: समाज को सही दिशा देनी है तो, नारियों को आगे आना होगा - शैफाली पण्ड्या
Mon, Dec 25, 2023
108 कुडीय यज्ञ का हो रहा है आयोजन
यज्ञ के साथ संस्कार भी कराये जा रहे हैं निःशुल्क
एटा। अखिल विश्व गायत्री परिवार, शान्तिकुंज हरिद्वार के निर्देशन में पूज्य गुरुदेव के कथनानुसार ‘‘इक्सवीं सदी नारी सदी’’ के अन्तर्गत राष्ट्र जागरण 108 कुण्डीय गायत्री महायज्ञ का 04 दिवसीय आयोजन 22 से 25 दिसम्बर 2023 तक वी.एस. गार्डन, विजय शारदापुरी, उद्देतपुर में किया जा रहा है।
कार्यक्रम के प्रथम दिवस में भव्य कलश यात्रा का भ्रमण कर शहर भर में आमंत्रण दिया गया। द्वितीय दिवस में 33 कोटि देवताओं का आव्हान कर यज्ञ प्रारम्भ किया गया। जिसमें जिले भर के हजारों की संख्या में पहुचे श्रृद्धालुओं ने यज्ञ में भागीदारी की। तृतीय दिवस में यज्ञ के साथ पुंसवन, नामकरण, मुण्डन, दीक्षा, अन्नप्राशन, जन्मदिवस आदि संस्कार भी कराये गये। सायंकाल के दीपमहायज्ञ के कार्यक्रम में शांतिकुंज प्रतिनिधि शैफाली पण्ड्या धर्मपत्नी डॉ. चिन्मय पण्ड्या, प्रतिकुलपति देव संस्कृति विश्वविद्यालय, शांतिकुंज हरिद्वार ने उपस्थित जन समूह को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि अगर माता बहिनें अपने परिवार को सुदृढ और संस्कारित बनाना चाहती है तो बच्चों में बचपन से ही संस्कार देने की आवश्यकता है। चतुर्थ दिवस में प्रातः हवन यज्ञ के साथ विभिन्न संस्कारों के साथ टोली की विदाई की जायेगी।
कार्यक्रम में शान्तिकंज हरिद्वार से नरेन्द्र ठाकुर उत्तर जोन प्रभारी, श्रीमती वर्षा बहिन, अरुण तोमर, सुनील, मनीश यादव, अयोध्या शक्तिपीठ प्रभारी रामकेवल यादव, आंवलखेड़ा जोन समन्वयक जे. एस. कुशवाह, आंवलखेड़ा उपजोन समन्वयक सुरेशचन्द्र यादव जी की गरिमामयी उपस्थित रही। सायंकाल दीपयज्ञ में सदर विधायक विपिन वर्मा डेविड उपस्थित रहें।
महायज्ञ में जिला समन्वयक बदन सिंह, जिला मीडिया प्रभारी संजय सिंह चौहान, सुरेन्द्र पाल सिंह, अवनीश तोमर, हरिशंकर तिवारी, राजकुमार पाठक वीरेन्द्र तोमर, राधेश्याम श्रीवास्तव, विजय कुमार श्रीवास्तव, डा.योगेन्द्र वर्मा, पप्पू शर्मा, रामनिवास, रामौतार सिंह, सत्यपाल सिंह, सुरेन्द्र कुमार, पप्पू राघव, सुरेन्द्र गुप्ता, नीरज यादव, हरिओम, पूरन सिंह, अतर सिंह, फूल सिंह, सत्यदेव उपाध्याय, सतेन्द्र सिंह, किशन पाल सिंह, हरप्रसाद, रामू, राजू वर्मा, तुरसन पाल सिंह, मातादीन, धारा सिंह, सचिन, शिवप्रसाद, रामनाथ, श्याम, उमेश कुमार, सुरेन्द्र कुमार, पुष्पेन्द्र, बेंचेलाल, राधाकृष्ण दीक्षित हरिओम, मुनीश यादव, रामनिवास, भीष्मपाल सिंह, नीरज जैन, नितिश प्रताप, देवांश, आराध्या, डा.