: बॉलीवुड गायिका नीति मोहन ने किया ताज का दीदार, कहा अद्भुत है स्मारक
Tue, Dec 19, 2023
आगरा। मोहब्बत की निशानी ताजमहल का दीदार करने के लिए मशहूर गायिका नीति मोहन आज आगरा पहुंची थी। उन्होंने सुबह के समय मोहब्बत की निशानी ताजमहल का दीदार किया। मोहब्बत की निशानी ताजमहल का दीदार कर वह काफी उत्साहित नजर आयीं, उन्होंने ताजमहल को अद्भुत स्मारक बताया और अपने आप को वाह ताज कहने से भी नहीं रोक पाई।
आपकों बताते चले कि नीति मोहन ने अपने करियर में एक से बढ़कर एक शानदार गानों को अपनी खूबसूरत आवाज से सजा चुकी हैं। बता दें कि,नीति ने फिल्म ‘स्टूडेंट ऑफ द ईयर में गाना ‘इश्क वाला लव’ से बॉलीवुड में कदम रखा था। इसके बाद उन्होंने फिल्म ‘जब तक है जान’ के ‘जिया रे’ को अपनी आवाज दिया और इस सांग को गाने के बाद नीति ने फिर कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा और आगे बढ़ती चली गई।
मंगलवार सुबह गायिका नीति मोहन ताजमहल का दीदार करने के लिए पहुँची। उन्होंने ताजमहल को करीब से देखा और उसकी वास्तुकला व नक्काशी को देखकर उत्साहित नजर आई। उन्होंने ताजमहल के इतिहास की जानकारी ली और ताजमहल को अद्भुत स्मारक बताया और ताजमहल को देखकर वाह ताज कहने से अपने को नही रोक पायीं।
: धर्म में राजनीति नहीं बल्कि राजनीति में धर्म का समावेश है जरूरीः आचार्य श्रीकृष्ण प्रकाश
Tue, Dec 19, 2023
मुस्कान पार्क, सेक्टर आठ में हो रही है श्रीमद् भागवत कथा की अमृत वर्षा, सैंकड़ों श्रद्धालु ले रहे धर्म शिक्षा लाभ
कथा के द्वितीय दिवस परीक्षित जन्म, कुन्ती स्तुति, भीष्म स्तुति और शुकदेव आगमन का हुआ प्रसंग
आगरा। धार्मिक कार्यों में यदि राजनीति का समावेश होगा तो समाज सदैव पतन की ओर जाएगा। यदि समाज का समुचित विकास और उन्नति चाहते हैं तो राजनीति में धर्म लाएं, धर्म है तो राजनीति में कभी भी अधर्म नहीं होगा। पितामह भीष्म द्वारा पांडवों को दिए गए उपदेश की ये प्रमुख बातें कथा व्यास आचार्य श्रीकृष्ण प्रकाश पाठक ने कही।
पवित्र माह मार्गशीर्ष के अवसर पर सेक्टर आठ, आवास विकास कॉलोनी स्थित मुस्कान पार्क में चल रही श्रीमद् भागवत कथा का मंगलवार को द्वितीय दिवस था। द्वितीय दिवस के यजमान सौरभ शर्मा और ममता शर्मा सहित संरक्षक डॉ पार्थ सारथी शर्मा, अशोक चौबे, राजेश चतुर्वेदी, सर्व व्यवस्था प्रमुख श्रीकांत शर्मा, मोहिनी शर्मा, हरिदत्त मिश्र, दिनेश चंद मिश्र ने श्रीमद् भागवत जी का विधिवत पूजन किया।
सेक्टर आठ, मुस्कान पार्क से चल रही श्रीमद् भागवत कथा की अमृत वर्षा का रसपान करते श्रद्धालु। कथा व्यास श्रीकृष्ण प्रकाश पाठक हैं।
