: आईआईबीएक्स के रूप में मिला भारत को वैश्विक बाजार
Sat, Mar 16, 2024
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इब्जा कॉन्क्लेव आगरा में विभिन्न सर्राफा एसोसिएशन ने लिया भाग
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सर्राफा बाजार के लिए सरकारी योजनाओं से लेकर वैश्विक बाजार में व्यापार करने के लिए दिए टिप्स
आगरा। 2023 में भारत का पहला इंडियन इंटरनेशनल बुलियन एक्सचेंस (आईआईबीएक्स) बनने से भारत के सर्राफा व्यापार को वैश्विक बाजार मिला है। विश्व के सभी देशों में सोने व चांदी के आयात व निर्यात के रास्ते खुलें हैं। भारत के सर्राफा व्यापारियों को इसका भरपूर लाभ उठाना चाहिए। भारत में चांदी की ज्वैलरी की 70 फीसदी मैन्यूपैक्चरिंग आगरा में होती है। भविष्य में भारत का चांदी का व्यापार विश्व स्तर पर सोना साबित होगा। बशर्ते सही व योजनाबद्ध तरीके से वैश्विक बाजार में उतरा जाए। यह जानकारी सर्राफा बाजार से जुड़े विशेषज्ञों ने आज वैश्विक स्तर पर भारत के सर्राफा बाजार को मजबूती दिलाने के उद्देश्य से आज संजय प्लेस स्थित होटल होली-डे-इन में इब्जा कॉनक्लेव आगरा में व्यापारियों के साथ साझा की। कॉनक्लेव का आयोजन इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन, आगरा सर्राफा मैन्यूफैक्चरिंग एसोसिएशन, आगरा सर्राफा एसोसेशन व श्री सर्राफा कमेटी आगरा के संयुक्त तत्वावधान में किया गया।
कार्यक्रम का शुभारम्भ सभी पदाधिकारियों ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्ललित कर किया। बताया कि 2023 से पहले भारत के सर्राफा व्यापारी लंदन बुलियन एक्सचेंज पर निर्भर थे व अन्य देशों में सोने चांदी का निर्यात भी नहीं कर सकते थे। एमएसएमई के नेपाल जी ने पीएमएस स्कीम के बारे में जानाकरी देते हुए बताया कि कैसे अपने उत्पाद की प्रदर्शनी करके व्यापार को बढ़ाया जा सकता है। देश विदेश में प्रदर्शनी के लिए भारत सरकार अनुदान भी प्रदान कर रही है। जिससे छोटा व्यापारी बी सुगमता से विश्व स्तर पर अपना व्यापार कर सके। इब्जा के राष्ट्रीय सचिव (मुम्बई) सुरेन्द्र मेहता ने सर्राफा बाजार की सरकारी योजनाओं व समस्याओं के निवारण के बारे में जानकारी दी। इब्जा के नार्थ इंडिया हेड अनुराग रस्तोगी ने बताया कि एक छोटा ज्वैलर किस प्रकार कॉरपरेट जगत से प्रतिस्पर्धा करने के लिए हॉलमार्क को पूरी तरह अपनाकर भारत सरकार की नियमावली को पालन करते हुए समय की चाल के साथ खुद को नए बदलाव की ओर अग्रसर करे।