मनोज कुमार मिश्रा, जसवीर सिंह, अजय कुमार, डा. मूलचन्द्र, अतर सिंह, रघुवीर सिंह चौहान, आर्येन्द्र यादव, नरसिंहभान, पुष्पेन्द्र यादव, जैनेन्द्र यादव, रामा बहिन, श्रीदेवी, राधारानी, कमला, रानी, सरला पुन्ढीर, सरला चौहान, रीता, गीता सुमनलता, ओमलक्ष्मी, नीलम, वर्षा, सावित्री, गीता, रश्मि, माधवी, ओमवती, लक्ष्मी, गोल्डी, विमलेश, अर्चना, रुबी, रीता, प्रांशू, कुमकुम गुप्ता, सुनीता कश्यप, शकुन्तला देवी एवं जनपद के सभी ब्लाकों से एवं अन्य जनपदों प्रान्तों से हजारों की संख्या में गायत्री परिजन उपस्थित हुये।
: दो मुठ्ठी चावल के बदले श्रीकृष्ण ने दे दी अपने मित्र को दो लोक की सत्ताः आचार्य श्रीकृष्ण प्रकाश
Mon, Dec 25, 2023
मुस्कान पार्क, सेक्टर आठ में चल रही श्रीमद् भागवत कथा के सातवें दिन हुए सुदामा चरित्र, परीक्षित मोक्ष कथा प्रसंग
ब्रज की फूलों की होली का श्रद्धालुओं ने लिया आनंद, स्वरूपों के संग जमकर झूमे, गूंजे बांके बिहारी के जयघोष
आगरा। मित्रता का कहीं आदर्श प्रमाण देखना है तो श्रीकृष्ण और सुदामा की मित्रता से बढ़कर नहीं हो सकता। एक मित्र जो राजा है, तीनों लोकों का स्वामी है तो वहीं दूसरा मित्र रंक की भांति जीवन यापन करता है। मित्रता की दरिद्रता का नाश कर उसे अपने हृदय से लगाकर जो दीनबंधु कहलाया वो ही जो जग में आदिपुरुष दीनबंधु दीनानाथ कहलाया। सुदामा चरित्र का बखान करते हुए ये भाव विह्वल शब्द कहे कथा व्यास आचार्य श्रीकृष्ण प्रकाश पाठक (वृंदावन) ने। सेक्टर आठ, आवास विकास स्थित मुस्कान पार्क में चल रही श्रीमद् भावगत कथा के सातवें दिन सुदामा चरित्र, उद्धव को उपदेश, परीक्षित मोक्ष कथा प्रसंग हुए। मुख्य अतिथि चिंतामणि पीठ, वृंदावन के पीठाधीश्वर डॉ आदित्यानंद, श्री लक्ष्मी पीठ के पीठाधीश्वर डॉ सत्यमित्र, श्यामानंद महाराज और श्री कृष्ण जन्मभूमि मामले के पक्षकार महेंद्र प्रताप सिंह थे।
सेक्टर आठ, मुस्कान पार्क से चल रही श्रीमद् भागवत कथा में फूलों की होली का आनंद लेते भक्त।
कथा व्यास श्रीकृष्ण प्रकाश पाठक ने सातवें दिन की कथा आरंभ करते हुए भगवान के 16 हजार 108 विवाह के बारे में बताया। कहा कि जरासंध की कैद से मुक्त कराके भगवान ने सभी कन्याओं से एकसाथ विवाह कर उन्हें सम्मान प्रदान किया था। इसके बाद श्रीकृष्ण-सुदामा मित्रता का वर्णन किया गया। कथा व्यास ने कहा कि भगवान भाव के भूखे होते हैं। उन्हें भाव से अर्पित किये गए दो मुठ्ठी चावल भी प्रसन्न कर देते हैं। श्रीकृष्ण सुदामा चरित्र की झांकी ने श्रद्धालुओं को भाव विभोर कर दिया।
