: गौचारण की शाेभायात्रा में दिखी द्वापरकालीन झलक, श्री कृष्ण लीला शताब्दी समारोह में हुआ गोपूजन
Tue, Nov 21, 2023
डीएफओ आरुषि मिश्रा बोलीं समिति कर रही प्रकृति और संस्कृति का संरक्षण
श्रीकृष्ण− बलदेव की गौचारण शाेभायात्रा ने किया नगर का भ्रमण, उमड़े श्रद्धालु
आगरा। श्रीकृष्ण लीला महोत्सव समिति 100 वर्ष की परंपरा और संस्कृति के साथ ही प्रकृति का संरक्षण भी कर रही है। गौपूजन और शाेभायात्रा के माध्यम से गौ संरक्षण का समाज को संदेश दिया जाना एक अनूठी पहल है। यह कहना था मुख्य अतिथि डीएफओ आरुषि मिश्रा का।
गौचारण शोभायात्रा में गौपूजन करतीं डीएफओ आरुषि मिश्रा एवं समिति के पदाधिकारीगण
श्रीकृष्ण लीला महोत्सव समिति द्वारा आयोजित श्रीकृष्ण लीला शताब्दी समारोह के अन्तर्गत गोपाष्टमी पूजन एवं गौचारण लीला शाेभायात्रा का आयोजन किया गया। मुख्य अतिथि डीएफओ आरुषि मिश्रा के साथ नीरू रोहतगी, सुजाता अग्रवाल और रेनू गोयल ने गौपूजन किया। श्रीकृष्ण और बलदाउ जी के स्वरूपों की आरती उतारी गयी।
गौचारण शोभायात्रा में गौपूजन करतीं डीएफओ आरुषि मिश्रा एवं समिति के पदाधिकारीगण
बैंड बाजों के साथ निकली शाेभायात्रा गौशाला प्रांगण, बल्केश्वर रोड से वाटरवर्क्स चौराहा, जीवनी मंडी, भैरों बाजार, बेलनगंज, कचहरी घाट, छत्ता बाजार, दरेसी, रावत पाड़ा, सुभाष बाजार, जौहरी बाजार, कसेरट बाजा, सेव का बाजार, फुलट्टी, घटिया, सिटी स्टेशन मार्ग, धूलियागंग, पथवारी, बेलनगंगज तिकोनिया होते हुए वापस गौशाला पहुंची।
गौशाला बल्केश्वर में श्रीकृष्ण लीला महोत्सव समिति द्वारा आयोजित गाैचारण शोभायात्रा का शुभारंभ गोपूजन कर करतीं मुख्य अतिथि डीएफओ आरुषि मिश्रा व समिति के पदाधिकारी।
इस अवसर पर अध्यक्ष मनीष अग्रवाल, विजय रोहतगी, अशोक गोयल, पीके मोदी, शेखर गोयल, बृजेश अग्रवाल, कृष्ण कन्हैया अग्रवाल, गिर्राज बंसल, प्रभात रोहतगी, विष्णु अग्रवाल, एसपी सिंह, राजीव अग्रवाल, राकेश गुप्ता, सीताराम अग्रवाल, कौशल किशाेर सिंघल, विनोद भट्टेवाले, अनुज सिंघल आदि उपस्थित रहे।
: श्रीकृष्ण लीला शताब्दी समारोह में मनाया गया नंदोत्सव
Mon, Nov 20, 2023
अवतार लियो गोपाल नन्दलाल, नन्द भवन बधाई बाज रही
दीपक नृत्य ने किया मंत्रमुग्ध,पूतना वध का लिया आनंद
नंद सखा की सवारी में उमड़ा बल्केश्वर
शोभायात्रा बनी आकर्षण का केंद्र, उपहार लूटने की मची रही होड
अवतार लियो गोपाल नन्दलाल, नन्द भवन बधाई बाज रही
अवतार लियो गोपाल नन्दलाल, नन्द भवन बधाई बाज रही
आगरा। नंद घर आनंद भए, जै कन्हैयालाल की, हाथी-घोड़ा पालकी, जै जै नन्दलाल की… श्रीकृष्ण लीला में सोमवार को जमकर आनंद बरसा। यशोदा को सभी ने खूब बधाइयां दी और मंगलगान गाए। नंद बाबा ने उपहार लुटाए और ब्रजवासियों ने नृत्य करके माहौल खुशनुमा कर दिया।
दीपक नृत्य ने किया मंत्रमुग्ध
ब्रजधाम बने वाटर वर्क्स चौराहा स्थित गौशाला प्रांगण में श्रीकृष्ण लीला शताब्दी समारोह के अन्तर्गत सोमवार को नंदोत्सव की लीला का मंचन किया गया। जिसमें नंद बाबा के स्वरूप ने जमकर उल्लास बिखेरा और दानपुण्य किया। ब्रजवासियों को उपहार दिए।
नंद सखा की सवारी