कथा व्यास आचार्य श्रीकृष्ण प्रकाश पाठक द्वारा परीक्षित जन्म, कुंती स्तुति, भीष्म स्तुति और शुकदेव आगमन कथा प्रसंग कहे गए। उन्होंने कहा कि जीवन में भगवान की कृपा से ही जीव का कल्याण हो सकता है। मनुष्य जीवन में भगवद् भजन अति आवश्यक है। गोकर्ण उपाख्यान से बताया कि ये शरीर नश्वर है और परमात्मा परम सत्य है। इसलिए उनमें ही मन को लगावें। कुंती स्तुति में कहा कि माता कुंती ने भगवान से विपत्ति मांगी थी क्योंकि भगवान को मानव सदैव विपत्ति में ही याद करता है। विपत्ति को उन्होंने भगवान के स्मरण का माध्यम बताया। पांडवों द्वारा पितामह भीष्म की जब स्तुति की गई तो पितामह ने उन्हें राज, दान, मोक्ष और स्त्री धर्म का उपदेश देते हुए संसारवासियों से कहा कि धर्म के कार्यों में राजनीति नहीं करनी चाहिए परंतु राजनीति में धर्म होना आवश्यक है। परिक्षित श्राप की कथा के माध्यम से शुकदेव भगवान आगमन कथा के साथ द्वितीय दिवस प्रसंग का समापन हुआ।
इस अवसर पर मुकेश भारद्वाज, सुधीर चौबे, प्रदीप कौशिक, आनंद मिश्रा, पुलकित शर्मा, विष्णु पाराशर, कपिल वाजपेई विनोद पांडे, अभिषेक शुक्ला, विनय राघव, श्री प्रकाश पाठक, गिरजा शंकर शर्मा, अनीता गौतम, लता शर्मा, विजय कौशिक, दीपमाला, मंजू, कुसुम, राधा शर्मा, प्रेम सिंह, जबर सिंह यादव, शैलेंद्र शुक्ला, दुर्ग सिंह, ममता, संध्या, रेनू, भावना, बेबी, ममता आदि ने भगवान की आरती उतारी। संरक्षक डॉ पार्थ सारथी शर्मा ने बताया कि बुधवार को विदुर उद्धव संवाद, विदुर मैत्रेय संवाद, कर्दम देवहूति कथा, कपिलोपाख्यान, सती चरित्र, ध्रुव चरित्र आदि कथा प्रसंग होंगे।
: पुरस्कार वितरण समारोह के साथ हुआ तीन दिवसीय कार्यशाला का समापन
Mon, Dec 18, 2023
• कौशाम्बी फाउंडेशन व डिपार्टमेंट ऑफ हिस्ट्री एंड कल्चर के संयुक्त संयोजन से संस्कृति विभाग में तीन दिवसीय कार्यशाला का पुरस्कार वितरण समारोह के साथ हुआ समापन
• इंटरनेशनल कांफ्रेंस इन मल्टीडिसिप्लिनरी रिसर्च एंड प्रैक्टिस फार सस्टेनेबल डलवपमेंट एंड इनोवेशन कार्यशाला 120 ऑनलाइन व 80 रिसर्च पेपर ऑफलाइन प्रस्तुत किए गए
आगरा। आगरा से बाह होते हुए मध्य प्रदेश तक शिव मंदिरों की ऐसी श्रंखला है जो एक त्रिशूल का निर्माण करती है। विश्व में कोई ऐसा शहर नहीं जहां चारों दिशाओं और मध्य में शिव मंदिर हों। यह मंदिर इतने प्राचीन हैं कि इनमें से कुछ मंदिरों का वेद पुराणों में जिक्र है, जबकि भारतीय इतिहास में इन्हें कोई स्थान नहीं मिला। आगरा से लेकर मध्य प्रदेश तक फैले शिव मंदिरों की श्रंखला पर शोध कर रहे इतिहास व संस्कृति विभाग से अध्यक्ष प्रो. बीडी शुक्ला ने यह जानकारी विवि के संस्कृति विभाग में कौशाम्बी फाउंडेशन, नीलम ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशन व डिपार्टमेंट ऑफ हिस्ट्री एंड कल्चर से संयुक्त संयोजन में आयोजित तीन दिवसीय इंटरनेशनल कांफ्रेंस इन मल्टीडिसिप्लिनरी रिसर्च एंड प्रैक्टिस फार सस्टेनेबल डलवपमेंट एंड इनोवेशन के पुरस्कार वितरण समारोह में दी। कहा कि आगरा ताज नगरी से पहले प्राचीन शिव नगरी है।