परीक्षित मोक्ष कथा प्रसंग में कहा कि राजा परीक्षित पातीत पावन श्रीमद् भागवत महा पुराण का श्रवण करते हुए ही ब्रह्मज्ञानी हो गए थे। जो भगवान के तत्व को जान लेता है सही मायने में वो जीवित ही मोक्ष को प्राप्त कर लेता है। कथा प्रसंग समापन के बाद श्रद्धालुओं ने ब्रज की फूलों की होली का आनंद स्वरूपों के साथ लिया। कई टन फूलों की होली से कथा स्थल सुगंधित हो उठा।
इस अवसर पर जजमान श्रीकांत शर्मा और भावना शर्मा, मुख्य संरक्षक डॉ पार्थ सारथी शर्मा, हरिदत्त शर्मा, सौरभ शर्मा, हरिओम शुक्ला, दिनेश मिश्र, सचिन, प्रवीण पाराशर, मुकेश दीक्षित, नवल सिंह तोमर, संजय मिश्रा, ओमप्रकाश गोला, बबली धाकड़, शैलेंद्र उपाध्याय, पिंकी भदौरिया, मोहिनी शर्मा, पार्षद गजेंद्र, निरंजन सिंह, सुधीर चौबे, अंशु भटनागर, मुकेश दीक्षित आदि ने पवित्र ग्रंथ की आरती उतारी और कथा व्यास का सम्मान किया। गायत्री परिवार की ओर से दीप यज्ञ किया गया।
: महायज्ञ के साथ 63 जोड़ों ने किया एकादशी उद्यापन सम्पन्न
Mon, Dec 25, 2023
आगरा. 24 दिसम्बंर 2023। वैदिक मंत्रोच्चारण संग पवित्र अग्नि में सैकड़ों आहूति के साथ आज कान्हा की नगरी वृन्दावन के दिल्ली धाम में माथुर वैश्य एकादसी उद्यापन समिति द्वारा आयोजित सामूहिक एकादशी उद्यापन समारोह सम्पन्न हुआ। देश के विभिन्न प्रांतों (कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, राजस्थान, पंजाब, मध्य प्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र आदि) के 63 जोड़ों ने समारोह के अंत में सभी ब्राह्मणों को भोजन कराया। इस अवसर पर श्रीहरि के भक्तिमय संकीर्तन पर समिति की सदस्याओं व श्रद्धालुओं ने नृत्य कर भक्ति के खूब रंग बिखेरे।
माथुर वैश्य एकादशी उद्यापन समिति द्वारा सामूहित एकादशी उद्यापन समारोह में आज दूसरे दिन आयोजन समिति की सदस्याओं ने माथुर वैश्य सामूहित गान गाया। इसके उपरान्त विधि विधान के साथ गद्दी व कलश पूजन किया गया। एकादशी की सभी 26 कथाओं का वर्णन करते हुए एकादशी महारानी के प्राकट्य से लेकर सभी कथाओं का महत्व बताया। अंत में सभी 63 जोड़ों सहित लगभग 400 लोगों ने सामूहित महायज्ञ में आहूति देकर उद्यापन को सम्पन्न किया। सभी ब्राह्मणों को भोजन के उपरान्त दक्षिणा व उपहार देकर विदा किया गया। व्यवस्थाएं एकादशी उद्यापन समिति की संयोजिका कुमकुम गुप्ता ने व्यवस्थाएं सम्भाली।
इस अवसर पर मुख्य रूप से मीनाक्षी, संध्या, मनीषा, पूनम नीलिमा, रूबी, अनीता, क्षमा, मृदुला, शिमला, अन्ना, रीना, स्वदेश, रमा, मण्डलाध्यक्ष अशोक गुप्ता, अध्यक्ष अशोक, महामंत्री सुनील, दिलीप गिंदौलिया, कल्याणदास, कुलदीप गुप्ता, रघुनाथ, राकेश, विनोद सर्राफ, मनोज, पवन, बालकिशन, विनोद, अचल सर्राफ, पंकज, चंद्रकान्त, संजीव, नरेश, दिलीप, लल्ला जी, संजीव आदि मौजूद रहे।