की गूंज से भर दिया।

कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण वृंदा बंसल की मनोहारी भरतनाट्यम प्रस्तुतियाँ रहीं। “पुष्पांजलि एवं नटराज स्तुति”, “अलारिप्पु”, “जातिस्वरम्”, “कृष्ण शब्दम्”, “कार्तिकेय वर्णम्”, “भो शम्भो”, “श्रीराम स्तुति” एवं “तिल्लाना” जैसी पारंपरिक रचनाओं की प्रस्तुति में भाव, ताल, लय और अभिव्यक्ति का अद्भुत संतुलन दिखाई दिया। उनकी प्रत्येक प्रस्तुति ने भारतीय शास्त्रीय नृत्य की सौंदर्यपरकता और आध्यात्मिक ऊर्जा को जीवंत कर दिया।

समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में सुप्रसिद्ध नृत्यांगना एवं अभिनेत्री सुधा चंद्रन की प्रेरणादायी उपस्थिति विशेष आकर्षण का केंद्र रही। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि भरतनाट्यम केवल नृत्य नहीं, बल्कि आत्मा की अभिव्यक्ति और ईश्वर से संवाद का माध्यम है। उन्होंने वृंदा बंसल की प्रस्तुति की सराहना करते हुए कहा कि इतनी कम आयु में भाव, अनुशासन और मंच संचालन की परिपक्वता अत्यंत प्रशंसनीय है। उन्होंने कहा कि आज की युवा पीढ़ी यदि भारतीय शास्त्रीय कलाओं से जुड़ती है तो यह हमारी सांस्कृतिक विरासत के उज्ज्वल भविष्य का संकेत है।

पदम् श्री पल्लवी शर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि वृंदा बंसल जैसी प्रतिभाएँ यह सिद्ध करती हैं कि शिक्षा और संस्कृति साथ-साथ चलकर व्यक्तित्व को पूर्णता प्रदान करती हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय शास्त्रीय नृत्य केवल कला नहीं, बल्कि संस्कार, अनुशासन और आध्यात्मिक चेतना का सशक्त माध्यम है। उन्होंने वृंदा के समर्पण, साधना और संतुलित व्यक्तित्व की प्रशंसा करते हुए उन्हें नई पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत बताया।

विख्यात ग़ज़ल कलाकार सुधीर नारायण की गरिमामयी उपस्थिति ने समारोह को विशेष प्रतिष्ठा प्रदान की। सभी अतिथियों ने वृंदा बंसल की प्रतिभा, अनुशासन और भारतीय शास्त्रीय नृत्य के प्रति उनके समर्पण की सराहना करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

अरंगेत्रम की प्रस्तुति बनी गुरु-शिष्य परंपरा का माध्यम
अरंगेत्रम के माध्यम से गुरु-शिष्य परंपरा की गरिमा भी प्रभावशाली रूप में दृष्टिगोचर हुई। वृंदा बंसल ने गुरु कविता पिल्लई, गुरु जिग्नेश सुराणी एवं गुरु सी.एस. आंचल जैन के स्नेहपूर्ण मार्गदर्शन में वर्षों की कठोर साधना के पश्चात यह महत्वपूर्ण उपलब्धि प्राप्त की। समारोह के समापन पर गुरु कविता पिल्लई ने वृंदा बंसल को अरंगेत्रम प्रमाण-पत्र प्रदान किया तथा भारतीय शास्त्रीय कला के संरक्षण एवं संवर्धन हेतु ऐसे आयोजनों की आवश्यकता पर बल दिया।

आगरा की बेटी बनी आगरा की शान
आगरा निवासी आकाश और शालिनी बंसल की बेटी वृंदा बंसल ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा सिंधिया कन्या विद्यालय ग्वालियर से प्राप्त की तथा शहीद सुखदेव कॉलेज ऑफ बिज़नेस स्ट्डीज से स्नातक शिक्षा पूर्ण की है। वर्तमान में वे आईआईएम अहमदाबाद में प्रबंधन अध्ययन हेतु अग्रसर हैं। शिक्षा और कला दोनों क्षेत्रों में उनकी उपलब्धियाँ युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत बन रही हैं।

इनका रहा सहयोग और उपस्थिति
कार्यक्रम में संगीत संगति प्रदान करने वाले कलाकारों में नट्टुवांगम् पर गुरु जिग्नेश सुराणी, गायन में विध्या श्रीनिवासन, मृदंगम् वादन में श्रीनिवासन, बांसुरी वादन में फेनिल सोनी तथा वायलिन वादन में प्रार्थना महिसुरी ने अपनी उत्कृष्ट प्रस्तुति से समारोह को संगीतमय गरिमा प्रदान की।

इस अवसर पर विजय बंसल, सीताराम बंसल, रजनी बंसल, डॉली बंसल, अनुराग बंसल, अजय बंसल, अनुज गर्ग, विशाल मित्तल, प्रतीक माहेश्वरी, आनंद प्रकाश, शुभ बंसल, विशाल मित्तल, शास्त्रीय संगीत गुरु गजेन्द्र सिंह चौहान, पखावज वादक गिरधारी लाल शर्मा, तबला वादक रविन्द्र सिंह, ओडिसी नृत्य गुरु अभिषेक निगम, कथक गुरु ज्योति खंडेलवाल आदि उपस्थित रहे। समारोह का संचालन सोनिया मित्तल एवं गरिमा अग्रवाल ने किया।

Tags :

Agra News

Pragya News

Uttar Pradesh News

UP News

विज्ञापन

विज्ञापन

जरूरी खबरें

विज्ञापन