: केसरिया श्रंगार में श्रीवरद वल्लभा महागणपति ने दिए दर्शन, कल होगा मेवा का श्रंगार
Tue, Sep 10, 2024
आगरा− फिरोजाबाद रोड स्थित श्रीवरद वल्लभा मंदिर में दक्षिण भारतीय पूजन पद्वति से मनाया जा रहा है गणेश चतुर्थी महोत्सव
प्रतिदिन सैंकड़ों भक्त ले रहे दर्शन लाभ, आरती के समय उमड़ रहा आस्था का सैलाब
संध्या काल मंदिर के बाहरी परिक्षेत्र की गयी विद्युत सजावट करती है आकर्षित
आगरा। शहर में एकमात्र दक्षिण भारतीय पूजन पद्वति का अनुसरण करने वाला श्रीवरद वल्लभा मंदिर गणेश उत्सव के पावन दिनों में आस्था का प्रमुख केंद्र बना हुआ है।
मंगलवार को श्रीगणेश चतुर्थी महोत्सव के चौथे दिन श्रीवरद वल्लभा महागणपति जी ने भक्तों को केसरिया श्रंगार से श्रंगारित होकर दर्शन दिए। भगवा रंग की धाेती, अष्टकोणिय तिलक, केसरिया फूलबंगला और स्वर्ण आभूषण से सुशाेभित गजानन अपनी अप्रतिम सौंदर्य आभा से भक्तों को निहाल कर रहे थे। चतुर्थ दिवस का नित्य अभिषेक राकेश गर्ग और हवन सेवा दीपक गर्ग की ओर से रहा।
मंदिर परिक्षेत्र में की गयी आकर्षक विद्य़ुत सजावट दूर से ही भक्तों को अपनी ओर खींचती है। मंदिर में प्रवेश करते हुए शांति की अनुभूति और फिर अपने आराध्य के दर्शन कर आध्यात्मिक प्रगति स्वयं ही प्राप्त होती है।
मंदिर संस्थापक हरिमोहन गर्ग ने बताया कि मंदिर में प्रतिदिन पूजन पद्वति दक्षिण भारतीय परंपरा के अनुसार ही होती है। उत्सव के दिनों में ये पूजन प्रकार लोगों को आकर्षित करता है। उन्होंने बताया कि बुधवार को प्रतिष्ठित प्रतिमा का महाभिषेक 11 द्रव्यों से किया जाएगा। इसके बाद मेवा का श्रंगार होगा।
: करें वृद्धों का सम्मान तो स्वयं खुश हो जाएंगे भगवान
Tue, Sep 10, 2024
स्वास्तिक वेलफेयर ट्रस्ट ने की राधाष्टमी पर वृद्धजन सेवा
भोजन प्रसादी संग वृद्धाें ने लिया राधारानी के भजनों का आनंद
वृद्धाश्रम की गौशाला में की गयी गौसेवा और लगवाए गए पौधे
आगरा। श्रीकृष्ण की आराध्य शक्ति राधा रानी के प्रेम और सेवा के आदर्शाें को अपनाते हुए स्वास्तिक हैंडराइटिंग वेलफेयर ट्रस्ट ने राधाष्टमी पर वृद्धजन, गौ और पर्यावरण सेवा की। कैलाश मंदिर रोड, सिकंदरा स्थित रामलाल वृद्धाश्रम में रहने वाले 350 बुजुर्गों और मानसिक दिव्यांगों के साथ राधाष्टमी उत्सव मनाया। सर्वप्रथम यमुना मैया के तट पर ठाकुर श्रीकृष्ण और राधारानी के चित्र के समक्ष दीपदान किया गया। इसके बाद वृद्धाें के लिए पकवान भाेजन की व्यवस्था की गयी। ट्रस्ट की सदस्याओं ने सभी वृद्धों को भाेजन परोसा और इसके बाद सभी ने राधारानी के भजनों का जमकर आनंद लिया। वृषभान दुलारी राधे रानी…राधे किशाेरी दया करो…जैसे भजनों से वृद्धाश्रम में भक्तिमय माहौल बन गया और मायूस वृद्धों के चेहरों पर अपनत्व की मुस्कुराहट छा गयी।
अध्यक्ष विनीता मित्तल ने बताया कि संस्था हर माह गौ सेवा और पर्यावरण सेवा भी करती है। जिसके अंतर्गत वृद्धाश्रम की गौशाला में चारे की व्यवस्था की गयी और परिसर में 11 छायादार और फलदार पौधे रोपित किये गए। कार्यक्रम में अध्यक्ष विनीता मित्तल, सचिव श्रुति दास, कोषाध्यक्ष रुचि सिंघल, पल्लवी अग्रवाल, रेनू सिंह, गीता सैनी, शिखा गौतम, तनु गुप्ता, मधुलिका सिंह, निधि गाबा, अंजली अग्रवाल, एकता अग्रवाल, आकृति अग्रवाल, ज्योतिषा मित्तल आदि उपस्थित रहीं।
: श्रीवरद वल्लभा महागणगति के दर्शन को उमड़ रहे भक्त, श्रंगारित स्वरूप देख हो रहे भाव विभाेर
Mon, Sep 9, 2024
आगरा−फिरोजाबाद रोड स्थित मंदिर में लग रही भक्तों की कतार, विद्या− बुद्धि और समृद्धि के लिए ले रहे आशीष
पांच पहर की आरती में उमड़ती है आस्था, 12 को अर्पित होगा 100 किलो का मोदक
आगरा। गणेश उत्सव के दौरान प्रथम पूज्य गणपति के दर्शन के लिए इन दिनों शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों के भक्तों भीड़ लगातार आगरा− फिरोजाबाद रोड स्थित श्रीवरद वल्लभा महागणपति के दर्शन के लिए उमड़ रही है।
श्रीवरद वल्लभा महागणपति मंदिर में चल रहे गणेश चतुर्थी महोत्सव के तीसरे दिन गजानन ने रानी रंग की धाेती में श्रंगारित होकर भक्तों को दर्शन दिए। सफेद फूल के बंगले में विराजित श्रीवरद वल्लभा महागणपति के दर्शन के लिए दिनभर भक्तों का रेला सा उमड़ता रहा। तृतीय दिवस उत्सव का आरंभ नित्य सेवा मूर्ति के अभिषेक से हुआ। इसके बाद प्रातः हवन सेवा यतेंद्र गर्ग, वस्त्र सेवा गगन अग्रवाल की ओर से की गयी। सायं हवन एवं सहस्त्रनाम अर्चना सेवा रविंद्र कुमार की ओर से रही। मंदिर परिसर में संध्या पूजन के समय गूंजते श्रीगणेश के सहस्त्रनामों की गूंज हाइवे पर निकलने वाले लोगों को भी आध्यात्मिक अनुभूति करा रही थी। मंदिर संस्थापक हरी मोहन गर्ग ने बताया कि मंदिर स्थापना का ये तीसरा वर्ष चल रहा है। इतने कम समय में ही मंदिर की ख्याति दूर दूर तक फैल चुकी है। लोगों की आस्था इतनी बढ़ चुकी है कि विवाह के फेरे भी वे अपने आराध्य के समक्ष ले रहे हैं। मंदिर परिसर में अब तक तीन विवाह पूर्ण हो चुके हैं।
मंदिर प्रबंधक नितिन शर्मा ने बताया कि 11 सितंबर को मेवा श्रंगार होगा। 12 सितंबर को श्रीवरद वल्लभा महागणति जी को 100 किलो का आटे, मेवा से बना मोदक अर्पित किया जाएगा।