नंद सखा की सवारी बैंड बाजों के साथ बल्केश्वर चौराहा से निकाली गई। नंद सखा बने मुकेश मित्तल और शोभना मित्तल अपने परिजनों और साथियों पार्षद पूजा बंसल, तनुज मित्तल, मनोज बंसल, संदीप बंसल, सुरेश चंद्र गर्ग, प्रदीप बंसल, गिर्राज बंसल, आयुष बंसल, पीयूष अग्रवाल, गिरीश अग्रवाल जगदीश बगला, पीएल शर्मा, भगत सिंह बघेल, मुकेश जैन, पारुल बंसल, श्वेता महेश्वरी आदि के साथ गौशाला पहुंचे। जिनका स्वागत किया गया।
पूतना वध
इससे पूर्व लीला में कंस द्वारा बाल कृष्ण के वध के लिए विभिन्न तरीके अपनाए गए। एक माह तक के सभी बच्चों का वध कर दिया गया। राक्षसी पूतना को भेज कर भी श्रीकृष्ण के वध के प्रयास किये, लेकिन कृष्ण ने पूतना का ही वध कर दिया। इसके अलावा कान्हा के नामकरण संस्कार, भगवान शंकर द्वारा दर्शन के लिए आना, ऊखल बंधन आदि लीलाओं का मंचन भी वृंदावन के श्रीराम शर्मा (निमाई) के निर्देशन में कलाकारों द्वारा किया गया।
पूतना वध
लीला के अंत में भगवान कृष्ण के स्वरूप की आरती कमेटी के अध्यक्ष मनीष अग्रवाल, विजय रोहतगी, अशोक गोयल, पीके मोदी, शेखर गोयल, बृजेश अग्रवाल, कृष्ण कन्हैया अग्रवाल, प्रभात रोहतगी, विष्णु अग्रवाल, एसपी सिंह, राजीव अग्रवाल, राकेश गुप्ता, सीताराम अग्रवाल, कौशल किशोर सिंघल, विनोद भट्टेवाले, अनुज सिंघल आदि ने उतारी।
: श्रीकृष्ण जन्म पर हुआ शंखनाद, राधे राधे के जयघोष से गूंज उठा लीला स्थल
Sun, Nov 19, 2023
धरा को कंस के अत्याचारों से मुक्त कराने को अवतरित हुए श्रीकृष्ण कन्हाई
श्रीकृष्ण लीला शताब्दी समारोह में हुआ देवकी वसुदेव विवाह एवं श्रीकृष्ण जन्म
आगरा। कंसासुर जाना मन अनुमाना, पूतना वेगी पठाईख तेहि हर्षित धाई, मन मुस्काई गयी जहां यदुराई३स्तुति और हरे कृष्ण, राधे कृष्ण के जयघोष संग शंखनाद से गूंज उठा लीला स्थल।
वाटरवर्क्स चौराहा स्थित गौशाला में श्री कृष्ण लीला शताब्दी महोत्सव में भगवान श्रीकृष्ण के जन्म पर आरती करते प्रदेश कैबिनेट मंत्री धर्मपाल सिंह, राष्ट्रीय संत अरविंद जी महाराज, लंगड़े की चौकी प्राचीन हनुमान मंदिर के मुख्य महंत गोपी गुरु और प्राचीन सीताराम मंदिर के महंत अनंत उपाध्याय।
वाटरवर्क्स चौराहा स्थित गौशाला में आयोजित श्रीकृष्ण लीला शताब्दी समारोह में मंचीय आयोजन का आरंभ देवकी वसुदेव विवाह एवं श्रीकृष्ण जन्म लीला के साथ हुआ। पहले दिन भगवान श्रीकृष्ण के जन्म की लीला का मंचन जैसे ही हुआ जयघोषों से वातावरण गुंजायमान हो उठा। ब्रज रज की संस्कृति और अपने तारणहार की भक्ति के रंग से रंगा गौशाला परिसर द्वापरकाल को जीवंत कर रहा है। पहले दिन की लीला के मंचन का शुभारंभ, प्रदेश कैबिनेट मंत्री धर्मपाल सिंह, राष्ट्रीय संत अरविंद जी महाराज, लंगड़े की चौकी प्राचीन हनुमान मंदिर के मुख्य महंत गोपी गुरु और प्राचीन सीताराम मंदिर के महंत अनंत उपाध्याय ने भगवान श्रीनारायण हरि विष्णु के स्वरूपों की आरती उतार कर किया।
वाटरवर्क्स चौराहा स्थित गौशाला में श्री कृष्ण लीला शताब्दी महोत्सव में लीला मंचन का आरंभ करते राष्ट्रीय संत अरविंद जी महाराज।