इस अवसर पर मुख्य रूप से इब्जा के राष्ट्रीय सचिव सुरेन्द्र मेहता, नार्थ इंडिया हेड अनुराग रस्तोगी, आईआईबीएक्स के निदेशक असोक गौतम, एसएसआई के निदेशक श्रीकांत, अस्मा के अध्यक्ष बृजमोहन रैपुरिया, आगरा सर्राफा एसोसिएशन के अध्यक्ष नितेश अग्रवाल, इब्जा के अध्यक्ष धीरज वर्मा, इब्जा के निदेशक निर्मल जैन, शीतल जैन, श्रीसर्राफा कमेटी के अध्यक्ष मनोज गुप्ता, ज्वैलर्स एसोसिएशन बैंगलोर के उपाध्यक्ष सुरेश कुमार गन्ना, इब्जा के स्किल डवलपमेंट प्रदेशाध्यक्ष प्रभात अग्रवाल, भारतीय मानक ब्यूरो से तरुण दीक्षित, सोमदत्त सोनकर आदि उपस्थित थे।
भविष्य में सोना साबित होगा भारत की चांदी का व्यापार
इब्जा के राष्ट्रीय स्किल्ड डवलपमेंट काउंसिल के निदेशक मनोज पुण्डीर ने कहा कि चांदी व्यापार में योजनाबद्ध तरीके से आगे बढ़ने की आवश्यकता है। आने वाले समय में भारत का चांदी व्यापार भविष्य का सोना साबित होगा। युवाओं में फैशन ज्वैलरी में सबसे अधिक चांदी की ज्वैलरी को पसंद किया जा रहा है। युवाओं के बजट में आने के कारण विश्व में चांदी की फैशन ज्वैलरी की ज्यादा डिमांड है। भारत में 70 फीसदी चांदी की ज्वैलरी की मैन्यूफैक्चरिंग एशिया के सबसे बड़ी मंडी आगरा में हो रहा है, जिसे आर्गनाइज्ड करके भारत के सर्राफा बाजार को नई दिशा दी जा सकती है।
योजनाओं में हुए संशोधन के बारे में दी गई जानकारी
भारतीय मानक ब्यूरो नोयडा के अधिकारी तरुण दीक्षित ने 1 जनवरी 2024 से भारतीय मानक ब्यूरों की पॉलिसी में हुए संशोधन के बारे में विस्तार से जानकारी दी। बताया कि ज्वैलर्स को अपनी दुकान में डिस्प्ले बोर्ड में भारतीय मानक बोर्ड के रीजनल ऑफिस का पता अवश्य लिखें। बीआईएस केयर एप व रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट लगाना आवश्यक है। हर ज्वैलर को सोने की ज्वैलरी बिल करते समय ज्वैलरी का विवरण व संख्या लिखना आवश्यक है।
मुम्बई में 7-10 जून को प्रदर्शनी, विदेशी विजिटर भी लेंगे भाग
एसएसआई (सिल्वर शो ऑफ इंडिया) के निदेशक श्रीकांत अर्श ने बताया कि 7-10 जून 2024 तक जीओ वल्र्ड कनवेन्सन सेंटर मुम्बई में प्रदर्शनी का आयोजन किया जा रहा है। जिसमें 18 हजार घरेलू विजिटर व 28 देशों के 282 विदेशी विजिटर भी भाग ले रहे हैं।
: आईएफडीसी आगरा में पहली बार करेगी फुटवियर एक्सपो का आयोजन, मार्च में जुटेंगे पेन इंडिया से जूता निर्माता
Wed, Feb 14, 2024
• 29, 30 और 31 मार्च को सींगना स्थित आगरा ट्रेड सेंटर में होगा आयोजन
• इंडियन फुटवियर डेवलपमेंट काउंसिल कर रही आयोजन, उद्घोषणा पत्र जारी
• 200 से अधिक कपंनियां लगाएंगी प्रदर्शनी, 20 हजार विजिटर आने का अनुमान
• बायर टू बायर थीम पर होगा आयोजन, इटली, स्पेन और चीन के निर्माता भी होंगे शामिल
• 50 बड़ी कंपनियां करेंगी अपने ब्रांड का प्रदर्शन, छात्रों को भी मिलेगा मौका