कार्यक्रम का शुभारम्भ मुख्य अतिथि आयकर विभाग के निदेशक अमर ज्योत व विशिष्ठ अतिथि संयुक्त सचिव एडीए सोम कमल के साथ चेयरमैन टैक्स एंड लीगल सेल उप्र के दीपक माहेश्वरी, विवि के वाइस चांसलर प्रो. अजय तनेजा, कौशाम्बी फाउन्डेशन के चेयरमैन लक्ष्य चौधरी, भूपेन्द्र सिंह, रोहन उप्पल, सूरज तिवारी ने मां सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर किया। मुख्य अतिथि अमर ज्योत ने कहा कि समस्याओं के समाधान के लिए हमें अपनी जड़ों की ओर लौटना होगा। अजय तनेजा शोधार्तियों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि हमें आरामदायक जीवन और विकास से ऊपर ऊठकर ऐसे शोध करने होंगे पर्यावरण और हमारे भविष्य को सुरक्षित रखें। एक समय था जब ताज की सफाई बड़ी चुनौती बनी हुई थी। जिसका समाधान मुल्तानी मिट्टी के रूप में सामने आया, जिसमें मौजूद सिलिकेट्स प्रदूषक तत्वों को अवशोषित कर लेते हैं और रसायनों से रहित होने के कारण मार्बल से कोई क्रिया करके उसे नुकसान भी नहीं पहुंचाते। यह बेहतर शोध का ही नतीजा था।
अतिथियों का स्वागत इतिहास व संस्कृति विभाग के अध्यक्ष प्रो. बीडी शुक्ला ने किया। संचालन डॉ. मोशाहरी ने किया। कार्यक्रम में डॉ. नितिन वाही, मोनिका मित्तल, डॉ. प्रियांशी राजपूत, डॉ. तुषार चौधरी, संजय तुमार, नीतू सिंह, अंकित वर्मा, अमित गोला, राहुल कुमार, काजल, लक्ष्मी नारायण, कृष्णा शर्मा, योशिल चौधरी, निशा कुमार आदि का सहयोग रहा।
11 शोधार्थियों को मिला बेस्ट रिसर्च पेपर
अवार्ड
कौशाम्बी फाउंडेशन के चेयरमैन लक्ष्य चौधरी ने बताया कि कार्यशाला में 120 ऑनलाइन व 80 रिसर्च पेपर ऑफलाइन व 40 पोस्टर प्रस्तुत किए गए। जिनमें 11 शोधार्थियों को बेस्ट रिसर्च पेपर अवार्ड से सम्मानित किया गया। जिनमें पवन सिंह, फातिमा बी, ज्योतिश्री, अम्बर दुबे, राहुल सिंह, सूरज गुप्ता, पूजा पोरस, पूर्वा दीक्षित, तलद खान, डॉ. राघवेन्द्र मिश्रा, इं. रमेश वर्मा थे। एक्सीलेंस अचीवमेंट अवार्ड से प्रो. केएस राणा, प्रो. बीडी शुक्ला, डॉ. सतीश कुमार, एड. दीपक माहेश्वरी, डॉ. निखिल अग्निहोत्री, एसएस चौधरी को पुरस्कृत किया गया।
60-65 फीसदी बीमारियों जीवों से मनुष्य में पहुंच रहीं
आगरा। उदयपुर एमबी वैटेनरी कालेज में असिस्टेंस प्रो. डॉ. राघवेन्द्र सिंह बताया कि वर्तमान में 60-65 फीसदी बीमारियों जीव जन्तुओं से मुष्य में पहुंच रही हैं। जिसकी मुख्य वजह जीव जन्तुओं के मीट के ठीक से पकाए बगैर खाना और दूध को ठीक से उबाले बिना पीना है। कहा कि उत्तर भारत में जानवरों (गाय, भैंस, भेड़, बकरी से) से ब्रूसेलोसिस बीमारी तेजी से फैल रही है। उत्तर भारत के 15 फीसदी जानवर ब्रूसेलोसिस से प्रभावित हैं, जिसमें प्रसव के तिम समय से पहले गर्भपात हो जाता है। यह समस्या मनुष्यों में भी बढ़ रही है। भारत सरकार ने इस समस्या को रोकने के लिए 2023 तक का लक्ष्य रखा है, जिस पर कई काम किए जा रहे हैं। ब्रीसेलोसिस बैक्टीरियल बीमारी है जो अधिक दूध के उत्पादन के लिए विदेशी जानवरों के सीमन के जरिए भारत पहुंची। इससे जानवरों में भी प्रसव के तिम समय पर गर्भपात व नपुंसकता की संमस्या बढ़ रही है।