भजन-कीर्तन के बीच हुई आरती से पूरा पंडाल भक्तिमय हो गया। श्रीकृष्ण जन्म की लीला का मनोहारी मंचन किया गया। रोशनी से जगमग मंच पर परंपरागत वेशभूषा में कलाकारों ने अपने अभिनय का प्रभाव छोड़ते हुए दर्शकों को आनंदित किया। मंचन में दिखाया गया कि कंस अपनी बहन देवकी का विवाह करके उसे ससुराल पहुंचाने जा रहा था, इसी बीच आकाशवाणी हुई कि देवकी का अष्टम पुत्र कंस का वध करेगा। कंस भयभीत हो गया। वह देवकी को मारना चाहता है, लेकिन दोनों को कारागार में डाल देता है। कंस एक-एक करके देवकी की सात संतानों का वध कर देता है। जब आठवें पुत्र के रूप में श्रीकृष्ण ने कारागार में जन्म लिया तो वासुदेव रात में ही उन्हें नंदबाबा के घर छोड़ आए।
वाटरवर्क्स चौराहा स्थित गौशाला में श्री कृष्ण लीला शताब्दी महोत्सव में लीला मंचन का आरंभ करते राष्ट्रीय संत अरविंद जी महाराज।
कंस के अत्याचारा और उमड़ती यमुना ने बांधे दर्शक
लीला मंचन के दौरान जब कंस एक− एक कर देवकी के पुत्रों का वध करता है और फिर श्रीकृष्ण के जन्म के बाद वसुदेव उन्हें टोकरी में लेकर यमुना पार गोकुल लेकर जाते हैं, उस समय उमड़ती यमुना की लहरों के दृश्यों ने दर्शकदीर्घा को बांध कर रखा। श्रद्धालु बस श्रीकृष्ण गोविंद हरे मुरारी का जाप जहां थे वहीं से कर रहे थे और प्रभु की लीलाओं का आनंद ले रहे थे। राधा विनोद लीला संस्थान, वृंदावन के लीला निर्देशक स्वामी श्रीराम शर्मा (निमाई) के निर्देशन में कलाकारों ने प्रभावशाली मंचन किया।
ये रहे उपस्थित
अध्यक्ष मनीष अग्रवाल, महामंत्री विजय रोहतगी, कोषाध्यक्ष संजय गर्ग, अशोक गोयल, शेखर गोयल, कैलाश खन्ना, कृष्ण कन्हैया अग्रवाल, विनीत सिंघल, अनूप अग्रवाल, गिर्राज बंसल, प्रवीन अग्रवाल, मनोज गुप्ता, अमित अग्रवाल, पीके मोदी, केसी अग्रवाल, पार्षद मुरारी लाल गोयल, प्रभात रोहतगी, संजय गोयल, बृजेश अग्रवाल, पंकज मोहन शर्मा, सुजाता अग्रवाल, सीमा गोयल, मीडिया प्रभारी तनु गुप्ता आदि उपस्थित रहे।
निकलेगी गौचारण यात्रा
श्रीकृष्ण लीला शताब्दी समारोह में सोमवार को सुबह 10 बजे श्रीकृष्ण-बलराम गौचारण यात्रा निकाली जाएगी। अध्यक्ष मनीष अग्रवाल के अनुसार यह यात्रा गौशाला, वाटर वर्क्स से शुरू होकर जीवनीमंडी, भैरौं बाजार, बेलनगंज चौराहा, कचहरी घाट, छत्ता बाजार, दरेसी नं.2, रावतपाड़ा, सुभाष बाजार, जौहरी बाजार, किनारी बाजार, सेव का बाजार, फुलट्टी, छिलीईंट घटिया, सिटी स्टेशन रोड, धूलियागंज, पथवारी, बेलनगंज तिकोनिया होती हुई गौशाला वापस आएगी। शाम को 6.30 बजे गौशाला परिसर में नंदोत्सव एवं पूतना उद्धार की लीला का मंचन होगा। शाम 6 बजे नंद सखा की सवारी बसंत मार्केट, बल्केश्वर चौराहा से शुरू हो कर गौशाला पहुंचेगी।
ये रहेगा लीलाओं के मंचन का क्रम
20 नवंबर− गोपाष्टमी, नंदोत्सव, दीपक नृत्य और पूतना वध
21 नवंबर− डांडिया नृत्य और कालीदह लीला
22 नवंबर− गौमय श्रंगार एवं गोवर्धन पूजा− अन्नकूट प्रसाद
23 नवंबर− शंकरलीला− माखन चोरी, फूलों की होली
24 नवंबर− श्रीकृष्ण लीला− सुदामा मिलन लीला
25 नवंबर− अक्रूर गमन− कंस वध एवं आतिशबाजी।
26 नवंबर−श्रीकृष्ण बलराम की दिव्य शोभायात्रा।
27 नवंबर− द्वारिकापुरी रुक्मणि मंगल विवाह लीला
28 नवंबर− हवन लीला।