आगरा। विश्व बाजार में आगरा को फुटवियर इंडस्ट्री ने जो मुकाम दिया है उसमें आने वाले मार्च में और अधिक इजाफा होगा। आगरा में पहली बार इंडियन फुटवियर डेवलपमेंट काउंसिल द्वारा कंपलीट फुटवियर एक्सपो “आगरा फुटवियर एक्सपो 2024” का आयोजन किया जा रहा है। इस संदर्भ में मंगलवार को उद्घोषणा समारोह खंदारी बाईपास रोड स्थित होटल लेमन ट्री में आयोजित किया गया।
एफमेक अध्यक्ष पूरन डावर, ज्वाइंट कमिश्नर इंडस्ट्री अनुज कुमार, आईएफडीसी की आयोजन समिति के मुख्य कार्यकारी अधिकारी शिव नौपुत्रा, उपेंद्र सिंह लवली, कुलदीप सिंह, अंबा प्रसाद गर्ग, देवकी नंदन, अनिल सोनी आदि ने दीप प्रज्जवलन से कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
काउंसिल की आयोजन समिति के मुख्य कार्यकारी अधिकारी शिव नौपुत्रा ने बताया कि 29, 30 और 31 मार्च को आगरा फुटवियर एक्सपो 2024 का आयोजन सींगना स्थित आगरा ट्रेंड सेंटर पर किया जाएगा। ये शहर का पहला कम्पलीट फुटवियर एक्सपो होगा, जिसमें चीन, इटली और स्पेन के अतिरिक्त पेन इंडिया से 200 से अधिक शू विक्रेता प्रदर्शनी में स्टॉल लगाएंगे। आगरा सहित पंजाब, चैन्नई, कोलकाता, कानपुर, बहादुर गढ़, दिल्ली के फुटवियर निर्माता भी शामिल होंगे। 20 हजार से अधिक आगन्तुक प्रदर्शनी देखने के लिए आएंगे। उन्होंने बताया कि आगरा फुटवियर एक्सपो 2024 में 50 बड़ी कंपनियां भी अपने ब्रांड लेकर आएंगी।
प्रदर्शनियों से मिलती है घरेलू उत्पाद को विश्व में पहचान
एफमेक के अध्यक्ष पूरन डावर ने बताया कि घरेलू उत्पाद को विश्व बाजार तक पहुंचाने का सबसे अच्छा और सशक्त माध्यम प्रदर्शनियां ही होती हैं। उद्योग में चीन की सफलता का कारण घरेलू उत्पाद की विश्वस्तरीय प्रदर्शनी ही हैं। आगरा फुटवियर एक्सपो 2024 में समर कलैक्शन को प्रदर्शित किया जाएगा।
आईएफडीसी के कार्यकारिणी सदस्य शैलेश ने पाठक बताया कि आगरा फुटवियर एक्सपो 2024 में फुटवियर मैनुफेक्चर, फुटवियर कंपोनेंट, लेदर से बनने वाले उत्पाद पर्स, हैंडबैग आदि फुटवियर मशीनरी एवं टैक्नोलॉजी, फुटवियर कंसल्टेंट एंड डिजाइनर आदि उपलब्ध होंगे। आईएफडीसी के कार्यकारिणी सदस्य नीशेष अग्रवाल ने जानकारी दी कि एक मंच पर लेदर उत्पाद और व्यापार से जुड़ी हर जानकारी प्राप्त की जा सकेगी।
छात्रों को मौका और स्टार्टअप को सब्सिडी
रावी इवेंट के प्रोजेक्ट कार्डिनेटर रिपुदमन सिंह ने बताया कि आईएफडीसी की ओर से लगने जा रहे आगरा फुटवियर एक्सपो 2024 में 10 शैक्षणिक संस्थानों को स्टॉल लगाने के लिए आमंत्रित किया गया है, जिसमें छात्र अपने द्वारा बनाए गए शू डिजाइन, उत्पाद आदि प्रदर्शित कर सकेंगे। साथ ही स्टार्ट अप करने वालों को 20 प्रतिशत तक सब्सिडी प्रदान की जाएगी। ट्रेड सेंटर के 200 स्कॉयर फीट क्षेत्र में लगने वाले आगरा फुटवियर एक्सपो 2024 में प्रवेश निःशुल्क रहेगा और विजिटर्स के आने जाने के लिए निःशुल्क बस सेवा रहेगी। फुटवियर से संबंधित सभी इकाइयां जैसे कैमिकल कंपनी, मशीनरी कंपनी, सौर उर्जा से संबंधित कंपनियां भी स्टॉल के माध्यम से जानकारी प्रदान करेंगी। तीन दिवसीय आयोजन में प्रथम दिन उद्घाटन सत्र, द्वितीय दिन पांच तकनीकी सत्र एवं तीसरे दिन तकनीकी सत्र एवं सम्मान समारोह के साथ समापन होगा।
