Tue 29 Sep 2026
Breaking News Exclusive
मुख्य निर्वाचन आयुक्त के खिलाफ कांग्रेस का प्रदर्शन, काले कपड़ों में पहुंचीं महिला कांग्रेस की राष्ट्रीय सचिव संत रविदास जयंती पर तीन दिवसीय समरसता महोत्सव 2 से, संत शिरोमणि श्री गुरु रविदास जी महासभा द्वारा होगा आयोजन प्रथम पूज्य के आशीष से हुआ रामलीला महोत्सव का शुभारंभ, श्रद्धालुओं ने उतारी आरती लुहार गली व्यापार समिति के वार्षिकोत्सव में आठ वरिष्ठ व्यापारी सम्मानित रामबारात के स्वागत को सजेगा शमशाबाद, गांधी चौराहे पर होगी भव्य सजावट रामलीला महोत्सव-2026 की कार्यकारिणी घोषित, प्रवीण बंसल को राम बारात और राहुल शर्मा को श्रृंगार की जिम्मेदारी भावना एस्टेट स्थित कार्यालय पर उमड़ा सेवाभाव, रामकाज के साथ मानव सेवा का भी दिया संदेश जिला कार्यकारिणी की बैठक में संगठन विस्तार पर जोर, प्रभारियों व तहसील संयोजकों की नियुक्ति ब्रेनओब्रेन वंडर किड नेशनल लेवल इंटर स्कूल कम्पीटिशन में चमके शहर के मेधावी पितृपक्ष में श्रीजगन्नाथ मंदिर में सांझी उत्सव की धूम, रोज सजेगी आकर्षक सांझी

सूचना

Pragya News 24 is News Blog to Providing all over News of World.

: चीर के छाती अपनी बोले पवन पुत्र हनुमान, मेरे मन में बसे हैं राम, मेरे तन में बसे हैं राम…

Pragya News 24

Thu, Oct 26, 2023
Post views : 201
  • बाबा मनःकामेश्वर नाथ रामलीला महोत्सव का हुआ राज्याभिषेक संग समापन
  • श्रीमनःकामेश्वर बाल विद्यालय, दिगनेर में चल रही थी दस दिवसीय श्रीराम लीला
  • अंतिम दिन हुआ वृंदावन की विशेष रासलीला में दानलीला का मंचन भी

आगरा। दशानन का वध कर जब भगवान राम अयोध्या नगरी लौटे और राज्याभिषेक का उत्सव सम्पन्न हुआ तक दरबार में उपस्थित सभी लोगों को उपहार प्रदान किये गए। अपने प्रिय पुत्र हनुमान जी को माता सीता ने रत्नजड़ित माला दी, जिसे हनुमान जी ने अपने दांताें से तोड़ दिया। माला के हर मोती को हनुमान जी तोड़ते जा रहे थे और गौर से देखे जा रहे थे। उदास होकर सारे मोती फेंक दिए। इस पर लक्ष्मणजी क्रोधित हो गए और इसे श्रीराम का अपमान समझा। तब श्रीराम द्वारा हनुमान जी से इस कृत्य का कारण पूछा गया तब हनुमान जी बोले मेरे लिए हर वो वस्तु व्यर्थ है जिसमें मेरे प्रभु राम का नाम ना हो। तब लक्ष्मण जी ने हनुमान जी को उलाहना दिया कि तुम्हारे शरीर पर भी तो राम नाम अंकित नहीं है। लक्ष्मण जी की बात सुन हनुमान जी ने अपना वक्षस्थल नाखूनों से चीर दिया, जिसमें श्रीराम और माता सीता की सुंदर छवि विराजित थी। जैसे ही ये दृश्य मंचित हुआ सीया पति रामचंद्र जी की जय, पवनपुत्र हनुमान जी की जय के जयघोष से पूरा प्रांगण गूंज उठा। और इसके साथ ही विश्राम दिया गया दस दिवसीय बाबा मनःकामेश्वर नाथ राम लीला महोत्सव काे।

बुधवार को गढ़ी ईश्वरा, ग्राम दिगनेर, शमशाबाद रोड स्थित श्रीमनः कामेश्वर बाल विद्यालय में चल रहे बाबा मनःकामेश्वरनाथ रामलीला महोत्सव के अंतिम दिन भगवान श्रीराम का राज्याभिषेक किया गया। गुरु वशिष्ठ के स्वरूप में श्रीमहंत योगेश पुरी, मठ प्रशासक हरिहर पुरी ने श्रीरामचंद्र जी के स्वरूप कों राज सिंहासन पर बैठा कर आरती उतारी। इस उत्सव में घर− घर प्रसादी का वितरण किया गया। इसके बाद हनुमान जी द्वारा अपना सीना चीरकर भगवान के रूप के दर्शन करवाए गए।
समापन के अवसर पर वृंदावन के कलाकारों द्वारा रासलीला में दानलीला का मंचन किया गया। 28 अक्टूबर शरद पूर्णिमा पर पूरे गांव को सोरों गंगा स्नान के लिए निःशुल्क बस सेवा द्वारा ले जाने की सूर्य प्रताप द्वारा घाेषणा की गयी।

Tags :

विज्ञापन

विज्ञापन

जरूरी खबरें

विज्ञापन