ये रहे उद्घोषणा समारोह में उपस्थित
आयोजन में आगरा फुटवियर मैनुफेक्चर एंड एक्पोर्टस चैंबर के अध्यक्ष पूरन डावर, एफमेक एडमिन हैड चंद्रशेखर जीपीआई, आगरा शू मैनुफेक्चर एसोसिएशन के अध्यक्ष उपेंद्र सिंह लवली, फर्टेनिटी आफ आगरा फुटवियर मैनुफेक्चर के अध्यक्ष कुलदीप सिंह, आगरा शू एंड सोल कंपोनेंट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष विनोद सितलानी, सचिव अंबा प्रसाद, लघु उद्योग भारती के जिलाध्यक्ष विजय गुप्ता, आईएफडीसी के कार्यकारिणी सदस्य नीशेष अग्रवाल, शैलेश पाठक, भीम व्यापार युवा मंडल के अध्यक्ष प्रदीप पिप्पल आदि उपस्थित रहे। व्यवस्थाएं रावी इवेंट के प्रोजेक्ट कार्डिनेटर रिपुदमन सिंह ने संभालीं। मंच संचालन अमित सूरी ने किया।
: अंतरिम बजट: कॉर्पाेरेट स्टार्टअप को मिलेगा लाभ, सौर ऊर्जा पर दिया बल
Fri, Feb 2, 2024
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण जी द्वारा पेश किया गया अंतरिम बजट 2024 एक मिला-जुला बजट रहा। वित्त मंत्री ने अपने बजट में पूर्व वर्षों में किए गए कार्यों का व्याख्यान किया। अंतरिम बजट होने के कारण टैक्स दरों में कोई बदलाव नहीं किए गए अर्थात टैक्स पेयर्स को कोई खास छूट प्रदान नहीं की गई। वित्त मंत्री ने बजट 2024 के माध्यम से टैक्स पेयर्स को वही छूट प्रदान की जो उन्होंने बीते वर्षों में प्रदान की थी जैसे कि नई कर प्रणाली में 7 लाख रुपए तक की छूट पूर्ण रूप से दी गई थी, उसमे कोई परिवर्तन नहीं किया गया।
सी.एस. भरत हासानी ने कहा कि सरकार द्वारा बजट 2024 के माध्यम से कॉर्पाेरेट स्टार्टअप्स को कुछ लाभ पहुंचाने की कोशिश की गई और पेंशन फंड के निवेश को बढ़ाने का साहस दिखाया गया। इसके साथ ही 31 मार्च 2024 को समाप्त हो रही आईएफएससी इकाइयों की आय पर कर छूट को 31 मार्च.2025 तक बढ़ाया गया है। कंपनियों के मामले में मौजूद कॉरपोरेट टैक्स जो कि 22% और नए मैनुफेक्चरर्स कंपनियों के लिए 15% था, उसे ही सामान रखा गया, जिससे व्यापारिक संबंधों को स्थिरता मिले।
आगामी चुनाव को ध्यान में रखते हुए बजट में, किसान, युवा, स्वास्थय, महिला और सौर ऊर्जा पर बल दिया गया। एक करोड़ परिवारों को 300 यूनिट नि:शुल्क बिजली रूफटॉप सोलराइजेशन द्वारा प्रदान करना, किसान उत्थान के लिए आधुनिक तकनीक और डेयरी उद्योग के उत्थान के लिए योजनाओं के साथ कुल मिलाकर अंतरिम बजट एक मिला-जुला चुनावी बजट के रूप में प्रस्तुत हुआ।